Home राजनीति Misa Bharti Demands FIR: जमुई पीड़िता की तस्वीर पर बिहार में घमासान

Misa Bharti Demands FIR: जमुई पीड़िता की तस्वीर पर बिहार में घमासान

बिहार के जमुई नाबालिग मामले में पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। तस्वीर सामने आने के बाद आरजेडी ने आरोप लगाया कि इससे नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा हुआ और POCSO कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद तस्वीर सोशल मीडिया से हटा दी गई। मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और आरजेडी सांसद मीसा भारती ने मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग उठाई।

मीसा भारती FIR की मांग लेकर सचिवालय थाने पहुंचीं
आरजेडी सांसद मीसा भारती 25 सितंबर की शाम पटना के सचिवालय थाने पहुंचीं और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। मीसा भारती का आरोप था कि नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने से उसकी पहचान उजागर होने का मामला बनता है और कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि एक निर्वाचित सांसद की शिकायत भी दर्ज नहीं की जा रही है तो आम नागरिकों की शिकायतों की स्थिति क्या होगी। पुलिस ने उनकी मांग के अनुरूप मुख्यमंत्री के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की।

CMO के स्टेनोग्राफर पर दर्ज हुई FIR
इसी मामले में पटना के सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक आरोप है कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट की गई थी। FIR में POCSO एक्ट की धारा 23, भारतीय न्याय संहिता की धारा 73 और IT Act की संबंधित धाराओं का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह FIR मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं बल्कि CMO कर्मचारी सागर प्रसाद के खिलाफ दर्ज हुई है।