ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 सितंबर की देर रात एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास करीब 33 किलोमीटर माइलस्टोन के आसपास हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि बस में सवार कई यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। पुलिस और राहत-बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दर्दनाक हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
हादसे का शिकार हुई निजी स्लीपर बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा की ओर जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ यात्रियों को आग और धुएं के कारण गंभीर चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद बस पूरी तरह आग की चपेट में आ गई और मौके पर काफी देर तक बचाव अभियान चलाया गया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू की गई है ताकि उनके परिवारों को सूचना दी जा सके।
आग से पहले यात्रियों ने जताई थी चिंता
हादसे के बाद दर्ज FIR में यात्री सुनील कुमार की शिकायत का उल्लेख है। शिकायत के अनुसार, आग लगने से पहले बस में जलने जैसी गंध महसूस हुई थी और यात्रियों ने ड्राइवर तथा कंडक्टर से बस रोकने के लिए कहा था। FIR में आरोप लगाया गया है कि यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस को तत्काल नहीं रोका गया और बाद में धुआं तथा आग तेजी से फैल गई। इसके बाद यात्रियों ने बस से निकलने की कोशिश की और कुछ लोग खिड़कियों से बाहर कूद गए। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है, इसलिए इन्हें फिलहाल FIR में दर्ज शिकायत के तौर पर ही देखा जा रहा है।







