दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला निजी हॉस्टल इमारत ढहने और सात लोगों की मौत के बाद राजधानी में अनधिकृत और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ MCD ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा के बाद PG और छात्र-बहुल इलाकों में विशेष निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ MCD अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई करने और PG भवनों के रिकॉर्ड की जांच करने को कहा है। हादसे के बाद MCD ने आसपास की जर्जर इमारतों को भी खाली कराने और कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की है।
1 जून से 8 सितंबर तक 1,007 संपत्तियों पर कार्रवाई
MCD के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 8 सितंबर 2026 के बीच राजधानी में 1,007 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की गई और 471 संपत्तियों को सील किया गया। इसी अवधि में अनधिकृत निर्माण से जुड़े 1,551 शो-कॉज नोटिस, सीलिंग से संबंधित 714 नोटिस और 753 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। केवल 1 से 8 सितंबर के बीच 48 संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण और 15 पर सीलिंग की कार्रवाई हुई। इसलिए 1,007 का आंकड़ा केवल सत्य निकेतन हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि जून से 8 सितंबर तक की कुल कार्रवाई को दर्शाता है।
छात्र बहुल इलाकों में विशेष निगरानी
MCD की कार्रवाई राजधानी के अलग-अलग जोन में जारी है, जिसमें लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करोल बाग, करमपुरा, राजौरी गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे इलाके शामिल हैं। इनमें कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां बड़ी संख्या में छात्र और किराएदार रहते हैं। प्रशासन का फोकस ऐसे भवनों पर है जहां ऊंचाई, मंजिलों की संख्या या निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका है। अधिकारियों को PG हब में भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।






