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पूर्वोत्तर में सियासी हलचल तेज

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नगालैंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ राज्य की राजनीति में अहम हलचल देखने को मिली है। सत्र के पहले दिन पूर्वी नगालैंड के लिए क्षेत्रीय प्राधिकरण से जुड़ा संशोधित विधेयक सदन में पेश किया गया। सरकार ने पहले पेश किए गए Frontier Nagaland Territorial Authority विधेयक को वापस लेने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद संशोधित प्रावधानों के साथ नया विधेयक विधानसभा में रखा गया। यह व्यवस्था पूर्वी नगालैंड के छह जिलों से जुड़े विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर केंद्रित है। सरकार ने विधेयक तैयार करने में संबंधित संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा की है। मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने उम्मीद जताई है कि विधेयक को 3 सितंबर को पारित किया जा सकता है।

पुराने विधेयक की जगह संशोधित प्रस्ताव
पूर्वी नगालैंड के लिए विशेष व्यवस्था बनाने का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक चर्चा का विषय रहा है। इसी को लेकर सरकार ने पहले मार्च में Frontier Nagaland Territorial Authority Bill पेश किया था। हालांकि पुराने प्रारूप को लेकर कानूनी और संवैधानिक सवाल उठाए गए थे। इसके बाद सरकार ने पुराने विधेयक को वापस लेकर संशोधित प्रारूप तैयार किया। नए प्रस्ताव को तैयार करने में Eastern Nagaland Peoples Organization यानी ENPO से भी चर्चा की गई। सरकार का प्रयास है कि संवैधानिक दायरे में रहते हुए पूर्वी जिलों की मांगों का समाधान निकाला जाए। अब विधानसभा में चर्चा के बाद इस विधेयक के भविष्य पर फैसला होने की उम्मीद है।

त्रिपुरा में BJP और टिपरा मोथा के बीच बातचीत
त्रिपुरा में आगामी ग्राम समिति चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ BJP और सहयोगी Tipra Motha के बीच चुनावी गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है। त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के तहत 587 ग्राम समितियों में चुनाव होने हैं। राज्य चुनाव आयोग ने इन चुनावों के लिए 28 सितंबर की तारीख तय की है। चुनाव नजदीक आने के साथ दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर चर्चा तेज हो गई है। BJP के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष भी गठबंधन वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए त्रिपुरा पहुंचने वाले हैं। माना जा रहा है कि उनकी बैठक के बाद गठबंधन की तस्वीर और ज्यादा साफ हो सकती है।