Home साइबर दुनिया ED raids: ED ने कर्नाटक‑महाराष्ट्र में 18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी...

ED raids: ED ने कर्नाटक‑महाराष्ट्र में 18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की

प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार 9 सितंबर 2026 को कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग मंत्री सतीश जारकीहोली, उनकी बेटी और चिक्कोड़ी लोकसभा सांसद प्रियंका जारकीहोली तथा उनसे जुड़े अन्य लोगों के परिसरों पर तलाशी शुरू की। अधिकारियों के अनुसार करीब 18 परिसरों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है, जिसमें बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित मंत्री का आवास और प्रियंका जारकीहोली से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। इसके अलावा बेलगावी में मंत्री के रिश्तेदार और आबकारी विभाग के अधिकारी वाईडी मंजुनाथ से जुड़े परिसरों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। ED की यह कार्रवाई वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच का हिस्सा बताई जा रही है।

18 ठिकानों पर एक साथ तलाशी, कर्नाटक से महाराष्ट्र तक पहुंची जांच
ED की कार्रवाई कर्नाटक के बेंगलुरु, बेलगावी और गोकाक समेत कई स्थानों तक फैली है और महाराष्ट्र में भी कुछ परिसरों की तलाशी ली जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 18 स्थानों पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड समेत अन्य सामग्री की जांच की जा रही है। एजेंसी इस कार्रवाई के जरिए कथित वित्तीय लेनदेन और धन के ट्रेल से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। कुछ रिपोर्टों में इसे विदेशी निवेश और विदेशों में धन के संभावित ट्रांसफर से जुड़ी जांच बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में एक्साइज लाइसेंस से जुड़ी कथित अनियमितताओं और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच का उल्लेख है। इसलिए फिलहाल जांच के अंतिम निष्कर्ष के तौर पर किसी आरोप को स्थापित तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

विदेशी धन के संभावित ट्रेल की पड़ताल में जुटी एजेंसी
ED की जांच में कथित तौर पर ऐसे वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है जिनका संबंध विदेशों में धन के ट्रांसफर या विदेशी निवेश से हो सकता है।  एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर बार लाइसेंस जारी करने में अनियमितताओं से कोई अवैध धन उत्पन्न हुआ और क्या उस धन को आगे विदेश भेजा गया। एजेंसी पुराने तलाशी अभियानों के दौरान मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड को भी मौजूदा जांच से जोड़कर देख रही है। हालांकि अभी तक तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ और जांच में किस स्तर तक धन का ट्रेल सामने आया है, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में सतीश जारकीहोली या उनके परिवार के खिलाफ किसी वित्तीय अपराध को सिद्ध तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।