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Stocks To Watch Today: 12 अक्टूबर को DMart, Infosys और Meesho समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर

12 अक्टूबर को इन शेयरों पर रहेगी नजर
12 अक्टूबर 2026 को घरेलू शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी कॉरपोरेट गतिविधियों, तिमाही नतीजों, बड़े ऑर्डर और ब्लॉक डील के कारण चुनिंदा शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। DMart, Infosys, Meesho और Lenskart Solutions समेत कई कंपनियां निवेशकों के रडार पर रहेंगी। इसके अलावा दो कंपनियों के शेयरों की लिस्टिंग भी आज निर्धारित है। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 879.09 अंक बढ़कर 72,472.33 पर और निफ्टी 288.65 अंक चढ़कर 22,520.45 पर बंद हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिफ्ट निफ्टी में भी हल्की बढ़त के संकेत थे।

DMart समेत कंपनियों के तिमाही नतीजे
एवेन्यू सुपरमार्ट्स यानी DMart की सितंबर 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.5% बढ़कर ₹743.6 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू 17.8% बढ़कर ₹19,644 करोड़ पहुंच गया। केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी का प्रॉफिट 21.5% बढ़कर ₹59.2 करोड़ और रेवेन्यू 17% बढ़कर ₹121.6 करोड़ रहा। कैन फिन होम्स का प्रॉफिट 9.2% बढ़कर ₹274.6 करोड़ और नेट इंटरेस्ट इनकम 6.65% बढ़कर ₹431.5 करोड़ दर्ज की गई। आनंद राठी वेल्थ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 10.4% घटकर ₹88.96 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 15.7% बढ़कर ₹344 करोड़ पहुंच गया।

रियल्टी और फाइनेंस कंपनियों के अपडेट
अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा इंडिया के एक अपडेट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में प्रॉफिट 5.5% बढ़कर ₹43.5 करोड़ रहा। कंपनी की प्रीमियम से शुद्ध कमाई में 13% बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, एक अन्य रिपोर्टेड आंकड़े के अनुसार कंपनी का सेल्स एरिया 68% घटकर 72,883 वर्ग फुट और सेल्स वैल्यू 69% गिरकर ₹224 करोड़ रहा। कलेक्शंस में भी 14% की गिरावट के साथ यह ₹190 करोड़ दर्ज किया गया। पूनावाला फिनकॉर्प का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹74.2 करोड़ से बढ़कर ₹374.85 करोड़ पहुंच गया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम 75.7% बढ़कर ₹1,589 करोड़ रही। वाटरवेज लेजर टूरिज्म ने पिछले साल के ₹8.9 करोड़ के घाटे के मुकाबले ₹58.5 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया। इसका रेवेन्यू 30.9% बढ़कर ₹132.9 करोड़ रहा।

कल्पतरू और महिंद्रा एंड महिंद्रा
कल्पतरू की सितंबर तिमाही में प्री-सेल्स सालाना आधार पर 5% घटकर ₹1,258 करोड़ रही। दूसरी ओर, कलेक्शंस ₹1,182 करोड़ से बढ़कर ₹1,189 करोड़ पहुंच गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा का सितंबर महीने का प्रोडक्शन वॉल्यूम 19.2% बढ़कर 1.21 लाख यूनिट और सेल्स वॉल्यूम 16.3% बढ़कर 1.13 लाख यूनिट रहा। हालांकि, कंपनी का एक्सपोर्ट वॉल्यूम 8.5% घटकर 4,081 यूनिट पर आ गया।

Lenskart Solutions में संभावित ब्लॉक डील
Lenskart Solutions में अल्फा वेव वेंचर्स की हिस्सेदारी घटाने के लिए ब्लॉक डील किए जाने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 1.6% हिस्सेदारी की संभावित बिक्री का मूल्य लगभग ₹1,691 करोड़ हो सकता है। इसके लिए प्रति शेयर ₹640 का फ्लोर प्राइस बताया गया है। जून 2026 के अंत में अल्फा वेव वेंचर्स एलपी और अल्फा वेव वेंचर्स II एलपी की कंपनी में कुल हिस्सेदारी 4.64% थी।

KEC International और Viviana Power Tech को बड़े ऑर्डर
KEC इंटरनेशनल को देश में ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से जुड़े ₹1,014 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें पश्चिमी भारत में पंप-स्टोरेज प्लांट से बिजली पहुंचाने के लिए 765 kV ट्रांसमिशन लाइन का ऑर्डर भी शामिल है। इन ऑर्डर्स के साथ कंपनी को इस साल अब तक ₹9,600 करोड़ से अधिक के ऑर्डर मिलने की जानकारी दी गई है। विवियाना पावर टेक को मध्य गुजरात विज कंपनी से ₹466.73 करोड़ के नए टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। इनके तहत 11 kV ओवरहेड हाई-टेंशन लाइनों को मीडियम-वोल्टेज कवर्ड कंडक्टर लाइनों में बदलने और अंडरग्राउंड नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम शामिल है।

Bajel Projects और Shilpa Medicare
बजेल प्रोजेक्ट्स को टाटा पावर से मुंबई के सालसेट और पवई में 220 kV गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर सबस्टेशन की सप्लाई और इंस्टॉलेशन के लिए ₹200 करोड़ से अधिक का EPC ऑर्डर मिला है। शिल्पा मेडिकेयर ने बताया कि ऑस्ट्रिया की AGES ने जुलाई 2026 में तेलंगाना के जदचेर्ला स्थित कंपनी की यूनिट 4 का निरीक्षण किया था। इसके बाद ऑस्ट्रियन एजेंसी की ओर से गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज यानी GMP से जुड़ा प्रमाणन जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

Rubicon Research और Cohance Lifesciences
अमेरिकी दवा नियामक FDA ने 5 से 9 अक्टूबर के बीच रुबिकॉन रिसर्च की महाराष्ट्र के सतारा स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का बिना पूर्व सूचना निरीक्षण किया। इसके बाद एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं, कोहेंस लाइफसाइंसेज के बोर्ड ने 12 अक्टूबर से अभिमन्यु ओझा को कंपनी का चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और मुख्य प्रबंधकीय अधिकारी नियुक्त करने की मंजूरी दी है।

IdeaForge Technology और CSM Technologies
आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी ने टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ लोन एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी अपने YETI हेवी-लिफ्ट और लॉन्ग-रेंज ऑटोनॉमस एरियल लॉजिस्टिक्स व्हीकल के लिए किस्तों में ₹151 करोड़ का लोन लेगी। सीएसएम टेक्नोलॉजीज की सब्सिडियरी सीएसएम टेक को ट्रेडमार्क अफ्रीका से लगभग ₹1.65 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह प्रोजेक्ट मोजाम्बिक के बेइरा कॉरिडोर के लिए ट्रांसपोर्ट एंड ट्रेड ऑब्जर्वेटरी के डिजाइन, डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट से जुड़ा है।

Blue Dart और Embassy Developments
ब्लू डार्ट एक्सप्रेस ने इंडिया पोस्ट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत कंपनी चरणबद्ध तरीके से टियर-3 और टियर-4 शहरों के साथ दूरदराज के क्षेत्रों में अपने कारोबार का विस्तार करेगी। एंबेसी डेवलपमेंट्स में सचिन शाह ने CEO और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दिया है, जो 31 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। कंपनी के बोर्ड ने 1 जनवरी 2027 से मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य विरवानी को CEO की अतिरिक्त जिम्मेदारी देने की मंजूरी दी है।

Meesho की सेल में बढ़े ऑर्डर
मीशो की मेगा ब्लॉकबस्टर सेल 2026 के शुरुआती दिन ऑर्डर में पिछले साल की तुलना में लगभग 75% बढ़ोतरी दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सेल शुरू होने के 15 मिनट के भीतर ऑर्डर की संख्या प्रति मिनट 75,000 से अधिक हो गई। इस दौरान ग्राहकों की संख्या में भी सालाना आधार पर करीब 60% वृद्धि दर्ज की गई।

Infosys पर अमेरिकी श्रम विभाग के फैसले का असर
अमेरिका के लेबर डिपार्टमेंट ने PERM यानी परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के तहत कुछ एप्लिकेशंस रद्द किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस का मानना है कि इस फैसले से उसके कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इस घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रह सकती है।

Awfis Space Solutions और Anthem Biosciences में शेयर सौदे
पीक XV पार्टनर्स इन्वेस्टमेंट्स V ने Awfis Space Solutions के 19.2 लाख शेयर, यानी 2.68% हिस्सेदारी, ₹47.04 करोड़ में बेचे। सौदे का प्रति शेयर भाव ₹245 बताया गया। दूसरी ओर, कृतज्ञता ट्रस्ट ने 11.5 लाख शेयर यानी लगभग 1.6% हिस्सेदारी ₹28.17 करोड़ में खरीदी, जिसके लिए प्रति शेयर ₹244.97 का भाव बताया गया। एंथेम बायोसाइंसेज में पोर्टस्माउथ टेक ने 30 लाख शेयर, यानी 0.53% हिस्सेदारी, ₹249.9 करोड़ में बेचे। इस सौदे का प्रति शेयर भाव ₹833 रहा।

GSPL Transmission, IC Electricals और Acme India Industries
नॉर्गस बैंक के जरिए गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल ने GSPL ट्रांसमिशन के 19.98 लाख शेयर यानी 0.63% हिस्सेदारी ₹21.22 करोड़ में बेचे। सौदे का प्रति शेयर भाव ₹106.23 बताया गया। कंपनी के शेयर गुजरात स्टेट पेट्रोनेट के गैस ट्रांसमिशन कारोबार के डीमर्जर के बाद हाल ही में सूचीबद्ध हुए थे। हेम ग्रोथ अपॉर्च्यूनिटीज फंड ने IC Electricals Company के 1.05 लाख शेयर यानी 0.57% हिस्सेदारी ₹1.2 करोड़ में बेचे। Acme India Industries में मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने 5.21 लाख शेयर खरीदे, जबकि पंकज वासुदेव छपरवाल ने 1.17 लाख शेयर खरीदे। रिपोर्ट के अनुसार, इन सौदों का मूल्य क्रमशः ₹11.67 करोड़ और ₹2.68 करोड़ रहा।

आज दो कंपनियों की लिस्टिंग
त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज से अलग हुई त्रिवेणी पावर ट्रांसमिशन के शेयर 12 अक्टूबर को BSE और NSE पर सूचीबद्ध होने के लिए निर्धारित हैं। शेयरधारकों को त्रिवेणी इंजीनियरिंग के हर तीन शेयर पर ₹1 फेस वैल्यू वाला त्रिवेणी पावर ट्रांसमिशन का एक शेयर मिला है। इसके अलावा, RK Fashion Accessories के शेयरों की NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग भी आज निर्धारित है।

निवेश से पहले जोखिम समझें
शेयरों से जुड़ी कॉरपोरेट घोषणाएं, तिमाही नतीजे, बड़े ऑर्डर, ब्लॉक डील और लिस्टिंग जैसे घटनाक्रम बाजार में उतार-चढ़ाव को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, किसी खबर के आधार पर शेयर की कीमत किस दिशा में जाएगी, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। निवेश से पहले कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं, वित्तीय स्थिति और अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें। जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

Opposition March To SC: ‘चलो दिल्ली’ अभियान के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे विपक्षी नेता

चलो दिल्ली’ अभियान के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों का विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई। इस मार्च में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं के शामिल होने की बात कही गई। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘चलो दिल्ली–लोकतंत्र के लिए मार्च’ नाम दिया। विपक्ष का कहना है कि वह मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर अपनी चिंताएं सामने रखना चाहता है। हालांकि, विपक्ष के आरोपों और उनके समर्थन में पेश किए गए तथ्यों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

 

CJI से मुलाकात के अनुरोध पर क्या हुआ
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेता ज्ञापन के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, SIR प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था से जुड़े अपने सवाल सामने रखना चाहते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, CJI ने प्रशासनिक स्तर पर इस तरह के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित मुद्दों पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दायर की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो प्रभावित पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने मार्च के जरिए अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखने की तैयारी की।

 

मार्च में शामिल हो सकते हैं कई विपक्षी नेता
राहुल गांधी और खरगे के अलावा अखिलेश यादव, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, शिवसेना के संजय राउत, एनसीपी की सुप्रिया सुले, सीपीआई के डी राजा और सीपीएम के एमए बेबी सहित विपक्ष के अन्य नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को अपने विरोध का प्रमुख मुद्दा बनाया है। नेताओं की ओर से नागरिकों, युवाओं और सिविल सोसाइटी समूहों से भी मार्च में भाग लेने की अपील की गई।

 

दिल्ली मेट्रो के छह स्टेशनों पर प्रतिबंध की सूचना
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडवाइजरी जारी की गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, संबंधित दिन सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की सूचना दी गई थी। हालांकि, इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की बात कही गई। यात्रियों को सलाह दी गई कि वे यात्रा से पहले मेट्रो और यातायात से संबंधित आधिकारिक अपडेट देख लें, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था के कारण मार्ग और आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

 

राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि विपक्षी मार्च में युवा, विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्य और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिक शामिल होंगे। उन्होंने पिछले प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। ये आरोप कांग्रेस और विपक्षी नेताओं के हैं; इन पर संबंधित पक्षों के बयान और स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी के आधार पर स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है।

 

खरगे ने लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चुनावी प्रक्रिया और विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष CJI को ज्ञापन देकर अपनी चिंताओं से अवगत कराना चाहता है। खरगे ने दावा किया कि पिछले प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान तैनात किए गए थे। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वे लोकतंत्र तथा नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखेंगे। सरकार और संबंधित एजेंसियों का पक्ष भी इस विवाद को पूरी तरह समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

विपक्ष ने SIR और चुनावी पारदर्शिता पर उठाए सवाल
विपक्षी दलों का विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों से जुड़ा है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और चुनावी अधिकारों से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, इन आरोपों पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए निर्वाचन आयोग का पक्ष, उपलब्ध दस्तावेज और संबंधित न्यायिक कार्यवाही देखना जरूरी है। विपक्ष ने आगे भी संयुक्त कार्यक्रमों और मार्च के जरिए इस मुद्दे को उठाने की रणनीति बनाई है।

Delhi Traffic Advisory: दिल्ली में आज 6 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद, घर से निकलने से पहले देखें सूची

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के चलते यातायात प्रभावित होने की आशंका
दिल्ली में 12 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर मेट्रो और सड़क यातायात प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से छह मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद रखने की सूचना दी है। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवायजरी में 30 प्रमुख मार्गों पर संभावित डायवर्जन का उल्लेख किया गया है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बनाने और आधिकारिक अपडेट देखने की सलाह दी गई है।

 

शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद
जारी सूचना के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर रोक रहेगी। हालांकि, इन स्टेशनों पर मेट्रो बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से स्थिति की समीक्षा के बाद आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि स्टेशन पहुंचने से पहले DMRC के आधिकारिक माध्यमों पर ताजा जानकारी जांच लें।

 

इन छह मेट्रो स्टेशनों पर रहेगा प्रतिबंध
प्रदर्शन के मद्देनजर जिन स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की सूचना दी गई है, उनमें पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंभा रोड शामिल हैं। राजीव चौक और मंडी हाउस इंटरचेंज स्टेशन हैं, इसलिए यहां मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहने की बात कही गई है। यात्रियों को अपने गंतव्य के अनुसार वैकल्पिक स्टेशन और मार्ग चुनने की तैयारी रखनी चाहिए।

 

दिल्ली के 30 प्रमुख मार्गों पर संभावित डायवर्जन
ट्रैफिक एडवायजरी के अनुसार, 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से कई प्रमुख सड़कों और चौराहों पर यातायात नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है। प्रभावित होने की आशंका वाले स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान गोल चक्कर, पंचकुइयां गोल चक्कर, मंडी हाउस गोल चक्कर, मिंटो रोड-दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, गुरु नानक चौक, चेम्सफोर्ड रोड और कनॉट प्लेस आउटर सर्कल शामिल हैं। इसके अलावा भैरों रोड-रिंग रोड टी-पॉइंट, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोल चक्कर, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल गोल चक्कर और सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग क्रॉसिंग पर भी यातायात प्रभावित हो सकता है।

 

इन स्थानों पर भी ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है
एडवायजरी में भीकाजी कामा प्लेस के नीचे, मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट, अशोक रोड-जंतर मंतर रोड गोल चक्कर, विंडसर पैलेस गोल चक्कर और टॉल्स्टॉय मार्ग-जनपथ क्रॉसिंग का भी उल्लेख है। रेल भवन गोल चक्कर, जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग, कनॉट प्लेस आउटर सर्कल-बाराखंभा रोड टी-पॉइंट, गोल डाकखाना गोल चक्कर और पटेल चौक गोल चक्कर पर भी डायवर्जन लागू हो सकता है। इसके अतिरिक्त जय सिंह रोड-अशोक रोड टी-पॉइंट, RML अस्पताल गोल चक्कर और कनॉट प्लेस आउटर सर्कल-संसद मार्ग टी-पॉइंट पर भी यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की आशंका है।

 

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रभावित इलाकों में जाने से पहले ट्रैफिक पुलिस और DMRC के आधिकारिक अपडेट देखें। संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग अपनाएं और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें। मेट्रो से सफर करने वाले लोग संबंधित स्टेशनों के प्रवेश-निकास की स्थिति की पुष्टि कर लें। सड़क पर पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें और अंतिम समय में जारी होने वाले बदलावों पर भी नजर रखें। विरोध-प्रदर्शन के दौरान यातायात की स्थिति बदल सकती है, इसलिए उपलब्ध जानकारी को यात्रा शुरू करने से पहले दोबारा जांचना जरूरी है।

Maharashtra Drought Meeting: महाराष्ट्र में सूखा राहत बैठक से गायब रहे दोनों डिप्टी सीएम

सूखा राहत बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री नहीं पहुंचे
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई स्थित वर्षा सरकारी आवास पर एक अहम बैठक बुलाई। हालांकि, खबर के मुताबिक, इस बैठक में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार शामिल नहीं हुए। सूखे जैसी गंभीर स्थिति में राहत कार्यों की समीक्षा के दौरान दोनों नेताओं की गैरमौजूदगी ने राज्य की महायुति सरकार के भीतर समन्वय को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, केवल बैठक में शामिल नहीं होने के आधार पर सरकार के भीतर मतभेद या आपसी अविश्वास का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

 

सूखे की स्थिति पर पहले भी सक्रिय दिखे दोनों उपमुख्यमंत्री
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का मुद्दा उठाया था। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की थी। वहीं, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कृषि मंत्री दत्ता भरणे के साथ सूखाग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया। ऐसे में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की अलग-अलग स्तर पर सक्रियता के बावजूद मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में उनकी अनुपस्थिति चर्चा का विषय बन गई।

 

महायुति सरकार के समन्वय पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं। सूखे से निपटने के लिए प्रशासनिक विभागों, जनप्रतिनिधियों और सरकार के प्रमुख नेताओं के बीच तालमेल महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं किए जाने की खबर ने यह सवाल खड़ा किया कि क्या यह प्रशासनिक स्तर की चूक थी या बैठक की रूपरेखा किसी विशेष उद्देश्य से तय की गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में दोनों नेताओं को आमंत्रित नहीं किए जाने की वजह स्पष्ट नहीं है और न ही इसे महायुति के भीतर मतभेद का प्रमाण माना जा सकता है।

 

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सबसे बड़ी चुनौती
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति से प्रभावित इलाकों तक समय पर राहत पहुंचाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन, किसानों को सहायता, पानी की उपलब्धता और राहत उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय जरूरी है। ऐसे में समीक्षा बैठकों में लिए गए फैसलों और उनके जमीनी स्तर पर लागू होने पर नजर रहेगी। फिलहाल, दोनों उपमुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों के बीच बैठक में उनकी भूमिका, आमंत्रण और गैरमौजूदगी के कारणों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

Shivraj On Budhni Action: बुधनी में बुलडोजर कार्रवाई पर भड़के शिवराज, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

बुधनी में वन विभाग की कार्रवाई पर शिवराज सिंह चौहान नाराज
मध्य प्रदेश के बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई है। रविवार को उन्होंने कार्रवाई से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। आरोप है कि इस दौरान गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया, मक्का और तुअर की फसलें नष्ट की गईं तथा सिंचाई और पेयजल के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भर दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने मौके से ही राज्य के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन कर मामले पर आपत्ति जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी चर्चा करेंगे।

 

मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश बताया
शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बदनाम करने की साजिश लगती है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे मामले की जानकारी दी। शिवराज के मुताबिक, इन परिवारों की परेशानियों और उनकी फसलों को हुए नुकसान की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अधिकारियों की कार्रवाई से सरकार और पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कार्रवाई के पीछे की मंशा को लेकर लगाया गया आरोप शिवराज सिंह चौहान का बयान है।

 

प्रभावित परिवारों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था का आश्वासन
प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने वन विभाग और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाने का प्रयास किया जाएगा। जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक उनके रहने और खाने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही। शिवराज ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की। प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान और उनकी तत्काल जरूरतों का आकलन अब इस मामले का अहम हिस्सा होगा।

 

सीहोर के DFO को हटाया गया
मामले के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीहोर के वन मंडल अधिकारी मगन सिंह डाबर को पद से हटाने का फैसला किया। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी जगह अर्चना पटेल को नया DFO नियुक्त किया गया है। बुधनी क्षेत्र में बरेला समुदाय के आदिवासी परिवारों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई थी। DFO को हटाए जाने के बाद मामले में प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और प्रभावित परिवारों को राहत देने के आगे के कदमों पर नजर रहेगी।

 

जमीन पर लंबे समय से रह रहे परिवारों का मुद्दा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उन्होंने पहले भी अनुरोध किया था कि जमीन पर वर्षों से रह रहे इन परिवारों को परेशान न किया जाए। उन्होंने प्रभावित लोगों की आजीविका, फसलों और भविष्य पर कार्रवाई के असर को लेकर चिंता जताई। इस मामले में एक ओर वन विभाग की कार्रवाई और जमीन से जुड़े नियमों का पहलू है, तो दूसरी ओर प्रभावित परिवारों के आवास, पेयजल और आजीविका की सुरक्षा का सवाल है। आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन मामले की जांच कैसे करता है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा राहत के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

Bangladesh Beat India: WCL 2026: आखिरी ओवर में पलटा मैच, बांग्लादेश ने भारत को 3 रन से हराया

WCL 2026 में भारत-बांग्लादेश मैच का रोमांचक अंत
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में 11 अक्टूबर को इंडिया चैंपियंस और बांग्लादेश चैंपियंस के बीच मुकाबला आखिरी गेंद तक रोमांचक बना रहा। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया चैंपियंस की टीम जीत के करीब पहुंचकर भी मुकाबला अपने नाम नहीं कर सकी। बांग्लादेश चैंपियंस ने आखिरी ओवर में 12 रन बचाते हुए भारत को 3 रन से हरा दिया।

 

आखिरी ओवर में भारत को चाहिए थे 12 रन
लक्ष्य का पीछा करते हुए इंडिया चैंपियंस को अंतिम ओवर में जीत के लिए 12 रन बनाने थे और टीम के दो विकेट बाकी थे। क्रीज पर पवन नेगी और पीयूष चावला मौजूद थे, जबकि बांग्लादेश की ओर से अबू जायद गेंदबाजी करने आए। मुकाबले के इस मोड़ पर भारतीय टीम के पास जीत हासिल करने का मौका था, लेकिन अंतिम ओवर में बांग्लादेश के गेंदबाज ने दबाव के बीच रन बनाने के मौके सीमित कर दिए।

 

पहली तीन गेंदों पर बने चार रन
अबू जायद के ओवर की शुरुआत में पवन नेगी ने पहली गेंद पर एक रन लिया। इसके बाद दूसरी गेंद वाइड रही, जिससे भारत को अतिरिक्त रन मिला और गेंद दोबारा फेंकी गई। अगली वैध गेंद पर पीयूष चावला ने एक रन लिया, जबकि तीसरी वैध गेंद पर नेगी ने भी सिंगल हासिल किया। इस तरह शुरुआती तीन वैध गेंदों और वाइड को मिलाकर भारत के खाते में चार रन जुड़े। अब इंडिया चैंपियंस को जीत के लिए शेष तीन गेंदों पर आठ रन की जरूरत थी।

 

अंतिम तीन गेंदों पर नहीं बने जरूरी आठ रन
ओवर की चौथी गेंद पर पीयूष चावला ने दो रन लिए। इसके बाद भारत को अंतिम दो गेंदों पर छह रन चाहिए थे। ऐसे में मुकाबला बड़े शॉट और आखिरी गेंद तक पहुंचने वाली उम्मीदों पर टिक गया। हालांकि, चावला और नेगी अंतिम दो गेंदों पर केवल एक-एक रन ही बना सके। इस तरह इंडिया चैंपियंस अंतिम ओवर में जरूरी 12 रन बनाने में नाकाम रही और बांग्लादेश चैंपियंस ने तीन रन से मुकाबला जीत लिया।

 

बांग्लादेश की गेंदबाजी ने बचाई जीत
मैच के अंतिम क्षणों में अबू जायद ने दबाव के बीच रन रोककर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इंडिया चैंपियंस को आखिरी ओवर में 12 रन बनाने थे, लेकिन टीम आठ रन ही जोड़ सकी। इस नतीजे ने एक बार फिर दिखाया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद फेंके जाने तक परिणाम तय नहीं माना जा सकता। बांग्लादेश चैंपियंस ने अपने स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और मुकाबला तीन रन से अपने नाम किया।

Big B Deepak Sawant Bond: ‘जंजीर’ की सफलता के बाद अमिताभ बच्चन को मिले पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट

‘जंजीर’ की सफलता के बाद शुरू हुआ खास रिश्ता
बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के लंबे फिल्मी सफर में पर्दे के पीछे काम करने वाले कई लोगों का योगदान रहा है। इन्हीं में उनके पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच कामकाजी रिश्ता 52 साल से कायम है। दीपक सावंत ने एक इंटरव्यू में बताया कि अमिताभ बच्चन को उनका काम पहली मुलाकात में ही पसंद आया था, लेकिन उन्हें पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के रूप में नियुक्त करने का फैसला फिल्म ‘जंजीर’ की सफलता के बाद हुआ। इसके बाद दीपक ने कई वर्षों तक अभिनेता के अलग-अलग किरदारों के लुक को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

 

फिल्म के सेट पर पहली मुलाकात
दीपक सावंत के मुताबिक, उनकी अमिताभ बच्चन से पहली मुलाकात उस समय हुई जब वह राज खोसला फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म ‘रास्ते का पत्थर’ में मेकअप का काम कर रहे थे। इसी दौरान ‘जंजीर’ की शूटिंग भी चल रही थी। एक दिन नियमित मेकअप आर्टिस्ट के सेट पर नहीं पहुंच पाने के कारण दीपक को मेकअप की जिम्मेदारी दी गई। काम पूरा होने के बाद अमिताभ बच्चन ने उनके काम की तारीफ की और पूछा कि वह आगे बढ़कर स्वतंत्र रूप से काम क्यों नहीं करते। दीपक ने बताया कि वह अपने मेंटर का सम्मान करते थे और उनकी अनुमति के बिना अलग काम शुरू नहीं करना चाहते थे। हालांकि, अमिताभ उनके काम से प्रभावित हुए थे और उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहते थे।

 

‘जंजीर’ हिट होने के बाद मिला मौका
दीपक सावंत के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने उन्हें अपना पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट बनाने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन उस समय अभिनेता की शुरुआती फिल्मों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, इसलिए प्रोड्यूसर्स और मैनेजमेंट की ओर से इस व्यवस्था को लेकर संकोच था। दीपक के मुताबिक, फिल्म ‘जंजीर’ की सफलता के बाद परिस्थितियां बदलीं और अमिताभ बच्चन ने उन्हें खुद फोन करके अपने पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम करने के लिए कहा। यहीं से दोनों के लंबे सहयोग की शुरुआत हुई।

 

52 साल से कायम है भरोसे का रिश्ता
दीपक सावंत ने बताया कि अमिताभ बच्चन के साथ उनका कामकाजी रिश्ता पांच दशक से अधिक समय से जारी है। इतने लंबे समय तक साथ काम करने के दौरान उन्होंने अभिनेता के विभिन्न किरदारों और सार्वजनिक प्रस्तुतियों के लिए अलग-अलग लुक तैयार किए। किसी कलाकार के लुक को पर्दे पर विश्वसनीय बनाने में मेकअप की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अमिताभ बच्चन के साथ दीपक का अनुभव इसी बात को दर्शाता है कि फिल्म निर्माण में कैमरे के सामने नजर आने वाले कलाकारों के साथ-साथ पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों का योगदान भी लंबे समय तक याद रखा जाता है।

 

किरदार और सीन के हिसाब से बदलता है मेकअप
दीपक सावंत के मुताबिक, अमिताभ बच्चन के मेकअप में फिल्म के दृश्य और किरदार की जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। भावनात्मक दृश्यों में चेहरे का लुक अलग रखा जाता है, जबकि गानों में रोशनी और कैमरे के अनुरूप मेकअप को अधिक उभारा जा सकता है। एक्शन दृश्यों में किरदार के गुस्से और तनाव को प्रभावी ढंग से दिखाने के लिए भी मेकअप में बदलाव किए जाते हैं। दीपक ने अमिताभ बच्चन के टेलीविजन शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के दौर के लुक का भी जिक्र किया, जिसमें उनकी फ्रेंच कट दाढ़ी काफी लोकप्रिय हुई थी।

 

अमिताभ बच्चन के करियर में यादगार फिल्मों की लंबी सूची
अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं। ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शक्ति’, ‘अभिमान’, ‘मोहब्बतें’, ‘ब्लैक’, ‘पा’, ‘पीकू’, ‘पिंक’, ‘बागबान’, ‘102 नॉट आउट’, ‘ऊंचाई’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने देखा है। उनके लंबे करियर में बदलते किरदारों के साथ लुक और मेकअप की भूमिका भी अहम रही है। दीपक सावंत के साथ उनका दशकों पुराना सहयोग इस बात की याद दिलाता है कि किसी बड़े कलाकार की पर्दे पर दिखाई देने वाली छवि बनाने में मेकअप आर्टिस्ट जैसे पेशेवरों की मेहनत भी शामिल होती है।

Anthropic Updates Claude Rules: एंथ्रोपिक ने क्लाउड एआई की उपयोग नीति में किए नए बदलाव

एंथ्रोपिक ने क्लाउड एआई की उपयोग नीति में बदलाव किए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने एआई चैटबॉट क्लाउड की उपयोग नीति को अपडेट किया है। कंपनी के नए नियमों में एआई मॉडल के बार-बार अपमानजनक इस्तेमाल, चुनावों में हस्तक्षेप, भ्रामक अभियानों, निगरानी और हथियारों से संबंधित सॉफ्टवेयर के लिए इसके उपयोग पर प्रतिबंधों को स्पष्ट किया गया है। कंपनी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य क्लाउड के दुरुपयोग को रोकना है, न कि सामान्य बातचीत या उपयोगकर्ताओं की आलोचना को सीमित करना।

 

 

बार-बार अपमानजनक व्यवहार पर नीति स्पष्ट
अपडेट के अनुसार, क्लाउड के प्रति लगातार अपमानजनक व्यवहार करना, खासकर जब इसका कोई स्पष्ट उद्देश्य न हो, उपयोग नीति का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि, एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया है कि चैटबॉट से निराशा जताना, उसके जवाबों से असहमत होना, उसकी क्षमताओं को परखना या शोध के लिए सवाल पूछना प्रतिबंध का आधार नहीं है। कंपनी के मुताबिक, यह नियम मुख्य रूप से उन चरम मामलों के लिए है जिनमें मॉडल के प्रति बार-बार क्रूर या अपमानजनक व्यवहार किया जाता है।

 

 

फर्जी अकाउंट और भ्रामक चुनावी अभियानों पर रोक
नई नीति में क्लाउड का इस्तेमाल फर्जी अकाउंट चलाने, मनगढ़ंत समाचार संस्थान बनाने और लोगों को गुमराह करने वाले अभियानों को बढ़ावा देने से जुड़े प्रतिबंधों को भी स्पष्ट किया गया है। इसमें ऐसे उपयोग पर भी रोक है, जो मतदाताओं को भ्रमित करने या चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया जाए। इन नियमों के जरिए कंपनी एआई टूल्स के इस्तेमाल से गलत जानकारी फैलाने और लोगों की राय को भ्रामक तरीके से प्रभावित करने की गतिविधियों को सीमित करना चाहती है।

 

 

निगरानी और हथियारों से जुड़े उपयोग पर प्रतिबंध
एंथ्रोपिक ने निगरानी और हथियारों से संबंधित सॉफ्टवेयर के लिए क्लाउड के उपयोग को लेकर भी प्रतिबंधों का उल्लेख किया है। ये प्रावधान उन गतिविधियों की सीमाएं स्पष्ट करते हैं जिन्हें कंपनी अपने एआई मॉडल के जरिए आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देती। ऐसे नियम एआई तकनीक के संभावित दुरुपयोग और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को नियंत्रित करने की कंपनी की नीति का हिस्सा हैं।

 

 

सामान्य यूजर्स की आलोचना पर प्रतिबंध नहीं
कंपनी ने जोर दिया है कि उपयोगकर्ता क्लाउड के जवाबों को चुनौती दे सकते हैं, उसकी गलतियों की ओर ध्यान दिला सकते हैं और रचनात्मक लेखन में कठिन या गंभीर विषयों की पड़ताल कर सकते हैं। केवल असहमति या निराशा व्यक्त करने से उपयोग नीति का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। एंथ्रोपिक का कहना है कि नियमों का लक्ष्य सामान्य उपयोग को बाधित करना नहीं, बल्कि लगातार दुरुपयोग और नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सीमाएं तय करना है।

CM Mohan Yadav Visits Harda: मुख्यमंत्री मोहन यादव आज हरदा दौरे पर, अस्पताल और वृद्धाश्रम का करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री मोहन यादव आज हरदा दौरे पर रहेंगे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हरदा जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ वे जिला चिकित्सालय और वृद्धाश्रम का निरीक्षण करेंगे। दौरे के दौरान उनका उद्यमियों, किसानों और आमजन से संवाद करने का भी कार्यक्रम है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जिले में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

 

 

दोपहर 12:35 बजे हरदा पहुंचने का कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 12:35 बजे हेलीकॉप्टर से हरदा पहुंचेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे और जिला चिकित्सालय तथा वृद्धाश्रम का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इन निरीक्षणों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा।

 

 

उद्यमियों, किसानों और आमजन से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री जिला पंचायत हरदा में आयोजित उद्यमी संवाद, यशस्वी संवाद और अग्रणी कृषि संवाद कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए वे उद्यमियों और किसानों से चर्चा करेंगे। साथ ही आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को सुनेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत हरदा जिले के लोगों से संवाद करने की जानकारी साझा की है।

 

 

विकास कार्यों और शिकायतों की होगी समीक्षा
हरदा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जिले की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसमें विभिन्न विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया जाएगा। इसके साथ ही समाधान ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा करना और आम लोगों की समस्याओं के समाधान की स्थिति का आकलन करना है।

 

 

केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी दौरे पर रहेंगे
जनजातीय कार्य विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी शुक्रवार को हरदा पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 9 बजे बैतूल से हरदा के लिए रवाना होंगे और सुबह 11 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे। अल्प विश्राम के बाद वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उपलब्ध जानकारी में उनके संयुक्त कार्यक्रमों के आगे के विवरण का उल्लेख नहीं है।

CJP Plans Jantar Mantar Protest: सीजेपी का 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। संगठन ने इस अभियान को 'जंतर-मंतर सीजन 2' नाम दिया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर जवाबदेही तय कराने और चुनाव आयोग से सवाल पूछना है।

 

 

सीजेपी संस्थापक ने लगाए एसआईआर पर आरोप
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसके कारण कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की शिकायतों का जिक्र किया, जिनके बारे में कथित तौर पर चुनावी रिकॉर्ड में मृत होने की जानकारी दर्ज थी, जबकि वे खुद को जीवित बताते हुए वैध दस्तावेज दिखाने का दावा कर रहे थे। ये आरोप सीजेपी की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

 

 

ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं, हालांकि उन्होंने अपनी भागीदारी की अंतिम पुष्टि नहीं की। उन्होंने एसआईआर से जुड़ी कथित विसंगतियों को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग की आलोचना की। सीजेपी ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

 

 

सीजेपी ने हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में संगठन से जुड़े लोगों तथा युवा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। यह बयान संगठन की ओर से दिया गया आरोप है। सीजेपी ने कहा है कि मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर उसका अभियान जारी रहेगा और वह चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है।

 

 

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार, 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है और लोगों से किसी भी अनधिकृत सभा में शामिल न होने की अपील की गई है। अधिकारी ने यह भी कहा कि इलाके में निषेधाज्ञा लागू है और पुलिस शांति तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयार है।

 

 

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
सीजेपी और कुछ छात्र समूह एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि वह मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठा रहा है। वहीं, प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का रुख इस कार्यक्रम के आयोजन को प्रभावित कर सकता है।