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Patwari Targets Shah: अमित शाह के भोपाल दौरे पर जीतू पटवारी का हमला

अमित शाह के भोपाल दौरे पर पटवारी का बयान
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे के बीच मध्यप्रदेश की राजनीति में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अमित शाह के दौरे के संदर्भ में प्रदेश के गृह विभाग और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है। पटवारी ने प्रदेश में हत्याओं और जहरीली शराब से हुई मौतों के मामलों का उल्लेख करते हुए इन मुद्दों पर समीक्षा की जरूरत बताई।

 

कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में हत्याओं की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं और ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री को प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा होनी चाहिए। ये बातें पटवारी के राजनीतिक बयान और मांग के तौर पर सामने आई हैं।

 

भोपाल में नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी
अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान वे नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। केंद्र सरकार के अनुसार, उनके दौरे में मध्यप्रदेश से जुड़े विभिन्न विकास और सहकारिता कार्यक्रम भी शामिल हैं।

 

केंद्रीय गृह मंत्रालय और मध्यप्रदेश के बीच बैठक
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमित शाह के भोपाल दौरे में मध्यप्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच लंबित विषयों पर बैठक भी प्रस्तावित है। नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषय इस तरह की बैठकों के प्रमुख मुद्दों में रहे हैं। जनवरी 2025 में अमित शाह की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश से संबंधित समीक्षा बैठक में नए आपराधिक कानूनों, पुलिस, अभियोजन, जेल और फोरेंसिक व्यवस्था के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई थी।

 

पटवारी ने सरकार से जवाब मांगने की बात कही
पटवारी ने अपने बयान में हत्याओं और जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की बात कही है। वहीं अमित शाह के भोपाल दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी और अन्य सरकारी कार्यक्रमों पर केंद्रित है। कानून-व्यवस्था को लेकर पटवारी की समीक्षा की मांग उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा है।