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Jaipur Mobile Theft Gang: जयपुर में अंतरराज्यीय मोबाइल चोरी गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर में मोबाइल चोरी और स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने मोबाइल चोरी और छीनने की वारदातों में शामिल एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मोइन उर्फ शाहरूख, मोहम्मद अनस और हसीब मेवाती के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान 19 चोरी के मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई डिजायर कार और आरोपियों के दो निजी मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के फोन की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क की जांच कर रही है।

 

OLX और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़ने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, गिरोह जयपुर सहित राजस्थान के विभिन्न इलाकों से मोबाइल चोरी और स्नैचिंग के जरिए फोन जुटाता था। इनमें से कुछ फोन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म OLX पर बेचे जाते थे, जबकि अन्य मोबाइल मेवात के साइबर ठगों तक पहुंचाए जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का कथित सरगना मोइन उर्फ शाहरूख नशे के आदी लोगों को पैसों का लालच देकर चोरी और स्नैचिंग की वारदातें करवाता था। इन आरोपों की जांच जारी है।

 

तीन से पांच हजार रुपये में खरीदे जाते थे फोन
पुलिस के मुताबिक, मोइन चोरी और स्नैचिंग से जुटाए गए मोबाइल फोन मोहम्मद अनस और हसीब मेवाती को कथित तौर पर तीन से पांच हजार रुपये प्रति फोन में देता था। इसके बाद दोनों आरोपी इन्हें छह से सात हजार रुपये प्रति फोन की कीमत पर मेवात में आगे पहुंचाते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी 20 से 25 मोबाइल फोन इकट्ठा होने के बाद उनकी खेप भेजते थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह अब तक करीब 150 से 200 मोबाइल फोन इस नेटवर्क के जरिए पहुंचा चुका है।

 

कई जिलों में दर्ज हैं चोरी और स्नैचिंग के मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जयपुर कमिश्नरेट, जयपुर ग्रामीण, दौसा और करौली के विभिन्न थानों में मोबाइल चोरी तथा स्नैचिंग से जुड़े मामले दर्ज हैं। बरामद किए गए मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन इलाकों में वारदातें की गईं और चोरी के फोन आगे किन लोगों तक पहुंचाए गए।

 

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जांच जारी
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशान्त किरण के अनुसार, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों, चोरी के मोबाइल खरीदने वालों और कथित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की अन्य वारदातों से जुड़े तथ्य भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और नेटवर्क की पूरी सीमा का निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।

Jhota Murder CBI Probe: परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की CBI जांच कराएगी पंजाब सरकार

झोटा हत्याकांड की CBI जांच कराने का एलान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने 20 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। झोटा के परिजन और समर्थक लगातार मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग कर रहे थे। यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले हुई है, जिसके चलते मामला राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।

 

मानसा में मेडिकल स्टोर के पास हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ आवाज उठाते थे और मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री का विरोध कर रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी। पुलिस ने मामले में मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था। मामले में आरोपों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

परिवार और समर्थक कर रहे थे निष्पक्ष जांच की मांग
हत्या के बाद झोटा के परिजनों और समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उनकी प्रमुख मांग थी कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। परिवार ने मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया था। मानसा में धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे सहित संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।

 

सरकार ने बातचीत के लिए बनाई थी समिति
परिवार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए पंजाब सरकार ने तीन महिला IAS अधिकारियों की समिति गठित की थी। हालांकि, शुरुआती बातचीत के दौरान विवाद का समाधान नहीं निकल पाया था। लगातार जारी विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री की ओर से CBI जांच की घोषणा की गई। अब इस मामले में केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। जांच की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई के बारे में संबंधित एजेंसियों की ओर से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

 

अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले राजनीतिक हलचल तेज
झोटा हत्याकांड को लेकर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब सरकार पर सवाल उठाए थे। भाजपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हत्या की स्वतंत्र जांच और नशा तस्करी से जुड़े कथित राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच कराने की मांग उठाई थी। ये आरोप और मांगें हैं, जिनकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकती है।

 

मानसा में झोटा के परिवार से मिल सकते हैं अमित शाह
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के दौरान मानसा में झोटा के परिवार से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसके अलावा संगरूर और गुरदासपुर में नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों से मिलने की भी योजना बताई गई थी। ऐसे में दौरे से पहले मुख्यमंत्री की घोषणा को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मामले को CBI को सौंपने की प्रक्रिया कब पूरी होती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

 

नशे के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग पर टिकी नजरें
परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला पंजाब में नशे की समस्या और कथित अवैध दवा बिक्री को लेकर चल रही बहस को फिर सामने लाया है। परिवार और समर्थक निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने मामले को CBI को सौंपने की घोषणा की है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और संभावित अन्य पहलुओं पर स्पष्ट निष्कर्ष निकल सकेगा।

Kumar Sanu Love Anthem: 32 साल बाद भी दिलों पर राज कर रहा कुमार सानू का गाना

32 साल बाद भी लोकप्रिय है ‘एक लड़की को देखा’
बॉलीवुड के यादगार रोमांटिक गीतों में कुमार सानू की आवाज में गाया गया ‘एक लड़की को देखा’ आज भी खास जगह रखता है। साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ का यह गाना तीन दशक से अधिक समय बाद भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है। अभिनेता अनिल कपूर और मनीषा कोइराला पर फिल्माए गए इस गीत ने फिल्म की रोमांटिक पहचान को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। अपनी मधुर धुन और प्रेम से भरे अंदाज के कारण यह गाना आज भी कई लोगों की पसंदीदा प्लेलिस्ट में शामिल है।

 

कुमार सानू की आवाज ने गीत को बनाया यादगार
90 के दशक में कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के प्रमुख गायकों में शामिल थे। उनकी आवाज में कई रोमांटिक गीत लोकप्रिय हुए, जिन्हें आज भी सुना जाता है। ‘एक लड़की को देखा’ भी उन्हीं यादगार गीतों में से एक है। इस गाने में प्रेम की भावना को सरल और खूबसूरत अंदाज में पेश किया गया, जिससे यह अलग-अलग पीढ़ियों के श्रोताओं के बीच अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहा। इसे अक्सर हिंदी सिनेमा के यादगार प्रेम गीतों में गिना जाता है।

 

अनिल कपूर और मनीषा कोइराला पर फिल्माया गया था गीत
‘एक लड़की को देखा’ फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ का हिस्सा है, जिसमें अनिल कपूर और मनीषा कोइराला मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी और संगीत दोनों ने दर्शकों के बीच इसकी पहचान बनाई। गीत के फिल्मांकन में दोनों कलाकारों की मौजूदगी ने इसकी रोमांटिक भावना को पर्दे पर प्रभावी ढंग से पेश किया। समय बीतने के बावजूद यह गाना फिल्म की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में शामिल है।

 

आरडी बर्मन और जावेद अख्तर की जोड़ी का योगदान
इस गीत को यादगार बनाने में संगीतकार आरडी बर्मन और गीतकार जावेद अख्तर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आरडी बर्मन ने इसकी धुन तैयार की, जबकि जावेद अख्तर ने इसके बोल लिखे। कुमार सानू की गायिकी, संगीत की मधुरता और गीत के शब्दों के मेल ने इसे खास पहचान दिलाई। यह गीत हिंदी फिल्म संगीत के उस दौर की याद भी दिलाता है, जब रोमांटिक धुनें फिल्मों की लोकप्रियता का अहम हिस्सा हुआ करती थीं।

 

आज भी प्रेम गीतों की पसंद में शामिल
‘एक लड़की को देखा’ को आज भी कई संगीत प्रेमी पुराने हिंदी रोमांटिक गीतों की सूची में शामिल करते हैं। इसकी लोकप्रियता इस बात का उदाहरण है कि मधुर संगीत और भावपूर्ण शब्द समय के साथ भी श्रोताओं से जुड़ाव बनाए रख सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और पुरानी फिल्मों के दोबारा देखे जाने के दौर में भी यह गीत नई पीढ़ी तक पहुंच रहा है। यही वजह है कि इसे 90 के दशक के यादगार रोमांटिक गीतों में गिना जाता है।

Dussehra Greetings: दशहरे पर राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

देशभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा विजयादशमी का पर्व
देशभर में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरे का त्योहार उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है। शारदीय नवरात्रि के समापन पर मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। परंपरा के अनुसार, देश के कई हिस्सों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी विजयादशमी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि उल्लास और विश्वास का यह पर्व लोगों के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करे और सभी के जीवन में सुख, सौभाग्य तथा सफलता लेकर आए। प्रधानमंत्री का संदेश त्योहार के सकारात्मक भाव और जीवन में अच्छे संकल्पों को मजबूत करने की प्रेरणा पर केंद्रित रहा। विजयादशमी के अवसर पर उनके संदेश को लोगों ने त्योहार की शुभकामनाओं के रूप में साझा किया।

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश-विदेश के भारतीयों को दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी विजयादशमी के पावन अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने भारत और विदेशों में रह रहे सभी भारतीयों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। विजयादशमी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति का संदेश देश-विदेश में बसे भारतीय समुदाय के साथ त्योहार की खुशियां साझा करने का प्रतीक रहा।

 

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने की सुख-शांति की कामना
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी दशहरा और विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों तथा दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे भारतीयों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में सभी के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। दशहरे का पर्व लोगों को सत्य, सदाचार और सकारात्मक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। त्योहार के अवसर पर दिए गए संदेशों में आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना प्रमुख रही।

 

राजनाथ सिंह ने धर्म और सत्य की विजय का बताया प्रतीक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। उन्होंने इसे देश की आस्था, सभ्यता और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा उत्सव बताया। राजनाथ सिंह ने कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए तथा समाज में सद्भाव और सौहार्द को बढ़ावा दे। उनका संदेश त्योहार के सांस्कृतिक और नैतिक महत्व को रेखांकित करता है।

 

रावण दहन के साथ मनाया जाता है दशहरा
विजयादशमी को दशहरा भी कहा जाता है और यह शारदीय नवरात्रि के समापन पर मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय और बुराई के अंत से जुड़ा है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन रावण दहन, धार्मिक आयोजन, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में त्योहार मनाने की परंपराएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन अच्छाई, सत्य और धर्म की जीत का संदेश इसकी प्रमुख पहचान है।

 

विजयादशमी का संदेश: सद्भाव और सकारात्मक संकल्प
विजयादशमी केवल धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि अच्छे मूल्यों को अपनाने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देने वाला पर्व भी है। देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की शुभकामनाओं में सुख, समृद्धि, सफलता और आपसी सौहार्द की कामना प्रमुख रही। त्योहार के अवसर पर लोगों से अपनी परंपराओं का सम्मान करने, परिवार और समाज के साथ खुशियां साझा करने तथा सकारात्मक संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का संदेश मिलता है।

Umpire Exchange Programme: रणजी ट्रॉफी से शेफील्ड शील्ड तक अंपायरों की अदला-बदली

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंपायर एक्सचेंज कार्यक्रम
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच घरेलू क्रिकेट में अंपायरों के अनुभव को बढ़ाने के लिए आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत दोनों देशों के अंपायर अलग-अलग टूर्नामेंट में जिम्मेदारी संभालेंगे। ऑस्ट्रेलियाई अंपायर बेन ट्रेलोर भारत में रणजी ट्रॉफी के दो मुकाबलों में अंपायरिंग करेंगे, जबकि भारतीय अंपायर पाराशर जोशी ऑस्ट्रेलिया में शेफील्ड शील्ड के दो मैचों और एक वनडे कप मुकाबले में अंपायर की भूमिका निभाएंगे। इस पहल से अंपायरों को अलग-अलग क्रिकेट परिस्थितियों में काम करने और अपने अनुभव को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

 

रणजी ट्रॉफी के दो मैचों में अंपायरिंग करेंगे बेन ट्रेलोर
बेन ट्रेलोर ने 18 अक्टूबर से शुरू हुए दिल्ली और गुजरात के बीच रणजी ट्रॉफी मुकाबले में अंपायरिंग की। यह मैच 21 अक्टूबर तक निर्धारित था। इसके बाद वह 26 से 29 अक्टूबर तक मुंबई और हरियाणा के बीच होने वाले मुकाबले में अंपायरिंग करेंगे। ट्रेलोर को ऑस्ट्रेलिया की घरेलू क्रिकेट में अच्छा अनुभव है। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट के 30 मैचों, लिस्ट ए के 20 मैचों और बिग बैश लीग के 39 मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। इसके अलावा, वह महिला क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी अंपायर की भूमिका निभा चुके हैं।

 

क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स में अंपायरों को प्रशिक्षण देते हैं ट्रेलोर
मैदान पर अंपायरिंग के अलावा बेन ट्रेलोर क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स में अंपायर शिक्षा अधिकारी के रूप में भी काम करते हैं। उनकी जिम्मेदारी नए अंपायरों को प्रशिक्षण देना और उनके कौशल को विकसित करने में मदद करना है। भारतीय घरेलू क्रिकेट में अंपायरिंग करने से उन्हें यहां की परिस्थितियों, पिचों और मैच संचालन के अनुभव को समझने का अवसर मिलेगा।

 

ऑस्ट्रेलिया में तीन मैचों में जिम्मेदारी संभालेंगे पाराशर जोशी
भारतीय अंपायर पाराशर जोशी का ऑस्ट्रेलिया दौरा नवंबर में होगा। वह 11 से 14 नवंबर तक गाबा में क्वींसलैंड और तस्मानिया के बीच शेफील्ड शील्ड मुकाबले में अंपायरिंग करेंगे। इसके बाद 16 नवंबर को वनडे कप के एक मैच में उनकी ड्यूटी होगी। उनका तीसरा मुकाबला 22 से 25 नवंबर तक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड के बीच होने वाला शेफील्ड शील्ड मैच है। इस कार्यक्रम के तहत जोशी को ऑस्ट्रेलिया की घरेलू परिस्थितियों में अंपायरिंग का अनुभव मिलेगा।

 

2015 से बीसीसीआई के अंपायर पैनल में हैं जोशी
पाराशर जोशी 2015 से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अंपायर पैनल का हिस्सा हैं। वह घरेलू क्रिकेट में लाल और सफेद गेंद, दोनों प्रारूपों के मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं। उनके अनुभव में नौ प्रथम श्रेणी, 24 लिस्ट ए और 30 टी20 मुकाबले शामिल हैं। अलग-अलग प्रारूपों में काम करने का अनुभव उन्हें ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टूर्नामेंटों में अंपायरिंग के दौरान उपयोगी साबित हो सकता है।

 

इंडियन आइडल से भी जुड़ा है पाराशर जोशी का नाम
पाराशर जोशी के करियर का एक दिलचस्प पहलू उनका संगीत से जुड़ाव भी है। वर्ष 2008 में वह रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के चौथे सीजन के पियानो राउंड तक पहुंचे थे। बाद में उन्होंने अंपायरिंग को अपने पेशे के रूप में आगे बढ़ाया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंपायरों का यह आदान-प्रदान कार्यक्रम क्रिकेट अधिकारियों को नए अनुभव और अलग-अलग घरेलू परिस्थितियों में काम करने का अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

US Election Fraud Case: अमेरिका में 28 ग्रीन कार्ड धारकों पर चुनावी धोखाधड़ी के आरोप

अमेरिका में चुनावी धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ा मामला
अमेरिका के कैलिफोर्निया में नवंबर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर 28 ग्रीन कार्ड धारकों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, इन लोगों पर अमेरिकी नागरिक न होने के बावजूद मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने और मतदान करने के आरोप हैं। आरोपियों में दो भारतीय नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। हालांकि, ये आरोप हैं और संबंधित लोगों के दोषी होने का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।

 

अमनदीप कौर और कमलेश शाह के नाम शामिल
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आरोपियों में कैलिफोर्निया के रैंचो पालोस वर्डेस की रहने वाली 30 वर्षीय अमनदीप कौर और सैक्रामेंटो में रहने वाले 67 वर्षीय कमलेश नवनीतलाल शाह शामिल हैं। विभाग का आरोप है कि अमेरिकी नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में शामिल अमनदीप कौर ने दिसंबर 2022 में मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में मतदान किया। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

 

कमलेश शाह पर चुनाव के दिन पंजीकरण का आरोप
न्याय विभाग के मुताबिक, कमलेश नवनीतलाल शाह ने नवंबर 2024 के आम चुनाव के दिन मतदाता के रूप में पंजीकरण कराया और उसी दिन मतदान भी किया। उनके खिलाफ औपचारिक अभियोग के बजाय ‘इंफॉर्मेशन’ नामक कानूनी दस्तावेज के जरिए आरोप लगाए जाने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण से यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में अमनदीप कौर या कमलेश शाह शामिल थे या नहीं।

 

ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट के तहत कार्रवाई
इन मामलों को अमेरिकी न्याय विभाग की पहल ‘ऑपरेशन प्रोटेक्ट द वोट’ के तहत की गई कार्रवाई से जोड़ा गया है। इस पहल में कैलिफोर्निया के चारों अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय शामिल हैं। इसका उद्देश्य चुनाव से जुड़ी कथित धोखाधड़ी की जांच करना और मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा करना है। विभाग के अनुसार, जिन 28 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, वे सभी कानूनी स्थायी निवासी यानी ग्रीन कार्ड धारक हैं। अमेरिकी कानून के तहत गैर-नागरिक आम तौर पर संघीय चुनावों में मतदान नहीं कर सकते।

 

20 हजार से अधिक संदिग्ध पंजीकरणों की सूची का दावा
अमेरिकी न्याय विभाग के कार्यवाहक डिप्टी अटॉर्नी जनरल ट्रेंट मैककॉटटर के अनुसार, आरोपों का सामना कर रहे 28 लोग उन 20,000 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों की सूची में शामिल थे, जिनके बारे में दावा किया गया कि वे अमेरिकी नागरिक न होने के बावजूद मतदाता के रूप में पंजीकृत थे। विभाग के मुताबिक, यह सूची कैलिफोर्निया के चुनाव अधिकारियों को सौंपी गई थी। हालांकि, संदिग्ध सूची में नाम होने या आरोप लगाए जाने को अपने आप अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता। प्रत्येक मामले में संबंधित रिकॉर्ड और साक्ष्यों की जांच जरूरी है।

 

आरोप साबित होने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
मामलों में कथित रूप से गलत जानकारी देकर मतदाता पंजीकरण कराने और नागरिकता से जुड़े आवेदन में गलत जानकारी देने जैसे आरोप शामिल हैं। न्याय विभाग के अनुसार, संबंधित संघीय अपराधों में अधिकतम पांच साल तक की जेल का प्रावधान हो सकता है। यह अधिकतम संभावित सजा है, न कि प्रत्येक आरोपी को मिलने वाली तय सजा। अंतिम परिणाम आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों, लागू कानून और अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा।

 

अमेरिका में चुनावी नियमों को लेकर जांच जारी
न्याय विभाग ने यह भी बताया कि इस साल चुनाव से जुड़ी विभिन्न कथित अनियमितताओं के मामलों में कई अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं। इनमें गैर-नागरिक होते हुए मतदान करने के आरोपों वाले मामले भी शामिल बताए गए हैं। नवंबर 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 22.7 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता होने का आंकड़ा भी रिपोर्ट में दिया गया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों के खिलाफ पेश किए गए साक्ष्य अदालत में कितने ठोस साबित होते हैं।

RBI Tightens Overseas Investment: विदेश में बड़े निवेश पर RBI की बढ़ी निगरानी

विदेश में बड़े निवेश पर RBI ने बढ़ाई निगरानी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारतीय कंपनियों के बड़े विदेशी निवेश यानी ओवरसीज डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (ODI) की जांच को अधिक विस्तृत बनाने के लिए बैंकों से अतिरिक्त जानकारी जुटाने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने प्रमुख बैंकों को एक विस्तृत चेकलिस्ट दी है, जिसके तहत उन्हें बड़े विदेशी निवेश सौदों के पीछे का व्यावसायिक तर्क, वित्तीय स्थिति और संभावित जोखिमों की पड़ताल करनी होगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह व्यवस्था एक अरब डॉलर से अधिक के निवेश और उन मामलों पर लागू होगी, जिनमें निवेश निर्धारित नेटवर्थ सीमा से आगे जाता है। इसका उद्देश्य बड़े विदेशी सौदों की उचित जांच और जोखिमों का आकलन करना है।

 

निवेश पर रोक नहीं, लेकिन जांच होगी सख्त
रिपोर्ट के अनुसार, RBI ने कंपनियों के विदेशी निवेश पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि, अब बैंकों को निवेश के उद्देश्य और सौदे की वित्तीय व्यवहार्यता की अधिक बारीकी से जांच करनी होगी। कंपनियों को यह स्पष्ट करना पड़ सकता है कि विदेश में निवेश करना उनके कारोबार के लिए क्यों जरूरी है और इससे उन्हें किस तरह का लाभ मिलने की उम्मीद है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब रुपये की विनिमय दर और विदेशी पूंजी के प्रवाह को लेकर आर्थिक क्षेत्र में चर्चा जारी है।

 

वैल्यूएशन और सौदे की शर्तों की होगी पड़ताल
बैंकों को केवल विदेशी कंपनी की वैल्यूएशन रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय उसके निष्कर्षों की स्वतंत्र जांच करने को कहा गया है। उन्हें यह समझना होगा कि कंपनी की वास्तविक कीमत के मुकाबले कितना प्रीमियम दिया जा रहा है और सौदे की शर्तें उचित हैं या नहीं। यदि निवेश शेयरों की अदला-बदली यानी शेयर स्वैप के जरिए किया जाता है, तो दोनों कंपनियों के मूल्यांकन और एक्सचेंज रेश्यो की जांच भी जरूरी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय कंपनियां विदेशी संपत्तियों या कारोबार को खरीदते समय जरूरत से ज्यादा कीमत न चुकाएं।

 

कंपनियों को बताना होगा निवेश का उद्देश्य
नई जांच प्रक्रिया के तहत बैंकों को निवेश करने वाली कंपनी की कमाई, पुराने विदेशी निवेश का अनुभव, मौजूदा देनदारियों और आर्थिक झटकों को सहने की क्षमता का आकलन करना होगा। कंपनियों से यह भी पूछा जा सकता है कि उन्होंने किसी भारतीय कंपनी के बजाय विदेशी कंपनी में निवेश क्यों चुना। इसके अलावा, विदेशी इकाई वास्तविक कारोबारी गतिविधियां करती है या केवल निवेश रखने वाली होल्डिंग कंपनी है, इसकी जानकारी भी देनी होगी। निवेश से संभावित मुनाफा, निवेश बनाए रखने की अवधि और भविष्य में उससे बाहर निकलने की योजना का विवरण भी महत्वपूर्ण होगा।

 

देश की अर्थव्यवस्था को होने वाले लाभ का आकलन
बैंकों को विदेशी कंपनी की विश्वसनीयता और उस देश के आर्थिक तथा नियामकीय जोखिमों की जांच भी करनी होगी। बड़े निवेश से भारत को होने वाले संभावित फायदे का विवरण मांगा जा सकता है। इसमें निर्यात बढ़ने, आयात पर निर्भरता कम होने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और नई तकनीक या बौद्धिक संपदा भारत लाने की संभावनाएं शामिल हो सकती हैं। साथ ही, विदेशी इकाई से मिलने वाले डिविडेंड या फीस के रूप में भारत लौटने वाली रकम का अनुमान भी महत्वपूर्ण होगा।

 

संबंधित पक्षों वाले सौदों पर विशेष ध्यान
यदि किसी विदेशी निवेश में आपस में जुड़ी कंपनियां शामिल हैं या सौदे के जरिए भारत से बाहर धन अथवा आर्थिक मूल्य के अनुचित हस्तांतरण की आशंका है, तो बैंक अतिरिक्त जांच कर सकते हैं। भारतीय कंपनी की ओर से विदेशी इकाई को कर्ज दिलाने के लिए दी गई गारंटी के संभावित जोखिमों का भी आकलन किया जा सकता है। इस प्रक्रिया में कंपनियों को सौदे की वास्तविक जरूरत, संभावित लाभ और जोखिमों के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। इससे बड़े विदेशी निवेश की जांच में बैंकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी।

 

स्पेशल अपडेट
भारतीय कंपनियों के विदेशी निवेश की निगरानी बढ़ाने से बड़े सौदों में पारदर्शिता और जोखिम आकलन पर जोर बढ़ सकता है। हालांकि, निवेश की पात्रता और लागू शर्तों का निर्धारण संबंधित RBI निर्देशों तथा विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के अनुसार होगा। कंपनियों और निवेशकों को किसी बड़े विदेशी सौदे से पहले मौजूदा नियमों और बैंक की आवश्यकताओं की पुष्टि करनी चाहिए।

Mansa Family Shooting: पंजाब के मानसा में पुलिसकर्मी की फायरिंग, पिता-पुत्र की मौत

मानसा में पारिवारिक विवाद के बाद गोलीबारी, पिता-पुत्र की मौत
पंजाब के मानसा में मंगलवार सुबह एक पुलिसकर्मी के परिवार में हुई गोलीबारी की घटना में पुलिसकर्मी गुरविंदर सिंह और उसके बेटे जोत की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गुरविंदर सिंह ने अपनी पत्नी हरप्रीत कौर और दो बेटों पर गोली चलाई, जिसके बाद वह भी मृत पाया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल हरप्रीत कौर और दूसरे बेटे दिलशान को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

घायल मां-बेटे को बेहतर इलाज के लिए किया रेफर
जानकारी के मुताबिक, घटना मंगलवार सुबह करीब सात बजे हुई। गोलीबारी के बाद परिवार के सदस्यों को मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने गुरविंदर सिंह और उसके बेटे जोत को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल हरप्रीत कौर और दिलशान को बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया। पुलिस उनकी स्थिति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

 

डिप्टी कमिश्नर की सुरक्षा में तैनात था गुरविंदर सिंह
गुरविंदर सिंह पंजाब पुलिस में कार्यरत था और मानसा के डिप्टी कमिश्नर की सुरक्षा में गनमैन के तौर पर तैनात था। रिपोर्ट के अनुसार, वह घटना से पहले दो दिनों से छुट्टी पर था। छुट्टी के दौरान हुई इस वारदात के बाद पुलिस उसके पारिवारिक हालात और घटना से पहले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल, विवाद की सटीक वजह सामने नहीं आई है।

 

SSP ने पारिवारिक विवाद की बात कही
मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे शुरुआती तौर पर पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला बताया। पुलिस के अनुसार, गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि मां और दूसरा बेटा गंभीर रूप से घायल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विवाद किस बात को लेकर हुआ और घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं। मामले से जुड़े निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

 

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस परिवार से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। घायल मां-बेटे का इलाज जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और उससे जुड़े अन्य सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

 

स्पेशल अपडेट
मानसा में हुई इस घटना में पुलिसकर्मी गुरविंदर सिंह और उसके बेटे जोत की मौत हुई है, जबकि हरप्रीत कौर और दिलशान अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने शुरुआती तौर पर पारिवारिक विवाद की बात कही है। घटना की विस्तृत वजह और अन्य परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

Sheetal Devi World Record: शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में तोड़ा विश्व रिकॉर्ड

शीतल देवी ने 149 अंक बनाकर तोड़ा विश्व रिकॉर्ड
भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कंपाउंड एलिमिनेशन राउंड के दौरान 149 अंक हासिल कर सात साल पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़ने का दावा किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चान यूएन के खिलाफ यह स्कोर बनाया। इससे पहले 148 अंकों का रिकॉर्ड जेसिका स्ट्रैटन के नाम बताया गया था। शीतल का यह प्रदर्शन उनकी निरंतरता और सटीक निशानेबाजी को दर्शाता है। प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर बनी हुई है।

 

क्वालिफिकेशन राउंड में भी शानदार प्रदर्शन
रिपोर्ट के अनुसार, शीतल देवी ने क्वालिफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल किए और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने 57 बार 10 अंक का निशाना लगाया, जिनमें से 32 तीर एक्स रिंग में लगे। यह स्कोर हांगझोऊ में उनके अपने 680 अंकों के एशियाई पैरा गेम्स रिकॉर्ड से भी बेहतर बताया गया है। लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन शीतल की तकनीक और अभ्यास का परिचायक है।

 

बिना हाथों के धनुष चलाकर बनीं प्रेरणा
जम्मू-कश्मीर की 19 वर्षीय शीतल देवी जन्म से ही हाथों के बिना हैं। इसके बावजूद वह अपने पैरों, कंधों और जबड़े की मदद से धनुष चलाती हैं। उनकी तकनीक और अभ्यास ने उन्हें पैरा तीरंदाजी में विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनका सफर दिव्यांग खिलाड़ियों की क्षमता और खेलों में समावेशी अवसरों के महत्व को भी सामने लाता है। शीतल का प्रदर्शन उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार मेहनत करते हैं।

 

मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी भारत का रिकॉर्ड
शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने मिश्रित टीम रैंकिंग राउंड में 1,402 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का दावा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जोड़ी ने शीतल देवी और राकेश कुमार के 1,400 अंकों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, जो अहमदाबाद में बनाया गया था। तोमन कुमार ने पुरुष कंपाउंड रैंकिंग राउंड में 698 अंक हासिल किए। दोनों खिलाड़ियों के संयुक्त प्रदर्शन ने भारतीय पैरा तीरंदाजी की मजबूती को रेखांकित किया।

 

पिछली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी जीते पदक
शीतल देवी इससे पहले पेरिस पैरालंपिक में कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। हांगझोऊ एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक हासिल किए थे। इन उपलब्धियों के बाद 2026 के मुकाबलों में उनका प्रदर्शन भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, प्रतियोगिता के अंतिम नतीजों और पदक तालिका की तस्वीर पूरी स्पर्धाओं के समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

स्पेशल अपडेट
शीतल देवी का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। व्यक्तिगत मुकाबले में 149 अंक और मिक्स्ड टीम रैंकिंग राउंड में 1,402 अंकों के प्रदर्शन ने उनकी तथा तोमन कुमार की उपलब्धियों को चर्चा में ला दिया है। रिकॉर्ड और प्रतियोगिता के आधिकारिक परिणामों की पुष्टि संबंधित आयोजकों के अंतिम आंकड़ों से की जानी चाहिए।

Reels and Spine Health: रील्स देखने की आदत रीढ़ की हड्डी पर कैसे डालती है असर?

रील्स देखने की आदत का रीढ़ की हड्डी पर असर
मोबाइल पर रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और दूसरी छोटी वीडियो देखने में घंटों बिताना आजकल आम हो गया है। लगातार स्क्रीन देखने की आदत का असर केवल आंखों और दिनचर्या पर ही नहीं, बल्कि शरीर की मुद्रा पर भी पड़ सकता है। लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल चलाने से गर्दन, कंधों और पीठ पर दबाव बढ़ सकता है। 20 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस के अवसर पर हड्डियों की सेहत और रीढ़ की देखभाल के प्रति जागरूक रहना भी जरूरी है। हालांकि, मोबाइल देखने की गलत मुद्रा और ऑस्टियोपोरोसिस अलग-अलग मुद्दे हैं; केवल रील्स देखने से ऑस्टियोपोरोसिस होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

 

गर्दन झुकाकर फोन देखने से बढ़ सकता है दर्द
यशोदा मेडिसिटी, इंदिरापुरम में न्यूरोसर्जरी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. गौरव बत्रा के मुताबिक, लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। फोन देखते समय सिर लगातार आगे या नीचे झुका रहने और पीठ को गोल करके बैठने से गर्दन तथा आसपास की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है। ऐसी मुद्रा लंबे समय तक बनी रहने पर गर्दन में दर्द, अकड़न, कंधों में परेशानी और पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है। इसे आमतौर पर टेक्स्ट नेक कहा जाता है।

 

लगातार बैठे रहने से घट सकती है शारीरिक गतिविधि
लंबे समय तक रील्स स्क्रॉल करने से कई लोगों की दिनचर्या में चलने-फिरने और दूसरी शारीरिक गतिविधियों के लिए समय कम रह जाता है। एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठे रहने से मांसपेशियों में थकान और पीठ में असहजता हो सकती है। देर रात तक फोन इस्तेमाल करने से नींद का समय भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए स्क्रीन टाइम के साथ-साथ नींद, नियमित गतिविधि और आराम के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

 

ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियों की मजबूती पर पड़ता है असर
ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियों का घनत्व और मजबूती कम हो सकती है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी के शुरुआती चरण में कई बार स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हड्डियों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, कैल्शियम और विटामिन डी की पर्याप्त उपलब्धता, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण हैं। उम्र, पारिवारिक इतिहास और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं। किसी व्यक्ति को ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा है या नहीं, इसका आकलन चिकित्सकीय सलाह से किया जाना चाहिए।

 

मोबाइल इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों की सलाह है कि फोन को आंखों के करीब उचित ऊंचाई पर रखें, ताकि गर्दन को लगातार नीचे झुकाना न पड़े। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने के बजाय नियमित अंतराल पर ब्रेक लें, उठकर चलें और गर्दन तथा कंधों को हल्के ढंग से हिलाएं। बैठते समय पीठ को सहारा दें और पैरों को आरामदायक स्थिति में रखें। रील्स देखने के लिए समय निर्धारित करना और रोजमर्रा की गतिविधियों में चलने-फिरने को शामिल करना भी उपयोगी हो सकता है।

 

लगातार दर्द या सुन्नपन हो तो डॉक्टर से लें सलाह
यदि गर्दन या पीठ का दर्द लगातार बना रहे, हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो अथवा कमजोरी दिखाई दे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। लक्षणों को केवल मोबाइल इस्तेमाल का नतीजा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही मुद्रा, नियमित ब्रेक और सक्रिय दिनचर्या से स्क्रीन इस्तेमाल के दौरान होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

 

स्पेशल अपडेट
विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस हड्डियों की सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। मोबाइल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल और गलत मुद्रा गर्दन तथा पीठ में परेशानी पैदा कर सकते हैं, जबकि ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की मजबूती से जुड़ी अलग स्वास्थ्य स्थिति है। स्क्रीन टाइम सीमित रखने, नियमित गतिविधि करने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेने से सेहत की बेहतर देखभाल की जा सकती है।