सितंबर 2026 ज्योतिष के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण महीना माना जा रहा है। इस दौरान कई प्रमुख ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे, जिसका असर सभी 12 राशियों के जातकों के करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों के लिए नौकरी और कारोबार में नए अवसर बनेंगे, जबकि कुछ लोगों को धन संबंधी मामलों और महत्वपूर्ण फैसलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
सितंबर 2026 में कब-कब होगा ग्रहों का राशि परिवर्तन?
ग्रहों की चाल की बात करें तो 2 सितंबर को शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे। 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में गोचर करेंगे। 17 सितंबर को सूर्य कन्या राशि में पहुंचेंगे, जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। महीने के अंत में 26 सितंबर को बुध तुला राशि में गोचर करेंगे। वहीं शनि पूरे महीने मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे, जबकि राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे।
आइए जानते हैं सितंबर 2026 में मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का हाल।
मेष राशि: शुरुआत में सावधानी, अंत में मिल सकता है बेहतर परिणाम
सितंबर में मेष राशि वालों को समय, धन और ऊर्जा का सही प्रबंधन करना होगा। महीने की शुरुआत में घरेलू मामलों और आर्थिक लेन-देन को लेकर सावधानी जरूरी रहेगी। कारोबार से जुड़े बड़े फैसले भावनाओं में आकर लेने से बचें। मध्य माह में सहयोगियों या पार्टनर के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है, इसलिए महत्वपूर्ण काम स्वयं जांचकर आगे बढ़ाना बेहतर रहेगा।
माह के उत्तरार्ध में विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों से सतर्क रहने की जरूरत होगी। प्रेम और दांपत्य जीवन में भी संवाद बनाए रखना जरूरी रहेगा। महीने के अंतिम दिनों में परिस्थितियां फिर अनुकूल हो सकती हैं।
उपाय: मां दुर्गा की पूजा करें और लाल फूल अर्पित करें। हनुमानाष्टक का पाठ भी शुभ रहेगा।
वृषभ राशि: करियर में अवसर, रिश्तों में संयम जरूरी
वृषभ राशि के लिए सितंबर का पूर्वार्ध अपेक्षाकृत शुभ रह सकता है। महत्वपूर्ण काम महीने के मध्य से पहले पूरे करने का प्रयास करें। करियर और कारोबार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पैतृक संपत्ति या किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से लाभ मिलने के संकेत हैं।
हालांकि मध्य माह के बाद स्वास्थ्य और रिश्तों को लेकर सावधानी रखनी होगी। प्रिय व्यक्ति के साथ गलतफहमी या विवाद हो सकता है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और खानपान को लेकर लापरवाही न करें।
उपाय: भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करें और श्री लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें।




