मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर में सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना की जद में सती गेट पर स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमानजी का मंदिर भी आया है।
मंदिर का ढांचा हटाया, लेकिन प्रतिमा नहीं हिली
सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की टीम ने 4-5 सितंबर को मंदिर के ढांचे को हटाने की कार्रवाई की। इसके बाद करीब 8 फुट ऊंची हनुमानजी की प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि चार दिनों में चार बार कोशिश के बावजूद प्रतिमा अपने स्थान से नहीं हिली।
हाइड्रोलिक मशीन से भी नहीं मिली सफलता
प्रतिमा को हटाने के लिए हाइड्रोलिक मशीन का भी इस्तेमाल किया गया, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रतिमा को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने की है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिमा की वास्तविक नींव जमीन के भीतर कितनी गहरी है, इसका अभी स्पष्ट पता नहीं है।
जमीन के नीचे छिपी है प्रतिमा की असली नींव
बताया जा रहा है कि नगर निगम के विशेषज्ञों ने प्रतिमा के आसपास खुदाई कर इसकी नींव का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन इससे पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी। आशंका है कि प्रतिमा किसी बड़े पत्थर को तराशकर बनाई गई हो सकती है। ऐसे में सीधे खींचने या उठाने की कोशिश से इसके क्षतिग्रस्त होने का खतरा है।






