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Bangladesh Beat India: WCL 2026: आखिरी ओवर में पलटा मैच, बांग्लादेश ने भारत को 3 रन से हराया

WCL 2026 में भारत-बांग्लादेश मैच का रोमांचक अंत
वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 में 11 अक्टूबर को इंडिया चैंपियंस और बांग्लादेश चैंपियंस के बीच मुकाबला आखिरी गेंद तक रोमांचक बना रहा। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया चैंपियंस की टीम जीत के करीब पहुंचकर भी मुकाबला अपने नाम नहीं कर सकी। बांग्लादेश चैंपियंस ने आखिरी ओवर में 12 रन बचाते हुए भारत को 3 रन से हरा दिया।

 

आखिरी ओवर में भारत को चाहिए थे 12 रन
लक्ष्य का पीछा करते हुए इंडिया चैंपियंस को अंतिम ओवर में जीत के लिए 12 रन बनाने थे और टीम के दो विकेट बाकी थे। क्रीज पर पवन नेगी और पीयूष चावला मौजूद थे, जबकि बांग्लादेश की ओर से अबू जायद गेंदबाजी करने आए। मुकाबले के इस मोड़ पर भारतीय टीम के पास जीत हासिल करने का मौका था, लेकिन अंतिम ओवर में बांग्लादेश के गेंदबाज ने दबाव के बीच रन बनाने के मौके सीमित कर दिए।

 

पहली तीन गेंदों पर बने चार रन
अबू जायद के ओवर की शुरुआत में पवन नेगी ने पहली गेंद पर एक रन लिया। इसके बाद दूसरी गेंद वाइड रही, जिससे भारत को अतिरिक्त रन मिला और गेंद दोबारा फेंकी गई। अगली वैध गेंद पर पीयूष चावला ने एक रन लिया, जबकि तीसरी वैध गेंद पर नेगी ने भी सिंगल हासिल किया। इस तरह शुरुआती तीन वैध गेंदों और वाइड को मिलाकर भारत के खाते में चार रन जुड़े। अब इंडिया चैंपियंस को जीत के लिए शेष तीन गेंदों पर आठ रन की जरूरत थी।

 

अंतिम तीन गेंदों पर नहीं बने जरूरी आठ रन
ओवर की चौथी गेंद पर पीयूष चावला ने दो रन लिए। इसके बाद भारत को अंतिम दो गेंदों पर छह रन चाहिए थे। ऐसे में मुकाबला बड़े शॉट और आखिरी गेंद तक पहुंचने वाली उम्मीदों पर टिक गया। हालांकि, चावला और नेगी अंतिम दो गेंदों पर केवल एक-एक रन ही बना सके। इस तरह इंडिया चैंपियंस अंतिम ओवर में जरूरी 12 रन बनाने में नाकाम रही और बांग्लादेश चैंपियंस ने तीन रन से मुकाबला जीत लिया।

 

बांग्लादेश की गेंदबाजी ने बचाई जीत
मैच के अंतिम क्षणों में अबू जायद ने दबाव के बीच रन रोककर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इंडिया चैंपियंस को आखिरी ओवर में 12 रन बनाने थे, लेकिन टीम आठ रन ही जोड़ सकी। इस नतीजे ने एक बार फिर दिखाया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद फेंके जाने तक परिणाम तय नहीं माना जा सकता। बांग्लादेश चैंपियंस ने अपने स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया और मुकाबला तीन रन से अपने नाम किया।

Big B Deepak Sawant Bond: ‘जंजीर’ की सफलता के बाद अमिताभ बच्चन को मिले पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट

‘जंजीर’ की सफलता के बाद शुरू हुआ खास रिश्ता
बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के लंबे फिल्मी सफर में पर्दे के पीछे काम करने वाले कई लोगों का योगदान रहा है। इन्हीं में उनके पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट दीपक सावंत का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच कामकाजी रिश्ता 52 साल से कायम है। दीपक सावंत ने एक इंटरव्यू में बताया कि अमिताभ बच्चन को उनका काम पहली मुलाकात में ही पसंद आया था, लेकिन उन्हें पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के रूप में नियुक्त करने का फैसला फिल्म ‘जंजीर’ की सफलता के बाद हुआ। इसके बाद दीपक ने कई वर्षों तक अभिनेता के अलग-अलग किरदारों के लुक को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

 

फिल्म के सेट पर पहली मुलाकात
दीपक सावंत के मुताबिक, उनकी अमिताभ बच्चन से पहली मुलाकात उस समय हुई जब वह राज खोसला फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म ‘रास्ते का पत्थर’ में मेकअप का काम कर रहे थे। इसी दौरान ‘जंजीर’ की शूटिंग भी चल रही थी। एक दिन नियमित मेकअप आर्टिस्ट के सेट पर नहीं पहुंच पाने के कारण दीपक को मेकअप की जिम्मेदारी दी गई। काम पूरा होने के बाद अमिताभ बच्चन ने उनके काम की तारीफ की और पूछा कि वह आगे बढ़कर स्वतंत्र रूप से काम क्यों नहीं करते। दीपक ने बताया कि वह अपने मेंटर का सम्मान करते थे और उनकी अनुमति के बिना अलग काम शुरू नहीं करना चाहते थे। हालांकि, अमिताभ उनके काम से प्रभावित हुए थे और उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहते थे।

 

‘जंजीर’ हिट होने के बाद मिला मौका
दीपक सावंत के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने उन्हें अपना पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट बनाने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन उस समय अभिनेता की शुरुआती फिल्मों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, इसलिए प्रोड्यूसर्स और मैनेजमेंट की ओर से इस व्यवस्था को लेकर संकोच था। दीपक के मुताबिक, फिल्म ‘जंजीर’ की सफलता के बाद परिस्थितियां बदलीं और अमिताभ बच्चन ने उन्हें खुद फोन करके अपने पर्सनल मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर काम करने के लिए कहा। यहीं से दोनों के लंबे सहयोग की शुरुआत हुई।

 

52 साल से कायम है भरोसे का रिश्ता
दीपक सावंत ने बताया कि अमिताभ बच्चन के साथ उनका कामकाजी रिश्ता पांच दशक से अधिक समय से जारी है। इतने लंबे समय तक साथ काम करने के दौरान उन्होंने अभिनेता के विभिन्न किरदारों और सार्वजनिक प्रस्तुतियों के लिए अलग-अलग लुक तैयार किए। किसी कलाकार के लुक को पर्दे पर विश्वसनीय बनाने में मेकअप की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अमिताभ बच्चन के साथ दीपक का अनुभव इसी बात को दर्शाता है कि फिल्म निर्माण में कैमरे के सामने नजर आने वाले कलाकारों के साथ-साथ पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों का योगदान भी लंबे समय तक याद रखा जाता है।

 

किरदार और सीन के हिसाब से बदलता है मेकअप
दीपक सावंत के मुताबिक, अमिताभ बच्चन के मेकअप में फिल्म के दृश्य और किरदार की जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। भावनात्मक दृश्यों में चेहरे का लुक अलग रखा जाता है, जबकि गानों में रोशनी और कैमरे के अनुरूप मेकअप को अधिक उभारा जा सकता है। एक्शन दृश्यों में किरदार के गुस्से और तनाव को प्रभावी ढंग से दिखाने के लिए भी मेकअप में बदलाव किए जाते हैं। दीपक ने अमिताभ बच्चन के टेलीविजन शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के दौर के लुक का भी जिक्र किया, जिसमें उनकी फ्रेंच कट दाढ़ी काफी लोकप्रिय हुई थी।

 

अमिताभ बच्चन के करियर में यादगार फिल्मों की लंबी सूची
अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं। ‘जंजीर’, ‘दीवार’, ‘शक्ति’, ‘अभिमान’, ‘मोहब्बतें’, ‘ब्लैक’, ‘पा’, ‘पीकू’, ‘पिंक’, ‘बागबान’, ‘102 नॉट आउट’, ‘ऊंचाई’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने देखा है। उनके लंबे करियर में बदलते किरदारों के साथ लुक और मेकअप की भूमिका भी अहम रही है। दीपक सावंत के साथ उनका दशकों पुराना सहयोग इस बात की याद दिलाता है कि किसी बड़े कलाकार की पर्दे पर दिखाई देने वाली छवि बनाने में मेकअप आर्टिस्ट जैसे पेशेवरों की मेहनत भी शामिल होती है।

Anthropic Updates Claude Rules: एंथ्रोपिक ने क्लाउड एआई की उपयोग नीति में किए नए बदलाव

एंथ्रोपिक ने क्लाउड एआई की उपयोग नीति में बदलाव किए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने एआई चैटबॉट क्लाउड की उपयोग नीति को अपडेट किया है। कंपनी के नए नियमों में एआई मॉडल के बार-बार अपमानजनक इस्तेमाल, चुनावों में हस्तक्षेप, भ्रामक अभियानों, निगरानी और हथियारों से संबंधित सॉफ्टवेयर के लिए इसके उपयोग पर प्रतिबंधों को स्पष्ट किया गया है। कंपनी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य क्लाउड के दुरुपयोग को रोकना है, न कि सामान्य बातचीत या उपयोगकर्ताओं की आलोचना को सीमित करना।

 

 

बार-बार अपमानजनक व्यवहार पर नीति स्पष्ट
अपडेट के अनुसार, क्लाउड के प्रति लगातार अपमानजनक व्यवहार करना, खासकर जब इसका कोई स्पष्ट उद्देश्य न हो, उपयोग नीति का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि, एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया है कि चैटबॉट से निराशा जताना, उसके जवाबों से असहमत होना, उसकी क्षमताओं को परखना या शोध के लिए सवाल पूछना प्रतिबंध का आधार नहीं है। कंपनी के मुताबिक, यह नियम मुख्य रूप से उन चरम मामलों के लिए है जिनमें मॉडल के प्रति बार-बार क्रूर या अपमानजनक व्यवहार किया जाता है।

 

 

फर्जी अकाउंट और भ्रामक चुनावी अभियानों पर रोक
नई नीति में क्लाउड का इस्तेमाल फर्जी अकाउंट चलाने, मनगढ़ंत समाचार संस्थान बनाने और लोगों को गुमराह करने वाले अभियानों को बढ़ावा देने से जुड़े प्रतिबंधों को भी स्पष्ट किया गया है। इसमें ऐसे उपयोग पर भी रोक है, जो मतदाताओं को भ्रमित करने या चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया जाए। इन नियमों के जरिए कंपनी एआई टूल्स के इस्तेमाल से गलत जानकारी फैलाने और लोगों की राय को भ्रामक तरीके से प्रभावित करने की गतिविधियों को सीमित करना चाहती है।

 

 

निगरानी और हथियारों से जुड़े उपयोग पर प्रतिबंध
एंथ्रोपिक ने निगरानी और हथियारों से संबंधित सॉफ्टवेयर के लिए क्लाउड के उपयोग को लेकर भी प्रतिबंधों का उल्लेख किया है। ये प्रावधान उन गतिविधियों की सीमाएं स्पष्ट करते हैं जिन्हें कंपनी अपने एआई मॉडल के जरिए आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देती। ऐसे नियम एआई तकनीक के संभावित दुरुपयोग और उससे जुड़े सुरक्षा जोखिमों को नियंत्रित करने की कंपनी की नीति का हिस्सा हैं।

 

 

सामान्य यूजर्स की आलोचना पर प्रतिबंध नहीं
कंपनी ने जोर दिया है कि उपयोगकर्ता क्लाउड के जवाबों को चुनौती दे सकते हैं, उसकी गलतियों की ओर ध्यान दिला सकते हैं और रचनात्मक लेखन में कठिन या गंभीर विषयों की पड़ताल कर सकते हैं। केवल असहमति या निराशा व्यक्त करने से उपयोग नीति का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। एंथ्रोपिक का कहना है कि नियमों का लक्ष्य सामान्य उपयोग को बाधित करना नहीं, बल्कि लगातार दुरुपयोग और नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सीमाएं तय करना है।

CM Mohan Yadav Visits Harda: मुख्यमंत्री मोहन यादव आज हरदा दौरे पर, अस्पताल और वृद्धाश्रम का करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री मोहन यादव आज हरदा दौरे पर रहेंगे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हरदा जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ वे जिला चिकित्सालय और वृद्धाश्रम का निरीक्षण करेंगे। दौरे के दौरान उनका उद्यमियों, किसानों और आमजन से संवाद करने का भी कार्यक्रम है। इसके अलावा मुख्यमंत्री जिले में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

 

 

दोपहर 12:35 बजे हरदा पहुंचने का कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 12:35 बजे हेलीकॉप्टर से हरदा पहुंचेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे और जिला चिकित्सालय तथा वृद्धाश्रम का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इन निरीक्षणों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा।

 

 

उद्यमियों, किसानों और आमजन से करेंगे संवाद
मुख्यमंत्री जिला पंचायत हरदा में आयोजित उद्यमी संवाद, यशस्वी संवाद और अग्रणी कृषि संवाद कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए वे उद्यमियों और किसानों से चर्चा करेंगे। साथ ही आमजन से संवाद कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को सुनेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत हरदा जिले के लोगों से संवाद करने की जानकारी साझा की है।

 

 

विकास कार्यों और शिकायतों की होगी समीक्षा
हरदा प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री जिले की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसमें विभिन्न विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया जाएगा। इसके साथ ही समाधान ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा करना और आम लोगों की समस्याओं के समाधान की स्थिति का आकलन करना है।

 

 

केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी दौरे पर रहेंगे
जनजातीय कार्य विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी शुक्रवार को हरदा पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 9 बजे बैतूल से हरदा के लिए रवाना होंगे और सुबह 11 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे। अल्प विश्राम के बाद वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उपलब्ध जानकारी में उनके संयुक्त कार्यक्रमों के आगे के विवरण का उल्लेख नहीं है।

CJP Plans Jantar Mantar Protest: सीजेपी का 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 10 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है। संगठन ने इस अभियान को 'जंतर-मंतर सीजन 2' नाम दिया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य एसआईआर के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों पर जवाबदेही तय कराने और चुनाव आयोग से सवाल पूछना है।

 

 

सीजेपी संस्थापक ने लगाए एसआईआर पर आरोप
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इसके कारण कई मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की शिकायतों का जिक्र किया, जिनके बारे में कथित तौर पर चुनावी रिकॉर्ड में मृत होने की जानकारी दर्ज थी, जबकि वे खुद को जीवित बताते हुए वैध दस्तावेज दिखाने का दावा कर रहे थे। ये आरोप सीजेपी की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

 

 

ममता बनर्जी के शामिल होने की संभावना
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं, हालांकि उन्होंने अपनी भागीदारी की अंतिम पुष्टि नहीं की। उन्होंने एसआईआर से जुड़ी कथित विसंगतियों को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग की आलोचना की। सीजेपी ने राजनीतिक दलों, नागरिक समाज संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

 

 

सीजेपी ने हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली समेत कई राज्यों में संगठन से जुड़े लोगों तथा युवा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है। यह बयान संगठन की ओर से दिया गया आरोप है। सीजेपी ने कहा है कि मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर उसका अभियान जारी रहेगा और वह चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है।

 

 

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार, 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है और लोगों से किसी भी अनधिकृत सभा में शामिल न होने की अपील की गई है। अधिकारी ने यह भी कहा कि इलाके में निषेधाज्ञा लागू है और पुलिस शांति तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयार है।

 

 

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
सीजेपी और कुछ छात्र समूह एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि वह मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की जवाबदेही से जुड़े सवाल उठा रहा है। वहीं, प्रदर्शन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का रुख इस कार्यक्रम के आयोजन को प्रभावित कर सकता है।

SC Orders Driver Verification: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, दिल्ली में कैब, बस और ऑटो चालकों का होगा सख्त सत्यापन

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए
महिलाओं के खिलाफ अपराध की हालिया घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को सार्वजनिक सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बीट गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े चालकों तथा सहायकों का सख्त सत्यापन करने पर जोर दिया। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली परिवहन विभाग को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की गई है।

 

 

कैब, बस और ऑटो चालकों का सत्यापन अनिवार्य करने पर जोर
अदालत ने कहा कि सरकारी और निजी बसों, कैब, टैक्सी, ऑटो-रिक्शा तथा ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित सेवाओं से जुड़े चालकों और सहायकों का सख्त सत्यापन किया जाना चाहिए। केवल विधिवत पंजीकृत और सत्यापित व्यक्तियों को ही ऐसे वाहन चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए। आदेश में यह भी कहा गया कि वाहन में यात्रियों को दिखाई देने वाली जगह पर सत्यापित चालक और सहायक के नाम तथा तस्वीरें प्रदर्शित की जानी चाहिए, ताकि किसी अनधिकृत व्यक्ति के वाहन चलाने की स्थिति में यात्री इसकी पहचान कर सकें और शिकायत दर्ज करा सकें।

 

 

पुलिस गश्त और सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस गश्त और सीसीटीवी व्यवस्था की वास्तविक समय में निगरानी के लिए समर्पित नियंत्रण कक्ष या कमांड सेंटर की भूमिका पर जोर दिया। अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को संयुक्त रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि राजधानी में ऐसे कितने नियंत्रण कक्ष मौजूद हैं, उनका क्षेत्रीय कवरेज क्या है और किसी घटना या सुरक्षा संबंधी कमी की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई के लिए कौन-सी व्यवस्था लागू है।

 

 

शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था और नागरिकों की भागीदारी
अदालत ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन से नागरिकों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने पर विचार करने को कहा, ताकि लोग अपने आसपास की आपराधिक गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी समस्याओं की जानकारी सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकें। सार्वजनिक परिवहन में शिकायत दर्ज कराने के लिए भी समर्पित व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया, खासकर उन बसों, कैब और रिक्शा के लिए जो ऐप-आधारित सेवाओं से पंजीकृत नहीं हैं। अदालत के अनुसार, शिकायतों पर कार्रवाई और उनके निपटारे की निगरानी प्रभावी ढंग से होनी चाहिए।

 

 

अवैध शराब की दुकानों और भीड़ पर भी नजर
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को उन शराब की दुकानों और प्रतिष्ठानों की पहचान करने का निर्देश दिया, जो आवश्यक अनुमति के बिना संचालित हो रहे हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। बीट अधिकारियों को शराब की दुकानों के आसपास भीड़, शोर-शराबे और लोगों के जमावड़े पर नजर रखने तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।

 

 

पुलिस कार्रवाई में जवाबदेही जरूरी
पीठ ने स्पष्ट किया कि अपराध रोकने के लिए सख्त पुलिसिंग जरूरी है, लेकिन इससे पुलिस को मनमाने या अनुपातहीन तरीके से कार्रवाई करने का अधिकार नहीं मिलता। अदालत के अनुसार, पुलिस का हस्तक्षेप कानून, आनुपातिकता और जवाबदेही के दायरे में होना चाहिए। निर्देशों का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाना, अपराध की रोकथाम में सुधार करना और नागरिकों का पुलिस तथा प्रशासन पर भरोसा मजबूत करना है।

Opposition Plans March: एसआईआर के विरोध में इंडिया ब्लॉक आज राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी में

एसआईआर के विरोध में राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी
इंडिया ब्लॉक के विपक्षी सांसदों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की योजना बनाई है। खबर के मुताबिक, शुक्रवार को विपक्षी सांसद राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए चुनाव आयोग की जवाबदेही और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।

 

 

राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजने पर सहमति जताई है। हालांकि, प्रस्तावित बैठक को लेकर राष्ट्रपति की ओर से जवाब का इंतजार है। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई नेताओं के नाम शामिल बताए गए हैं।

 

 

विपक्ष ने पहले भी जारी रखा था प्रदर्शन
इससे एक दिन पहले भी इंडिया ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। अब प्रस्तावित मार्च और राष्ट्रपति से मुलाकात के जरिए विपक्ष एसआईआर से जुड़े मुद्दों को उठाने और चुनाव आयोग से जवाब मांगने की कोशिश कर रहा है।

 

 

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना के बीच यह विरोध सामने आया है। खबर में एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा है कि तीन सदस्यीय आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों और आयोग के बयान के बीच विवाद जारी है।

Sensex Rises 370 Points: शेयर बाजार की तेजी के साथ शुरुआत, सेंसेक्स 373 अंक उछला

हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। हालिया बड़ी गिरावट के बाद बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर रहे। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 373 अंक यानी 0.52 प्रतिशत उछलकर 71,966.24 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 में 129.55 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,361.35 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

 

 

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि टॉपिक्स सूचकांक में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। क्षेत्रीय बाजारों के इन अलग-अलग रुझानों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की।

 

 

भारतीय टेक कंपनियों के ADR में उतार-चढ़ाव
भारतीय तकनीकी कंपनियों के अमेरिकी डिपॉजिटरी रिसीट (ADR) में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। खबर के मुताबिक, ओपनएआई के राजस्व में गिरावट से जुड़ी रिपोर्ट और अमेरिका की H-1B वीजा नीति से संबंधित घोषणा का असर इनकी कीमतों पर पड़ा। इन्फोसिस का ADR पिछली शाम तेज गिरावट के बाद बढ़त के साथ बंद हुआ।

 

 

कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट
शुक्रवार, 9 अक्टूबर के शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 0.43 प्रतिशत फिसलकर 103.83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी क्रूड की कीमत 0.36 प्रतिशत गिरकर 91.16 डॉलर प्रति बैरल रह गई। शेयर बाजार की आगे की चाल पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी शुरुआती कारोबार के आंकड़ों पर आधारित है और बाजार में आगे उतार-चढ़ाव हो सकता है।

Nana Patekar Funeral Explained: नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार आधी रात को क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने बताई वजह

नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार देर रात क्यों हुआ?
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार की रस्में उसी दिन देर रात पुणे के पास डोंजे गांव स्थित फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ पूरी की गईं। अंतिम संस्कार के समय को लेकर सवाल उठने पर उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि नाना का निधन सुबह ही हो गया था और परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला पहले ही कर लिया था। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, अंतिम विदाई में परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों और फिल्म जगत की हस्तियों ने हिस्सा लिया। 

 

बेटे मल्हार ने परिवार की भावनाएं साझा कीं
मीडिया से बातचीत के दौरान मल्हार पाटेकर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि वे उनके लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। उन्होंने अंतिम संस्कार में देरी को लेकर किसी विशेष विवाद की बात से इनकार किया और कहा कि चूंकि निधन सुबह हुआ था, इसलिए अंतिम संस्कार उसी दिन करने का निर्णय लिया गया था। मल्हार की बातों से परिवार के लिए यह समय कितना भावुक था, इसकी झलक मिली। 

 

पुणे के फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के बाहरी इलाके में स्थित उनके फार्महाउस पर किया गया। महाराष्ट्र सरकार की ओर से उन्हें सिनेमा और रंगमंच में उनके योगदान के सम्मान में राजकीय सम्मान दिया गया। अंतिम संस्कार में परिवार और करीबी लोगों के अलावा कई राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद रहीं। फार्महाउस नाना पाटेकर के लिए खास महत्व रखता था, इसलिए परिवार ने वहीं अंतिम विदाई देने का फैसला किया। 

 

 

जैकी श्रॉफ समेत कई हस्तियां पहुंचीं
अभिनेता जैकी श्रॉफ भी नाना पाटेकर को अंतिम विदाई देने पुणे पहुंचे। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने भी श्रद्धांजलि दी। नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर फैल गई। उन्होंने अपने लंबे अभिनय करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया। 

Bypoll Vote Counting Begins: उपचुनाव 2026: पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर मतगणना शुरू

छह सीटों पर मतगणना शुरू
उपचुनाव 2026 के तहत पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए शुक्रवार, 9 अक्टूबर को वोटों की गिनती शुरू हो गई। चुनाव आयोग के अनुसार, मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हुई। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था। सभी छह सीटें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में हैं। इन उपचुनावों के नतीजों पर विभिन्न राजनीतिक दलों की नजर है।

 

 

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर नजर
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के नतीजे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के दूसरी सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई थी। यहां भाजपा ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के नौदा सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई। इस सीट पर उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है।

 

 

तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों पर मुकाबला
तमिलनाडु में मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों के लिए मतगणना जारी है। इन सीटों पर टीवीके, द्रमुक और अन्नाद्रमुक सहित विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। मदुरंतकम और धारापुरम में क्रमशः 27 और 30 उम्मीदवार चुनाव मैदान में होने की जानकारी दी गई है। नतीजों से राज्य में सत्तारूढ़ टीवीके और अन्य दलों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

 

 

पुडुचेरी और असम में भी नतीजों का इंतजार
पुडुचेरी की थट्टनचावडी विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट पर भी मतगणना हो रही है। थट्टनचावडी सीट मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के दूसरी सीट बरकरार रखने के कारण खाली हुई थी। नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की जरूरत तब पड़ी, जब पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का रुख किया और विधानसभा चुनाव में दिसपुर सीट से जीत हासिल की। इन दोनों सीटों के परिणाम भी संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की स्थिति का संकेत देंगे।

 

 

नतीजों से पहले शुरुआती रुझानों पर नजर
मतगणना शुरू होने के साथ ही शुरुआती रुझानों का इंतजार किया जा रहा है। अंतिम परिणाम घोषित होने तक रुझानों को जीत का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर विधानसभा उपचुनावों के परिणाम और मतगणना की स्थिति देखी जा सकती है।