केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित UP International Trade Show के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं पर जवाब दिया। शाह ने कहा कि कुछ लोग भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ बताते हैं, लेकिन जिनकी सोच मृत हो चुकी है, वे देश की आर्थिक गतिविधियों में दिखाई दे रही तेजी को नहीं देख सकते। शाह की यह टिप्पणी राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर की जा रही आलोचना के संदर्भ में सामने आई। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में आर्थिक विकास, निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती के उदाहरण के तौर पर पेश किया।
7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ का दिया हवाला
अमित शाह ने अपने संबोधन में अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी भारत ने विकास की गति बनाए रखी है। शाह ने Moody’s की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किए जाने का भी उल्लेख किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही थी। शाह ने इन्हीं आंकड़ों का इस्तेमाल भारत की अर्थव्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने के लिए किया।
मैन्युफैक्चरिंग और निवेश पर भी जोर
अमित शाह ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश बढ़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और औद्योगिक क्षेत्र में कई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। शाह ने बताया कि देश में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और केंद्र के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में पेश करते हुए राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस निर्माण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि इन गतिविधियों से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।







