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Model Injects Own Fillers: डॉक्टरों ने मना किया तो घर पर खुद लगाए लिप फिलर

डॉक्टरों की मनाही के बाद चर्चा में आईं सोफिया लिप्स
ब्रिटेन की मॉडल सोफिया लिप्स इन दिनों अपने होंठों में खुद फिलर लगाने के दावे को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें बड़े होंठों और गुड़िया जैसी दिखने वाली छवि के लिए जाना जाता है। बताया गया है कि उन्होंने पहले अपने होंठों से फिलर निकलवाया था, लेकिन बाद में दोबारा फिलर लगवाने की इच्छा जताई। जब वह इसके लिए क्लिनिक पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने कथित तौर पर उनके होंठों की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त फिलर लगाने से मना कर दिया।

 

ऑनलाइन कोर्स के बाद खुद प्रक्रिया करने का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डॉक्टरों के इनकार के बाद सोफिया ने करीब 500 पाउंड खर्च करके छह सप्ताह का ऑनलाइन कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन फिलर सिरिंज मंगवाकर घर पर ही अपने होंठों में इंजेक्शन लगाने की बात कही। हालांकि, इस प्रक्रिया के बारे में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। विशेषज्ञों की सामान्य चेतावनी है कि बिना योग्य चिकित्सकीय निगरानी के कॉस्मेटिक इंजेक्शन लगाना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

 

पहले संक्रमण होने की बात भी आई सामने
रिपोर्ट के अनुसार, सोफिया को पहले भी एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया के बाद संक्रमण जैसी गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद वह अपने लुक में बदलाव करने की इच्छा रखती हैं। उनके बयानों के मुताबिक, वह दूसरों की आलोचनाओं की परवाह किए बिना अपनी पसंद के अनुसार दिखना चाहती हैं। हालांकि, किसी भी कॉस्मेटिक प्रक्रिया को लेकर व्यक्तिगत पसंद के साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को समझना भी जरूरी है।

 

 

घर पर फिलर लगाना क्यों हो सकता है खतरनाक
होंठों में फिलर लगाने जैसी प्रक्रिया प्रशिक्षित और योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से ही करानी चाहिए। गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने पर संक्रमण, ऊतकों को नुकसान और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा हो सकता है। केवल ऑनलाइन वीडियो या कोर्स के आधार पर ऐसी प्रक्रिया खुद करना सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता। सोफिया लिप्स का मामला कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं को लेकर सोशल मीडिया पर दिखने वाली सनक और स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच संतुलन पर चर्चा को सामने लाता है।

Ramayana Trailer Differences: ‘रामायण’ के अंग्रेजी ट्रेलर में दिखे नए दृश्य

रामायण’ के अंग्रेजी ट्रेलर में दिखीं नई झलकियां
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ रही है। रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश अभिनीत इस फिल्म के हिंदी ट्रेलर के बाद अब अंग्रेजी यानी इंटरनेशनल ट्रेलर में कुछ ऐसे दृश्य सामने आए हैं, जो पहले नहीं दिखाए गए थे। नए ट्रेलर में पौराणिक किरदारों, युद्ध के दृश्यों और राम-सीता के रिश्ते को अलग अंदाज में पेश किया गया है। दोनों ट्रेलर की तुलना करने पर पांच प्रमुख अंतर सामने आते हैं।

 

इंद्रदेव और ऐरावत की पहली झलक
अंग्रेजी ट्रेलर में कुणाल कपूर के इंद्रदेव वाले किरदार की झलक दिखाई गई है, जो हिंदी ट्रेलर में नजर नहीं आई थी। इस दृश्य में इंद्रदेव अपने दिव्य वाहन ऐरावत, यानी सफेद हाथी, के साथ दिखाई देते हैं। यह झलक फिल्म की पौराणिक दुनिया को विस्तार देती है और देवताओं से जुड़े घटनाक्रम को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाती है।

 

रावण की शिवभक्ति को मिला खास स्थान
अंग्रेजी ट्रेलर का एक प्रमुख नया दृश्य यश के रावण के किरदार से जुड़ा है। इसमें रावण एक विशाल शिव प्रतिमा के सामने प्रार्थना करता दिखाई देता है और उसके आसपास आग की लपटें उठती नजर आती हैं। हिंदी ट्रेलर में यह दृश्य शामिल नहीं था। इस झलक के जरिए रावण के उस पक्ष को सामने लाने की कोशिश की गई है, जो उसकी शक्ति और युद्ध कौशल से आगे बढ़कर उसकी शिवभक्ति को भी दर्शाता है।

 

कहानी के बजाय एक्शन पर ज्यादा जोर
हिंदी ट्रेलर में अयोध्या, राम-सीता के विवाह, वनवास और सीता के अपहरण जैसी घटनाओं की झलक दिखाई गई थी। इसमें राजा दशरथ, कैकेयी और शूर्पणखा जैसे किरदार भी नजर आए थे। इसके मुकाबले अंग्रेजी ट्रेलर में कहानी की शुरुआती घटनाओं को कम जगह देकर एक्शन और राम-रावण के संघर्ष पर अधिक ध्यान दिया गया है। इसके अंतिम हिस्से में कई योद्धा रावण पर हमला करते दिखाई देते हैं, जबकि रावण उनका सामना करता है। यह दृश्य हिंदी ट्रेलर में नहीं था।

 

जटायु और रावण की लड़ाई का विस्तृत दृश्य
दोनों ट्रेलर में जटायु और रावण के बीच संघर्ष की झलक है, लेकिन अंग्रेजी संस्करण में इसे अधिक विस्तार से दिखाया गया है। इसमें जटायु रावण के पुष्पक विमान पर हमला करता है और सीता को बचाने की कोशिश करता नजर आता है। इस दृश्य में जटायु के साहस और सीता की रक्षा के लिए उसके संघर्ष को प्रमुखता मिलती है। साथ ही, यह ट्रेलर के एक्शन पक्ष को भी अधिक प्रभावशाली बनाता है।

 

राम-सीता के रिश्ते को भी मिली जगह
अंग्रेजी ट्रेलर में रणबीर कपूर के राम और साई पल्लवी की सीता के बीच कुछ अतिरिक्त भावनात्मक पल भी दिखाए गए हैं। एक दृश्य में विवाह के दौरान दोनों एक-दूसरे को देखते हैं और हवा में गुलाब की पंखुड़ियां थमने जैसा प्रभाव दिखाई देता है। हिंदी ट्रेलर में यह झलक नहीं थी। इससे फिल्म के भावनात्मक पक्ष और राम-सीता के रिश्ते को भी महत्व मिलने का संकेत मिलता है।

 

कब रिलीज होगी ‘रामायण’?
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान, रवि दुबे लक्ष्मण और कुणाल कपूर इंद्रदेव की भूमिका निभा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। पहला भाग 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में आने वाला है, जबकि दूसरे भाग को दिवाली 2027 के अवसर पर रिलीज करने की योजना बताई गई है। फिल्म हिंदी के साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज की जाएगी।

Indonesia Market Crash: इंडोनेशिया का शेयर बाजार 11.4% टूटा, 1998 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

इंडोनेशिया के शेयर बाजार में 11.4% तक गिरावट
दक्षिण-पूर्व एशिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था इंडोनेशिया के शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट 11.4 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिसे जनवरी 1998 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट बताया गया है। शुरुआती कारोबार में तेज गिरावट के बाद ट्रेडिंग करीब 30 मिनट के लिए रोकनी पड़ी। कारोबार दोबारा शुरू होने पर भी बिकवाली का दबाव बना रहा। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी और विदेशी निवेश के संभावित बहिर्वाह को लेकर सवाल खड़े किए।

 

MSCI की चेतावनी से बढ़ी बाजार की चिंता
गिरावट की प्रमुख वजह वैश्विक इंडेक्स प्रदाता MSCI की ओर से इंडोनेशिया के बाजार की श्रेणी को लेकर दी गई चेतावनी बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, MSCI ने बाजार की पहुंच, पारदर्शिता और निवेश संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं जताईं और इंडोनेशिया को उभरते बाजार की श्रेणी से हटाकर स्टैंडअलोन मार्केट श्रेणी में रखने की संभावना का संकेत दिया। यदि ऐसा होता है, तो इंडोनेशियाई शेयर कुछ वैश्विक सूचकांकों से बाहर हो सकते हैं। इससे उन सूचकांकों को ट्रैक करने वाले फंडों के निवेश पर असर पड़ने की आशंका है।

 

बड़े बैंकों के शेयरों पर भी दबाव
बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच इंडोनेशिया के प्रमुख बैंकों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज किए जाने की खबर है। रिपोर्ट में बैंक सेंट्रल एशिया, बैंक रक्यात इंडोनेशिया और बैंक मंदिरी के शेयरों में करीब 15 प्रतिशत तक गिरावट का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इंडोनेशियाई रुपया कमजोर होकर लगभग 18,070 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचने की बात कही गई। शेयर बाजार और मुद्रा दोनों पर दबाव से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

 

स्टैंडअलोन श्रेणी में जाने से क्या होगा असर?
यदि इंडोनेशिया को स्टैंडअलोन मार्केट श्रेणी में रखा जाता है, तो वैश्विक निवेश सूचकांकों में उसकी हिस्सेदारी और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है। ऐसे सूचकांकों को आधार बनाकर निवेश करने वाले कुछ फंडों को अपनी हिस्सेदारी में बदलाव करना पड़ सकता है, जिससे बाजार से पूंजी निकलने का जोखिम बढ़ सकता है। रिपोर्ट में बैंक परमाटा के मुख्य अर्थशास्त्री जोसुआ परदेदे के हवाले से कहा गया है कि बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने, नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और निवेशकों का भरोसा बहाल करने की जरूरत है। हालांकि, संभावित असर का वास्तविक आकार अंतिम निर्णय और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

 

अन्य एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
इंडोनेशिया में तेज गिरावट के बीच अन्य एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में कुछ सुधार दर्ज हुआ, जबकि ताइवान के बाजार में भी पिछली गिरावट के बाद हल्की बढ़त रही। सिंगापुर और फिलीपींस के बाजारों में तेजी बताई गई, जबकि मलेशिया में गिरावट दर्ज हुई। अलग-अलग बाजारों का प्रदर्शन वैश्विक निवेशकों की बदलती धारणा और स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होता है। इंडोनेशिया

Delhi Traders Seek Protest Ban: दिवाली तक बाजारों में प्रदर्शन रोकने की मांग

दिवाली तक बाजारों में प्रदर्शन रोकने की मांग
दिल्ली के व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिवाली तक राजधानी के प्रमुख बाजारों और व्यापारिक केंद्रों में धरने-प्रदर्शनों तथा राजनीतिक मार्च पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने प्रस्तावित CJP विरोध मार्च को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में सामान्य गतिविधियां जारी रहना व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए जरूरी है। CTI का कहना है कि प्रदर्शन के कारण बाजारों तक पहुंच प्रभावित होने से दुकानदारों की बिक्री पर असर पड़ सकता है।

 

पिछले प्रदर्शन से 2000 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा
CTI ने दावा किया कि 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली के व्यापारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ। हालांकि, यह आंकड़ा संगठन की ओर से बताया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों से पहले का समय खुदरा कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान ग्राहकों की आवाजाही में कमी आने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

कनॉट प्लेस और प्रमुख बाजारों में जाम की आशंका
व्यापारी संगठन के अनुसार, कनॉट प्लेस, जनपथ और खान मार्केट जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में प्रदर्शन होने पर यातायात प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर जाम और बाजारों तक पहुंचने में परेशानी के कारण ग्राहक खरीदारी के लिए आने से बच सकते हैं। CTI ने आशंका जताई कि इससे दुकानों की बिक्री और त्योहारी कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

 

त्योहारी कारोबार सुचारु रखने पर जोर
CTI ने गृह मंत्री से आग्रह किया है कि दिवाली तक बाजारों में शांति और सामान्य व्यापारिक गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। संगठन का तर्क है कि इससे व्यापारी बिना व्यवधान कारोबार कर सकेंगे और ग्राहक भी आसानी से खरीदारी कर पाएंगे। प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग के बीच सार्वजनिक विरोध के अधिकार और बाजारों में सामान्य गतिविधियां बनाए रखने के बीच संतुलन का सवाल भी महत्वपूर्ण है। फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट में गृह मंत्रालय की ओर से इस मांग पर किसी निर्णय या आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

Influencer Faces Backlash: भूकंप के मलबे में फोटोशूट पर घिरीं ग्रेसी बॉन

भूकंप के मलबे के बीच तस्वीरों से शुरू हुआ विवाद
पनामा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल ग्रेसी बॉन उस समय विवादों में घिर गईं, जब उन्होंने कथित तौर पर भूकंप से प्रभावित इमारतों के मलबे के सामने अपनी तस्वीरें साझा कीं। 11 अक्टूबर को पोस्ट की गई इन तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि आपदा से प्रभावित लोगों की परेशानी के बीच इस तरह तस्वीरें खिंचवाना कितना उचित है। आलोचकों का कहना था कि गंभीर हालात को सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।

 

ग्रेसी बॉन ने आलोचकों को दिया जवाब
तस्वीरों पर बढ़ती आलोचना के बीच ग्रेसी बॉन ने एक वीडियो के जरिए अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार, तस्वीरों का उद्देश्य पनामा में प्रभावित इलाकों की वास्तविक स्थिति की ओर लोगों का ध्यान खींचना था। उन्होंने दावा किया कि अपनी मौजूदगी के जरिए पोस्ट की पहुंच और लोगों की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की, ताकि जरूरतमंद परिवारों के लिए मदद जुटाने का अवसर मिल सके।

 

बेघर परिवारों की मदद का दिया तर्क
ग्रेसी बॉन ने कहा कि वह प्रभावित परिवारों के लिए संसाधन जुटाना और उनके घरों के पुनर्निर्माण में मदद करना चाहती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पहल से उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा है। उनके मुताबिक, यदि पोस्ट अधिक लोगों तक पहुंचती है, तो जरूरतमंदों की स्थिति पर ध्यान आकर्षित करने और सहायता जुटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, उनके इस स्पष्टीकरण के बावजूद सोशल मीडिया पर सभी लोग उनके तर्क से सहमत नहीं दिखे।

 

 

सोशल मीडिया पर दो हिस्सों में बंटी राय
इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्राकृतिक आपदा जैसी संवेदनशील स्थिति को सोशल मीडिया पर किस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कुछ लोग ग्रेसी बॉन के तरीके की आलोचना कर रहे हैं, जबकि उनके स्पष्टीकरण के अनुसार तस्वीरों के जरिए प्रभावित परिवारों की मदद के लिए ध्यान आकर्षित करना उनका उद्देश्य था। फिलहाल, यह मामला ऑनलाइन लोकप्रियता, मानवीय संवेदनशीलता और आपदा प्रभावित लोगों की सहायता को लेकर बहस का विषय बना हुआ है।

हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में : गिरफ्तारी के बाद न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजा।

 जिले में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चल रही पुलिस कार्रवाई के बीच इंदवार थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में पिछले छह वर्षों से फरार चल रहे 3,000 रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक दुबे, पिता संतलाल दुबे, निवासी ग्राम नोडिया, थाना लालापुर, जिला प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। आरोपी वर्ष 2020 में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक उमरिया की ओर से 3,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

 

वर्ष 2020 के मामले में लंबे समय से थी तलाश

जानकारी के मुताबिक, थाना इंदवार में वर्ष 2020 के दौरान अपराध क्रमांक 209/20 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323, 506, 307 और 34 सहित आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में धारा 201 भी बढ़ाई गई थी।

इस प्रकरण में आरोपी अभिषेक दुबे की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। गिरफ्तारी से बचने के कारण वह करीब छह साल से फरार चल रहा था। उसकी लगातार तलाश किए जाने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक उमरिया द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 3,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

 

इंदवार पुलिस ने प्रयास तेज कर आरोपी को पकड़ा

लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए थाना इंदवार पुलिस टीम प्रयास कर रही थी। लगातार कोशिशों और सूझबूझ के साथ पुलिस ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। छह साल से लंबित इस गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विजय भागवानी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री आलोक शर्मा के निर्देशन तथा एसडीओपी उमरिया श्री पी.एस. परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम को सफलता मिली।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना इंदवार पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश जारी रखी। लंबे समय से लंबित गिरफ्तारी को अंजाम तक पहुंचाने के लिए टीम ने प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया।

 

पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय

आरोपी की गिरफ्तारी की इस पूरी कार्रवाई में थाना इंदवार के उपनिरीक्षक वेद प्रकाश सिंह, प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर यादव, प्रधान आरक्षक आकाश दास और आरक्षक सिकराम की सराहनीय भूमिका रही।

 

पुलिस टीम के प्रयासों से छह साल से फरार चल रहे इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।

 

फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी

उमरिया पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि लंबे समय से फरार आरोपियों की तलाश में प्रयास जारी हैं। हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में छह साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी जांच और कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

फिलहाल, इंदवार पुलिस ने फरार इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई पूरी कर ली है।

नौकरी का झांसा देकर लाखों की धोखाधड़ी, दो आरोपी : छात्रावास अधीक्षक की नौकरी के नाम पर लिए 13.69 लाख रुपये।

 कोरिया में नौकरी दिलाने के नाम पर 13.69 लाख की ठगी! दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

 

बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया, छत्तीसगढ़। नौकरी पाने की उम्मीद में पैसे देने वाले एक व्यक्ति के साथ कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र में छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 13 लाख 69 हजार रुपये लेने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को 15 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।

 

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आमापारा निवासी संतोष कुमार सारथी, पिता छोटेलाल, ने बैकुण्ठपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अनुराधा भगत और अन्य लोगों ने छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर उनसे 14 लाख रुपये की मांग के अनुरूप राशि प्राप्त की और नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे वापस मांगने पर उसे झूठे मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई।

 

छात्रावास अधीक्षक की नौकरी का दिया गया था भरोसा

शिकायत की जांच के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता से 16 अप्रैल 2024 से 28 मार्च 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में रकम ली गई थी। पुलिस के अनुसार, यह राशि नगद और बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त की गई। जांच में कुल 13 लाख 69 हजार रुपये की रकम सामने आई, जिसे नौकरी दिलाने के नाम पर प्राप्त करने का आरोप है।

 

शिकायतकर्ता को उम्मीद थी कि रकम देने के बाद उसे छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी मिल जाएगी। लेकिन नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने और बाद में पैसे वापस मांगने पर कथित तौर पर धमकी दिए जाने की शिकायत पुलिस तक पहुंची। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

 

पैसे वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप

शिकायत में संतोष कुमार सारथी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने दी गई रकम वापस मांगी, तो उन्हें झूठे मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई। नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने और उसके बाद कथित धमकी दिए जाने के आरोपों को पुलिस ने जांच के दायरे में लिया।

जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले में धोखाधड़ी के साथ धमकी और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधान भी लगाए गए हैं।

 

बैकुण्ठपुर पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

1. अनुराधा लकड़ा, पति राजकुमार लकड़ा, उम्र 32 वर्ष, निवासी कछार, थाना धौरपुर, जिला सरगुजा; वर्तमान पता बंगाली चौक, बौरीपारा, अंबिकापुर।

2. जोखन लाल, पिता स्वर्गीय बैजनाथ, उम्र 61 वर्ष, निवासी सरभोका गोहला सरई, थाना पटना; वर्तमान पता बाबू कॉलोनी, प्रेमाबाग, बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को 15 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

 

इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया मामला

बैकुण्ठपुर थाना पुलिस ने जांच के आधार पर अपराध क्रमांक 301/2026 दर्ज किया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 351(3), 61(2) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

पुलिस अब मामले से संबंधित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। शिकायत में नाम सामने आए अन्य आरोपियों की भूमिका और कथित धोखाधड़ी में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

 

अन्य आरोपी फरार, पुलिस की तलाश जारी

इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद प्रकरण के अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। आगे की विवेचना में रकम के लेन-देन, नौकरी दिलाने के कथित आश्वासन और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।

नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए यह मामला सतर्क रहने की सीख भी देता है। किसी भी पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर बड़ी रकम की मांग किए जाने पर संबंधित विभाग से आधिकारिक जानकारी लेना और नियुक्ति प्रक्रिया की पुष्टि करना जरूरी है।

फिलहाल, बैकुण्ठपुर पुलिस ने 13.69 लाख रुपये की कथित नौकरी धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। प्रकरण के अन्य आरोपियों की तलाश और मामले की जांच जारी है।

India vs West Indies: भारत-वेस्टइंडीज के आखिरी टी20 पर बारिश का खतरा

भारत-वेस्टइंडीज के आखिरी टी20 पर बारिश का खतरा
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का निर्णायक मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना निर्धारित है। चौथे टी20 में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद सीरीज 2-2 से बराबर हो गई। ऐसे में पांचवें मैच का महत्व बढ़ गया है, क्योंकि जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम कर सकती है। हालांकि, मुकाबले से पहले मौसम को लेकर चिंता बनी हुई है और बारिश के कारण मैच में रुकावट आने की आशंका जताई गई है।

 

शाम से रात तक बारिश की संभावना
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। उपलब्ध रिपोर्ट में शाम 5 बजे बारिश की संभावना 66 प्रतिशत और टॉस के समय करीब 68 प्रतिशत बताई गई है। वहीं, रात 8 से 9 बजे के बीच बारिश की संभावना लगभग 70 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान दिया गया है। यदि बारिश लगातार होती है, तो टॉस में देरी, ओवरों में कटौती या मुकाबला रद्द होने जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि, मौसम का वास्तविक असर मैच के दिन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

 

स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम दे सकता है राहत
एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में बारिश के बाद मैदान को जल्दी खेलने योग्य बनाने के लिए आधुनिक सब-एयर ड्रेनेज सिस्टम मौजूद है। इस व्यवस्था की मदद से बारिश रुकने के बाद मैदान से पानी निकालने और खेल दोबारा शुरू करने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियों में मैदान लगभग 15 से 20 मिनट में खेलने के लिए तैयार हो सकता है। हालांकि, लगातार बारिश या मैदान पर अधिक पानी जमा होने की स्थिति में यह व्यवस्था भी मैच शुरू होने की गारंटी नहीं देती।

 

बेंगलुरु में दोनों टीमों का टी20 रिकॉर्ड
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अब तक आठ टी20 मुकाबले खेले हैं। इनमें टीम को चार मैचों में जीत मिली, तीन में हार का सामना करना पड़ा और एक मुकाबला बेनतीजा रहा। दूसरी ओर, वेस्टइंडीज ने इस मैदान पर एक टी20 मैच खेला है और उसमें जीत दर्ज की है। दोनों टीमों के बीच इस मैदान पर टी20 मुकाबले का रिकॉर्ड सीमित होने के कारण पुराने आंकड़ों से निर्णायक मैच के नतीजे का अनुमान लगाना मुश्किल है।

 

सीरीज जीतने के लिए दोनों टीमों की नजर निर्णायक मुकाबले पर
सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण भारत और वेस्टइंडीज दोनों के लिए पांचवां टी20 बेहद अहम है। भारतीय टीम पिछली हार के बाद जीत के साथ सीरीज समाप्त करना चाहेगी, जबकि वेस्टइंडीज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगी। अब मुकाबले का आयोजन और खेल की अवधि काफी हद तक मौसम पर निर्भर कर सकती है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें मौसम के ताजा पूर्वानुमान और मैच से पहले जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी पर रहेंगी।

Police Notice to CJP: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, मार्च पर नोटिस

अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच दिल्ली पुलिस की एक टीम CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के रानी झांसी रोड स्थित आवास पर पहुंची। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें प्रस्तावित मार्च नहीं निकालने के संबंध में नोटिस दिया। यह कार्रवाई कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर की गई है।

 

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास सुरक्षा बढ़ी
प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे प्रतिबंध लागू होने के कारण इस क्षेत्र में जाने से बचें। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में पुलिस मार्च के आयोजन को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठा रही है।

 

नोटिस देने के लिए पहुंची पुलिस टीम
मिली जानकारी के अनुसार, अभिजीत दिपके को नोटिस देने के लिए करीब 15 से 20 पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे थे। पुलिस ने प्रस्तावित मार्च को लेकर उन्हें निर्देश दिए। हालांकि, नोटिस की पूरी सामग्री और उसमें दर्ज शर्तों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। मार्च के आयोजन को लेकर आगे की स्थिति पुलिस के निर्देशों, लागू प्रतिबंधों और आयोजकों के रुख पर निर्भर करेगी।

 

धारा 163 के तहत प्रतिबंधों का हवाला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सेंट्रल पार्क और उसके आसपास BNSS की धारा 163 लागू होने के कारण मार्च निकालने को लेकर रोक संबंधी कार्रवाई की जा रही है। इस धारा के तहत सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सकता है। प्रस्तावित मार्च के संबंध में पुलिस का कहना है कि इलाके में लागू आदेशों का पालन जरूरी है। मामले में आगे की जानकारी आधिकारिक बयान या आदेश सामने आने पर स्पष्ट हो सकेगी।

Meerut Murder Verdict: मेरठ सांप कांड में रविता-अमरदीप की सजा पर आज फैसला

अमित कश्यप हत्याकांड में सजा पर फैसले का इंतजार
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी करार दी गई रविता और अमरदीप की सजा को लेकर 16 अक्टूबर को अदालत के फैसले पर नजरें टिकी हैं। मामले को ‘सांप कांड’ के नाम से जाना जाता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अमित की हत्या के बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। दोनों आरोपियों को 7 अक्टूबर को दोषी ठहराया गया था। अब अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा इस मामले की अगली अहम कड़ी है।

 

हत्या को सर्पदंश दिखाने की कोशिश का आरोप
यह मामला 12 अप्रैल 2025 की रात मेरठ के बहसूमा क्षेत्र स्थित अकबरपुर सादात गांव का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर अमित कश्यप की हत्या की थी। आरोप है कि वारदात के बाद घटना को सांप के काटने से हुई मौत जैसा दिखाने के लिए शव के पास एक सांप छोड़ा गया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना बताया गया। जांच के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार किया था।

 

कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान बने अहम साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य पेश किए। रिपोर्टों के अनुसार, हत्या वाली रात रविता और अमरदीप के बीच 50 से अधिक बार फोन पर बातचीत हुई थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड के अलावा, कुछ गवाहों ने कथित तौर पर अमरदीप को वारदात वाली रात अमित के घर से बाहर निकलते देखने की बात कही। इन्हीं साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने 7 अक्टूबर को दोनों को दोषी करार दिया।

 

नीले ड्रम हत्याकांड के फैसले के बाद चर्चा तेज
मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे ‘नीले ड्रम कांड’ कहा जाता है, में मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद अमित कश्यप मामले की सजा को लेकर भी चर्चा बढ़ गई। दोनों मामलों में वैवाहिक संबंधों और कथित प्रेम संबंधों का पहलू सामने आया था, हालांकि दोनों की घटनाओं और साक्ष्यों को अलग-अलग कानूनी मामलों के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी मामले में सजा क्या होगी, इसका निर्णय अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, लागू कानून और अपराध की परिस्थितियों पर विचार करके करती है।

 

अदालत के फैसले पर टिकी नजरें
रविता और अमरदीप की सजा के संबंध में 16 अक्टूबर को फैसले की जानकारी दी गई है। इस मामले में अंतिम सजा और अदालत के आदेश की पुष्टि आधिकारिक न्यायिक जानकारी से की जानी चाहिए। दोषियों को पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है, लेकिन सजा की अवधि या उसके स्वरूप को लेकर अदालत का वास्तविक आदेश ही निर्णायक होगा। मामले का फैसला पीड़ित परिवार को न्याय मिलने और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।