झोटा हत्याकांड की CBI जांच कराने का एलान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने 20 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। झोटा के परिजन और समर्थक लगातार मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर रहे थे। यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले हुई है, जिसके चलते मामला राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
मानसा में मेडिकल स्टोर के पास हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ आवाज उठाते थे और मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री का विरोध कर रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी। पुलिस ने मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था। मामले में आरोपों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार और समर्थक कर रहे थे निष्पक्ष जांच की मांग
हत्या के बाद झोटा के परिजनों और समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उनकी प्रमुख मांग थी कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। परिवार ने मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया था। मानसा में धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
सरकार ने बातचीत के लिए बनाई थी समिति
परिवार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पंजाब सरकार ने तीन महिला IAS अधिकारियों की समिति गठित की थी। हालांकि, शुरुआती बातचीत के दौरान विवाद का समाधान नहीं निकल पाया था। लगातार जारी विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री की ओर से CBI जांच की घोषणा की गई। अब इस मामले में केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। जांच की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई के बारे में संबंधित एजेंसियों की ओर से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले राजनीतिक हलचल तेज
झोटा हत्याकांड को लेकर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब सरकार पर सवाल उठाए थे। भाजपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हत्या की स्वतंत्र जांच और नशा तस्करी से जुड़े कथित राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच कराने की मांग उठाई थी। ये आरोप और मांगें हैं, जिनकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकती है।
मानसा में झोटा के परिवार से मिल सकते हैं अमित शाह
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान मानसा में झोटा के परिवार से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसके अलावा संगरूर और गुरदासपुर में नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों से मिलने की भी योजना बताई गई थी। ऐसे में दौरे से पहले मुख्यमंत्री की घोषणा को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मामले को CBI को सौंपने की प्रक्रिया कब पूरी होती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
नशे के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग पर टिकी नजरें
परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला पंजाब में नशे की समस्या और कथित अवैध दवा बिक्री को लेकर चल रही बहस को फिर सामने लाया है। परिवार और समर्थक निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने मामले को CBI को सौंपने की घोषणा की है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और संभावित अन्य पहलुओं पर स्पष्ट निष्कर्ष निकल सकेगा।







