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PM Modi vision: विकसित भारत 2047 पर मंत्रियों से पीएम मोदी की व्यक्तिगत पूछताछ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 20 राज्यमंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के साथ हुई मैराथन समीक्षा बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर मंत्रियों से उनके व्यक्तिगत विजन पर चर्चा की। बैठक में मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालय के कामकाज, सुधारों और नई पहलों की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखी। पीएम मोदी ने यह जानने की कोशिश की कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में प्रत्येक मंत्री अपनी व्यक्तिगत भूमिका किस तरह निभा रहा है। उन्होंने केवल मौजूदा उपलब्धियों की जानकारी देने के बजाय भविष्य की योजनाओं और नई पहल पर जोर दिया। प्रधानमंत्री का संदेश था कि विकसित भारत का लक्ष्य लंबे समय की सोच और लगातार परिणाम देने वाली कार्यशैली से हासिल किया जा सकता है। इसके लिए हर मंत्रालय को अपनी जिम्मेदारी को राष्ट्रीय विकास के बड़े लक्ष्य से जोड़कर काम करना होगा।

‘आंकड़े तो सेक्रेटरी भी दे देंगे’, व्यक्तिगत योगदान पर जोर
बैठक का सबसे चर्चित हिस्सा प्रधानमंत्री मोदी का मंत्रियों से व्यक्तिगत योगदान को लेकर सवाल करना रहा। रिपोर्टों के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रालय के आंकड़े और प्रगति रिपोर्ट तो सचिव भी दे सकते हैं, लेकिन मंत्री के तौर पर उनका अपना योगदान और प्रयास क्या रहा, यह ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने मंत्रियों से पूछा कि उन्होंने अपने विभाग में कौन से नए सुधार किए और किस तरह की पहल से कामकाज में बदलाव आया। प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को मंत्रियों की व्यक्तिगत जवाबदेही और नेतृत्व क्षमता पर जोर के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में यह संकेत दिया गया कि केवल सरकारी आंकड़ों और योजनाओं की संख्या बताना पर्याप्त नहीं होगा। मंत्री को यह भी बताना होगा कि उनके नेतृत्व में जमीन पर क्या बदलाव आया और आगे विकसित भारत के लक्ष्य के लिए वे क्या नया करने की तैयारी कर रहे हैं।

योजनाओं की समयबद्ध डिलीवरी और गरीब कल्याण पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की टाइम-बाउंड डिलीवरी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं को केवल कागजों पर पूरा दिखाने के बजाय तय समयसीमा में प्रभावी तरीके से जमीन पर लागू किया जाना चाहिए। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सीधे और बिना अनावश्यक बाधा के पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। पीएम की समीक्षा में योजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और क्रियान्वयन की प्रभावशीलता को महत्वपूर्ण माना गया। सरकार की प्राथमिकता यह है कि योजनाओं का वास्तविक फायदा लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे और उसका असर लोगों के जीवन में दिखाई दे। विकसित भारत के लक्ष्य के लिए तेज और पारदर्शी प्रशासन के साथ योजनाओं की बेहतर डिलीवरी को अहम माना जा रहा है।