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Chanakya Niti Tips: सुखी जीवन के लिए इन 5 बातों को रखें गुप्त

हर बात साझा करना जरूरी नहीं
हर बात हर किसी से साझा करना हमेशा समझदारी नहीं होती। कई बार भरोसे में आकर निजी बातें, पारिवारिक परेशानियां या अपनी योजनाएं दूसरों को बता दी जाती हैं। बाद में यही जानकारी परेशानी का कारण बन सकती है। चाणक्य नीति में भी गोपनीयता और सही समय पर बोलने के महत्व पर जोर दिया गया है।

 

अपनी उपयोगी जानकारी को सोच-समझकर बताएं
चाणक्य नीति में ऐसी औषधि या उपचार से जुड़ी जानकारी को हर किसी के साथ साझा करने से बचने की बात कही गई है, जिससे व्यक्ति को लाभ मिला हो। इसका व्यापक अर्थ अपनी उपयोगी जानकारी और अनुभव को बिना सोचे-समझे सार्वजनिक न करने से भी जोड़ा जा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

 

धर्म-कर्म का दिखावा न करें
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने धार्मिक कार्यों, दान और पुण्य का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। किसी जरूरतमंद की मदद करने या धार्मिक कार्य करने के बाद उसका बार-बार जिक्र करके प्रशंसा पाने की कोशिश करना उचित नहीं माना गया है। सेवा और दान को निस्वार्थ भाव से करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

घर के झगड़े और पारिवारिक परेशानियां
परिवार में होने वाले मतभेद और घरेलू परेशानियां निजी विषय होते हैं। चाणक्य नीति में घर के दोष और कलह को बाहरी लोगों के सामने उजागर न करने की सलाह दी गई है। परिवार से जुड़ी संवेदनशील बातों को साझा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति कितना भरोसेमंद है।

 

पति-पत्नी की निजी बातें
दांपत्य जीवन की निजी बातों को दूसरों से साझा करने से रिश्ते की निजता प्रभावित हो सकती है। पति-पत्नी के बीच होने वाली बातचीत, निजी मतभेद या व्यक्तिगत संबंधों की जानकारी बाहर बताने से बचना चाहिए। किसी गंभीर समस्या में भरोसेमंद व्यक्ति या विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित हो सकता है।

 

Chanakya Niti Women: इन गुणों वाली महिलाएं परिवार में लाती हैं सुख-शांति

कठिन परिस्थिति में परिवार का साथ
चाणक्य नीति के अनुसार, जीवन में कठिन परिस्थितियां आने पर परिवार के सदस्यों का साथ देना महत्वपूर्ण माना गया है। पति और बच्चों के साथ खड़े रहने से पारिवारिक रिश्तों में विश्वास और मजबूती बढ़ सकती है।

 

परिवार के प्रति निष्ठा और समर्पण
परिवार के प्रति निष्ठा, समर्पण और सम्मान का भाव रिश्तों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसी सोच से पति-पत्नी के बीच विश्वास बढ़ता है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

 

धर्म और अच्छे संस्कारों का पालन
चाणक्य नीति में धर्म और सदाचार को भी महत्व दिया गया है। धार्मिक आस्था और अच्छे संस्कारों का पालन परिवार में एकजुटता और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

 

Travel Became Business: नौकरी छोड़ी, घूमने को बनाया कमाई का जरिया

नौकरी छोड़कर घूमने को बनाया करियर
ब्रिटेन की 26 साल की रियानन वुड ने नौकरी की तय राह छोड़कर यात्रा को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाया। अलग-अलग देशों में छोटी नौकरियां करने के दौरान उन्हें घूमने और नई जगहों को जानने का मौका मिला। धीरे-धीरे उन्होंने अपने ट्रैवल अनुभव को कमाई के रास्ते में बदलना शुरू किया।

 

यूनिवर्सिटी के दिनों में बढ़ा ट्रैवल का जुनून
साल 2021-22 में पढ़ाई के सिलसिले में फ्रांस के लियोन पहुंचने के बाद रियानन ने वीकेंड पर आसपास के देशों की यात्राएं शुरू कीं। पहाड़ों, नए शहरों और यूरोप के अलग-अलग हिस्सों की यात्राओं ने उनका ट्रैवल के प्रति उत्साह बढ़ाया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह कनाडा चली गईं और वहां काम करने के साथ अपने अनुभव सोशल मीडिया पर साझा करती रहीं।

 

इंस्टाग्राम को बनाया कमाई का जरिया
2024 के आखिर में रियानन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ज्यादा व्यवस्थित तरीके से काम करना शुरू किया। उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े कोर्स किए और इंस्टाग्राम कोच की मदद से कंटेंट और फॉलोअर्स बढ़ाने की रणनीति सीखी। इसके बाद सोशल मीडिया उनके लिए कमाई का जरिया बनने लगा।

 

पहली बड़ी ट्रैवल डील से मिली शुरुआत
इंस्टाग्राम पर गंभीरता से काम शुरू करने के करीब चार महीने बाद ऑनलाइन ग्रुप ट्रिप कंपनी Mapo Tapo ने उन्हें स्विट्जरलैंड की ग्रुप ट्रिप लीड करने का मौका दिया। यह उनकी पहली संगठित टूर लीडर की भूमिका थी। इस ट्रिप से उन्हें करीब 330 पाउंड यानी लगभग 36 हजार रुपये की कमाई हुई।

 

एक ट्रिप से लाखों तक पहुंची कमाई
पहली ट्रिप के बाद रियानन को नए अवसर मिलने लगे। उन्होंने Skyscanner, Siroko और Roamless जैसे ब्रांड्स के साथ काम किया। ग्रुप ट्रिप से उनकी कमाई बढ़ी और उनके अनुसार एक ट्रिप से वह अधिकतम करीब 3,000 डॉलर यानी लगभग 2.5 लाख रुपये तक कमीशन कमा चुकी हैं। इंस्टाग्राम ब्रांड कोलैबोरेशन के लिए भी उनकी फीस अब 1,000 डॉलर से ज्यादा हो चुकी है।

 

बैकपैक में सिमटी जिंदगी
दुनिया घूमने वाली रियानन की जिंदगी बाहर से जितनी आसान दिखती है, उसके पीछे उतनी ही मेहनत है। कई बार वह बजट में यात्रा करती हैं और कम सामान के साथ लंबे समय तक सफर करती रही हैं। यात्रा के दौरान उन्हें लगातार सोशल मीडिया कंटेंट भी तैयार करना पड़ता है, इसलिए उनके लिए घूमना छुट्टी के साथ-साथ काम भी है।

 

हर दिन करना पड़ता है काम
रियानन के अनुसार ट्रैवल कंटेंट से कमाई करने वाली जिंदगी हमेशा छुट्टी जैसी नहीं होती। उन्हें पोस्ट तैयार करने, ईमेल का जवाब देने, ब्रांड डील की बातचीत करने और ग्रुप ट्रिप की योजना बनाने जैसे काम लगातार करने पड़ते हैं। शुरुआत में अपनी फीस तय करना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने काम की वैल्यू समझना सीखा।

 

Netanyahu Faces UN Walkout: UN में नेतन्याहू के भाषण से पहले कई देशों के प्रतिनिधि बाहर निकले

UN में नेतन्याहू के भाषण के दौरान वॉकआउट
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में संबोधन दिया। उनके भाषण की शुरुआत से पहले और दौरान कई देशों के प्रतिनिधि सभागार से बाहर चले गए। रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में राजनयिकों के वॉकआउट के बाद सभागार की कई सीटें खाली दिखाई दीं।

 

नेतन्याहू ने दिखाया पेजर
अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने एक पेजर दिखाकर सितंबर 2024 में लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई का संदर्भ दिया। उन्होंने ईरान और क्षेत्र में उसके समर्थित समूहों के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों का बचाव किया।

 

ईरान पर लगाए गंभीर आरोप
नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इजरायल का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है और इसे इजरायल तथा दुनिया की सुरक्षा से जोड़ा।

 

Ladakh Violence Anniversary: लद्दाख हिंसा की पहली बरसी पर उठाई मांग

लद्दाख में 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा की पहली बरसी पर सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। लेह के एनडीएस स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में वांगचुक ने पिछले साल की घटना में मारे गए चार लोगों को श्रद्धांजलि दी और हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोगों की मांगों और पिछले साल हुई हिंसा के मामले में केंद्र सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वांगचुक की यह मांग उनके सार्वजनिक बयान के रूप में सामने आई है और इसे राजनीतिक आरोप के रूप में ही रिपोर्ट किया जाना चाहिए।

अमित शाह के इस्तीफे की मांग क्यों उठाई
वांगचुक ने अपने संबोधन में पिछले साल की हिंसा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को राजनीतिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि लद्दाख में लोगों की मांगें लंबे समय से जारी थीं और हिंसा के बाद भी कई सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। वांगचुक ने लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देने की मांग का भी उल्लेख किया। उन्होंने केंद्र पर पहले किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया, हालांकि इन आरोपों को वांगचुक के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

2025 की हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी
24 सितंबर 2025 को लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई और पुलिस फायरिंग में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस घटना की पहली बरसी पर लेह और लद्दाख के कई हिस्सों में बंद और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। एनडीएस स्टेडियम में मृतकों की याद में कार्यक्रम हुआ, जिसमें राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

 

Putra Yog Controversy: ‘पुत्र योग’ के दावे पर उठे सवाल

पुत्र योग’ के दावे पर सवाल उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी राजेंद्र कुमार ने दावा किया है कि वर्ष 2024 में बागेश्वर धाम में बनाए गए एक पर्चे में ‘पुत्र योग’ की बात लिखी गई थी। राजेंद्र के अनुसार, उनके परिवार में पहले से तीन बेटियां थीं और पर्चे में लिखी बात के बाद उन्होंने चौथे बच्चे की योजना बनाई। उपलब्ध रिपोर्टों में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

 

चौथी संतान के रूप में बेटी का जन्म राजेंद्र के मुताबिक, 11 जून 2026 को उनकी पत्नी ने चौथी संतान के रूप में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने पर्चे में लिखे कथित ‘पुत्र योग’ के दावे पर सवाल उठाया। विभिन्न रिपोर्टों में राजेंद्र के हवाले से यही जानकारी सामने आई है।

 

बागेश्वर धाम पहुंचकर जवाब मांगने का दावा राजेंद्र का कहना है कि 19 सितंबर 2026 को वह अपनी पत्नी और नवजात बेटी के साथ बागेश्वर धाम पहुंचे और पर्चे में लिखी बात को लेकर स्पष्टीकरण मांगने की कोशिश की। उनके अनुसार, वहां उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

 

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क मामले के बाद राजेंद्र ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से संपर्क किया है। रिपोर्टों के अनुसार, समिति की सलाह पर वह झांसी में औपचारिक पुलिस शिकायत की तैयारी कर रहे हैं। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है।

 

Gaurav Gogoi Detained: गौरव गोगोई समेत कई नेता हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान असम कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए थे और इन्हें पार करने की कोशिश के दौरान नेताओं को हिरासत में लिया गया।कांग्रेस की ओर से इस प्रदर्शन में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की गई। पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ये मांगें कांग्रेस के राजनीतिक दावे और आरोप हैं, जिन्हें पार्टी ने प्रदर्शन के दौरान उठाया है।

उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस का प्रदर्शन
25 सितंबर को कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में चुनाव आयोग से जुड़े कार्यालयों और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। आगरा में युवा कांग्रेस ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया, दावों और आपत्तियों तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण की मांग की।हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में गौरव गोगोई की हिरासत की घटना उत्तर प्रदेश के बजाय असम के गुवाहाटी से जुड़ी है। इसलिए खबर में दोनों घटनाओं को अलग-अलग रखना तथ्यात्मक रूप से अधिक सही होगा। देश के कई अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और CEC के इस्तीफे की मांग उठाई।

 

Shah Defends India Economy: अमित शाह का राहुल गांधी पर पलटवार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 25 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा में आयोजित UP International Trade Show के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं पर जवाब दिया। शाह ने कहा कि कुछ लोग भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ बताते हैं, लेकिन जिनकी सोच मृत हो चुकी है, वे देश की आर्थिक गतिविधियों में दिखाई दे रही तेजी को नहीं देख सकते। शाह की यह टिप्पणी राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर की जा रही आलोचना के संदर्भ में सामने आई। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में आर्थिक विकास, निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती के उदाहरण के तौर पर पेश किया।

7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ का दिया हवाला
अमित शाह ने अपने संबोधन में अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी भारत ने विकास की गति बनाए रखी है। शाह ने Moody’s की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किए जाने का भी उल्लेख किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही थी। शाह ने इन्हीं आंकड़ों का इस्तेमाल भारत की अर्थव्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने के लिए किया।

मैन्युफैक्चरिंग और निवेश पर भी जोर
अमित शाह ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश बढ़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और औद्योगिक क्षेत्र में कई परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। शाह ने बताया कि देश में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और केंद्र के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में पेश करते हुए राज्य में डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस निर्माण और अन्य औद्योगिक गतिविधियों का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि इन गतिविधियों से राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

 

Two Suspects Arrested In Karnataka: कर्नाटक में दो संदिग्ध गिरफ्तार

कर्नाटक के चिकबल्लापुर में पुलिस ने कथित तौर पर देश में अशांति फैलाने की साजिश और आपत्तिजनक सोशल मीडिया संदेशों के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। 25 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक TV9 Kannada ने गिरफ्तार लोगों की पहचान चिकबल्लापुर निवासी शब्बीर और उत्तर भारत मूल के सलमान के रूप में बताई है। पुलिस के अनुसार दोनों एक बंद Telegram ग्रुप से जुड़े थे, जिसमें कथित तौर पर आतंकवाद और देश में अशांति फैलाने से संबंधित चर्चा की गई थी। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उनके संपर्कों, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित बातचीत की जांच शुरू कर दी है। हालांकि PTI से प्रकाशित Daily Pioneer की रिपोर्ट में दोनों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

बंद Telegram ग्रुप में चर्चा का आरोप
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान एक बंद सोशल मीडिया ग्रुप में कथित रूप से भड़काऊ संदेश सामने आए, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। TV9 Kannada की रिपोर्ट में बताया गया है कि Telegram पर करीब आठ लोगों का ग्रुप था और उसमें कथित तौर पर भड़काऊ वीडियो देखने के बाद आतंकवाद से संबंधित चर्चा की गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ग्रुप में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी और बातचीत का वास्तविक उद्देश्य क्या था। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पुलिस ने कहा आतंकी पृष्ठभूमि की पुष्टि नहीं
चिकबल्लापुर की पुलिस अधीक्षक पद्मिनी साहू के अनुसार गिरफ्तार दोनों लोगों की फिलहाल कोई आतंकी पृष्ठभूमि सामने नहीं आई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर मिले कथित आपत्तिजनक संदेशों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पृष्ठभूमि, उनके संपर्क और कथित गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। इसलिए फिलहाल दोनों को संदिग्ध या आरोपी के रूप में रिपोर्ट करना उचित है और उन्हें निश्चित रूप से आतंकी घोषित करना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा।

 

India’s Religious Travel: भारत की आधी ओवरनाइट यात्राएं धार्मिक

धार्मिक यात्राओं की बड़ी हिस्सेदारी राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण में भारत में घरेलू यात्राओं के उद्देश्यों और खर्च से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। यह सर्वेक्षण जुलाई 2025 से जून 2026 तक किया गया और इसकी रिपोर्ट 23 सितंबर 2026 को जारी हुई।

 

उत्तर प्रदेश सबसे आगे सर्वेक्षण के अनुसार घरेलू पर्यटन में उत्तर प्रदेश का यात्री यात्राओं में सबसे बड़ा हिस्सा दर्ज किया गया। इसके बाद तमिलनाडु और राजस्थान का स्थान रहा। धार्मिक स्थलों और तीर्थ यात्राओं की वजह से उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में शामिल है।

 

यात्रा की अवधि सर्वेक्षण में ओवरनाइट यात्राओं के दौरान यात्रियों के ठहरने की अवधि और यात्रा के अन्य पहलुओं को भी शामिल किया गया है। करीब 80 प्रतिशत यात्रियों की यात्राएं पांच दिन या उससे कम अवधि की बताई गई हैं।

 

यातायात के साधन ग्रामीण परिवारों में बस और शहरी परिवारों में ट्रेन घरेलू यात्राओं के प्रमुख साधनों में रहे। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के यात्रा पैटर्न में अंतर भी सामने आया।