दिल्ली के आउटर नॉर्थ इलाके के स्वरूप नगर में 16 साल की किशोरी के कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, किशोरी का शव 13 सितंबर को कुशक रोड के पास एक खेत से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद की जांच में मृतका की पहचान एक नाबालिग लड़की के रूप में हुई। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत जांच शुरू की। जांच के दौरान आसपास लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस के मुताबिक तकनीकी जांच और संदिग्ध टेंपो की आवाजाही के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। मामले में अब चार आरोपियों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग यानी NCW ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की समयबद्ध और गंभीर जांच सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने पुलिस से मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर देने को कहा है। NCW ने जांच के दौरान सभी फोरेंसिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है। आयोग ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है। इसके अलावा पीड़ित परिवार की सुरक्षा और आवश्यक सहायता को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं।
POCSO और BNS के तहत कार्रवाई पर जोर
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने यह भी कहा है कि जिन आरोपियों की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच है, उनके मामले में कानून के तहत आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाए। किशोर आरोपियों के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं। NCW ने पुलिस से जांच को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया है। मामले की जांच में फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस द्वारा बरामद सामग्री और CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।







