उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज 21 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के कुन्नूर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। उनका यह दौरा UPASI Tea Research Foundation यानी UPASI-TRF के शताब्दी सम्मेलन से जुड़ा है। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन का आयोजन चाय अनुसंधान से जुड़ी संस्था के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। इस दौरान चाय उद्योग, अनुसंधान और दक्षिण भारत में चाय उत्पादन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। उपराष्ट्रपति सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे और चाय अनुसंधान के क्षेत्र में संस्था की लंबी यात्रा को रेखांकित करेंगे।
UPASI Tea Research Foundation का शताब्दी समारोह
कुन्नूर में आयोजित सम्मेलन UPASI Tea Research Foundation की 100 वर्ष की यात्रा को समर्पित है। संस्था की अनुसंधान गतिविधियों की शुरुआत वर्ष 1926 में गुडालूर में Tea Experimental Station के रूप में हुई थी। इसका उद्देश्य दक्षिण भारत के चाय उत्पादक क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं पर वैज्ञानिक अनुसंधान करना था। समय के साथ संस्था ने चाय की खेती, पौधों की गुणवत्ता, मिट्टी, कीट एवं रोग प्रबंधन और उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अनुसंधान किया। शताब्दी सम्मेलन के जरिए संस्था की अब तक की अनुसंधान यात्रा और चाय उद्योग में उसके योगदान को सामने रखा जा रहा है।
चाय उद्योग से जुड़े विषयों पर चर्चा
शताब्दी सम्मेलन में चाय उद्योग और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। दक्षिण भारत के चाय उत्पादक क्षेत्रों में बदलती परिस्थितियों के बीच वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। चाय की उत्पादकता, गुणवत्ता, पौध संरक्षण, मिट्टी प्रबंधन और बदलते मौसम जैसी चुनौतियां उद्योग के सामने हैं। ऐसे विषयों पर वैज्ञानिकों, चाय उत्पादकों और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का उद्देश्य अनुसंधान और चाय उत्पादन के बीच बेहतर तालमेल पर ध्यान देना भी है। उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम चाय अनुसंधान की एक सदी की यात्रा को रेखांकित करेगा।







