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10 देशों के न्यायिक प्रमुखों से मिलेंगे CJI: नई दिल्ली में BRICS चीफ जस्टिस फोरम शुरू

भारत की मेजबानी में BRICS Chief Justices Forum की शुरुआत आज नई दिल्ली में हो गई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मेजबानी में आयोजित यह तीन दिवसीय फोरम 4 से 6 सितंबर 2026 तक चलेगा। इसमें BRICS सदस्य देशों और Partner Countries के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। फोरम का उद्देश्य न्याय व्यवस्था से जुड़े समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श और न्यायपालिकाओं के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। बैठक में न्याय वितरण, अंतरराष्ट्रीय विवाद समाधान, तकनीक और सतत विकास जैसे विषयों पर चर्चा होगी। यह मंच विभिन्न देशों की न्यायिक संस्थाओं के बीच संवाद और सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।

CJI सूर्यकांत करेंगे न्यायिक नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें
फोरम के उद्घाटन दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत विभिन्न देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, यूएई, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक नेताओं के साथ बातचीत प्रस्तावित है। द्विपक्षीय मुलाकातों का उद्देश्य साझा न्यायिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। इसके साथ ही विभिन्न न्यायपालिकाओं के बीच सहयोग और संस्थागत संवाद को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। अलग-अलग देशों की न्यायिक व्यवस्थाओं के अनुभवों को साझा करने का अवसर इन बैठकों को महत्वपूर्ण बनाता है। फोरम के दौरान भारत की न्यायपालिका के साथ अन्य देशों के न्यायिक संस्थानों के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर रहेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायपालिका पर चर्चा
BRICS Chief Justices Forum में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायपालिका के भविष्य पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। न्यायिक प्रशासन में डिजिटल तकनीक और AI के इस्तेमाल से जुड़े अवसरों तथा चुनौतियों पर विचार किया जाएगा। अदालतों में तकनीक के इस्तेमाल से मामलों के प्रबंधन और न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही AI के जिम्मेदार और उचित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर न्यायिक दृष्टिकोण सामने रखे जाएंगे। बदलती तकनीकी दुनिया में न्यायपालिका की भूमिका और डिजिटल नवाचार के प्रभाव को भी चर्चा के एजेंडे में शामिल किया गया है। यह सत्र न्याय व्यवस्था में तकनीकी बदलावों को समझने और उनके भविष्य के प्रभावों पर साझा विचार विकसित करने का अवसर देगा।

 

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट: तरजीही टैरिफ पर भारत का रुख साफ

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के हालिया बयान के बाद वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी समझौते से जुड़े मसौदे और प्रमुख शर्तों पर काम कर रहे हैं। भारत की कोशिश है कि समझौते के तहत भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी और बेहतर कारोबारी अवसर मिलें। सरकार का रुख है कि घरेलू हितों और भारतीय उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। टैरिफ से जुड़े मुद्दे अभी भी बातचीत के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं। ऐसे में समझौते को अंतिम रूप देने से पहले दोनों देशों के बीच शेष मुद्दों पर सहमति बनना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तरजीही टैरिफ दरों पर भारत की नजर
व्यापार समझौते में टैरिफ का मुद्दा सबसे अहम अड़चनों में से एक बना हुआ है। भारत चाहता है कि उसके उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में उचित और बेहतर दरों का लाभ मिले। भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिका एक बड़ा बाजार है, इसलिए वहां शुल्क दरों का सीधा असर उनके कारोबार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर पड़ता है। सरकार का मानना है कि अगर भारतीय सामानों के लिए अनुकूल टैरिफ व्यवस्था तैयार होती है तो निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। इसी वजह से भारत समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने में जल्दबाजी के बजाय अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है। टैरिफ व्यवस्था पर ठोस सहमति बनने के बाद ही डील को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।

अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ से बदला परिदृश्य
अमेरिका की ओर से भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता का माहौल और जटिल हुआ है। टैरिफ में बदलाव का असर भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है। भारत चाहता है कि उसके निर्यातकों को अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले प्रतिकूल स्थिति का सामना न करना पड़े। इसी संदर्भ में तरजीही दरों का मुद्दा बातचीत में महत्वपूर्ण बना हुआ है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार संतुलन, बाजार पहुंच और शुल्क व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। अंतिम समझौते में इन सभी पहलुओं पर सहमति बनना भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

 

गडकरी का बड़ा ट्रैफिक प्लान: बार-बार नियम तोड़े तो लाइसेंस रद्द

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों की जानकारी दी है। इनमें बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्ती के लिए नेगेटिव पॉइंट सिस्टम लागू करने की योजना प्रमुख है। इस व्यवस्था के तहत वाहन चालकों के ट्रैफिक उल्लंघनों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और लगातार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य आदतन नियम तोड़ने वाले चालकों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

बार-बार नियम तोड़े तो लाइसेंस पर कार्रवाई
प्रस्तावित नेगेटिव पॉइंट सिस्टम में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रिकॉर्ड करने और उसके आधार पर चालक के खिलाफ कार्रवाई करने की व्यवस्था की जा सकती है। रेड लाइट जंप करना, तेज रफ्तार से वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीटबेल्ट के वाहन चलाने जैसे उल्लंघनों को इस तरह की व्यवस्था के दायरे में लाने की बात कही गई है। लगातार नियम तोड़ने वाले चालकों के लिए तय सीमा के बाद ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने का प्रावधान प्रस्तावित किया जा रहा है। इसका मकसद बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को सड़क पर जोखिम पैदा करने से रोकना है। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

बाइक टैक्सी को राज्यों में मंजूरी देने की अपील
नितिन गडकरी ने सभी राज्य सरकारों से निजी दोपहिया वाहनों को बाइक टैक्सी के रूप में संचालित करने की अनुमति देने की अपील की है। उनके मुताबिक बाइक टैक्सी व्यवस्था से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। निजी स्कूटर और मोटरसाइकिल के इस्तेमाल से लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है। केंद्र की ओर से इस क्षेत्र के लिए दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन परिवहन से जुड़े कई पहलुओं पर अंतिम निर्णय राज्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए केंद्र सरकार राज्यों से बाइक टैक्सी को लेकर अपने नियमों के अनुसार अनुमति देने की अपील कर रही है।

 

गांवों तक पहुंचेगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: आयुष्मान डिजिटल मिशन की बड़ी समीक्षा

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा के लिए मिशन संचालन समूह की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में देश में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और इसके अधिकतम उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्रालय के अनुसार आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक के रूप में उभरा है। बैठक में मिशन की वर्तमान स्थिति के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया।

94 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बने
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत देश में लगभग 94 करोड़ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानी ABHA बनाए जा चुके हैं। इन खातों के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 105 करोड़ स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन डिजिटल खातों से लिंक किए गए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड की व्यवस्था से मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में रिकॉर्ड प्रबंधन और मरीजों की देखभाल की निरंतरता को बेहतर बनाने की संभावना है।

53 लाख स्वास्थ्य सुविधाएं डिजिटल रजिस्टर से जुड़ीं
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य पेशेवरों को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्टरों से जोड़ा गया है। बैठक में बताया गया कि करीब 53 लाख स्वास्थ्य सुविधाएं और लगभग 10 लाख स्वास्थ्य पेशेवर इन राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्टरों पर पंजीकृत हैं। इससे देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक व्यापक नेटवर्क तैयार करने में मदद मिली है। इस डिजिटल ढांचे का उद्देश्य मरीजों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के सुरक्षित आदान-प्रदान को आसान बनाना है। आने वाले समय में इस नेटवर्क के उपयोग को और बढ़ाने पर सरकार का ध्यान रहने वाला है।

 

मुरैना में ट्रक ने पिता-पुत्री को कुचला: NH-44 पर भीषण हादसा, दोनों की मौत

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 पर गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। तेज रफ्तार और अनियंत्रित बताए जा रहे ट्रक ने बाइक सवार पिता-पुत्री को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिर गए और ट्रक की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

राजस्थान से मुरैना आ रहे थे पिता-पुत्री
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान राजस्थान के धौलपुर जिले के सैपऊ क्षेत्र के हाजीपुर गांव निवासी 45 वर्षीय राजू परमार और उनकी 14 वर्षीय बेटी सोनिया के रूप में बताई गई है। जानकारी के अनुसार दोनों बाइक से मध्य प्रदेश के मुरैना में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए आ रहे थे। इसी दौरान NH-44 पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र में यह हादसा हो गया। परिवार के लिए रिश्तेदारों से मिलने का सफर अचानक दर्दनाक हादसे में बदल गया। घटना की सूचना मिलने के बाद मृतकों के परिजनों में मातम छा गया। पुलिस द्वारा हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

होटल आदित्य और सेल्टिक्स बैरियर के पास हादसा
यह दुर्घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में होटल आदित्य और सेल्टिक्स बैरियर के पास NH-44 पर हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बाइक सवार पिता-पुत्री हाईवे से गुजर रहे थे, तभी पीछे से आए ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद दोनों बाइक से सड़क पर गिर गए और ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। दुर्घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।

 

OTP और लिंक के बिना बैंक खाते से उड़ाए लाखों: साइबर ठगी का नया ‘Silent Fraud’ बना बड़ा खतरा

साइबर ठगी के मामलों में अपराधियों के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां पीड़ितों का दावा है कि उन्होंने न तो किसी अनजान व्यक्ति को OTP बताया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, इसके बावजूद उनके बैंक खातों से लाखों रुपये निकल गए। ग्वालियर में सामने आए तीन मामलों में कुल 8 लाख 54 हजार 600 रुपये की रकम गायब होने की शिकायत की गई है। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।

 

कारोबारी के खाते से 4.95 लाख रुपये ट्रांसफर
कुशलनगर पड़ाव निवासी 58 वर्षीय पवन कुमार शांडिल्य के मुताबिक उनका खाता SBI में है। 26 अगस्त की दोपहर उनके मोबाइल पर YONO ऐप से संबंधित एक OTP आया था। उनका कहना है कि उन्होंने यह OTP किसी के साथ साझा नहीं किया। कुछ समय बाद खाते से 4.95 लाख रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज उनके मोबाइल पर आया।
खाते की जानकारी देखने पर पता चला कि रकम पश्चिम बंगाल में तापसी पाल नाम के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि OTP साझा किए बिना खाते से इतनी बड़ी रकम किस तरीके से ट्रांसफर हुई।

 

पुलिस जवान के पांच बैंक खातों में लगी सेंध
पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, तिघरा में पदस्थ जवान प्रभात शर्मा भी साइबर ठगी का शिकार हुए। उनके अनुसार अलग-अलग बैंकों में उनके पांच खाते हैं और 24 अगस्त को इन खातों से रकम गायब हो गई।
शिकायत के मुताबिक केनरा बैंक खाते से 99 हजार, HDFC बैंक से 19 हजार, SBI से 22 हजार, AU Small Finance Bank से 35 हजार और IDBI बैंक खाते से 99 हजार रुपये निकाले गए। इस तरह पांचों खातों से कुल 2 लाख 74 हजार रुपये गायब हुए।

 

आज राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस एंव खाद्य बैंक दिवस: भूख के खिलाफ मदद की अपील

4 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस और राष्ट्रीय खाद्य बैंक दिवस के रूप में महत्वपूर्ण जागरूकता दिवस मनाए जा रहे हैं। दोनों दिवसों का उद्देश्य समाज और पर्यावरण से जुड़ी अहम चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस वन्यजीवों, लुप्तप्राय प्रजातियों और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण का संदेश देता है। वहीं राष्ट्रीय खाद्य बैंक दिवस का उद्देश्य भुखमरी और खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए लोगों को प्रेरित करना है। एक दिवस प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जिम्मेदारी की याद दिलाता है, जबकि दूसरा जरूरतमंद लोगों के साथ सहयोग और मानवीय संवेदना का संदेश देता है। इन दोनों अवसरों पर संरक्षण, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने की अपील की जाती है।

राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस का क्या है उद्देश्य
राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जंगलों के कम होने, प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण कई वन्यजीव प्रजातियों के सामने अस्तित्व का संकट बढ़ रहा है। ऐसे में यह दिवस लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के महत्व को समझने का अवसर देता है। वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके संरक्षण के लिए जंगलों और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखना जरूरी है। राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस इसी जिम्मेदारी को आम लोगों तक पहुंचाने और संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने का संदेश देता है।

2005 में हुई थी National Wildlife Day की शुरुआत
राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस की शुरुआत वर्ष 2005 में पर्यावरणविद् और पेट लाइफस्टाइल एक्सपर्ट कोलीन पेज द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य वन्यजीवों और विशेष रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। बाद में प्रसिद्ध वन्यजीव संरक्षणवादी स्टीव इरविन की स्मृति और उनके वन्यजीव संरक्षण में योगदान को सम्मान देने के लिए 22 फरवरी को भी इस दिवस से जोड़ा गया। इसी वजह से राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस वर्ष में दो अवसरों पर मनाए जाने के लिए जाना जाता है। यह दिन वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए व्यक्तिगत तथा सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करता है। दुनिया भर में इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

 

DahiHandiFestival/चिखलीत विदर्भातील ‘नंबर वन’ दहीहंडीचा थरार; तरुणाईचा अभूतपूर्व जल्लोष! आमदार श्वेता महाले पाटील यांच्या उपस्थितीत रंगला भव्य सोहळा; महायुतीच्या दहीहंडीला उत्स्फूर्त प्रतिसाद

 

केतकी माटेगावकर आणि इशिता दत्ताच्या उपस्थितीने उत्साहाला उधाण!

विदर्भातील ‘नंबर वन’ दहीहंडी म्हणून ओळखल्या जाणाऱ्या महायुती व भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चाच्या भव्य महादहीहंडी उत्सवाचा थरार चिखली येथील छत्रपती शिवाजी महाराज चौकात प्रचंड उत्साहात आणि दिमाखात संपन्न झाला. गोविंदा पथकांचे थरारक मानवी मनोरे, ढोल-ताशांचा गजर आणि तरुणाईचा अफाट जल्लोष यामुळे संपूर्ण चिखली शहर उत्साही वातावरणात न्हाऊन निघाले होते.DahiHandiFestival

या सोहळ्याचे उत्कृष्ट आयोजन चिखली मतदारसंघाच्या आमदार तथा सोहळ्याच्या स्वागताध्यक्ष श्वेता महाले पाटील यांच्या संकल्पनेतून व मार्गदर्शनाखाली करण्यात आले होते.ShwetaMahale

भारतीय जनता युवा मोर्चाच्या वतीने आयोजित करण्यात येणाऱ्या आमदार श्वेता महाले यांच्या महायुतीच्या महादहीहंडीला यंदाही तरुणाईने अभूतपूर्व आणि उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिला. डीजेच्या तालावर तरुणाईने केलेला जल्लोष हे या सोहळ्याचे प्रमुख आकर्षण ठरले.

दरवर्षी या महादहीहंडीची भव्यता आणि लोकप्रियता वाढत असून, त्यासोबत तरुणांचा सहभागही दिवसेंदिवस वाढत असल्याचे यंदाच्या प्रचंड गर्दीमधून दिसून आले.ShwetaMahale

दहीहंडी सोहळ्यानंतर प्रसारमाध्यमांशी संवाद साधताना आमदार श्वेता महाले पाटील यांनी सांगितले की, भाजपा युवा मोर्चाच्या वतीने दरवर्षीप्रमाणे यंदाही अत्यंत सुंदर आणि भव्य दहीहंडीचे आयोजन करण्यात आले. केवळ चिखलीच नव्हे, तर संपूर्ण विदर्भातून तरुणाई या उत्सवाचा आनंद घेण्यासाठी मोठ्या संख्येने दाखल झाली होती. तरुणांनी दिलेला उत्स्फूर्त प्रतिसाद आणि जल्लोषामुळे ही महादहीहंडी खऱ्या अर्थाने तरुणाईचा लोकोत्सव ठरल्याचे त्यांनी सांगितले.

उपस्थित गोविंदा आणि तरुणांना शुभेच्छा देताना त्या पुढे म्हणाल्या की, दहीहंडीचा खेळ जसा थरावर थर चढवून यश संपादन करण्याचा असतो, तशीच तरुणांनी आपल्या आयुष्यातील यशाची प्रत्येक पायरी टप्प्याटप्प्याने चढावी. या प्रवासात त्यांची हक्काची बहीण म्हणून मी, श्वेता महाले, कायम त्यांच्या पाठीशी खंबीरपणे उभी राहीन. महायुती सरकारने या खेळाला अधिकृत क्रीडा प्रकाराचा दर्जा दिल्यामुळे गोविंदांच्या साहसाला आणि कौशल्याला मोठे व्यासपीठ मिळाले आहे.ChikhliNews

या उत्सवात विविध गोविंदा पथकांनी सहभागी होत दहीहंडी फोडण्यासाठी आपले कौशल्य पणाला लावले. महिला, तरुण आणि सर्व वयोगटांतील हजारो नागरिकांनी या सोहळ्याला उपस्थिती लावून कार्यक्रमाचा आनंद लुटला.

महायुतीचे पदाधिकारी, कार्यकर्ते आणि भाजपा युवा मोर्चाच्या सुरेख नियोजनामुळे हा महादहीहंडी उत्सव अत्यंत शिस्तबद्ध व उत्साही वातावरणात पार पडला.DahiHandiCelebration

मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की धूम: ब्रज में 75 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान

भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा और वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया है। जन्मोत्सव को लेकर ब्रज क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान, ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिरों की सजावट और धार्मिक आयोजनों के चलते पूरे ब्रज क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए मथुरा-वृंदावन पहुंच रहे हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की तैयारियों के अनुसार इस वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर ब्रज क्षेत्र में करीब 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया गया है। यह संख्या पिछले वर्ष अनुमानित करीब 50 लाख श्रद्धालुओं की तुलना में काफी अधिक बताई जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए योजनाएं लागू की गई हैं। बाहरी वाहनों को नियंत्रित करने के साथ पार्किंग और श्रद्धालुओं के आवागमन की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को दर्शन और यात्रा के दौरान कम से कम परेशानी हो।

योगी आदित्यनाथ ने किए श्रीकृष्ण दर्शन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मथुरा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी दीं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। ब्रज क्षेत्र में चल रही तैयारियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री के मथुरा दौरे के दौरान जन्मोत्सव की व्यवस्थाओं और धार्मिक आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां प्रमुखता से दिखाई दीं।

 

हथेली पर बने ये 5 निशान माने जाते हैं बेहद शुभ: जानिए हस्तरेखा शास्त्र क्या कहता है

हस्तरेखा शास्त्र यानी पॉमिस्ट्री में हथेली की रेखाओं, पर्वतों और विभिन्न चिह्नों का अध्ययन किया जाता है। मान्यता है कि हथेली पर बने कुछ विशेष निशान व्यक्ति के भाग्य, करियर, आर्थिक स्थिति और जीवन में मिलने वाली सफलता के संकेत दे सकते हैं। समुद्रशास्त्र से जुड़ी मान्यताओं में कुछ खास आकृतियों को धन-समृद्धि और ऐश्वर्य से जोड़कर देखा जाता है।

 

1. हथेली पर ‘M’ का निशान
हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बनने वाला अंग्रेजी अक्षर ‘M’ का निशान काफी शुभ माना जाता है। जब जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा और भाग्य रेखा मिलकर ‘M’ जैसी आकृति बनाती हैं, तो इसे सौभाग्य और सफलता का संकेत माना जाता है। मान्यता के अनुसार ऐसे लोगों को जीवन के आगे के वर्षों में आर्थिक उन्नति और प्रतिष्ठा मिल सकती है।

 

2. धन त्रिकोण को माना जाता है आर्थिक समृद्धि का संकेत
हथेली के बीच में रेखाओं के मेल से बनने वाला स्पष्ट त्रिकोण भी हस्तरेखा शास्त्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे कई जगह ‘मनी ट्रायंगल’ यानी धन त्रिकोण कहा जाता है। मान्यता है कि ऐसा निशान व्यक्ति की धन कमाने के साथ-साथ उसे बचाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने की क्षमता का संकेत देता है।

 

3. मछली का निशान देता है सफलता का संकेत
हथेली पर मछली के आकार जैसी आकृति को दुर्लभ और शुभ चिह्नों में शामिल किया जाता है। खासतौर पर सूर्य पर्वत या अन्य शुभ स्थान पर ऐसा निशान होने को करियर में उन्नति, मान-सम्मान और अचानक आर्थिक लाभ से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि इन बातों का आधार पारंपरिक हस्तरेखा मान्यताएं हैं।