Home भारत सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश

सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश

3

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को लगातार सतर्क रहने का निर्देश दिया है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के दौरान उन्होंने बदलते वैश्विक हालात को भारत की आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दुनिया में तेजी से बदल रहे भू-राजनीतिक समीकरण भारत के लिए नई चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। ऊर्जा और संसाधनों की असुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में आने वाली बाधाओं का भी देश पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को संभावित खतरों की पहले से पहचान करने और उनसे निपटने के लिए तैयार रहना होगा। गृह मंत्री ने एजेंसियों से कहा कि किसी चुनौती के गंभीर संकट में बदलने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।

संकट बढ़ने से पहले खतरों की पहचान पर जोर
अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे किसी भी संभावित खतरे को शुरुआती स्तर पर ही पहचानने की क्षमता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि आज सुरक्षा का दायरा केवल सीमा या पारंपरिक सैन्य खतरों तक सीमित नहीं रह गया है। वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट, संसाधनों की कमी और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें भी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। इन परिस्थितियों का सीधा या अप्रत्यक्ष प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और आंतरिक व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर रखते हुए संभावित प्रभावों का आकलन करना चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि चुनौती बड़ी बनने से पहले ही उसके खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएं।

वैश्विक तनाव के घरेलू असर पर नजर
गृह मंत्री ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव का असर भारत तक पहुंच सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा और संसाधनों की उपलब्धता में बदलाव होने से देश की जरूरतों और अर्थव्यवस्था पर दबाव बन सकता है। इसी तरह वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बड़ी बाधा का असर उद्योग, व्यापार और आम लोगों तक पहुंच सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे घटनाक्रमों को केवल विदेश नीति या आर्थिक मुद्दे के तौर पर नहीं देखना चाहिए। उन्हें इनके संभावित आंतरिक सुरक्षा प्रभावों का भी अध्ययन करना होगा। अमित शाह ने बदलती परिस्थितियों के अनुरूप सुरक्षा रणनीति को लगातार अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।