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UP Bihar Council Polls: यूपी की 11 और बिहार की 8 विधान परिषद सीटों पर कल मतदान

यूपी और बिहार की 19 विधान परिषद सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश और बिहार में विधान परिषद की कुल 19 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना निर्धारित है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 और बिहार की 8 सीटें शामिल हैं। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के ये चुनाव दोनों राज्यों के राजनीतिक दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं। इन सीटों पर होने वाला मुकाबला राजनीतिक संगठनों की जमीनी पकड़, उम्मीदवारों के प्रभाव और स्थानीय मुद्दों पर मतदाताओं के रुख को सामने ला सकता है। चुनाव के नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित किए जाने हैं।

 

उत्तर प्रदेश में भाजपा और सपा के बीच मुकाबला
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। भाजपा अपनी संगठनात्मक ताकत और क्षेत्रीय समीकरणों के सहारे सीटों पर पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है। वहीं सपा ने पुरानी पेंशन योजना, शिक्षकों के मानदेय, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी है। गोरखपुर-फैजाबाद और आगरा जैसे निर्वाचन क्षेत्रों में स्थानीय समीकरणों और बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी से मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।

 

बिहार में NDA, महागठबंधन और जन सुराज की चुनौती
बिहार की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर NDA के सामने विपक्षी महागठबंधन के साथ जन सुराज पार्टी की चुनौती भी है। भाजपा और उसके सहयोगी दलों के लिए आपसी तालमेल बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। खबर के अनुसार, जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अनुज कुमार सिंह का समर्थन किया है, जबकि नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सारण शिक्षक सीट पर भी बागी उम्मीदवार की मौजूदगी मुकाबले को प्रभावित कर सकती है।

 

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना
दोनों राज्यों में मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। मतदान में बैलेट पेपर और वरीयता क्रम की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रखने और मतगणना की व्यवस्था की जाएगी। 27 अक्टूबर को होने वाली गिनती से स्पष्ट होगा कि विभिन्न दलों के उम्मीदवारों को शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का कितना समर्थन मिला। इन चुनावों के परिणामों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर नजर रखने वालों की भी निगाहें रहेंगी।