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ROI Wins Irani Cup: मुकेश कुमार के सिक्सर से जम्मू-कश्मीर ढेर

मुकेश कुमार के छह विकेट से जम्मू-कश्मीर ढेर
ईरानी कप 2026 में रेस्ट ऑफ इंडिया ने जम्मू-कश्मीर को 167 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। जीत में तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की घातक गेंदबाजी सबसे अहम रही, जिन्होंने दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया। आकाशदीप ने 3 और मुकेश चौधरी ने 1 विकेट लेकर उनका शानदार साथ दिया। रेस्ट ऑफ इंडिया ने चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

 

279 रन के लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी J&K
जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 279 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम दूसरी पारी में रेस्ट ऑफ इंडिया के तेज गेंदबाजों का सामना नहीं कर सकी। सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल ने 32 और शुभम खजुरिया ने 36 रन बनाकर टीम को शुरुआती मजबूती देने की कोशिश की, लेकिन दोनों के आउट होने के बाद पारी लगातार लड़खड़ाती चली गई। इसके बाद रेस्ट ऑफ इंडिया के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालते हुए दबाव बनाए रखा।

 

मुकेश कुमार ने 6/33 के आंकड़े से मचाया कहर
मुकेश कुमार ने अपनी स्विंग और सटीक लाइन-लेंथ से जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। उन्होंने दूसरी पारी में 33 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। कप्तान पारस डोगरा बिना खाता खोले मुकेश कुमार की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए, जबकि अब्दुल समद को 20 रन के स्कोर पर मुकेश चौधरी ने आउट किया। आकाशदीप ने भी तीन विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर की पारी को संभलने का मौका नहीं दिया।

 

पहली पारी में J&K ने बनाई थी बढ़त
रेस्ट ऑफ इंडिया ने पहली पारी में 237 रन बनाए थे, जिसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने 278 रन बनाकर 41 रन की बढ़त हासिल की थी। इसके बाद रेस्ट ऑफ इंडिया ने दूसरी पारी में जोरदार वापसी करते हुए 319 रन बनाए और जम्मू-कश्मीर के सामने 279 रन का लक्ष्य रखा। बल्लेबाजों की इस वापसी के बाद गेंदबाजों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को चैंपियन बना दिया।

 

रविचंद्रन समरान का शानदार शतक
रेस्ट ऑफ इंडिया की दूसरी पारी में रविचंद्रन समरान ने शानदार 135 रन की पारी खेली। उनके अलावा सानत सांगवान ने 55, सुदीप कुमार घरामी ने 33 और सारांश जैन ने 25 रन बनाए। इन पारियों की मदद से रेस्ट ऑफ इंडिया ने जम्मू-कश्मीर के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, जिसे हासिल करने में विरोधी टीम नाकाम रही।

 

तेज गेंदबाजों की तिकड़ी ने दिलाई खिताबी जीत
रेस्ट ऑफ इंडिया की जीत में मुकेश कुमार, आकाशदीप और मुकेश चौधरी की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने निर्णायक भूमिका निभाई। दूसरी पारी में तीनों ने मिलकर जम्मू-कश्मीर की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मुकेश कुमार के छह विकेट के साथ आकाशदीप के तीन और मुकेश चौधरी के एक विकेट ने टीम की जीत सुनिश्चित कर दी और रेस्ट ऑफ इंडिया ने 167 रन से मुकाबला जीतकर ईरानी कप 2026 पर कब्जा कर लिया।

BJP Rajya Sabha Picks: BJP ने राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवारों का किया ऐलान

BJP ने दो राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए
भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है। पार्टी ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य और पश्चिम बंगाल से कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाया है। दोनों नामों के ऐलान के साथ इन राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

 

16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव और पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए उपचुनाव 16 अक्टूबर को होगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। उत्तराखंड से बीजेपी के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है।

 

पश्चिम बंगाल की खाली सीट पर उपचुनाव
पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट रुक्मिणी मल्लिक, जिन्हें कोयल मल्लिक के नाम से भी जाना जाता है, के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंपा था। उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2032 तक था, लेकिन इस्तीफे के बाद सीट रिक्त हो गई और अब इस पर उपचुनाव कराया जा रहा है।

 

TMC के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं कोयल मल्लिक
कोयल मल्लिक को 2026 में तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था और उन्होंने उच्च सदन के सदस्य के तौर पर शपथ ली थी। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल की खाली राज्यसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है।

 

बंगाल में राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चुनाव
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा सीट के उपचुनाव का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में कई बदलाव देखने को मिले हैं। टीएमसी से नेताओं के अलग होने और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के समर्थन में जाने के घटनाक्रम के बीच राज्यसभा सीट के लिए होने वाला यह चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

बीजेपी उम्मीदवारों के ऐलान से मुकाबला हुआ दिलचस्प
उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के लिए उम्मीदवार घोषित करने के बाद अब राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की रणनीति स्पष्ट हो गई है। 16 अक्टूबर को मतदान के बाद इसी दिन परिणाम भी सामने आएंगे। दोनों राज्यों में उम्मीदवारों के चयन के बाद चुनावी समीकरणों पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

Panna Couple Finds Diamonds: पन्ना में दंपति को दो दिन में मिले चार हीरे

दो दिन में दंपति को मिले चार हीरे
मध्य प्रदेश के पन्ना में एक दंपति की किस्मत दो दिनों के भीतर चार हीरे मिलने से चमक गई। स्थानीय स्तर पर पट्टे पर जमीन लेकर हीरे की तलाश करने वाले इस दंपति को खुदाई के दौरान ये कीमती पत्थर मिले हैं। चारों हीरों की वास्तविक कीमत फिलहाल तय नहीं हुई है और इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा जांच एवं मूल्यांकन किया जाएगा।

 

हीरा कार्यालय में होगी जांच
बरामद किए गए चारों हीरों को नियमानुसार हीरा कार्यालय में जमा कराया जाएगा, जहां उनके वजन, गुणवत्ता और पारदर्शिता समेत अन्य मानकों की जांच की जाएगी। मूल्यांकन पूरा होने के बाद इन हीरों को सरकारी नियमों के अनुसार नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी में मिलने वाली राशि के आधार पर इनकी वास्तविक कीमत सामने आएगी।

 

नीलामी के बाद दंपति को मिलेगी रकम
हीरों की नीलामी से प्राप्त राशि में से नियमानुसार रॉयल्टी और अन्य निर्धारित शुल्क काटे जाएंगे। इसके बाद बची हुई राशि संबंधित हीरा धारक को दी जाएगी। ऐसे में दंपति के लिए इन चार हीरों की नीलामी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि उन्हें मिलने वाली अंतिम रकम हीरों की गुणवत्ता और नीलामी में मिलने वाली बोली पर निर्भर करेगी।

 

पन्ना हीरों के लिए देशभर में प्रसिद्ध
पन्ना लंबे समय से हीरे की खदानों और खनन गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थानीय लोग पट्टे पर जमीन लेकर हीरों की तलाश करते हैं और खुदाई के दौरान कई बार साधारण परिवारों को भी कीमती हीरे मिल जाते हैं। ऐसे मामलों में हीरे की खोज परिवारों के लिए आर्थिक स्थिति बदलने की उम्मीद पैदा करती है।

 

चारों हीरों की कीमत अभी साफ नहीं
फिलहाल मिले चारों हीरों की कीमत को लेकर कोई अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। हीरे की कीमत उसके वजन, गुणवत्ता, पारदर्शिता और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर तय होगी। दंपति अब हीरा कार्यालय की प्रक्रिया और उसके बाद होने वाली नीलामी का इंतजार कर रहा है। नीलामी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चारों हीरों से उन्हें कितनी राशि प्राप्त होती है।

Premanand Ashram Controversy: प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर CM योगी से शिकायत

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर CM योगी से शिकायत
वृंदावन के श्री राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़े विवाद को लेकर फलाहारी महाराज ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा की मांग की है। पत्र में उन्होंने आश्रम के भीतर कथित तौर पर दो गुट सक्रिय होने का दावा किया है और प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा होने की आशंका जताई है। ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

 

बेलवन आश्रम क्यों गए प्रेमानंद महाराज?
फलाहारी महाराज का दावा है कि केलि कुंज आश्रम से जुड़े कुछ लोगों और कथित तौर पर प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े संतों को लेकर प्रेमानंद महाराज नाराज थे। शिकायत में कहा गया है कि इसी विवाद के बीच प्रेमानंद महाराज कई तपस्वी संतों के साथ बेलवन आश्रम चले गए। हालांकि महाराज के वहां जाने के पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

 

आश्रम में दो गुट होने का दावा
फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आश्रम के भीतर दो गुट होने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, एक तरफ वास्तविक संतों का समूह है, जबकि दूसरे समूह में ऐसे लोग शामिल हैं जिन पर उन्होंने संपत्ति कारोबार और अन्य गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग प्रेमानंद महाराज की छवि का इस्तेमाल कर कई आश्रम संचालित कर रहे हैं। इन दावों की पुष्टि संबंधित पक्षों या किसी आधिकारिक जांच से होना अभी बाकी है।

 

बच्चों के गायब होने को लेकर भी लगाए आरोप
शिकायत में केलि कुंज आश्रम से बच्चों के गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। फलाहारी महाराज ने आशंका जताई कि बच्चों को कथित तौर पर आपराधिक गिरोह निशाना बना सकते हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इन गंभीर आरोपों पर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं।

 

अनुज चौधरी के मामले में पुलिस ने क्या बताया
इसी विवाद के बीच 17 वर्षीय अनुज चौधरी के परिवार ने भी वृंदावन के श्री राधा केलि कुंज आश्रम के पास धरना दिया था। परिवार का आरोप था कि करीब तीन महीने से अनुज के बारे में उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त हुआ। पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम अनुज बरसाना के एक आश्रम में मिल गया, जो वृंदावन से करीब 45 किलोमीटर दूर बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, वह वहीं रह रहा था।

 

जांच और सुरक्षा की मांग
फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। विवाद में सामने आए आरोप गंभीर हैं, लेकिन अभी तक इन्हें आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यदि प्रशासन की ओर से जांच शुरू होती है तो उसके निष्कर्षों से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

Who Is Neha Bora: कौन हैं नेहा बोरा, क्यों फिर चर्चा में आईं

जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद फिर चर्चा में नेहा बोरा
छात्र नेता और सामाजिक कार्यकर्ता नेहा बोरा इन दिनों जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बाद चर्चा में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट संशोधन की SIR प्रक्रिया के खिलाफ AISA, CJP और विपक्षी दलों से जुड़े प्रदर्शन के दौरान नेहा के सड़क पर बैठने और बाद में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें उठाकर पुलिस वैन तक ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। नेहा ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया।

 

कौन हैं नेहा बोरा?
नेहा बोरा को छात्र नेता, रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और शोधार्थी के तौर पर जाना जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और युवा राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने सामाजिक मुद्दों को उठाने के लिए नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता अभियानों में भी हिस्सा लिया है। वह मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र से बताई जाती हैं और उनके पिता भारतीय सेना में रहे हैं, जिसके कारण उनका बचपन अलग-अलग शहरों में बीता।

 

पढ़ाई और रिसर्च से भी जुड़ी हैं
नेहा बोरा ने सिलीगुड़ी के दिल्ली पब्लिक स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से समाजशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली से मास्टर डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में पीएचडी शोधार्थी बताई जाती हैं। उनकी शोध रुचि थिएटर और कला के सामाजिक अध्ययन से जुड़ी है।

 

23 दिनों तक की थी भूख हड़ताल
नेहा बोरा पहले भी छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका के कारण चर्चा में रही हैं। जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य छात्र नेताओं के साथ 23 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई थी।

 

झारखंड और प्रयागराज के आंदोलनों में भी सक्रियता
अगस्त 2026 में रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ विधानसभा मार्च के दौरान नेहा के ऊपर स्याही फेंके जाने की घटना भी चर्चा में रही। सितंबर 2026 में प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों के आंदोलन को समर्थन देने के कारण भी उनका नाम सुर्खियों में आया। इन घटनाओं के जरिए वह छात्र और युवा आंदोलनों से जुड़े एक चर्चित चेहरे के रूप में सामने आई हैं।

 

अभिजीत दीपके ने भी की तारीफ
CJP नेता और आंदोलनकारी अभिजीत दीपके ने हाल ही में नेहा बोरा की नेतृत्व क्षमता और प्रतिभा की सार्वजनिक रूप से सराहना की। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने नेहा को अभिजीत दीपके से अधिक प्रतिभाशाली बताते हुए उन्हें Gen-Z आइकॉन कहा था। इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए दीपके ने ‘I agree’ लिखकर अपनी सहमति जताई। इसके बाद नेहा बोरा को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और बढ़ गई।

Journalists’ Complaint Probe: तीन महिला पत्रकारों की शिकायत क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर

तीन महिला पत्रकारों की शिकायत क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर
दिल्ली पुलिस ने 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ी शिकायतों को अपराध शाखा को सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतों को निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेजा गया है। मामले में फिलहाल आरोपों की जांच की जा रही है और किसी आरोपी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का अंतिम फैसला जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।

 

एक महिला पत्रकार ने ACP पर लगाया आरोप
मामले में एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि वह विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थीं, तभी सहायक पुलिस आयुक्त विवेक भगत ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। पत्रकार के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल किया था, जिसके बाद कथित घटना हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर भी अपनी शिकायत सामने रखी और आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचने के बावजूद लंबे समय तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

 

पुलिस ने शिकायत दर्ज होने और मेडिकल जांच की बात कही
दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि तीन महिलाओं ने शाम करीब 6 बजे खुद को पत्रकार बताते हुए हिरासत के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित हाथापाई से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज कराईं। पुलिस के अनुसार, शिकायतें दर्ज कर ली गई हैं और शिकायतकर्ताओं की मेडिकल जांच भी कराई गई है। पुलिस ने मामले को आगे की निष्पक्ष जांच के लिए अपराध शाखा को भेजने की जानकारी दी है।

 

क्राइम ब्रांच करेगी आरोपों की जांच
पुलिस के अनुसार, अब अपराध शाखा शिकायतकर्ताओं और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज करेगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों और फुटेज की जांच करेगी। दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों से भी संबंधित वीडियो फुटेज साझा करने की अपील की है, जिनके पास प्रदर्शन के दौरान की रिकॉर्डिंग मौजूद है। इससे घटनाक्रम की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

प्रदर्शन और हिरासत को लेकर पुलिस का पक्ष
डीसीपी नेहा यादव के अनुसार, क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने के बावजूद 3 अक्टूबर को एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को निर्धारित प्रतिबंधों के तहत जगह खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन पालन नहीं करने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इसी दौरान शिकायतें मिलने की बात कही है।

 

प्रेस काउंसिल ने जताई चिंता
मामले पर भारतीय प्रेस परिषद ने प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर चिंता और निराशा जताई। परिषद ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने और पत्रकारों को बिना डर या दबाव के अपना काम करने का अवसर सुनिश्चित करने की अपील की। मामले की जांच अब अपराध शाखा द्वारा की जा रही है और आगे की कार्रवाई उसके निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

Rekha Gupta Inspects Azadpur: आजादपुर में CM रेखा गुप्ता का सफाई अभियान

आजादपुर में CM रेखा गुप्ता का सफाई अभियान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आजादपुर में ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंट्रल वर्ज, फुटपाथ, सड़क किनारे की दीवारों, जल निकासी व्यवस्था और आसपास के सार्वजनिक स्थलों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से सफाई व्यवस्था और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जानकारी ली तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

 

गंदगी और अतिक्रमण का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने फुटपाथ पर फल विक्रेताओं की दुकानों और उससे जुड़ी अतिक्रमण की स्थिति को देखा। उन्होंने सड़क किनारे की दीवारों पर लगे अनधिकृत विज्ञापनों और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संरचनाओं की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए, जिससे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित किए बिना पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ सुगम रहे और क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी बनी रहे।

 

सेंट्रल वर्ज और अंडरपास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने आजादपुर के सेंट्रल वर्ज और आसपास के इलाकों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अंडरपास और आसपास की लंबी दीवारों को वॉल पेंटिंग तथा सौंदर्यीकरण के जरिए बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बेहतर समन्वय के साथ सफाई, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

 

फल विक्रेताओं और श्रमिकों से किया संवाद
रेखा गुप्ता ने फुटपाथ पर फल की दुकानें लगाने वाले लोगों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी के लिए व्यवसाय करने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित समाधान निकाला जाएगा। आजादपुर मंडी में उन्होंने फल विक्रेताओं और श्रमिकों से भी सफाई बनाए रखने की अपील की और काम खत्म होने के बाद आसपास कूड़ा नहीं छोड़ने पर जोर दिया।

 

जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि फुटपाथ और आसपास छोड़ा गया कचरा नालियों तक पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अधिकारियों, मंडी श्रमिकों और फल विक्रेताओं के सहयोग से व्यवस्थित सफाई व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाने और नागरिकों के सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

 

अटल चौक के विकास की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादपुर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे एक चौक को ‘अटल चौक’ नाम दिया जाएगा। यहां दिसंबर में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने चौक और उससे जुड़ी सड़क को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ क्षेत्र में हरियाली, बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

 

स्वच्छता को जीवनशैली बनाने की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन चलने वाला अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली और संस्कार का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर के साथ गली, मोहल्ले, बाजार और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से निर्धारित स्थान पर कूड़ा डालने, सार्वजनिक जगहों पर गंदगी नहीं फैलाने और दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने की अपील की।

AK-47 Arms Smuggling Busted: पंजाब में AK-47 और हैंड ग्रेनेड की खेप बरामद

अमृतसर में हथियारों की बड़ी खेप बरामद
त्योहारों से पहले पंजाब में अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ अमृतसर देहाती पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से AK-47 राइफल, मैगजीन, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से पंजाब की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश से जुड़े एक नेटवर्क का पता चला है।

 

तस्कर की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान बब्बा पुत्र भोला सिंह, निवासी चीमा खुर्द, थाना सराए अमानत खां, जिला तरनतारन के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में उसके संपर्क विदेश में बैठे कथित देश विरोधी तत्वों से होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके संपर्कों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

 

पाकिस्तान से आई थी हथियारों की खेप
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि बरामद हथियारों और विस्फोटकों की खेप पाकिस्तान से सीमा पार कर भारत भेजी गई थी। बरामदगी के बाद अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

किसे सप्लाई होने थे हथियार?
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि AK-47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड किसे सौंपे जाने थे और इनके पीछे किसी बड़ी वारदात की योजना थी या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपी के नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।

 

पंजाब पुलिस ने सख्त कार्रवाई की बात कही
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हथियारों की खेप पकड़ी। बरामदगी में AK-47 राइफल के साथ उसकी मैगजीन, जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पंजाब की अमन-शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Nai Naveli Trailer Buzz: यामी गौतम की नई नवेली का ट्रेलर छाया

यामी गौतम की नई नवेली का ट्रेलर चर्चा में
यामी गौतम धर स्टारर फिल्म ‘नई नवेली’ का ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों का ध्यान खींच रहा है। यूट्यूब पर ट्रेलर को अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की बात सामने आई है। ट्रेलर में यामी एक नई बहू के किरदार में नजर आ रही हैं, लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ उनके किरदार के आसपास छिपे रहस्य सामने आने लगते हैं। फैंटेसी, ह्यूमर, मिस्ट्री और एक्शन के मेल ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

 

मोहिनी के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी
फिल्म की कहानी मोहिनी के किरदार पर केंद्रित है, जो अवस्थी परिवार की नई बहू बनकर घर में आती है। शुरुआत में वह एक परफेक्ट नई बहू जैसी दिखाई देती है, लेकिन धीरे-धीरे उसके आसपास मौजूद रहस्य गहराने लगते हैं। ट्रेलर में पारिवारिक माहौल के साथ फैंटेसी एलिमेंट्स को जोड़ा गया है, जिससे कहानी को एक अलग अंदाज मिलता है। फिल्म की एन्सेम्बल कास्ट कहानी में ह्यूमर और अफरा-तफरी का माहौल भी जोड़ती है।

 

फैंटेसी और मिस्ट्री का अलग अंदाज
‘नई नवेली’ में एक सामान्य भारतीय परिवार की पृष्ठभूमि के बीच रहस्यमय और फैंटेसी से जुड़े घटनाक्रम दिखाए गए हैं। ट्रेलर में कहानी को लार्जर-देन-लाइफ अंदाज में पेश किया गया है, जिससे फिल्म की दुनिया सामान्य पारिवारिक कहानियों से अलग नजर आती है। यामी गौतम का किरदार कहानी के केंद्र में होने के कारण दर्शकों की नजर खास तौर पर मोहिनी के रहस्य पर बनी हुई है।

 

16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज
बालाजी मोहन के निर्देशन में बनी ‘नई नवेली’ को हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखा है। फिल्म में यामी गौतम धर के साथ अदिनाथ एम. कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुस्मिता मुखर्जी और प्रतीक पचोरी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा फिल्म के निर्माता हैं, जबकि संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार ने दिया है। फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

 

ट्रेलर के रिस्पॉन्स से बढ़ी उम्मीदें
फिल्म की रिलीज दशहरा के आसपास होने वाली है और ट्रेलर को यूट्यूब पर मिल रहे रिस्पॉन्स से मेकर्स को दर्शकों की दिलचस्पी का संकेत मिल रहा है। कहानी में पारिवारिक रिश्तों, कॉमेडी, फैंटेसी, रहस्य और एक्शन के मिश्रण के कारण ‘नई नवेली’ को लेकर सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा बढ़ रही है। अब देखना होगा कि 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज के बाद फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

Box Becomes Portable Socket: डिब्बी से बना पोर्टेबल सॉकेट हुआ वायरल

डिब्बी से बना पोर्टेबल सॉकेट
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पिता का अनोखा जुगाड़ चर्चा में है। वायरल वीडियो में एक सामान्य डिब्बी को इस तरह इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है कि वह पोर्टेबल मल्टी-सॉकेट जैसा नजर आता है। वीडियो में बेटी अपने पापा से पूछती हैं कि उन्होंने डिब्बी से आखिर क्या बना दिया, जिसके बाद वह इसे सफर के दौरान काम आने वाला मल्टी सॉकेट बताते हैं।

 

सफर के लिए बताया गया उपयोगी जुगाड़
वीडियो में पिता बताते हैं कि यह प्रयोग ऐसी जगहों के लिए बनाया गया है, जहां जरूरत के मुताबिक बिजली के सॉकेट आसानी से उपलब्ध नहीं होते। डिब्बी को दोबारा इस्तेमाल करके तैयार किए गए इस जुगाड़ ने लोगों का ध्यान खींच लिया और सोशल मीडिया पर इसे देसी क्रिएटिविटी के उदाहरण के तौर पर देखा जाने लगा।

 

बेटी ने शेयर किया वीडियो
यह वीडियो स्वाति नौटियाल ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में पिता के बनाए इस जुगाड़ को दिखाते हुए बेटी की प्रतिक्रिया भी नजर आती है। साधारण चीज को नए तरीके से इस्तेमाल करने का यह अंदाज लोगों को पसंद आया और वीडियो पर यूजर्स ने अपने अनुभव और मजेदार प्रतिक्रियाएं साझा करनी शुरू कर दीं।

 

लोग बोले- यही है इंडियन जुगाड़
वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने भारतीय जुगाड़ की तारीफ की। कुछ लोगों ने इसे छुट्टी के दिन पापा की क्रिएटिविटी से जोड़ते हुए मजेदार कमेंट किए। एक यूजर ने इसे 'एवरेज पापा ऑन संडे' बताया, जबकि दूसरे यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ आइडिया
इस वीडियो ने एक बार फिर दिखाया कि रोजमर्रा की बेकार समझी जाने वाली चीजों को नए तरीके से इस्तेमाल करने के आइडिया सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच सकते हैं। हालांकि बिजली से जुड़े किसी भी DIY प्रयोग को बिना पर्याप्त तकनीकी जानकारी और सुरक्षा व्यवस्था के खुद दोहराना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए ऐसे वायरल जुगाड़ को केवल मनोरंजन और क्रिएटिविटी के उदाहरण के तौर पर देखना बेहतर है।