कर्नाटक में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दौरान भारत रत्न से सम्मानित प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर सीएनआर राव का नाम भी एक रिकॉर्ड संबंधी गलती के चलते जांच के दायरे में आ गया है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नाम में अंतर के कारण उन्हें अधिकारियों के सामने पेश होकर अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिए कहा गया है।
पुरानी और नई वोटर लिस्ट में नाम की स्पेलिंग अलग
मामला दरअसल प्रोफेसर सीएनआर राव के नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर से जुड़ा है। पुरानी मतदाता सूची में उनका नाम 'Prof CNR Rao' दर्ज है, जबकि मौजूदा रिकॉर्ड में 'Proff CNR Rao' लिखा दिखाई दे रहा है। यानी 'Prof' में एक अतिरिक्त 'F' जुड़ गया है।
आयोग की वेबसाइट पर नोटिस, राव को नहीं मिला सीधे नोटिस
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इस संबंध में नोटिस दिखाई दे रहा है। हालांकि, प्रोफेसर सीएनआर राव की ओर से कहा गया है कि उन्हें अब तक चुनाव आयोग की तरफ से कोई सीधा नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने इस मामले की जानकारी और नोटिस को लेकर स्पष्टता नहीं होने की बात कही है।
'Self-Name Mismatch' बना वजह
नोटिस में कारण के तौर पर 'नाम में अंतर' (Self-Name Mismatch) का उल्लेख किया गया है। SIR प्रक्रिया में पुराने मतदाता रिकॉर्ड और वर्तमान मतदाता सूची की जानकारी में अंतर होने पर ऐसे मामलों की जांच की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत प्रोफेसर राव का नाम भी संबंधित रिकॉर्ड में सामने आया है।




