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Test Cricket: अभिषेक, अर्शदीप और धीर की तिकड़ी ने भारत को दिलाई बढ़त

इंदौर में क्रिकेट स्टेडियमें भारतीय खिलाड़ियों की तिकड़ी ने एक बार फिर क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर ला दी है। छठे प्रयास में आख़िरकार इस सीरीज़ में किसी टीम ने अपने स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया। पिछले दो हफ़्तों में जो कुछ हुआ, उसे देखते हुए भारत के 223 रन बहुत बड़े स्कोर नहीं लग रहे थे। लेकिन इंदौर की पिच पर कम उछाल के कारण बड़े शॉट लगाना मुश्किल था और वहां अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों पर 69 रन बनाकर भारत को पार स्कोर से बेहतर टोटल तक पहुंचा दिया। भारतीय गेंदबाज़ों ने ओस ना आने का पूरा फ़ायदा उठाया। अर्शदीप सिंह ने नई गेंद के साथ आख़िरकार शे होप को कम स्कोर पर आउट किया और फिर डेथ ओवरों में भी बेहतरीन गेंदबाज़ी की। भारत ने अपनी रणनीति को बेहद सटीक रखा और पूरी पारी के दौरान वेस्टइंडीज़ को लगातार लक्ष्य से थोड़ा दूर रखा।

 

बल्लेबाज़ों को भी गेंदबाज़ी करने का मौक़ा, दिखाया हुनर

रांची के 3.3-0-63-0 के आंकड़ों के बाद वापसी करते हुए अक्षर पटेल बीच के ओवरों में वेस्टइंडीज़ की रन गति पर लगाम लगाने में सफल रहे। वहीं पार्ट-टाइमर नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपना काम किया। अर्शदीप और प्रिंस यादव ने अंतिम ओवरों में सटीक यॉर्कर डालकर 20वें ओवर से काफ़ी पहले ही मैच को भारत की झोली में डाल दिया। पिछले मैच में वेस्टइंडीज़ ने गेंद के साथ अपने हीरो रॉस्टन चेज़ पर भरोसा किया था, लेकिन अभिषेक ने आक्रामक रुख़ अपनाने से पहले ख़ुद को थोड़ा समय दिया। पहले आक्रमण की ज़िम्मेदारी संजू सैमसन पर थी, लेकिन दूसरे ओवर में वह मिडविकेट पर कैच दे बैठे। इससे चेज़ को पारी की शुरुआत में दो बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ी करने का मौक़ा मिला। हालांकि, अभिषेक ने चेज़ को सिर्फ़ एक ओवर तक अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाज़ी करने दी। उनके दूसरे ओवर में उन्होंने जगह बनाई और दो छक्के और एक चौका लगाया। इशान किशन भी कीमो पॉल के ख़िलाफ़ आक्रामक हो गए और भारत पावरप्ले में एक विकेट पर 87 रन के स्कोर तक पहुंच गया। अभिषेक ने अपने 69 में से 50 रन ऑफ़ साइड में बनाए। किसी अंतरराष्ट्रीय पारी में उन्होंने सिर्फ़ एक बार इससे ज़्यादा ऑफ़-साइड रन बनाए हैं। इसी दौरान वह गेंदों के हिसाब से 2000 T20 रन तक सबसे तेज़ पहुंचने वाले बल्लेबाज़ (1024 गेंद) बने।

 

तिलक अजीबोगरीब तरीक़े से रनआउट

थोड़ी देर आराम करने के बाद चेज़ ने किशन को 18 गेंदों पर 37 रन के स्कोर पर स्टंप कराकर अपना बदला ले लिया। किशन के आउट होने के तुरंत बाद पहली बार यह साफ़ हुआ कि यह पिच रांची की तरह बल्लेबाज़ी के लिए बिल्कुल आसान नहीं थी। मध्य क्रम के बल्लेबाज़ अभिषेक और किशन द्वारा दी गई शुरुआत का फ़ायदा नहीं उठा पाए और लगातार विकेट गंवाते रहे। तिलक वर्मा एक बार फिर शानदार लय में दिख रहे थे, लेकिन वह अजीबोगरीब तरीक़े से रनआउट हो गए। अक्षर पटेल ने लेग साइड की ओर एक शॉट खेली और वर्मा को लगा कि गेंद सीमा रेखा पार कर गई है और वह उसे चौका मानकर क्रीज़ के बीच में ही रूक गए। इसके थोड़े समय बाद अक्षर भी अर्शदीप को सिंगल के लिए तब मना नहीं कर सके, जब रन लेना संभव नहीं था।

 

नमन ने छक्का खाने के बाद लिया विकेट

 

दूसरी पारी की शुरुआत में नई गेंद के साथ बल्लेबाज़ों के लिए मनमुताबिक शॉट लगाना कितना मुश्किल था, यह और साफ़ हो गया। मयंक यादव ने पहले ओवर में थोड़ी सीम मूवमेंट हासिल की, लेकिन अर्शदीप ने कोई जोखिम नहीं लिया। वह होप के ख़िलाफ़ राउंड द विकेट से आए और दो यॉर्कर बिल्कुल सही जगह पर डालने के बाद उन्हें लेंथ गेंद से बोल्ड कर दिया। शिमरॉन हेटमायर ने अर्शदीप के दूसरे ओवर में 19 रन बनाकर वेस्टइंडीज़ की धीमी शुरुआत को तोड़ा। लेकिन मयंक और प्रिंस ने पावरप्ले का अच्छा अंत किया और वेस्टइंडीज़ को 54 रन पर सीमित रखा। कामिल पूरन के लिए एक रन प्रति गेंद से ज़्यादा तेज़ी से रन बनाना मुश्किल हो रहा था, इसलिए हेटमायर को ज़्यादा जोखिम उठाने पड़े। इसका नतीजा यह हुआ कि सातवें ओवर में नमन धीर ने इस सीरीज़ में अपना चौथा विकेट हासिल किया। एक बार फिर उन्होंने छक्का खाने के बाद विकेट लिया।

 

श्रेयस की तेज़ गेंदबाज़ी ने सैम्पसन को खूब छकाया

अक्षर और धीर ने अगले दो ओवरों में वेस्टइंडीज़ को पूरी तरह रोक दिया और 10वें ओवर में रोवमन पॉवेल का विकेट गिरने के साथ उनका स्कोर 82 रन पर तीन विकेट था। पूरन ने धीर के तीसरे ओवर में हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की बेताब कोशिश की। उन्होंने तीन छक्के लगाए और अपना स्ट्राइक रेट थोड़ा सुधारा, लेकिन चौथी कोशिश में वह बाउंड्री पर कैच दे बैठे। धीर के अब पांच अंतरराष्ट्रीय विकेट हो गए थे और ये सभी उस गेंद के तुरंत बाद आए थे, जिस पर उन्हें छक्का पड़ा था। क्विंटन सैम्पसन के क्रीज़ पर आते ही श्रेयस अय्यर ने फिर तेज़ गेंदबाज़ी का रुख़ किया। सैम्पसन को तेज़ गति की गेंदों पर उसी तरह शॉट लगाना मुश्किल होता है, जैसे वह स्पिन के ख़िलाफ़ करते हैं। शरफ़ेन रदरफ़ोर्ड और सैम्पसन ने अगले साढ़े चार ओवर तक वेस्टइंडीज़ को मुक़ाबले में बनाए रखा। आख़िरी चार ओवर में 65 रन चाहिए थे और वेस्टइंडीज़ को अब रदरफ़ोर्ड के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ज़रूरत थी, लेकिन अर्शदीप और प्रिंस अपनी यॉर्कर पर अच्छी तरह अमल करते दिखे, जिससे रदरफ़ोर्ड के लिए काम कुछ ज़्यादा ही मुश्किल हो गया।

Shivraj Targets Rahul: शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर तंज, बोले- राम का विरोध करने वाले अब शिवजी की बारात की बात कर रहे

इंडिया ब्लॉक के मार्च से पहले बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
इंडिया ब्लॉक के मार्च से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने के कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी कमियों और हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। चौहान ने इस संदर्भ में कहावत ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’ का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तंज कसा।

 

 

कांग्रेस की हार के लिए नेतृत्व को ठहराया जिम्मेदार
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावों में हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है और अपनी पराजय के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार बताती है। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी रणनीति और नेतृत्व की कमियों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों और पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने का भी उल्लेख किया। चौहान ने दावा किया कि पार्टी का नेतृत्व देश और जनता की अपेक्षाओं को समझने में विफल रहा है। ये टिप्पणियां बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

 

 

राहुल गांधी के शिवजी की बारात वाले बयान पर तंज
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के शिवजी की बारात से जुड़े बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, “जो आजीवन राम का विरोध करते रहें, वो शिवजी की बारात की बात कर रहे हैं।” चौहान की इस टिप्पणी को कांग्रेस और राहुल गांधी पर बीजेपी के राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, राहुल गांधी के मूल बयान का पूरा संदर्भ और इस टिप्पणी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।

 

 

चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बाद सड़कों पर प्रदर्शन करना पार्टी की नियति बन गई है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस विवाद में दोनों पक्षों के दावों और बयानों को अलग-अलग समझना जरूरी है। चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोपों का आकलन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर किया जाना चाहिए।

Assistant Teacher Recruitment Update: छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में संशोधन, दिव्यांग अभ्यर्थियों को भी मौका

सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के विज्ञापन में संशोधन
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती-2026 को लेकर दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत लोक शिक्षण संचालनालय ने उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में भर्ती के विस्तृत विज्ञापन के लिए शुद्धि पत्र जारी किया है। संशोधन के तहत दृष्टिबाधित (Blind), श्रवणबाधित (Deaf) और सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) श्रेणी के पात्र उम्मीदवारों को भी ऑनलाइन आवेदन का अवसर दिया जाएगा। इससे पहले जारी विज्ञापन में पात्रता से संबंधित प्रावधानों में बदलाव किया गया है, ताकि संबंधित श्रेणियों के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

 

हाई कोर्ट के निर्णय के बाद जारी हुआ शुद्धि पत्र
लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, शासकीय स्कूलों के ई-संवर्ग और टी-संवर्ग में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 24 जुलाई 2026 को विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन में संशोधन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दायर याचिका WPS No. 6783 of 2026, मीनाक्षी मंगलकर एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य, में 9 अक्टूबर 2026 को पारित निर्णय के अनुपालन में किया गया है। शुद्धि पत्र में पात्रता संबंधी प्रावधानों को संशोधित करते हुए संबंधित दिव्यांग श्रेणियों के लिए आवेदन का रास्ता स्पष्ट किया गया है।

 

दिव्यांग अभ्यर्थियों की पात्रता में क्या बदला?
संशोधित विज्ञापन के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग की 11 सितंबर 2026 की संशोधित अधिसूचना के अनुरूप सहायक शिक्षक पद के लिए उपयुक्त दिव्यांगता श्रेणियों में दृष्टिबाधित (B), श्रवणबाधित (D) और सेरेब्रल पाल्सी (CP) को शामिल किया गया है। इसके साथ ही विस्तृत विज्ञापन की कंडिका 05 के उपखंड (iv) को विलोपित किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पदों का समूहवार और श्रेणीवार वितरण सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2019 के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित किया गया है। इसमें दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित और बहुदिव्यांगता से संबंधित समूहों के लिए आरक्षित पदों का विवरण शामिल है।

 

सहायक शिक्षक के कुल 2292 पद
भर्ती के संशोधित विवरण के अनुसार, सहायक शिक्षक ई-संवर्ग में 795 और टी-संवर्ग में 1497 पद शामिल हैं। ई-संवर्ग के अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़ और बिलासपुर जिले शामिल हैं। वहीं टी-संवर्ग में बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, जशपुर, कोरबा, रायगढ़, गरियाबंद और बालोद जिले शामिल हैं। उम्मीदवारों को अपने संबंधित संवर्ग और जिले के अनुसार आधिकारिक विज्ञापन में दी गई जानकारी देखनी चाहिए।

 

ऑनलाइन आवेदन की तारीख अलग से होगी घोषित
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और सेरेब्रल पाल्सी श्रेणी के पात्र उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन का अवसर दिया जाएगा। इन अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुरू होने और अंतिम तिथि की जानकारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा अलग से जारी की जाएगी। 24 जुलाई 2026 को जारी मूल भर्ती विज्ञापन की अन्य शर्तें और प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। इच्छुक उम्मीदवारों को नई तारीख और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित अपडेट के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए।

Rahul Vaidya Faces Backlash: राहुल वैद्य के वायरल इशारे पर मचा बवाल, दिशा परमार भी रह गईं हैरान

राहुल वैद्य के वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में बहस
सिंगर राहुल वैद्य इन दिनों अपने एक वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। यह क्लिप टीवी शो ‘धमाल विद पति पत्नी और पंगा’ की बताई जा रही है, जिसमें राहुल अपनी पत्नी और अभिनेत्री दिशा परमार के साथ नजर आते हैं। शो के दौरान उनसे पूछा गया कि दिशा शादी से पहले कौन-सी पांच चीजें करती थीं, जो शादी के बाद नहीं करतीं। जवाब देते हुए राहुल ने इशारों में ऐसी बात कही, जिसे कई दर्शकों ने पति-पत्नी के निजी रिश्ते से जोड़कर देखा। इसके बाद वीडियो पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं और कुछ यूजर्स ने उनके जवाब को अनुचित बताया।

 

दिशा परमार की प्रतिक्रिया ने खींचा ध्यान
वायरल क्लिप में राहुल के इशारे के बाद दिशा परमार हैरान नजर आती हैं और उनसे कहती हैं, ‘तुम पागल हो क्या?’ शो में मौजूद अभिनेता अर्जुन बिजलानी भी राहुल की टिप्पणी पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते दिखाई देते हैं। इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वायरल क्लिप के आधार पर बातचीत के पूरे संदर्भ का निष्कर्ष निकालना मुश्किल है, इसलिए इसे पूरे एपिसोड के संदर्भ में देखना महत्वपूर्ण है।

 

कुछ यूजर्स ने की आलोचना, निजी रिश्ते का सम्मान करने की कही बात
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने राहुल वैद्य की आलोचना की। उनकी आपत्ति थी कि शादीशुदा जिंदगी से जुड़ी निजी बातों को सार्वजनिक मंच पर इस तरह इशारों में उठाना उचित नहीं है। कुछ लोगों ने दिशा परमार के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही और टिप्पणी को असहज करने वाला बताया। ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई राय हैं; इन्हें सभी दर्शकों की एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं माना जा सकता।

 

फैंस ने किया बचाव, पूरा एपिसोड देखने की अपील
जहां कुछ यूजर्स ने राहुल की आलोचना की, वहीं उनके समर्थकों ने उनका बचाव भी किया। कुछ फैंस का कहना है कि वायरल क्लिप अधूरी हो सकती है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरा एपिसोड देखना चाहिए। कुछ दर्शकों ने यह दावा भी किया कि प्रोमो या छोटे क्लिप में बातचीत का संदर्भ पूरी तरह सामने नहीं आता। हालांकि, एपिसोड में किसी हिस्से को एडिट किए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

 

राहुल वैद्य और दिशा परमार की शादी
राहुल वैद्य ‘इंडियन आइडल’ के पहले सीजन में अपनी भागीदारी और रियलिटी शो ‘बिग बॉस 14’ के कारण भी पहचाने जाते हैं। उन्होंने ‘बिग बॉस 14’ के दौरान दिशा परमार को प्रपोज किया था। दोनों ने जुलाई 2021 में शादी की। दिशा परमार कई टीवी धारावाहिकों में काम कर चुकी हैं। सितंबर 2023 में इस जोड़े के घर बेटी का जन्म हुआ। फिलहाल, राहुल के वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं और बहस का केंद्र शो में उनकी टिप्पणी तथा उसके संदर्भ को लेकर है।

Delhi Changes Protest Sites: दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति खत्म, तीन नए स्थल तय

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए निर्धारित आधिकारिक स्थलों की सूची से हटाने का आदेश जारी किया है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, गृह मंत्रालय द्वारा गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया। अब धरना-प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी।

 

रामलीला मैदान, बुराड़ी और CBD ग्राउंड होंगे नए स्थल
दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक, अब प्रदर्शन आयोजित करने के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली स्थित CBD ग्राउंड को निर्धारित किया गया है। ये स्थान राजनीतिक दलों, संगठनों और नागरिक समूहों के विरोध प्रदर्शनों के लिए नए विकल्प होंगे। हालांकि, इन स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया, अनुमति और अन्य शर्तों से जुड़ी विस्तृत जानकारी संशोधित SOP जारी होने के बाद स्पष्ट होगी। इसलिए आयोजकों को कार्यक्रम तय करने से पहले दिल्ली पुलिस के आधिकारिक निर्देशों की जांच करनी चाहिए।

 

गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर फैसला
दिल्ली पुलिस के आदेश में बताया गया है कि गृह मंत्रालय ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के अधिकार को ध्यान में रखते हुए पुराने निर्धारित स्थल के विकल्प तलाशने के लिए एक समिति गठित की थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाया गया और तीन नए स्थान तय किए गए। यह बदलाव दिल्ली पुलिस के 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में किया गया है।

 

सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर रहेगा जोर
जंतर-मंतर मध्य दिल्ली के उस क्षेत्र में स्थित है, जहां कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय और प्रमुख संस्थान हैं। यहां होने वाले प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की जरूरत रहती है। नए स्थलों को निर्धारित करने के फैसले से प्रदर्शन आयोजित करने की व्यवस्था में बदलाव होगा। हालांकि, इससे यातायात जाम या सुरक्षा संबंधी समस्याओं में कितनी कमी आएगी, इसका आकलन नए नियमों के लागू होने और उनके प्रभाव के बाद ही किया जा सकेगा।

 

प्रदर्शनकारियों के लिए नए दिशा-निर्देशों का इंतजार
जंतर-मंतर को सूची से हटाए जाने के बाद अब प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों को रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड से संबंधित नए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इन स्थलों के लिए संशोधित SOP अलग से जारी की जाएगी। आयोजकों को अनुमति की प्रक्रिया, निर्धारित शर्तों और सुरक्षा संबंधी नियमों की जानकारी आधिकारिक आदेश से प्राप्त करनी चाहिए। यह फैसला राजधानी में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए निर्धारित स्थानों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव है।

Starlink Controversy: भारत में एंट्री से पहले ही विवादों में स्टारलिंक, एलन मस्क ने अंबानी पर लगाया आरोप

मशहूर उद्योगपति एलन मस्क को बहुचर्चित स्पेसएक्स प्रोजेक्ट की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक ने अभी भारत में एंट्री भी नहीं की है लेकिन वह आने के पहले से ही विवादों में आ गया है। दरअसल मामला यह है स्टारलिंक को सेवाएं शुरू करने की मंजूरी नहीं दी है, भारत सरकार द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर और स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए प्रतीक्षा में रखा गया है। इतना ही नहीं स्टारलिंक विवाद में भारतीय राजनीति की भी एंट्री हो गई है। मंजूरी में देरी के लिए एलन मस्क ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर  टिप्पड़ी करते हुए कहा है कि भारतीय व्यापार समूहों और रिलायंस जियो पर बाजार में स्टारलिंक को मंजूरी मिलने के लिए बाधा डाल रहे हैं। वहीं लोकसभा प्रतिपक्ष नेता ने भी मस्क की पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देकर मामले का राजनीतिकरण कर दिया है। हालांकि भारतीय अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जब कोई विदेशी नेटवर्क मंजूरी चाहता है तो सुरक्षा की दृष्टि से जांच और अहम हो जाती है, और यह सामान्य प्रक्रिया है।

 

मस्क ने कहा “प्रधानमंत्री अंबानी”, राहुल ने कहा-“आप बदलने का इंतजार कीजिए”

स्टारलिंक को भारत में अंतिम मंजूरी के विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब एलन मस्क ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अंबानी मुझे पता नहीं था कि भारत में आप निर्णय लेते हैं। इस पोस्ट के बाद राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि डियर मस्क आप भारत में प्रधानमंत्री बदलने तक इंतजार कीजिए। इस बयानबाजी से राजनीति का बाजार भी गर्म हो गया है। जिससे मोदी समर्थक और विरोधी सोशल मीडिया पर अपनी तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

 

विदेशी नियंत्रण वाले नेटवर्क पर बारीक जांच और कड़ी नियमावली

हालांकि भारत सरकार और संचार मंत्रालय ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि स्टारलिंक, जियो और एयरटेल सहित सभी सैटेलाइट ऑपरेटर एक ही मानक नियामक और सुरक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया के अधीन हैं। मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में देरी के लिए भारतीय अधिकारियों ने अतीत में ऐसे उदाहरणों का उल्लेख किया है जहां मणिपुर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा और नशीली दवाओं के खिलाफ अभियानों के दौरान अनाधिकृत स्टारलिंक उपकरण पाए गए थे, जिसके चलते विदेशी नियंत्रण वाले नेटवर्क पर जांच को और कड़ा कर दिया गया है।

 

स्टारलिंक मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर पड़ेगा भारी

वहीं जानकारों की मानें तो सैटेलाइट कम्यूनिकेशन उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि भारत में स्टारलिंक को मूल्य निर्धारण को लेकर एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जहां स्थानीय मोबाइल और फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (एफडब्ल्यूए) ब्रॉडबैंड प्लान की कीमत आमतौर पर 500 से 1,500 रूपये प्रति माह के बीच होती है, जबकि उपग्रह उपकरण और सदस्यता की लागत अधिक होने की उम्मीद है। इससे मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

Mountoon Goes Viral: हिमाचल के बच्चे ने ‘मॉनटून’ बोलकर जीता लोगों का दिल, वीडियो वायरल

‘मॉनटून’ बोलकर बच्चे ने जीता लोगों का दिल
हिमाचल प्रदेश के एक दूरदराज गांव के छोटे बच्चे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्चा पहाड़ों पर जाने की बात करता नजर आता है। जब उससे पूछा जाता है कि वह कहां जा रहा है, तो वह अपने अंदाज में जवाब देता है, ‘मॉनटून’। दरअसल, बच्चा अंग्रेजी के शब्द ‘माउंटेन’ (Mountain) को अपनी समझ के अनुसार बोलने की कोशिश कर रहा था। उसकी मासूम आवाज और बोलने के अनोखे अंदाज ने लोगों का ध्यान खींच लिया है।

 

वीडियो में क्या नजर आया?
वीडियो में पहाड़ी इलाके का एक छोटा बच्चा सामने से आता दिखाई देता है। उसके हाथ पीछे की ओर बंधे हैं और बातचीत के दौरान वह पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब देता है। जब उससे पूछा जाता है कि वह कहां जा रहा है, तो उसका जवाब ‘मॉनटून’ सुनकर लोग मुस्कुराने लगते हैं। बच्चे की मासूमियत और शब्द बोलने के अंदाज ने इस छोटे से पल को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया।

 

9.1 मिलियन से ज्यादा बार देखे जाने का दावा
साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस वीडियो को सोशल मीडिया पर 9.1 मिलियन यानी 91 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो को सैंडी नाम के यूजर द्वारा शेयर किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, व्यूज की मौजूदा संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसके बावजूद, बच्चे के जवाब को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार चर्चा में हैं।

 

‘हमें भी जाना है मॉनटून’, यूजर्स ने किए मजेदार कमेंट
वीडियो देखने के बाद कई यूजर्स बच्चे के अंदाज में ही ‘मॉनटून’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए मजेदार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोगों ने लिखा कि वे भी मॉनटून जाना चाहते हैं, जबकि अन्य ने मजाक में कहा कि अब वे माउंटेन की जगह मॉनटून ही बोलेंगे। बच्चे के इस छोटे से जवाब ने लोगों को हंसने और अपने दोस्तों के साथ वीडियो साझा करने का एक प्यारा मौका दे दिया।

 

मासूमियत भरे पल क्यों हो जाते हैं वायरल?
सोशल मीडिया पर बच्चों की सहज बातचीत और उनके अनोखे जवाब अक्सर लोगों का ध्यान खींचते हैं। इसकी वजह उनकी स्वाभाविक अभिव्यक्ति और बिना किसी बनावट के बात करने का अंदाज होता है। हिमाचल के इस बच्चे का ‘मॉनटून’ वाला वीडियो भी इसी तरह लोगों को पसंद आ रहा है। एक छोटे से शब्द ने इंटरनेट पर लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी और अब कई यूजर्स इसी अंदाज में पहाड़ों पर जाने की बात कर रहे हैं।

Yogi VS Akhilesh: योगी और अखिलेश के बीच जुबानी जंग शुरू, अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकारी

आगामी उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चैलेंज को स्वीकार करते हुए अयोध्या से आमने-सामने का विधानसभा चुनाव लड़ने का न्यौता देकर राजनीतिक गलियारों में फिर से जुबानी जंग का आगाज कर दिया है। गौरतलब है कि बीते शनिवार को मुख्यमंत्री योगी बलरामपुर में 803 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 78 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक वोट ने क्षेत्र की तस्वीर बदलने में भूमिका निभाई है। विकास परियोजनाओं के बहाने विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के इस क्षेत्र में पहचान का संकट, तस्करी और अपराधियों की अराजकता थी, जबकि अब विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जो वोट पहले पहचान के संकट और तस्करी से जोड़कर देखा जाता था, वहीं आज क्षेत्र की तरक्की और बदलाव का आधार बन रहा है। बलरामपुर जैसे आकांक्षात्मक जनपद को संभावनाओं वाले जिले के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन अयोध्या सीट को लेकर शुरू हुई यह जुबानी जंग आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                           

मुकाबला चेलों से नहीं, आमने-सामने होना चाहिएः योगी

सीएम योगी ने अखिलेश यादव को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “मैं आपको ऑफर करता हूं, आप भी अयोध्या से नामांकन करिए, मैं भी करता हूं। चलिए, एक बार किस्मत आजमा लिया जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मुकाबला सीधे होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि लड़ाई चेलों से क्यों हो, मुकाबला सामने होना चाहिए।

 

अखिलेश का जवाब भाजपा को नहीं मिल रहा कोई कैंडीडेट

अखिलेश सपा के घोषित प्रत्याशी और पूर्व विधायक तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक गांव कृष्णापुर में आयोजित भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने योगी के जवाब में कहा, 'अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान' चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी' ही काफी है। चोरों को क्लीन चिट देने वाले हिस्सेदार होते हैं। इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी। लोकसभा भूल गये क्या ? और बाकी कसर अयोध्या की वो माताएं पूरा कर देंगी, जिन्होंने सरेआम दुखी मां का अपमान करते हुए अहंकारियों को देखा है। अपने इंटर्नल सर्वे में आपको ये बात पता चली कि नहीं कि अयोध्या में आपकी तरफ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता है।

September MF Outflows: सितंबर में म्यूचुअल फंड से निकले ₹1.33 लाख करोड़, डेट स्कीम पर सबसे ज्यादा असर

सितंबर में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से ₹1.33 लाख करोड़ की नेट निकासी
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में कुल मिलाकर ₹1.33 लाख करोड़ की नेट निकासी दर्ज की गई। इसके उलट, अगस्त में इंडस्ट्री में ₹41,353 करोड़ का नेट इनफ्लो हुआ था। इस बदलाव के पीछे डेट-ओरिएंटेड स्कीम से बड़ी मात्रा में पैसा निकलना प्रमुख वजह रहा। हालांकि, इस दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश जारी रहा। आंकड़े बताते हैं कि अलग-अलग श्रेणियों में निवेशकों का रुझान एक जैसा नहीं रहा।

 

डेट फंड से ₹1.83 लाख करोड़ की निकासी
AMFI के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में डेट-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड स्कीम से ₹1.83 लाख करोड़ की नेट निकासी हुई। अगस्त में इन स्कीमों से निकासी लगभग ₹8,127 करोड़ थी। डेट फंड में हुई बड़ी निकासी ने पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग के कुल नेट फ्लो को नकारात्मक बना दिया। डेट फंड आम तौर पर बॉन्ड और अन्य निश्चित आय वाले साधनों में निवेश करते हैं। इन फंडों में निवेश और निकासी महीने-दर-महीने बदल सकती है, इसलिए केवल एक महीने के आंकड़े के आधार पर निवेशकों के लंबे समय के रुझान का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

 

इक्विटी फंड में निवेश बढ़ा, स्मॉल-कैप सबसे आगे
डेट स्कीम से भारी निकासी के बावजूद इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड में निवेश बढ़ा। सितंबर में इक्विटी फंडों में ₹38,307 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया गया, जबकि अगस्त में यह ₹29,328 करोड़ था। इक्विटी श्रेणी में स्मॉल-कैप फंड सबसे आगे रहे, जिनमें ₹9,039 करोड़ का निवेश आया। अगस्त में स्मॉल-कैप फंड का नेट इनफ्लो ₹7,973 करोड़ था। मिड-कैप फंड में सितंबर के दौरान ₹7,835 करोड़ का निवेश हुआ, जो अगस्त के ₹6,989 करोड़ से अधिक है। वहीं, फ्लेक्सी-कैप फंड में निवेश बढ़कर ₹6,702 करोड़ हो गया, जबकि पिछले महीने यह ₹5,059 करोड़ था।

 

लार्ज-कैप फंड में भी लौटा नेट इनफ्लो
सितंबर में लार्ज-कैप म्यूचुअल फंड में भी सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। अगस्त में इस श्रेणी से ₹1,147 करोड़ की नेट निकासी हुई थी, जबकि सितंबर में ₹859 करोड़ का नेट इनफ्लो आया। लार्ज-कैप फंड आम तौर पर बड़ी कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि इक्विटी फंड बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित होते हैं और किसी श्रेणी में अधिक निवेश आने का मतलब यह नहीं है कि उसमें भविष्य में निश्चित रूप से बेहतर रिटर्न मिलेगा।

 

गोल्ड ETF और सेक्टरल फंड में भी बढ़ा निवेश
सितंबर में गोल्ड ETF में नेट इनफ्लो बढ़कर ₹4,451 करोड़ हो गया, जबकि अगस्त में यह ₹2,597 करोड़ था। मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में निवेश लगभग स्थिर रहा और सितंबर में ₹3,667 करोड़ का इनफ्लो दर्ज किया गया, जबकि अगस्त में यह ₹3,671 करोड़ था। सेक्टरल और थीमैटिक फंड में सितंबर के दौरान ₹3,640 करोड़ का निवेश आया, जो अगस्त के ₹1,713 करोड़ से काफी अधिक था। ये आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों ने अलग-अलग परिसंपत्ति श्रेणियों और निवेश रणनीतियों में रुचि दिखाई, लेकिन हर श्रेणी का जोखिम और निवेश उद्देश्य अलग होता है।

 

निवेशकों के लिए आंकड़ों का क्या मतलब है?
सितंबर के आंकड़ों में एक तरफ डेट फंड से बड़ी निकासी दिखाई देती है, तो दूसरी तरफ इक्विटी स्कीम और गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा है। हालांकि, म्यूचुअल फंड में निवेश का निर्णय केवल एक महीने के इनफ्लो या आउटफ्लो को देखकर नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, निवेश की अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और संबंधित फंड की प्रकृति को समझना जरूरी है। किसी भी म्यूचुअल फंड में रिटर्न की गारंटी नहीं होती और पिछला प्रदर्शन भविष्य के नतीजों की गारंटी नहीं देता।

Cyber Crime Safety: कहीं आप भी तो नहीं हो रहे Cyber Crime का शिकार, जानें सबकुछ जिससे आप रहेंगे Safe

देश–दुनिया में बीते कुछ वर्षों में तकनीकी ने बहुत विकास किया है। इससे काफी सहूलियतें भी हुई हैं लेकिन वहीं नये तरह की अपराध की दुनिया और अपराधियों ने भी जन्म ले लिया है। इंटरनेट यानी डिजीटल नेटवर्क के माध्यम से कम्प्यूटर और मोबाइल से कोई अवैध गतिविधि जिससे किसी भी व्यक्ति को मानसिक, आर्थिक अथवा सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा हो साइबर क्राइम (Cyber Crime) माना गया है। भारत में साइबर क्राइम बहुत तेजी से बढ़ रहा है, आए दिन कई लोग साइबर क्राइम के जाल में फंस रहे हैं। जिसमें फर्जी ईमेल, फोन कॉल, पहचान छुपाकर डराना-धमकाना, रूपये चुराना या मांगना प्रमुख रूप से शामिल है। हालांकि साइबर इंटेलीजेंस और पुलिस द्वारा इसकी रोकथाम और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार प्रयास भी किए जा रहे हैं। यहां पर साइबर अपराध के बारे में वह सब जानिए जो आपको जानना आवश्यक है। इसके साथ किन सावधानियों को अपनाकर आप साइबर क्राइम से काफी हद तक बच सकते हैं। 

 

सबसे ज्यादा होने वाले साइबर अपराध

हैकिंग (Hacking): इसमें कोई अपराधी किसी व्यक्ति या कंपनी के कंप्यूटर, मोबाइल या नेटवर्क की सुरक्षा को तोड़कर उसकी निजी जानकारी या डेटा चुरा लेता है.

फ़िशिंग (Phishing): इसमें धोखेबाज बैंक या सरकारी अधिकारी बनकर नकली ईमेल, मैसेज या लिंक भेजते हैं और पासवर्ड, ओटीपी (OTP) तथा बैंक खाते की जानकारी हासिल कर लेते हैं.

रैनसमवेयर और मैलवेयर हमले (Ransomware and Malware Attacks): मैलवेयर ऐसा हानिकारक सॉफ्टवेयर होता है जो सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। रैनसमवेयर आपकी फाइलों को लॉक (Encrypt) कर देता है और उन्हें खोलने के लिए फिरौती (Ransom) मांगता है।

पहचान की चोरी (Identity Theft): इसमें किसी व्यक्ति की निजी पहचान (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक विवरण) चुराकर उसकी आड़ में अवैध काम किए जाते हैं या वित्तीय धोखाधड़ी की जाती है।

साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग (Cyberbullying and Cyberstalking): इंटरनेट, सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स के जरिए किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान करना, डराना, धमकियां देना या पीछा करना इसमें शामिल है।

 

 

साइबर अपराध का शिकार होने पर क्या करें

 

सबसे पहले शिकायत दर्ज करें : किसी भी तरह के साइबर क्राइम का शिकार होने पर आप सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करके 14 अंकों का पावती (Acknowledgement) नंबर जरूर प्राप्त करें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के लिए 1930 डायल कर सकते हैं और आपात स्थिति में 112 भी डायल कर सकते हैं। साथ ही आप पोर्टल पर जाकर किसी भी संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल या वेबसाइट की जांच कर सकते हैं कि वह पहले से ही धोखाधड़ी से जुड़ा है या नहीं।

बैंक को सूचित करें: अपने बैंक को तुरंत लिखित या कॉल के जरिए जानकारी दें ताकि ट्रांजैक्शन रोकी जा सके।

सबूत संभालें: ट्रांजैक्शन आईडी (UTR), स्क्रीनशॉट, चैट और बैंक मैसेज सुरक्षित रखें।

 

 

किस अपराध के लिए कितनी सजा

भारत में साइबर अपराध की सजा अपराध की गंभीरता और लागू होने वाली धाराओं के आधार पर अलग–अलग होती है। मुख्य रूप से ये सजाएं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act, 2000) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) / पुरानी आईपीसी के तहत तय की जाती हैं। साइबर अपराध की स्थितियों में अलग-अलग सजा का प्रावधान है।

 

हैकिंग (Hacking): 3 साल तक की जेल या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों।

ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud / Scams): 7 साल तक की जेल और जुर्माना।

पहचान की चोरी (Identity Theft / पासवर्ड का गलत इस्तेमाल): 3 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना।

साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism): आजीवन कारावास (उम्रकैद)।

अश्लील सामग्री प्रकाशित करना या भेजना (Pornography / आपत्तिजनक कंटेंट): साइबर अपराध की इस घटना में (पहली बार): 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना। (दूसरी बार): 7 साल तक की जेल और जुर्माना।

साइबर बुलिंग या ऑनलाइन धमकी (Online Threats): गंभीर मामलों में 7 साल तक की जेल और जुर्माना।

डेटा चोरी (Data Theft): 3 साल तक की जेल या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना।

 

गिरफ्तारी के मुख्य आधार

गंभीर अपराध और सबूत: जब आईटी एक्ट (IT Act) या भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कोई गंभीर अपराध दर्ज होता है और पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ डिजिटल साक्ष्य (जैसे बैंक ट्रांजैक्शन, आईपी एड्रेस, फर्जी आईडी) होते हैं।

कोर्ट का वारंट: जांच पूरी होने के बाद जब अदालत आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करती है।

रेड–हैंड (रंगे हाथों) या तत्काल कार्रवाई: जब पुलिस को पुख्ता जानकारी मिलती है कि आरोपी ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग या डेटा चोरी जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। आप इस विषय में CYBER POLICE से हो जाए सतर्क वीडियो के माध्यम से और जानकारी देख सकते हैं।

 

पैसा मिलने का समय और प्रक्रिया

साइबर क्राइम में कटा हुआ पैसा वापस मिलने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आपने घटना के कितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई है और ठग के खाते में पैसा होल्ड (Freeze) हो पाया है या नहीं।

गोल्डन ऑवर (Golden Hour): ठगी होने के पहले 1 घंटे (या अधिकतम 24 से 72 घंटे) के भीतर शिकायत करने पर पैसा वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है।

बेस्ट–केस (आसान मामले): यदि पैसा ठग के बैंक खाते में ही होल्ड हो जाता है और प्रक्रिया सही रहती है, तो आमतौर पर 2 से 8 सप्ताह के भीतर पैसा वापस मिल जाता है।

सामान्य या जटिल मामले: यदि मामला बड़ा है, कई खातों से होकर पैसा निकला है, या कोर्ट/पुलिस की जांच और एफआईआर की जरूरत पड़ती है, तो इसमें 3 से 8 महीने या उससे अधिक समय भी लग सकता है।