आज यानी 29 अगस्त 2026 को पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के सम्मान में हर साल मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, खेल संस्थानों और विभिन्न सरकारी संगठनों में खेल गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। युवाओं को खेलों से जोड़ने और नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय खेल दिवस के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाता है। इस दिन मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की जा रही है।
'खेलेगा भारत, जीतेगा भारत' बनी 2026 की थीम
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के लिए "खेलेगा भारत, जीतेगा भारत" थीम रखी गई है। इस थीम के जरिए देश के नागरिकों, खासकर युवाओं को खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार की ओर से खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए इसे स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर दौड़, योग, फिटनेस गतिविधियां और पारंपरिक खेलों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूल और कॉलेज स्तर पर विद्यार्थियों को खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य देश में फिटनेस और खेल के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है।
मेजर ध्यानचंद का खेल जगत में ऐतिहासिक योगदान
मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था और उनकी जयंती को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें भारतीय हॉकी के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल किया जाता है और उनकी शानदार खेल प्रतिभा के कारण उन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता था। उन्होंने भारतीय हॉकी टीम के साथ 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके खेल कौशल और गोल करने की क्षमता ने दुनियाभर में भारतीय हॉकी की पहचान मजबूत की। देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए उनकी जयंती को खेलों के प्रति सम्मान और प्रेरणा के दिन के रूप में मनाया जाता है। आज भी मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।



