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Sonakshi Vintage Flip: सोनाक्षी सिन्हा के हाथ में दिखा विंटेज फ्लिप फोन

सोनाक्षी के हाथ में दिखा विंटेज फोन
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें वह एक क्लासिक फ्लिप डिजाइन वाले बटन फोन के साथ नजर आ रही हैं। आज के टचस्क्रीन स्मार्टफोन के दौर में सोनाक्षी के हाथ में दिख रहे इस पुराने स्टाइल के फोन ने फैंस और टेक लवर्स का ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इसे Nokia N93 बता रहे हैं, जबकि फोन के फ्लिप कवर और कैमरा डिजाइन को देखकर कुछ लोग इसे Motorola RAZR V3 से जोड़ रहे हैं। हालांकि उपलब्ध वीडियो में फोन का ब्रांड या मॉडल नंबर साफ दिखाई नहीं देता, इसलिए इसकी सटीक पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

Nokia N93 होने का दावा
वीडियो को लेकर किए जा रहे दावों में Nokia N93 का नाम सबसे ज्यादा सामने आ रहा है। Nokia N93 को 2006 में पेश किया गया था और यह अपने खास घूमने वाले डिजाइन तथा कैमरा फीचर्स के लिए जाना जाता था। फोन को इस तरह डिजाइन किया गया था कि इसके कैमरा हिस्से को घुमाकर इसे वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान छोटे कैमकॉर्डर की तरह इस्तेमाल किया जा सके। इसमें फिजिकल कीपैड, एक्सटर्नल डिस्प्ले और फ्लिप फॉर्म फैक्टर जैसे फीचर्स थे, जिसकी वजह से उस समय यह प्रीमियम मोबाइल डिवाइस के तौर पर चर्चित रहा था।

 

Motorola RAZR V3 से भी मिलती है बनावट
दूसरी ओर, सोनाक्षी के हाथ में नजर आ रहे फोन की बाहरी बनावट Motorola RAZR V3 जैसी भी बताई जा रही है। खासकर फ्लिप कवर पर दिखाई देने वाला कैमरा और फोन का पतला क्लैमशेल डिजाइन Motorola के पुराने RAZR मॉडल की याद दिलाता है। लेकिन वीडियो में फोन का लोगो या मॉडल नाम स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे निश्चित रूप से Nokia N93 या Motorola RAZR V3 कहना संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रहे दोनों दावे फिलहाल उपलब्ध दृश्य के आधार पर लगाए जा रहे अनुमान हैं।

 

रेट्रो फोन फिर क्यों पसंद किए जा रहे हैं
विंटेज और फीचर फोन का इस्तेमाल आज केवल जरूरत तक सीमित नहीं रह गया है। डिजिटल डिटॉक्स, कम स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए कुछ लोग बेसिक फोन का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। इसके अलावा 1990 और 2000 के दशक के रेट्रो फैशन और गैजेट्स भी युवाओं के बीच दोबारा चर्चा में आए हैं। ऐसे में पुराने फ्लिप फोन कई लोगों के लिए तकनीकी जरूरत के साथ-साथ फैशन और स्टाइल स्टेटमेंट का हिस्सा भी बन रहे हैं। सोनाक्षी ने यह फोन किस वजह से इस्तेमाल किया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

 

क्या आज Nokia N93 या RAZR V3 खरीद सकते हैं?
Nokia N93 और Motorola RAZR V3 दोनों पुराने मॉडल हैं और अब सामान्य नए स्मार्टफोन की तरह आधिकारिक रिटेल बिक्री में उपलब्ध नहीं हैं। पुराने फोन सेकेंड-हैंड या कलेक्टर मार्केट में कभी-कभी मिल सकते हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता और कीमत मॉडल की स्थिति, ओरिजिनल पार्ट्स और काम करने की हालत पर निर्भर करती है। इसलिए सोनाक्षी के हाथ में दिखे फोन की सही पहचान होने के बाद ही यह तय किया जा सकेगा कि वह इनमें से कोई पुराना मॉडल है या किसी अन्य विंटेज फ्लिप फोन का इस्तेमाल कर रही थीं।

Anthropic IPO Race: Anthropic का IPO, 2 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन का लक्ष्य

Anthropic के IPO की तैयारी

AI कंपनी Anthropic शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी का Claude AI मॉडल तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बीच उसके IPO से जुड़े दस्तावेजों में कारोबार, खर्च, घाटे और भविष्य की योजनाओं की कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक Anthropic 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। यदि कंपनी इस स्तर तक पहुंचती है तो उसकी संभावित वैल्यूएशन SpaceX की बताई गई 1.77 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन से भी ज्यादा हो सकती है। हालांकि इतनी बड़ी वैल्यूएशन के साथ कंपनी के सामने AI मॉडल को विकसित और संचालित करने की भारी लागत भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई ।

 

2025 में बढ़ी आमदनी, लेकिन भारी घाटा

 में आमदनी करीब 4.6 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 12 गुना अधिक बताई गई है। इसके बावजूद कंपनी ने करीब 42 अरब डॉलर का नेट लॉस दर्ज किया। इस घाटे का बड़ा हिस्सा नकद खर्च से संबंधित नहीं था। करीब 34 अरब डॉलर का हिस्सा ऐसे अकाउंटिंग चार्ज से जुड़ा बताया गया है, जो भविष्य में शेयरों में बदली जा सकने वाली फाइनेंसिंग की अनुमानित कीमत बढ़ने से आया। वहीं कंपनी का ऑपरेटिंग लॉस 8 अरब डॉलर से अधिक रहा, जिससे AI कारोबार में तेजी से बढ़ती आय के साथ बढ़ते खर्च का अंतर भी सामने आता है।

 

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों डॉलर का खर्च

AI मॉडल को ट्रेन करने और उन्हें लगातार चलाने के लिए बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता और महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। Anthropic ने 2025 में कंप्यूटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 7.33 अरब डॉलर खर्च किए, जो 2024 की तुलना में लगभग तीन गुना था। यह खर्च कंपनी के कुल 12.65 अरब डॉलर के ऑपरेटिंग खर्च के आधे से अधिक रहा। 31 दिसंबर तक कंपनी के पास करीब 20.28 अरब डॉलर की नकदी, नकदी के बराबर संपत्तियां और शॉर्ट-टर्म निवेश थे। इसके बावजूद आने वाले वर्षों में क्लाउड, कंप्यूटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 518 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत बताई गई है।

 

2021 में हुई थी Anthropic की शुरुआत

Anthropic की स्थापना 2021 में डारियो अमोदेई और डेनिएला अमोदेई ने की थी। दोनों इससे पहले OpenAI के साथ काम कर चुके हैं। कंपनी ने 2023 में Claude AI मॉडल लॉन्च किया और इसके बाद Google तथा Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने इसमें निवेश किया। कंपनी की वैल्यूएशन मार्च 2025 में करीब 61.5 अरब डॉलर थी, जो सितंबर 2025 में 183 अरब डॉलर तक पहुंची। इसके बाद फरवरी 2026 में वैल्यूएशन करीब 380 अरब डॉलर और मई 2026 में लगभग 965 अरब डॉलर बताई गई। इससे AI कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि और Anthropic के कारोबार के तेज विस्तार का पता चलता है।

 

IPO दस्तावेजों में AI जोखिमों का जिक्र

Anthropic के IPO दस्तावेजों में AI तकनीक से जुड़े संभावित जोखिमों को लेकर भी चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने बताया है कि अधिक उन्नत AI मॉडल की ट्रेनिंग के दौरान ऐसे व्यवहार या क्षमताएं सामने आ सकती हैं जिनका पहले अनुमान लगाना मुश्किल हो। दस्तावेजों में मॉडल के बंद किए जाने का विरोध करने, जानकारी छिपाने या उसमें हेरफेर करने जैसे संभावित जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है। कंपनी के लिए AI विकास की गति के साथ सुरक्षा और नियंत्रण से जुड़े मुद्दों को संभालना भी महत्वपूर्ण चुनौती बनता जा रहा है।

 

 

AI की रफ्तार और सुरक्षा के बीच चुनौती

Anthropic के CEO डारियो अमोदेई पहले भी अधिक शक्तिशाली AI क्षमताओं को विकसित करने की गति को लेकर सावधानी बरतने की बात कह चुके हैं। उनका कहना है कि नई AI क्षमताओं को जारी करने की गति ऐसी होनी चाहिए कि सुरक्षा पर पर्याप्त काम किया जा सके। दूसरी ओर कंपनी का मानना है कि AI क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बीच आगे बने रहने के लिए नए और बेहतर मॉडल लगातार विकसित करना जरूरी है। ऐसे में Anthropic के सामने एक तरफ तेजी से बढ़ते कारोबार और संभावित 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की वैल्यूएशन का लक्ष्य है, तो दूसरी तरफ भारी कंप्यूटिंग लागत, निवेश की जरूरत और AI सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को संभालने की चुनौती भी बनी  हुई है।

Aluminium Competition: अडानी-अंबानी की एंट्री पर अनिल अग्रवाल का बड़ा बयान

एल्युमिनियम सेक्टर में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने एल्युमिनियम सेक्टर में अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज की संभावित एंट्री का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों के आने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कंपनियों पर अपनी दक्षता बढ़ाने तथा लागत कम करने का दबाव बनेगा। अग्रवाल के मुताबिक, लंबे समय में सेक्टर में ज्यादा कंपनियों की मौजूदगी से मर्जर और अधिग्रहण के अवसर भी बन सकते हैं।

 

अडानी का ओडिशा में बड़ा एल्युमिनियम प्रोजेक्ट
एल्युमिनियम क्षेत्र में अडानी ग्रुप की एंट्री की दिशा में ओडिशा में बड़ा प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। अडानी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ने करीब 11.5 अरब डॉलर के एकीकृत एल्युमिनियम प्रोजेक्ट की योजना घोषित की है। इसमें सालाना 40 लाख टन एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन एल्युमिनियम स्मेल्टर और 10 लाख टन डाउनस्ट्रीम उत्पादों की क्षमता शामिल है। यह परियोजना ओडिशा में एल्युमिनियम उत्पादन और उससे जुड़े कारोबार के विस्तार को बढ़ावा देने वाली बड़ी औद्योगिक पहल के रूप में सामने आई है।

 

रिलायंस की भी बॉक्साइट कारोबार में दिलचस्पी
रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से ओडिशा के कारलापट बॉक्साइट ब्लॉक के लिए टेंडर डॉक्यूमेंट खरीदे जाने को कंपनी की एल्युमिनियम और बॉक्साइट क्षेत्र में संभावित रुचि के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में अडानी और रिलायंस जैसे बड़े कारोबारी समूहों की संभावित गतिविधियों के बीच देश के एल्युमिनियम उद्योग में प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ सकता है। वहीं वर्तमान में वेदांता, हिंडालको इंडस्ट्रीज और सरकारी कंपनी नाल्को देश के प्रमुख प्राथमिक एल्युमिनियम उत्पादकों में शामिल हैं।

 

वेदांता का भी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
नए खिलाड़ियों की संभावित एंट्री के बीच वेदांता अपने एल्युमिनियम कारोबार के विस्तार पर भी काम कर रही है। अनिल अग्रवाल के अनुसार कंपनी अगले तीन वर्षों में एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता को करीब 60 लाख टन तक ले जाने और लंबी अवधि में इसे 1 करोड़ टन तक बढ़ाने की योजना बना रही है। अग्रवाल ने संकेत दिया कि भविष्य में उद्योग में वही कंपनियां टिकेंगी जो उत्पादन क्षमता, लागत और संचालन के स्तर पर अधिक दक्षता हासिल कर पाएंगी।

 

वेदांता करेगी 25 अरब डॉलर का निवेश
एल्युमिनियम के अलावा वेदांता समूह ने अगले तीन से पांच वर्षों में अपने विभिन्न कारोबारों में करीब 25 अरब डॉलर निवेश की योजना भी बताई है। यह निवेश एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, जिंक, स्टील और पावर सहित कई क्षेत्रों में किया जाना है। कंपनी के विस्तार कार्यक्रम में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ संसाधनों और कारोबार को मजबूत करने पर जोर है। एल्युमिनियम सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच वेदांता का यह विस्तार कार्यक्रम उद्योग में आगे होने वाले बड़े निवेश और क्षमता विस्तार की तस्वीर को भी सामने रखता है।

Isha Rikhi BB20 Exit: BB20 से बाहर हुईं ईशा रिखी, इमोशनल पोस्ट में मांगी माफी

BB20 से बाहर होने के बाद ईशा का इमोशनल पोस्ट
‘बिग बॉस 20’ से एविक्शन के बाद एक्ट्रेस और मॉडल ईशा रिखी ने सोशल मीडिया पर अपना पहला पोस्ट शेयर किया है। शो में करीब तीन सप्ताह बिताने के बाद ईशा ने अपने सफर को याद करते हुए फैंस और सपोर्ट करने वालों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने माना कि बिग बॉस के घर का अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से आसान नहीं था और कई ऐसे मौके आए जब वह अपनी बात उस तरह नहीं रख पाईं, जैसा वह चाहती थीं। ईशा ने अपने व्यवहार या प्रदर्शन से निराश हुए लोगों से माफी भी मांगी और कहा कि वह अभी भी इस पूरे अनुभव को समझने तथा इससे सीख लेने की कोशिश कर रही हैं।

 

ईशा ने फैंस के सपोर्ट को बताया खास
अपने पोस्ट में ईशा ने बिग बॉस के घर के तीन हफ्तों को भावनाओं, चुनौतियों, हंसी, आंसुओं और यादों से भरा अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि शो से बाहर आने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि दर्शकों का प्यार और समर्थन उनके लिए कितना मायने रखता है। ईशा ने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने उनका समर्थन नहीं किया, क्योंकि उनके मुताबिक हर राय और संदेश ने इस सफर का हिस्सा बनने में भूमिका निभाई। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार भावनात्मक दबाव के कारण वह खुद को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाईं और अब पूरे अनुभव को एक सीख के रूप में देख रही हैं।

 

बादशाह के वीडियो ने बढ़ाई चर्चा
ईशा के एविक्शन के बाद रैपर बादशाह ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपने फैंस के प्यार, आशीर्वाद और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। वीडियो के समय और परिस्थितियों को देखते हुए कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे ईशा के शो से बाहर होने से जोड़कर देखा और इसे उनके लिए अप्रत्यक्ष तंज माना। हालांकि बादशाह ने वीडियो में ईशा का नाम लेकर कोई टिप्पणी नहीं की और यह स्पष्ट नहीं है कि उनका पोस्ट वास्तव में ईशा के एविक्शन से जुड़ा था या नहीं।

 

यूजर्स ने बादशाह के पोस्ट पर दी प्रतिक्रियाएं
बादशाह के वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने सवाल किया कि क्या यह वीडियो ईशा के एविक्शन के बाद जानबूझकर शेयर किया गया था, जबकि कुछ लोगों ने इसे अनुचित बताते हुए बादशाह की आलोचना की। वहीं ईशा के कुछ समर्थकों ने उनके पक्ष में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी के मुश्किल समय या हार पर टिप्पणी करने के बजाय संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। इन प्रतिक्रियाओं के बावजूद बादशाह की ओर से ऐसा कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है जिसमें उन्होंने ईशा के एविक्शन पर सीधे टिप्पणी की हो।

 

रिश्ते को लेकर शो में ईशा ने किए थे दावे
‘बिग बॉस 20’ के दौरान ईशा ने अपने निजी रिश्ते को लेकर भी कुछ बातें साझा की थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया था कि उन्हें रिश्ते में भावनात्मक, व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर निराशा का सामना करना पड़ा। उन्होंने रिश्ते में अनिश्चितता और दोहरे व्यवहार को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। ये बातें ईशा द्वारा शो के दौरान कही गई थीं और इन्हें उनके व्यक्तिगत अनुभव के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

 

ईशा और बादशाह के रिश्ते का सफर
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईशा रिखी और बादशाह की मुलाकात 2021 में कॉमन दोस्तों के जरिए हुई थी और दोनों ने करीब चार साल तक डेट किया। इसके बाद मार्च 2026 में दोनों ने निजी समारोह में शादी की थी। कुछ महीनों बाद 31 अगस्त 2026 को दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की। रिश्ते के दौरान दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को काफी हद तक सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा था। अब ईशा के ‘बिग बॉस 20’ से बाहर होने के बाद उनका इमोशनल पोस्ट और बादशाह का सोशल मीडिया वीडियो मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

India Wins Archery Gold: चिकिथा-साहिल ने जीता एशियन गेम्स में गोल्ड

भारत ने जीता कंपाउंड मिक्स्ड टीम गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम आर्चरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। चिकिथा तनिपर्थी और साहिल जाधव की भारतीय जोड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के पार्क जुंगयून और चोई योंगही को कड़े मुकाबले में हराया। निर्धारित चार एंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 से बराबर रहा, जिसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ। शूट-ऑफ में भारतीय जोड़ी ने 20-19 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल पक्का किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा स्थान भी हासिल कर लिया है, जहां यह इवेंट पहली बार ओलंपिक कार्यक्रम का हिस्सा होगा।

 

फाइनल में भारत ने बनाई शुरुआत से बढ़त
फाइनल की शुरुआत में चिकिथा और साहिल ने सटीक निशाने लगाते हुए लगातार शानदार स्कोर किया। भारत ने पहले एंड में 40-39 की बढ़त बनाई और दूसरे एंड के बाद यह अंतर बढ़कर 80-78 हो गया। कोरियाई जोड़ी ने लगातार दबाव बनाए रखा, लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर 10-रिंग पर निशाना लगाकर अपनी बढ़त कायम रखी। तीसरे एंड में दक्षिण कोरिया ने अंतर कम किया और स्कोर 118-117 तक पहुंच गया, जिससे मुकाबला अंतिम चरण में बेहद रोमांचक हो गया।

 

आखिरी एंड में बराबरी पर पहुंचा मुकाबला
चौथे एंड में दक्षिण कोरिया ने शानदार वापसी करते हुए अपने अंतिम तीरों पर बेहतरीन स्कोर किया और भारत पर दबाव बढ़ा दिया। भारतीय जोड़ी ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर 10 अंक हासिल किए, लेकिन आखिरी तीरों तक मुकाबला बेहद करीबी बना रहा। चारों एंड पूरे होने के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 रहा, जिसके बाद विजेता तय करने के लिए शूट-ऑफ कराया गया। इस तरह फाइनल का फैसला आखिरी कुछ तीरों पर निर्भर हो गया और दोनों टीमों के बीच मुकाबला और भी रोमांचक बन गया।

 

शूट-ऑफ में चिकिथा और साहिल ने दिखाया दम
शूट-ऑफ में प्रत्येक तीरंदाज ने एक-एक तीर चलाया। चिकिथा तनिपर्थी ने 10 अंक हासिल किए और दक्षिण कोरिया की पार्क जुंगयून ने भी 10 अंक के साथ बराबरी की। इसके बाद साहिल जाधव ने भी 10 अंक का सटीक निशाना लगाया, जबकि दक्षिण कोरिया की चोई योंगही 9 अंक ही बना सकीं। इस तरह भारत ने शूट-ऑफ में 20-19 से जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

 

चिकिथा का दूसरा गोल्ड, भारत का आठवां
इस जीत के साथ चिकिथा तनिपर्थी ने एशियन गेम्स 2026 में अपना दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया। इससे पहले वह भारतीय महिला कंपाउंड आर्चरी टीम के साथ भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। महिला कंपाउंड टीम में चिकिथा के साथ ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप शामिल थीं, जिन्होंने चीन को हराकर गोल्ड जीता था। मिश्रित टीम के इस स्वर्ण के साथ भारत के एशियन गेम्स 2026 में कुल गोल्ड मेडल की संख्या आठ और कुल पदकों की संख्या 54 हो गई, जिसमें 8 गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

 

LA28 के लिए भारत को मिला कोटा
कंपाउंड मिक्स्ड टीम में यह जीत भारत के लिए सिर्फ एशियन गेम्स का पदक नहीं है, बल्कि लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस जीत के साथ भारत ने 2028 ओलंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा स्थान हासिल कर लिया है। कंपाउंड आर्चरी का यह मिक्स्ड टीम इवेंट लॉस एंजेलिस ओलंपिक में पहली बार शामिल किया जाएगा, जिससे चिकिथा तनिपर्थी और साहिल जाधव की यह जीत भारतीय आर्चरी के लिए खास महत्व रखती है।

India Wins Toss: गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, आकिब नबी का डेब्यू

गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी के बारसपरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले वनडे में भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था और अब टीम की नजर दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त मजबूत करने पर है। पहले मैच में शुभमन गिल और विराट कोहली ने शतक लगाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

 

आकिब नबी को मिला वनडे डेब्यू
दूसरे वनडे में भारतीय टीम ने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को वनडे डेब्यू का मौका दिया। उन्हें ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी की जगह टीम में शामिल किया गया है। मैच से पहले भारतीय उप-कप्तान केएल राहुल ने आकिब नबी को डेब्यू कैप सौंपी, जबकि रोहित शर्मा ने भी उन्हें बधाई दी। रणजी ट्रॉफी में पिछले दो सीजन के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी के लिए यह भारतीय टीम में जगह बनाने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला मुकाबला है।

 

भारत की प्लेइंग इलेवन
दूसरे वनडे में भारत की प्लेइंग इलेवन में रोहित शर्मा, कप्तान शुभमन गिल, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, विकेटकीपर केएल राहुल, नमन धीर, रवींद्र जडेजा, आकिब नबी, गुरनूर बराड़, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हैं। टीम ने पहले मुकाबले में मिली जीत के बाद एक बदलाव किया है और नीतीश कुमार रेड्डी की जगह आकिब नबी को मौका दिया है। भारतीय टीम के पास बल्लेबाजी में रोहित, गिल और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, जबकि गेंदबाजी में कुलदीप यादव, जडेजा और तेज गेंदबाजों की जिम्मेदारी रहेगी।

 

वेस्टइंडीज की टीम में ये खिलाड़ी शामिल
वेस्टइंडीज की प्लेइंग इलेवन में जॉन कैंपबेल, कीसी कार्टी, विकेटकीपर और कप्तान शाई होप, आमिर जांगू, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज, कीमो पॉल, अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, जेडन सील्स और विटेल लॉज को शामिल किया गया है। पहले वनडे में वेस्टइंडीज ने 295 रन बनाए थे, लेकिन भारत ने 296 रन का लक्ष्य 42वें ओवर में ही हासिल कर लिया था। ऐसे में दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज की कोशिश भारतीय टीम के सामने बेहतर प्रदर्शन करने और सीरीज में वापसी करने की होगी।

 

गुवाहाटी में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल पिच
गुवाहाटी के बारसपरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद भारतीय गेंदबाजों के सामने शुरुआती ओवरों में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की चुनौती होगी। वहीं भारतीय बल्लेबाजों के पास भी लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत शुरुआत करने का मौका रहेगा। सीरीज के पहले मैच में मिली जीत के बाद भारतीय टीम दूसरे वनडे में भी अपना प्रदर्शन जारी रखते हुए मुकाबला अपने नाम करना चाहेगी।

 

पहले वनडे में भारत ने दर्ज की थी जीत
सीरीज के पहले वनडे में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 295 रन बनाए थे। इसके जवाब में भारत ने शुभमन गिल और विराट कोहली के शतकों की मदद से लक्ष्य को 42वें ओवर में ही हासिल कर लिया था और 8 विकेट से जीत दर्ज की थी। अब दूसरे वनडे में भारत के पास सीरीज में अपनी बढ़त को और मजबूत करने का मौका है, जबकि वेस्टइंडीज की टीम पहले मैच की हार के बाद वापसी करने की कोशिश करेगी।

SP Picks Dhanraj: अखिलेश का बड़ा फैसला, धनराज नथवानी बने सपा प्रत्याशी

सपा ने धनराज नथवानी को बनाया प्रत्याशी
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने 30 सितंबर 2026 को दोनों नामों की घोषणा की और अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई।

 

आलोक रंजन का नाम था चर्चा में
धनराज नथवानी के नाम की घोषणा से पहले पूर्व मुख्य सचिव और अखिलेश यादव के सलाहकार रहे आलोक रंजन का नाम सपा के संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में था। 22 सितंबर की रिपोर्टों में भी रामगोपाल यादव और आलोक रंजन के नाम प्रमुखता से सामने आए थे।

 

24 घंटे में बदला घटनाक्रम
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नामांकन से पहले सपा के भीतर उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चा चल रही थी। बाद में पार्टी ने आलोक रंजन की जगह धनराज परिमल नथवानी को दूसरा उम्मीदवार घोषित किया। हालांकि उम्मीदवार बदलने के पीछे अखिलेश यादव की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।

 

धनराज नथवानी ने दाखिल किया नामांकन
धनराज परिमल नथवानी ने बुधवार को रामगोपाल यादव के साथ राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में पर्चा भरा। सपा ने फिलहाल इन दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।

 

कौन हैं धनराज परिमल नथवानी
धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी हैं और ग्रुप प्रेसिडेंट के रूप में काम करते हैं। वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उनके पिता परिमल नथवानी झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं।

 

तीसरे उम्मीदवार पर अभी फैसला बाकी
रिपोर्टों के अनुसार सपा तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार पर भी विचार कर रही है। आलोक रंजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी के नाम चर्चा में बताए गए हैं, लेकिन 30 सितंबर तक तीसरे उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी।

 

उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होना है। सपा के दो उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद अब तीसरे उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।

BJP Targets Congress: सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर लगाए विभाजन की राजनीति के आरोप

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और उसके नेताओं पर कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के राम और शिव से जुड़े कथित बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी हिंदू समाज को अलग-अलग आधारों पर विभाजित करने की राजनीति कर रही है। त्रिवेदी ने अपने बयान में उत्तर और दक्षिण भारत के बीच कथित विभाजन, धर्म और जाति से जुड़े राजनीतिक मुद्दों का भी उल्लेख किया। ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं।

 

राहुल गांधी की शपथ का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की 2014 और 2024 की सांसद पद की शपथ का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने 2014 में ईश्वर के नाम पर शपथ ली थी, जबकि 2024 में उन्होंने अंग्रेजी में 'solemnly affirm' के माध्यम से प्रतिज्ञान किया। हालांकि, उपलब्ध संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार सांसदों के लिए ईश्वर के नाम पर शपथ लेने और गंभीरता से प्रतिज्ञान करने, दोनों विकल्प मौजूद हैं। इसलिए 2024 में प्रतिज्ञान का विकल्प चुनना अपने आप में किसी संवैधानिक नियम का उल्लंघन नहीं है।

 

रेवंत रेड्डी के पुराने बयान का हवाला
भाजपा नेता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नवंबर 2025 में जुबली हिल्स विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया। त्रिवेदी ने कांग्रेस और मुस्लिम समुदाय के बीच राजनीतिक संबंधों को लेकर रेवंत रेड्डी की उस टिप्पणी को कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू समाज को उत्तर और दक्षिण के आधार पर बांटने की कोशिश कर रही है। इस मुद्दे पर रेवंत रेड्डी की पुरानी टिप्पणी पहले भी राजनीतिक विवाद का विषय रही थी।

 

डीके सुरेश और पी. चिदंबरम के बयानों का जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं डीके सुरेश और पी. चिदंबरम के पुराने बयानों का भी हवाला देते हुए कांग्रेस पर क्षेत्रीय विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने फरवरी 2024 में डीके सुरेश की ओर से दक्षिणी राज्यों से मिलने वाले करों और केंद्र से राज्यों को मिलने वाले हिस्से को लेकर उठाए गए सवालों का उल्लेख किया। इसी तरह उन्होंने पी. चिदंबरम के उत्तर और दक्षिण भारत के बीच राजनीतिक दूरी से जुड़े विचारों का भी जिक्र किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, डीके सुरेश ने बाद में अपने बयान को कर वितरण में कथित असमानता की ओर ध्यान दिलाने वाला बताया था, जबकि चिदंबरम ने क्षेत्रीय दलों, भाषा और केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में उत्तर-दक्षिण राजनीतिक दूरी पर चर्चा की थी।

 

द्रविड़ियन और आर्यन वाले बयान पर भी सवाल
त्रिवेदी ने रेवंत रेड्डी के एक अन्य कथित बयान का उल्लेख करते हुए उनके 'द्रविड़ियन' और 'आर्यन' से जुड़े विचारों पर भी सवाल उठाया। भाजपा नेता ने इस तरह की व्याख्या को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने ही नेताओं के विचारों और इतिहास को समझना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं संपूर्णानंद और केएम मुंशी का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में प्रांत, भाषा और जाति के आधार पर समाज को विभाजित करने की कोशिश दिखाई देती है। इन टिप्पणियों को भाजपा के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।

 

'स्मैश पेट्रीआर्की' बयान का भी मुद्दा उठाया
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के 'स्मैश पेट्रीआर्की' वाले बयान का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस महिला और पुरुष के बीच भी विभाजन की राजनीति करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया अलग-अलग मामलों में समान क्यों नहीं दिखाई देती। इस दौरान उन्होंने केरल में महिलाओं को लेकर एक धार्मिक पदाधिकारी की कथित टिप्पणी का भी संदर्भ दिया और कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया।

 

भगवानों को लेकर बयान पर भाजपा का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सुधांशु त्रिवेदी ने रेवंत रेड्डी के राम और शिव से जुड़े कथित बयान को कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अब धार्मिक प्रतीकों को भी राजनीतिक विभाजन का आधार बना रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर-दक्षिण, भाषा और जाति के बाद अब भगवानों को लेकर भी विभाजन की स्थिति बनाई जा रही है। भाजपा की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से इस रिपोर्ट में कोई विस्तृत प्रतिवाद सामने नहीं आया है।

Food Waste in Rajasthan: राजस्थान में हर दिन 9490 टन खाना बर्बाद

राजस्थान में हर दिन 9490 टन भोजन बर्बाद
राजस्थान में हर दिन करीब 9490 मीट्रिक टन भोजन बर्बाद होने की बात सामने आई है। भारत में खाद्य उत्पादन पर्याप्त होने के बावजूद बड़ी आबादी अल्पपोषण की समस्या से जूझ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल बड़ी मात्रा में भोजन बर्बाद होता है और प्रति व्यक्ति करीब 55 किलो खाद्य सामग्री के बराबर बर्बादी बताई गई है।

 

जयपुर में सबसे ज्यादा बर्बादी
राजस्थान के प्रमुख शहरों में जयपुर में सबसे ज्यादा भोजन बर्बाद होने का आंकड़ा सामने आया है। यहां करीब 110 टन भोजन की बर्बादी बताई गई है। इसके बाद जोधपुर में 75 टन, कोटा में 60 टन और उदयपुर में 50 टन भोजन बर्बाद होने का आंकड़ा दिया गया है।

 

शादी और बड़े आयोजनों में ज्यादा बर्बादी
भोजन की बर्बादी का बड़ा हिस्सा शादी, पार्टी और अन्य बड़े आयोजनों में होने की बात कही गई है। जरूरत से ज्यादा खाना तैयार करना और प्लेट में आवश्यकता से अधिक भोजन लेना इसकी प्रमुख वजहों में शामिल है। बेहतर योजना और भोजन की सही मात्रा तय करके इस बर्बादी को कम किया जा सकता है।

 

खेत से घर तक भी होता है नुकसान
खाद्य सामग्री की बर्बादी केवल घरों और आयोजनों तक सीमित नहीं है। खेत से बाजार और बाजार से घर तक पहुंचने के दौरान भी अनाज, फल, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री खराब होती है। रिपोर्ट में भंडारण, ढुलाई और अन्य प्रक्रियाओं के दौरान भी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री के नुकसान का उल्लेख किया गया है।

 

देश में खाद्य बर्बादी का आंकड़ा
दिए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में भारत में कुल करीब 7.75 करोड़ टन खाद्य सामग्री बर्बाद हुई। यह प्रति व्यक्ति करीब 55 किलोग्राम खाद्य सामग्री के बराबर बताई गई है। खाद्य बर्बादी कम करने से भोजन और संसाधनों दोनों की बचत की जा सकती है।

 

बचा हुआ खाना जरूरतमंदों तक पहुंचाने की पहल
जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में रिफूड इंडिया और अन्नक्षेत्र ट्रस्ट जैसी संस्थाओं द्वारा समारोहों के बाद बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों तक पहुंचाने की पहल की जाती है। वहीं कोटा, अजमेर और उदयपुर में स्थानीय युवा समूह भी घरों और आयोजनों से भोजन एकत्र कर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाते हैं।

 

जागरूकता से कम हो सकती है बर्बादी
विवाह स्थलों और अन्य आयोजनों में लोगों को जरूरत के अनुसार भोजन लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए प्लेट में उतना ही भोजन लेने की अपील की जाती है, जितना आसानी से खाया जा सके। ऐसी पहल से भोजन की बर्बादी कम करने में मदद मिल सकती है।

 

राजस्थान के प्रमुख शहरों में भोजन की बर्बादी
जयपुर में 110 टन, जोधपुर में 75 टन, कोटा में 60 टन, उदयपुर में 50 टन, अजमेर में 45 टन, अलवर में 35 टन, भीलवाड़ा में 30 टन, सीकर में 25 टन और भरतपुर में 20 टन भोजन की बर्बादी का आंकड़ा दिया गया है।

Rajasthan Panchayat Polls: राजस्थान पंचायत चुनाव 4 चरणों में, जल्द जारी हो सकता है कार्यक्रम

चार चरणों में पंचायत चुनाव की तैयारी
राजस्थान में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत विभाग से मिली वार्ड आरक्षण से जुड़ी जानकारी का परीक्षण कर रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने की तैयारी है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द होने की संभावना बताई गई है।

 

1.40 लाख से ज्यादा वार्ड और 14,403 सरपंच पद
राज्य में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के कुल 1,40,237 वार्ड सदस्यों तथा 14,403 सरपंचों के पदों पर चुनाव होना है। इसके अलावा 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य भी चुने जाएंगे। जिला परिषद के सदस्य 41 जिला प्रमुखों और पंचायत समिति सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे।

 

EVM और मतपत्र से होगा मतदान
चुनाव प्रक्रिया में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए EVM का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच और सरपंच पदों के लिए मतपत्र से मतदान कराने की तैयारी है। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने की तैयारी चल रही है।

 

महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण
राजस्थान की पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। इसके चलते पंचायत स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी महत्वपूर्ण बनी हुई है। इस चुनाव में भी आरक्षण व्यवस्था के अनुसार विभिन्न पदों पर सीटों का निर्धारण किया जाएगा।

 

चुनाव कार्यक्रम पर आयोग की नजर
राजस्थान पंचायत चुनाव को लेकर पहले से प्रस्तावित कार्यक्रम में चार चरणों में मतदान की योजना सामने आई है, हालांकि मतदान की अंतिम तारीखों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है। हाईकोर्ट के समक्ष रखे गए कार्यक्रम के अनुसार चुनाव प्रक्रिया नवंबर 2026 तक पूरी करने की समयसीमा बताई गई है।