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Gyanesh Kumar Won’t Resign: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अठावले का बड़ा बयान

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग खारिज
केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध किया है। नवी मुंबई में दिए बयान में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के पक्ष में नहीं है। अठावले ने कहा कि हर मामले में किसी अधिकारी के इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है और आंदोलनकारियों को अपनी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।

 

अभिजीत दिपके के आंदोलन पर प्रतिक्रिया
अभिजीत दिपके के आंदोलन और उनकी मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि केवल इशारे देने से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने अपने आंदोलन के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी कई बार पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। अठावले ने कहा कि आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन लगातार इस तरह की गतिविधियों से किसी अधिकारी के इस्तीफे की मांग अपने आप स्वीकार नहीं हो जाती।

 

पीएम मोदी पर बयानबाजी से बचने की सलाह
रामदास अठावले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सामने अपनी मांग रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत या आपत्तिजनक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने अभिजीत दिपके को सलाह दी कि अपनी मांगों को उचित तरीके से उठाएं और प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी न करें।

 

ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा नहीं देना चाहिए
अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठाए गए आरोपों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में फिलहाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उचित नहीं है।

 

आरपीआई को राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग
अठावले ने महाराष्ट्र सरकार में अपनी पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आरपीआई को एमएलसी और विधानसभा स्तर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उन्होंने आगामी कॉरपोरेशन में कम से कम दो चेयरमैन पद आरपीआई को देने और राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच एमएलसी नियुक्तियों में कम से कम एक सीट पार्टी को देने की मांग रखी।

 

कमेटियों में भी हिस्सेदारी चाहते हैं
रामदास अठावले ने जिला, तालुका और राज्य स्तर की विभिन्न कमेटियों में भी आरपीआई कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। अठावले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन नहीं करती है।

Premanand Ashram Dispute: प्रेमानंद आश्रम पर संतों ने उठाए सवाल

आश्रम की गतिविधियों पर उठे सवाल
मथुरा के कुछ संतों ने प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम की कार्यप्रणाली और वहां हुई कथित घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी और जूना अखाड़े के राधानंद गिरि ने आश्रम से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। दोनों ने एक साधक की मौत, नाबालिग बच्चों से जुड़े दावों और अन्य कथित घटनाओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग उठाई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस दी गई जानकारी में नहीं है।

 

संत की मौत को लेकर लगाए आरोप
राधानंद गिरि ने आश्रम से जुड़े एक संत की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार घटना में संत के कथित तौर पर चौथी मंजिल से गिरने की बात सामने आई और इसकी वैज्ञानिक तथा निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने घटना की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठाते हुए सभी पहलुओं की जांच की मांग की है। इन दावों की पुष्टि जांच के आधिकारिक निष्कर्ष से ही हो सकेगी।

 

बच्चों से जुड़े मामलों की जांच की मांग
दिनेश फलाहारी ने आश्रमों से जुड़े क्षेत्र में कथित गड़बड़ियों, साधुओं की मौत और बच्चों के गायब होने के दावों की जांच की मांग की है। उन्होंने नाबालिग बच्चों के आश्रमों में रहने की स्थिति और उनके परिजनों को जानकारी दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार ऐसे मामलों में बच्चों की सुरक्षा और परिवारों की जानकारी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आश्रमों पर कथित कब्जे और परिजनों पर दबाव डालने जैसे आरोप भी लगाए हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

 

CBI और बाल आयोग से जांच की मांग
दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग किए जाने की बात कही है। उन्होंने बाल आयोग से भी आश्रमों में रहने वाले नाबालिग बच्चों की स्थिति की जांच करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें उनके माता-पिता तक पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने मृत साधक से जुड़े मामले में घटना से पहले कथित भय और प्रताड़ना जैसे पहलुओं की भी जांच की आवश्यकता बताई है।

 

25 सितंबर की मौत से जुड़ा मामला
दी गई जानकारी के अनुसार 25 सितंबर 2026 को वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से जुड़े 25 वर्षीय साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट में शरीर पर अन्य चोटों और निजी अंग पर चोट या कटे होने की बात का भी उल्लेख है। पुलिस मौत की परिस्थितियों और इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

 

लापता किशोर बरामद हुआ
आश्रम से जुड़े एक किशोर के लापता होने के मामले में उसके परिवार ने आश्रम के बाहर प्रदर्शन किया था। परिवार का आरोप था कि दीक्षा लेने के बाद किशोर लापता हो गया। दी गई जानकारी के अनुसार 16 वर्षीय अनुज को बरसाना पुलिस ने राधा बाग मार्ग स्थित लाडली दास आश्रम से सकुशल बरामद किया और परिजनों को सौंप दिया। आश्रम की ओर से जांच में सहयोग करने की बात कही गई है।

 

महिला के लापता होने का भी मामला
इसके अलावा नोएडा की 35 वर्षीय महिला के 15 अगस्त से लापता होने का मामला भी सामने आया है। परिवार को आशंका है कि महिला प्रेमानंद महाराज के आश्रम गई हो सकती है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि वह आश्रम में गई थीं या वहां मौजूद हैं। इस मामले में भी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े मामलों को लेकर संतों और कुछ परिजनों की ओर से गंभीर सवाल उठाए गए हैं और CBI जांच की मांग की गई है। वहीं मौत, लापता होने और बच्चों से जुड़े दावों पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच से ही सामने आएगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में लगाए गए आरोपों और पुलिस जांच के तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

India Life Expectancy: भारतीयों की उम्र पाकिस्तान से ज्यादा

भारत में औसत उम्र 71 साल
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताजा अनुमान के मुताबिक 2023 में भारत में जन्म के समय औसत जीवन प्रत्याशा 71 साल थी। यह पाकिस्तान की 68.2 साल की औसत जीवन प्रत्याशा से अधिक है, लेकिन बांग्लादेश की 72.7 साल, अमेरिका की 78.5 साल और कनाडा की 81.4 साल की तुलना में कम है। आंकड़े WHO के ग्लोबल हेल्थ एस्टीमेट्स का हिस्सा हैं, जिसमें 2000 से 2023 तक जीवन प्रत्याशा, स्वस्थ जीवन अवधि, मौत के कारण और बीमारी के बोझ से जुड़े आंकड़े शामिल हैं।

 

स्वस्थ जीवन की अवधि 60.6 साल
रिपोर्ट के अनुसार 2023 में भारत में स्वस्थ जीवन की औसत अवधि 60.6 साल रही। 2019 में यह 60.5 साल थी, जबकि 2021 में महामारी के दौरान घटकर 58.4 साल हो गई थी। इसके बाद 2022 में इसमें सुधार हुआ और यह 60.2 साल तक पहुंची। WHO के अनुसार वैश्विक औसत जीवन प्रत्याशा महामारी से पहले के स्तर के करीब पहुंच गई है, लेकिन स्वस्थ जीवन की अवधि में सुधार अपेक्षाकृत धीमी गति से हुआ है।

 

60 साल की उम्र के बाद भी बढ़ी उम्मीद
भारत में अधिक उम्र के लोगों की जीवन प्रत्याशा में भी मामूली सुधार दर्ज किया गया। 2019 में 60 साल की उम्र वाले व्यक्ति के लिए आगे औसतन 18.4 साल जीने की उम्मीद थी, जो 2023 में बढ़कर 18.8 साल हो गई। इनमें पूरी तरह स्वस्थ रहने की अनुमानित अवधि भी 2019 के 13.4 साल से बढ़कर 2023 में 13.7 साल हो गई।

 

भारत में बीमारियों का स्वरूप बदला
WHO के अनुमानों के अनुसार भारत में पिछले दो दशकों में मौतों से जुड़ी बीमारियों का स्वरूप काफी बदला है। वर्ष 2000 में मौत की 10 प्रमुख वजहों से होने वाली कुल मौतों में संक्रामक बीमारियों का हिस्सा करीब 62 प्रतिशत था, जबकि गैर-संचारी बीमारियों यानी NCDs का हिस्सा करीब 34 प्रतिशत था। 2023 तक स्थिति बदल गई और प्रमुख कारणों से होने वाली मौतों में NCDs की हिस्सेदारी करीब 75 प्रतिशत, जबकि संक्रामक बीमारियों की हिस्सेदारी करीब 16 प्रतिशत रह गई।

 

पाकिस्तान और बांग्लादेश से तुलना
2023 के आंकड़ों में भारत की 71 साल की जीवन प्रत्याशा पाकिस्तान की 68.2 साल से अधिक रही। वहीं बांग्लादेश में यह 72.7 साल थी, यानी भारत से 1.7 साल अधिक। इस तुलना से पता चलता है कि पड़ोसी देशों में जीवन प्रत्याशा का स्तर अलग-अलग है और केवल औसत उम्र के आंकड़े से किसी देश की स्वास्थ्य स्थिति का पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।

लंबी उम्र का मतलब हमेशा स्वस्थ जीवन नहीं
WHO के आंकड़े यह भी बताते हैं कि जीवन प्रत्याशा और स्वस्थ जीवन की अवधि अलग-अलग संकेतक हैं। कोई व्यक्ति अधिक वर्षों तक जीवित रह सकता है, लेकिन उन वर्षों का एक हिस्सा बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के साथ भी गुजर सकता है। इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था और लोगों की वास्तविक स्थिति समझने के लिए जीवन प्रत्याशा के साथ स्वस्थ जीवन की अवधि और बीमारी के बोझ जैसे आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।

Today Horoscope October 4: मातृ नवमी पर किस राशि की चमकेगी किस्मत

मातृ नवमी पर ग्रहों का असर
4 अक्टूबर 2026 को पितृ पक्ष की मातृ नवमी के दिन चंद्रमा शाम को कर्क राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार कर्क राशि के जातकों को शाम के बाद राहत मिल सकती है, जबकि मीन और वृश्चिक राशि वालों के लिए भी दिन ढलने के बाद परिस्थितियां बेहतर रहने के संकेत हैं। मंगल और गुरु की स्थिति से कन्या राशि वालों को कमाई और तुला राशि वालों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। वहीं शुक्र की वक्री चाल के कारण तुला, मिथुन और वृषभ राशि वालों को हाल के फैसलों पर दोबारा विचार करने की सलाह दी गई है।

 

मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए काम और सेहत के लिहाज से दिन मजबूत रहने के संकेत हैं। परिवार में दिवाली की तैयारियों को लेकर किसी करीबी के साथ योजना बन सकती है। आर्थिक मामलों में होम लोन से जुड़ा फैसला लेने से पहले बैंक से पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा। कारोबार में कर्मचारी से जुड़े किसी मामले का समाधान हो सकता है। रिश्तों में अपनी बात मनवाने के बजाय संयम से बातचीत करें।

 

वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए मीठी बोली और समझदारी से काम लेने का दिन है। परिवार से आर्थिक मदद या शगुन मिल सकता है, लेकिन पर्सनल लोन ऐप के झांसे से बचने की सलाह है। बच्चों की पढ़ाई की योजना पर ध्यान दें और प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचें। कामकाज में अपनी उपलब्धियों को आंकड़ों के साथ प्रस्तुत करना फायदेमंद हो सकता है।

 

मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों का दिन सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों से भरा रह सकता है। पुराने दोस्त से बातचीत रिश्तों में गर्माहट ला सकती है, लेकिन किसी की आर्थिक मांग को लेकर दबाव महसूस हो सकता है। त्योहार की खरीदारी का बजट पहले से तय करें। करियर में किसी नए जूनियर को जिम्मेदारी सिखाने का अवसर मिलेगा और फ्रीलांस काम करने वालों को नया क्लाइंट मिलने की संभावना बताई गई है।

 

कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शाम के बाद परिस्थितियां बेहतर होने के संकेत हैं। दिन की शुरुआत में आलस्य या मन का भारीपन रह सकता है, लेकिन बाद में राहत महसूस हो सकती है। परिवार में किसी बुजुर्ग या करीबी के स्वास्थ्य से जुड़े काम के लिए भागदौड़ करनी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में खर्च पर शाम के बाद नियंत्रण बेहतर रहेगा। जरूरी ईमेल और काम शाम के बाद करने की सलाह दी गई है।

 

सिंह राशि
सिंह राशि वालों को आज अपनी सलाह और काम के लिए प्रशंसा मिल सकती है। परिवार के किसी बड़े सदस्य की बात से आत्मविश्वास बढ़ेगा। रिश्तों में पुरानी गलतफहमी दूर करने के लिए बहस के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाएं। आर्थिक मामलों में बिना रसीद नकद भुगतान से बचें। कारोबार में क्लाइंट से आमने-सामने की मुलाकात फायदेमंद हो सकती है, जबकि नए अनुबंध को ध्यान से पढ़ना जरूरी रहेगा।

 

कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए मेहनत का असर कामकाज में दिखाई देने के संकेत हैं। परिवार में त्योहार से जुड़े आयोजन की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में पुरानी गाड़ी या सामान बेचकर रकम मिलने की संभावना है, लेकिन अचानक किसी की फीस या अन्य जरूरत का खर्च भी सामने आ सकता है। करियर में मीटिंग की तैयारी और सरकारी परीक्षा से जुड़े फॉर्म समय पर भरना महत्वपूर्ण रहेगा।

 

तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए करियर में नई भूमिका और कारोबार में बदलाव के संकेत हैं। हालांकि शुक्र की वक्री चाल के कारण हाल के फैसलों पर दोबारा विचार करने की जरूरत महसूस हो सकती है। प्रेम संबंधों में किसी तीसरे व्यक्ति की बातों से प्रभावित होने के बजाय सीधे साथी से बातचीत करें। आर्थिक रूप से मेहमाननवाजी और त्योहार की तैयारियों पर खर्च बढ़ सकता है, इसलिए कीमतों की तुलना करके फैसला लेना बेहतर होगा।

 

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को शाम के बाद रुके हुए काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। परिवार में किसी बच्चे से जुड़ी बात को लेकर धैर्य रखना जरूरी होगा और रिश्तों में भरोसे का माहौल बनाए रखें। आर्थिक रूप से घर की मरम्मत या वायरिंग पर खर्च आ सकता है। करियर में डिजिटल कंटेंट, यूट्यूब या ब्लॉग से जुड़े लोगों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल सकता है और उनके काम की पहचान बढ़ सकती है।

 

धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए दफ्तर और कारोबार में उनकी बात को महत्व मिलने के संकेत हैं। किसी क्लाइंट या पार्टनर से अनौपचारिक मुलाकात काम में फायदा पहुंचा सकती है। आर्थिक मामलों में दोस्तों के साथ यात्रा या किसी नए बिजनेस आइडिया पर जल्दबाजी में पैसा लगाने से बचें। नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं तो नई कंपनी और उसकी शर्तों की पूरी जानकारी लेने के बाद ही फैसला करें।

 

मकर राशि
मकर राशि वालों को दफ्तर की अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। कामकाज में बदलाव को लेकर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के बजाय स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करें। आर्थिक रूप से कोई रिइंबर्समेंट अटक सकता है, इसलिए महीने के खर्च का हिसाब व्यवस्थित रखें। परिवार में बुजुर्गों की जरूरतों का ध्यान रखना और जीवनसाथी की तारीफ करना रिश्तों के लिए सकारात्मक रहेगा।

 

कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए परिवार और रचनात्मक गतिविधियों में समय अच्छा बीत सकता है। त्योहार की सजावट या घर से जुड़े कामों में बच्चों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक मामलों में किसी सेविंग स्कीम की रकम को लेकर जल्द फैसला न लें और सभी विकल्प समझें। करियर में सहकर्मी की अनुपस्थिति के कारण अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है, इसलिए काम की प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ें।

 

मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए मातृ नवमी पर परिवार की महिलाओं का आशीर्वाद और सहयोग मिलने के संकेत हैं। शाम के बाद धार्मिक या पारिवारिक आयोजन को लेकर उत्साह बढ़ सकता है। आर्थिक मामलों में अचानक नकदी की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए छोटी बचत शुरू करना उपयोगी रहेगा। करियर में आपका कोई सुझाव मैनेजमेंट तक पहुंच सकता है और नए बिजनेस आइडिया पर अनुभवी व्यक्ति की राय लेना फायदेमंद हो सकता है।

 

ज्योतिषीय सलाह
यह राशिफल दिए गए ज्योतिषीय आकलन और ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। राशियों के लिए बताए गए परिणाम और सलाह को ज्योतिषीय मान्यता के रूप में देखा जाना चाहिए। किसी भी आर्थिक, करियर या स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए केवल राशिफल पर निर्भर न रहें।

Netanyahu Calls Indian Captain: नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन स्मित को किया फोन

नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को किया फोन
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर करीब छह मिनट बातचीत की। दी गई जानकारी के अनुसार नेतन्याहू ने मुश्किल परिस्थितियों में उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की और उन्हें भारत, इजरायल तथा पूरी दुनिया का सच्चा हीरो बताया। बातचीत के दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित को अगले इजरायली स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर जश्न की मशाल जलाने का निमंत्रण भी दिया।

 

30 सितंबर की घटना ने बटोरी चर्चा
यह मामला 30 सितंबर की उस घटना से जुड़ा है, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला किया। दी गई खबर के मुताबिक हमले के बाद विमान करीब दो मिनट में 17,000 फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने स्थिति संभाली और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद फ्लाइट क्रू और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया।

 

174 यात्रियों की बचाई जान
घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। खबर के अनुसार विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बच गई। इस घटना में कैप्टन स्मित की सूझबूझ और कठिन परिस्थिति में लिए गए फैसले की चर्चा हुई। इसी साहस के लिए अब इजरायली प्रधानमंत्री की ओर से उन्हें विशेष सम्मान देने का निमंत्रण सामने आया है।

 

इजरायली स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगा सम्मान
इजरायल का स्वतंत्रता दिवस 'योम हा'अतजमाउट' के नाम से जाना जाता है और यह हिब्रू कैलेंडर के अनुसार मनाया जाता है। दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2027 में यह स्वतंत्रता दिवस 12 मई को होगा, जबकि मुख्य समारोह 11 मई की शाम से यरुशलम के माउंट हर्जल पर शुरू होगा। इस अवसर पर असाधारण योगदान देने वाले चुनिंदा लोगों द्वारा 12 मशालें जलाने की परंपरा है। इसी परंपरा के तहत कैप्टन स्मित को भी मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है।

 

भारत-इजरायल संबंधों में खास संदेश
भारतीय पायलट को इजरायल के राष्ट्रीय समारोह में आमंत्रित किया जाना दोनों देशों के बीच सम्मान और सहयोग के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन स्मित की घटना ने उनकी पेशेवर सूझबूझ और साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, मशाल समारोह और निमंत्रण से जुड़ी आगे की औपचारिक जानकारी संबंधित पक्षों की घोषणा के अनुसार स्पष्ट होगी।

Reuse Soap Pieces: साबुन के टुकड़े फेंकने से पहले जानें ये तरीके

साबुन के छोटे टुकड़े फेंकने की जरूरत नहीं
नहाने, हाथ धोने या कपड़े धोने के बाद साबुन धीरे-धीरे घिसकर छोटा हो जाता है। कई बार इतना छोटा टुकड़ा बच जाता है कि उसे इस्तेमाल करना मुश्किल लगता है और लोग उसे फेंक देते हैं। हालांकि इन बचे हुए साबुन के टुकड़ों को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इन्हें नए साबुन, लिक्विड हैंडवॉश और घर की सफाई जैसे कामों में उपयोग करने के तरीके बताए गए हैं।

 

बचे साबुन से बना सकते हैं नया साबुन
साबुन के छोटे टुकड़ों को कद्दूकस करके उनमें थोड़ा पानी या गुलाब जल मिलाया जा सकता है। इस मिश्रण को धीमी आंच पर गर्म करके साबुन के पिघलने तक चलाएं और चाहें तो खुशबू के लिए कुछ बूंदें एसेंशियल ऑयल की मिलाएं। इसके बाद मिश्रण को किसी सांचे में डालकर ठंडा किया जा सकता है। इस तरह बचे हुए साबुन से दोबारा इस्तेमाल करने योग्य साबुन तैयार किया जा सकता है।

 

साबुन से बना सकते हैं लिक्विड हैंडवॉश
छोटे साबुन के टुकड़ों को कद्दूकस करके करीब दो कप पानी में गर्म करके पिघलाया जा सकता है। मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे बोतल में भरकर हाथ धोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। दिए गए तरीके के अनुसार इसमें नींबू का रस या कुछ बूंदें ग्लिसरीन की भी मिलाई जा सकती हैं। इस्तेमाल से पहले मिश्रण को अच्छी तरह ठंडा करना जरूरी है।

 

कपड़े धोने में भी कर सकते हैं इस्तेमाल
बचे हुए साबुन के टुकड़ों को करीब चार कप पानी में उबालकर पिघलाया जा सकता है। तैयार मिश्रण को थोड़ा गाढ़ा करने के बाद इसमें एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाने का तरीका बताया गया है। मिश्रण ठंडा होने पर इसे बोतल में रखकर कपड़े धोने के लिए लिक्विड क्लीनर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

फर्श और टाइल्स की सफाई में उपयोग
साबुन के टुकड़ों को दो से तीन कप पानी में गर्म करके पिघलाने के बाद इस घोल को बाल्टी के पानी में मिलाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल फर्श, टाइल्स, बाथरूम और किचन की सफाई के लिए किया जा सकता है। सफाई के बाद सतह को साफ पानी से दोबारा धोने की सलाह दी गई है।

 

बाथरूम और टॉयलेट की सफाई में काम आएगा
बचे साबुन को करीब तीन कप पानी में पिघलाकर उसमें एक चम्मच बेकिंग सोडा और नींबू का रस मिलाने का तरीका बताया गया है। मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे बोतल में रखा जा सकता है और टॉयलेट सीट, बाथरूम के फर्श या वॉशबेसिन की सफाई में इस्तेमाल किया जा सकता है। अलग-अलग सतहों पर इस्तेमाल से पहले उनके निर्माता के सफाई निर्देश देखना बेहतर रहेगा।

 

साबुन के टुकड़ों का पाउडर बनाकर रखें
साबुन के बचे हुए टुकड़ों को कद्दूकस करके पाउडर के रूप में भी स्टोर किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल जरूरत के अनुसार घर की सफाई और गंदे जूतों को साफ करने में किया जा सकता है। इस तरह छोटे-छोटे साबुन के टुकड़ों को फेंकने के बजाय घरेलू कामों में दोबारा उपयोग किया जा सकता है।

Rasik Dulari Death Mystery: रसिक दुलारी की मौत पर चश्मदीद का खुलासा

चश्मदीद ने बताया घटना का पूरा घटनाक्रम
मथुरा में रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक चश्मदीद का बयान सामने आया है। गुरु कृपा कुंज के पास रहने वाले स्थानीय निवासी छोटू के अनुसार, 25 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे वह खाना खा रहा था, तभी अचानक एक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह तुरंत बाहर आया तो उसने रसिक दुलारी शरण को जमीन पर पड़े देखा। चश्मदीद के मुताबिक, उस समय उनके सिर से खून बह रहा था।

 

साधुओं ने रसिक के पास जाने से रोका
छोटू के मुताबिक, वह रसिक दुलारी शरण की स्थिति समझने के लिए उनके पास जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मौके पर पहुंचे कुछ साधु-संतों ने उसे पास जाने से रोक दिया। इसके बाद करीब पांच लोग रसिक दुलारी शरण को एक निजी गाड़ी में रखकर वहां से ले गए। चश्मदीद ने कहा कि वह यह स्पष्ट नहीं बता सकता कि उस समय रसिक जीवित थे या उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

 

तेज आवाज के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम
चश्मदीद के बयान के मुताबिक, घटना से ठीक पहले आई तेज आवाज के बाद रसिक दुलारी शरण घायल अवस्था में जमीन पर मिले। इसके बाद उन्हें मौके से ले जाया गया। यह बयान मामले की जांच में घटनाक्रम के शुरुआती हिस्से को समझने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, केवल चश्मदीद के बयान के आधार पर मौत की वजह या घटना के कारण को तय नहीं किया जा सकता।

 

 

जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह
फिलहाल रसिक दुलारी शरण की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है। पुलिस और जांच एजेंसियां घटना से पहले सुनी गई तेज आवाज और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही हैं। जांच में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि रसिक दुलारी शरण को किस स्थिति में वहां से ले जाया गया और उनकी मौत कब तथा किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

Suhana’s King Dance: किंग में सुहाना का स्पेशल डांस नंबर

किंग में सुहाना का स्पेशल डांस नंबर
शाहरुख खान की मचअवेटेड फिल्म ‘किंग’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। फिल्म में सुहाना खान भी अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी और अब चर्चा है कि उनके लिए एक स्पेशल डांस नंबर तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गाने को पीयूष भगत और शाजिया समजी कोरियोग्राफ करेंगे।

 

गाने को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट
पीयूष भगत ने सोशल मीडिया पर ‘किंग’ से जुड़े नए प्रोजेक्ट को लेकर पोस्ट शेयर की है। उन्होंने फिल्म से जुड़े इस मौके को खास बताते हुए आने वाले गानों का इंतजार करने की बात कही। इस अपडेट के बाद फिल्म के नए गाने और सुहाना खान के डांस नंबर को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।

 

सचिन-जिगर तैयार कर रहे हैं संगीत
फिल्म के गानों का संगीत सचिन-जिगर तैयार कर रहे हैं, जबकि अनिरुद्ध रविचंदर बैकग्राउंड स्कोर और मेन थीम पर काम कर रहे हैं। ऐसे में ‘किंग’ के म्यूजिक को लेकर भी काफी चर्चा है। हालांकि सुहाना खान के स्पेशल डांस नंबर को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

 

किंग में नजर आएगी बड़ी स्टारकास्ट
‘किंग’ एक एक्शन थ्रिलर फिल्म बताई जा रही है, जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म में शाहरुख खान और सुहाना खान के अलावा दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अरशद वारसी, रानी मुखर्जी और अभय वर्मा समेत कई कलाकारों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

 

सुहाना का होगा थिएट्रिकल डेब्यू
सुहाना खान ने 2023 में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘द आर्चीज’ से अभिनय की शुरुआत की थी। ‘किंग’ उनके करियर की बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में शामिल होगी। अगर स्पेशल डांस नंबर फिल्म का हिस्सा बनता है, तो यह सुहाना के किरदार और फिल्म के म्यूजिकल एंगल को लेकर एक अलग आकर्षण जोड़ सकता है।

 

दिसंबर में रिलीज की तैयारी
रिपोर्ट के मुताबिक ‘किंग’ इसी साल दिसंबर में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म को लेकर शाहरुख खान के फैन्स के बीच पहले से ही काफी उत्सुकता है। वहीं सुहाना खान के डांस नंबर की खबर सामने आने के बाद फिल्म के गानों और उनके स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर चर्चा और बढ़ गई है। फिलहाल इस डांस नंबर की आधिकारिक पुष्टि और रिलीज से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

Maurya Joins INDIA Bloc: स्वामी प्रसाद मौर्य ने बदला सियासी रुख

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद ऐलान
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने 3 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन में शामिल होगी और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेगी। इस घटनाक्रम की पुष्टि आजतक और भास्कर डिजिटल की रिपोर्टों में भी की गई है।

 

मौर्य ने बताया गठबंधन का आधार
मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि उनकी पार्टी ने इंडिया गठबंधन के साथ रहने का फैसला विचारधारात्मक समानता के आधार पर किया है। उन्होंने राहुल गांधी के दलितों और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाने का भी उल्लेख किया। मौर्य ने अपनी राजनीतिक प्राथमिकता के तौर पर भाजपा के खिलाफ काम करने की बात कही।

 

यूपी चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलों के बीच गठबंधन और संगठनात्मक बदलाव को लेकर गतिविधियां तेज हैं। हाल के दिनों में कांग्रेस ने भी अपने यूपी संगठन में बदलाव किया है और आराधना मिश्रा मोना को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। ऐसे में मौर्य की पार्टी का कांग्रेस के साथ आने का ऐलान राज्य की चुनावी राजनीति में एक नया घटनाक्रम है।

 

कई दलों में रह चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वह बहुजन समाज पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे और योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का रुख किया था। बाद में सपा से अलग होकर उन्होंने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी बनाई।

 

कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी
मौर्य ने कहा है कि उनकी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेगी। हालांकि सीटों के बंटवारे और चुनावी तालमेल की विस्तृत रूपरेखा अभी सामने नहीं आई है। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच भी 2027 के यूपी चुनाव को लेकर गठबंधन जारी रखने और सीट बंटवारे पर चर्चा का दौर चल रहा है।

Maruti Boosts Production: Maruti की 2 लाख बुकिंग, बढ़ा प्रोडक्शन

2 लाख से ज्यादा कारों की बुकिंग पेंडिंग
त्योहारी सीजन से पहले Maruti Suzuki के सामने बढ़ती कारों की डिमांड को पूरा करने की चुनौती है। कंपनी के पास 1 अक्टूबर 2026 तक 2 लाख से ज्यादा कारों की बुकिंग पेंडिंग थी। यानी ग्राहकों ने कारें बुक कर दी हैं, लेकिन उन्हें अभी डिलीवरी का इंतजार है। बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने प्रोडक्शन बढ़ाना शुरू कर दिया है, ताकि पेंडिंग बुकिंग को समय पर पूरा किया जा सके।

 

डीलर नेटवर्क के पास 17 दिन का स्टॉक
कंपनी के डीलर नेटवर्क के पास 1 अक्टूबर तक करीब 17 दिनों का स्टॉक था। ऐसे में त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने पर सप्लाई बनाए रखना कंपनी के लिए अहम है। Maruti Suzuki के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मार्केटिंग एंड सेल्स पार्थो बनर्जी के मुताबिक, कंपनी को प्रोडक्शन बढ़ाने के साथ कारों की क्वालिटी और उपलब्धता दोनों पर ध्यान देना होगा। इसके लिए हरियाणा के खरखौदा में शुरू हुए नए प्लांट से भी उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।

 

सितंबर में घरेलू बिक्री करीब 30% बढ़ी
सितंबर 2026 में Maruti Suzuki की घरेलू बिक्री में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी ने अन्य वाहन निर्माताओं की बिक्री समेत कुल 1,91,794 यूनिट बेचीं, जो सितंबर 2025 की तुलना में करीब 30 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एक्सपोर्ट कारोबार भी मजबूत रहा और सितंबर में 44,219 गाड़ियां विदेश भेजी गईं। अप्रैल से सितंबर की पहली छमाही में कंपनी का एक्सपोर्ट 2.32 लाख यूनिट तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 12.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

 

Brezza की बुकिंग 95 हजार के पार
Maruti की पेंडिंग बुकिंग में Brezza की बड़ी हिस्सेदारी है। इसकी बुकिंग 95,000 यूनिट का आंकड़ा पार कर चुकी है और कंपनी को इसके जल्द 1 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है। सितंबर में Brezza की 15,000 से ज्यादा यूनिट बिकीं। बढ़ती मांग को देखते हुए खरखौदा प्लांट में इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक Brezza की कुल बुकिंग में करीब 38 प्रतिशत टर्बो वेरिएंट, 40 प्रतिशत CNG वर्जन और 22 प्रतिशत 1.5-लीटर पेट्रोल वेरिएंट की हिस्सेदारी है।

 

SUV और छोटी कारों की मांग भी बढ़ी
Maruti Suzuki के मुताबिक वित्त वर्ष की पहली छमाही में एंट्री-लेवल हैचबैक की बिक्री में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि मिड-साइज हैचबैक सेगमेंट में 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। SUV सेगमेंट की बिक्री 56 प्रतिशत बढ़ी। इससे कंपनी के अलग-अलग कार सेगमेंट में मांग बढ़ने का संकेत मिलता है। अपडेटेड Baleno ने भी लॉन्च के पहले महीने में 25,000 यूनिट की बिक्री दर्ज की।

 

त्योहारी सीजन से पहले सप्लाई बढ़ाने पर फोकस
बढ़ती बुकिंग के बीच Maruti Suzuki का मुख्य फोकस अब उत्पादन और सप्लाई को बेहतर करने पर है। नए खरखौदा प्लांट से उत्पादन बढ़ाने और पेंडिंग ऑर्डर को पूरा करने की कोशिश की जा रही है। कंपनी के सामने त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग के साथ डीलर नेटवर्क में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की चुनौती भी है। आने वाले समय में बढ़ा हुआ उत्पादन डिलीवरी में कितना सुधार करता है, यह कंपनी की सप्लाई क्षमता पर निर्भर करेगा।