1.5 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने देश में अब तक 1.5 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए हैं। कंपनी के CEO रणधीर ठाकुर के अनुसार, उसके कुल कार्यबल में करीब 65 प्रतिशत महिलाएं हैं। इनमें बड़ी संख्या दूरदराज के गांवों और वंचित समुदायों से आने वाली महिलाओं की है।
गांवों से टेक्नोलॉजी तक पहुंच
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अपने बढ़ते विनिर्माण नेटवर्क के लिए कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर दे रही है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वह बड़ी संख्या में महिलाओं को कार्यबल में शामिल करने और स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने पर भी ध्यान दे रही है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में तकनीकी दक्षता, सटीकता और प्रशिक्षण की जरूरत होती है। कंपनी के अनुसार, प्रशिक्षित कर्मचारी इस उभरते विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने 300 भारतीय इंजीनियरिंग स्नातकों को ताइवान में तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने की भी जानकारी दी है।
हॉसुर में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क
तमिलनाडु के हॉसुर क्षेत्र में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की कई विनिर्माण सुविधाएं हैं। कंपनी की आधिकारिक लोकेशन जानकारी में केलामंगलम और उड्डानापल्ली, हॉसुर की इकाइयां शामिल हैं। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स और उत्पादों से जुड़े विनिर्माण कार्य किए जाते हैं।
कर्नाटक में भी मौजूदगी
कर्नाटक में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की नरसापुरा, कोलार और वेमगल समेत कई सुविधाएं हैं। कंपनी के नेटवर्क में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के साथ सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं।
धोलेरा में बन रहा सेमीकंडक्टर फैब
गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ताइवान की Powerchip Semiconductor Manufacturing Corporation यानी PSMC के साथ सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा विकसित कर रही है। कंपनी के अनुसार यह फैब करीब 50,000 वेफर स्टार्ट प्रति माह की क्षमता के लिए विकसित किया जा रहा है।







