सॉफ्ट डो तैयार करना सबसे पहले एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा लें। इसमें आधा छोटा चम्मच नमक, एक छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर और दही डालें। थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सॉफ्ट और चिकना आटा गूंध लें। आटे को ढककर करीब 10 मिनट के लिए रख दें।
चीज़ी स्टफिंग बनाना एक मिक्सिंग बाउल में कद्दूकस किया हुआ पनीर, मोज़ेरेला चीज, बारीक कटा प्याज और शिमला मिर्च डालें। इसमें स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, कुटी काली मिर्च और बारीक कटा हरा धनिया डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।
लोई में स्टफिंग भरना तैयार आटे से मध्यम आकार की लोइयां बनाएं। एक लोई को बेलन से थोड़ा मोटा और गोल बेल लें। इसके बीच में 2-3 चम्मच पनीर-चीज की स्टफिंग रखें। किनारों को एक साथ लाकर अच्छी तरह बंद करें और हाथ से हल्का दबाकर गोल आकार दें।
तवे पर चिपकाना तवे को गैस पर रखकर तेज गर्म करें। तैयार पिज्जा बॉम्ब के निचले हिस्से पर थोड़ा पानी लगाएं और पानी लगे हिस्से की तरफ से इन्हें गर्म तवे पर रखें। पानी की वजह से बॉम्ब्स तवे पर अच्छी तरह चिपक जाते हैं।
राहुल गांधी का दावा कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि कई राज्यों में सरकारों के खिलाफ दिखने वाली एंटी-इनकंबेंसी का असर बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्यों नहीं दिखाई देता।
बीजेपी का पलटवार बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के पुराने चुनावी रिकॉर्ड का हवाला दिया। उन्होंने SIR और चुनाव आयोग से जुड़े राहुल गांधी के आरोपों के आधार पर भी सवाल उठाए और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया को बहुमत आधारित बताया।
राज्यों का चुनावी रिकॉर्ड त्रिवेदी ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा का उदाहरण दिया। उनके अनुसार तमिलनाडु में 1967, पश्चिम बंगाल में 1977, बिहार में 1990, उत्तर प्रदेश में 1989 और ओडिशा में 1999 के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं बनी है। ये आंकड़े ऐतिहासिक चुनावी रिकॉर्ड के संदर्भ में बीजेपी की ओर से दिए गए हैं।
SIR पर विवाद राहुल गांधी की टिप्पणियां चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर आरोप लगाए हैं, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों के आधार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सौरमंडल के बाहर से आया सिग्नल वैज्ञानिकों ने सौरमंडल के बाहर मौजूद एक्सोप्लैनेट Beta Pictoris b से जुड़े रेडियो उत्सर्जन का अध्ययन किया है। इस तरह के रेडियो सिग्नल ग्रहों के चुंबकीय क्षेत्र और उनके आसपास होने वाली प्रक्रियाओं को समझने में मदद कर सकते हैं। उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर इसे एलियंस का संदेश मानने का कोई प्रमाण नहीं है।
कहां मौजूद है Beta Pictoris b Beta Pictoris b, Beta Pictoris नाम के तारे की परिक्रमा करने वाला एक विशाल गैसीय ग्रह है। यह पृथ्वी से लगभग 63 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित Beta Pictoris सिस्टम का हिस्सा है। इस ग्रह की प्रत्यक्ष इमेजिंग पहले ही की जा चुकी है और 2026 में इसी सिस्टम में एक अन्य ग्रह Beta Pictoris d की भी रिपोर्ट सामने आई है।
रेडियो सिग्नल का वैज्ञानिक कारण ग्रहों से रेडियो उत्सर्जन का संबंध उनके चुंबकीय क्षेत्र और आवेशित कणों की गतिविधियों से हो सकता है। वैज्ञानिकों ने गैस-विशाल ग्रहों और अन्य चुंबकीय पिंडों में ऑरोरल प्रक्रियाओं से रेडियो उत्सर्जन के उदाहरण पहले भी देखे हैं।
एलियंस से संपर्क का प्रमाण नहीं रेडियो सिग्नल का मिलना अपने आप में किसी एलियन सभ्यता या संदेश का प्रमाण नहीं है। ऐसे संकेतों की वैज्ञानिक व्याख्या करने के लिए उनकी आवृत्ति, ध्रुवीकरण, समय के साथ बदलाव और संभावित स्रोत का विस्तृत अध्ययन किया जाता है।
MeerKAT की भूमिका दक्षिण अफ्रीका में स्थित MeerKAT रेडियो टेलीस्कोप अंतरिक्ष से आने वाले बेहद कमजोर रेडियो उत्सर्जनों के अध्ययन में इस्तेमाल किया जाता है। इस वेधशाला से ब्रह्मांड के विभिन्न रेडियो स्रोतों और चुंबकीय प्रक्रियाओं पर कई वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं।
सेवा यात्रियों से संवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत यात्रा कर रहे सेवा यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। यात्रा का उद्देश्य युवाओं की भागीदारी, जनसंपर्क और सेवा गतिविधियों को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना बताया गया है।
यात्रा के अनुभव सेवा यात्रियों ने यात्रा के दौरान अलग-अलग गांवों और कस्बों में स्थानीय लोगों से हुई मुलाकातों और मिले अनुभवों के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। प्रतिभागियों ने जमीनी स्तर पर लोगों से संवाद को यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सेवा गतिविधियों में भागीदारी यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने स्थानीय समुदायों के साथ संवाद के अलावा सफाई अभियान और अन्य सेवा गतिविधियों में हिस्सा लिया। स्कूलों, अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य सामुदायिक स्थानों पर भी संपर्क एवं सेवा गतिविधियां की गईं।
वाराणसी-वडनगर यात्रा सेवा यात्रा 17 सितंबर से शुरू हुई है और इसमें वाराणसी तथा वडनगर के बीच मोटरसाइकिल से यात्रा करने वाले युवा समूह शामिल हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यात्रा कई राज्यों, जिलों, कस्बों और गांवों से होकर गुजर रही है तथा 7 अक्टूबर तक जारी रहने का कार्यक्रम है।
संग्रामपूर : संग्रामपूर तालुका ग्रामरोजगार सहाय्यक संघटनेच्या वतीने ग्रामरोजगार सहाय्यकांच्या प्रलंबित मागण्यांकडे शासनाचे लक्ष वेधण्यासाठी तहसीलदार, गटविकास अधिकारी व कृषी अधिकारी यांना निवेदन देण्यात आले. तसेच ग्रामरोजगार सहाय्यकांवर लादण्यात आलेल्या जाचक अटींच्या शासन निर्णयाची होळी करून संघटनेने तीव्र निषेध व्यक्त केला.sangrampurnews
ग्रामरोजगार सहाय्यकांच्या प्रलंबित मागण्यांचा समावेश शासन निर्णयामध्ये करण्यात आलेला नसून, त्याऐवजी ग्रामरोजगार सहाय्यकांसाठी विविध जाचक अटींचा समावेश करण्यात आल्याचा आरोप संघटनेने केला आहे.panchayatsamiti
यामध्ये मनरेगा योजनेच्या माध्यमातून मोठ्या प्रमाणात मनुष्य-दिवस निर्माण करण्याची जबाबदारी, ११ महिन्यांची निवड प्रक्रिया तसेच कामांच्या संदर्भाने ग्रामरोजगार सहाय्यकांना कार्यमुक्त करण्यासंदर्भातील तरतुदींचा समावेश असल्याने संघटनेने नाराजी व्यक्त केली.krushinews
ग्रामरोजगार सहाय्यक मागील अनेक वर्षांपासून मनरेगा योजनेच्या अंमलबजावणीत ग्रामपातळीवर महत्त्वाची जबाबदारी पार पाडत आहेत.
काम करताना त्यांना विविध अडचणींचा सामना करावा लागत असून लाभार्थ्यांची KYC करणे, बँक खाते व आधार अपडेट करून घेणे, तसेच विविध कामांच्या मास्टरसाठी तालुकास्तरावर वारंवार ये-जा करणे यांसारखी कामे करावी लागतात. या सर्व जबाबदाऱ्यांच्या तुलनेत मिळणारे मानधन अत्यंत कमी असल्याचे संघटनेचे म्हणणे आहे.tahsilnews
तसेच ३ ऑक्टोबरच्या शासन निर्णयानंतर जवळपास २३-२४ महिने उलटूनही ग्रामरोजगार सहाय्यकांना अपेक्षित मानधन लागू करण्यात आलेले नाही, असा दावा संघटनेने केला. प्रलंबित मागण्यांवर निर्णय घेण्याऐवजी नवीन जाचक अटींचा शासन निर्णय काढण्यात आल्याने ग्रामरोजगार सहाय्यकांमध्ये तीव्र नाराजी निर्माण झाली आहे.suryamarathinews
यावेळी संघटनेच्या वतीने तहसीलदार प्रशांत पाटील, गटविकास अधिकारी माधवजी पायघन तसेच कृषी अधिकारी यांना निवेदन देण्यात आले. जाचक अटी तत्काळ रद्द करून ग्रामरोजगार सहाय्यकांच्या प्रलंबित मागण्यांचा समावेश असलेला नवीन शासन निर्णय लागू करावा, अशी मागणी करण्यात आली.farmernews
मागण्यांबाबत शासनाने लवकरात लवकर सकारात्मक निर्णय न घेतल्यास दि. २ ऑक्टोबरपासून मनरेगा योजनेच्या कामावर कामबंद आंदोलन करण्याचा इशारा संघटनेच्या वतीने देण्यात आला. महात्मा गांधी यांच्या नावाने सुरू असलेल्या मनरेगा योजनेची ग्रामपातळीवरील अंमलबजावणी करणाऱ्या ग्रामरोजगार सहाय्यकांच्या मागण्यांकडे शासनाने गांभीर्याने लक्ष द्यावे, अशी मागणी यावेळी करण्यात आली.
Farmernews/यावेळी तालुकाध्यक्ष राहुल मेटांगे, उपाध्यक्ष सुरज परघरमोर, सचिव गजानन बामणे यांच्यासह रोजगार सहाय्यक देविदास शिंदे, संतोष वानखडे, , यांच्यासह तालुक्यातील रोजगार सहाय्यक मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.
दिल्ली पुलिसकांस्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती की शारीरिक दक्षता एवं माप परीक्षा यानी PEMT के दौरान फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी में चल रही शारीरिक परीक्षा में एक अभ्यर्थी ने अपनी जगह कथित तौर पर दूसरे युवक को दौड़ और कूद की परीक्षा देने के लिए भेज दिया। इसके बाद जब असली अभ्यर्थी हाइट और चेस्ट की माप के लिए पहुंचा तो अधिकारियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच के दौरान पता चला कि जिस युवक ने शारीरिक परीक्षा दी थी, वह संबंधित अभ्यर्थी नहीं था। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी अभ्यर्थी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
1600 मीटर दौड़ और कूद में दूसरे ने लिया हिस्सा
पुलिस भर्ती के PEMT में उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता के तहत 1600 मीटर दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक हरियाणा के सोनीपत जिले के सिलाना गांव निवासी 19 वर्षीय अक्षित ने अपनी जगह दूसरे युवक से यह शारीरिक परीक्षा दिलवाई। कथित तौर पर उस युवक ने अक्षित से संबंधित पहचान/एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ कर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया और दौड़ तथा दोनों कूद की परीक्षा पूरी की। शारीरिक परीक्षा खत्म होने के बाद उसने अपना चेस्ट नंबर अक्षित को दे दिया और वहां से निकल गया। इसके बाद अक्षित को आगे की प्रक्रिया के लिए पहुंचना था।
पसीना और धूल नहीं देखकर हुआ शक
फर्जीवाड़े का सबसे अहम खुलासा उस समय हुआ जब अक्षित शारीरिक माप के लिए कतार में खड़ा था। अधिकारियों ने देखा कि 1600 मीटर दौड़ और कूद जैसी शारीरिक गतिविधियां पूरी करने के बावजूद उसके शरीर पर न तो पसीना था और न ही धूल-मिट्टी के निशान दिखाई दे रहे थे। इस बात ने अधिकारियों का संदेह बढ़ा दिया। इसी दौरान कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने भी कथित तौर पर अधिकारियों को बताया कि फिजिकल टेस्ट देने वाला युवक कोई और था। इसके बाद अधिकारियों ने अक्षित से पूछताछ की और मामले की पूरी जानकारी सामने आई।
मुंबई में गणेश उत्सव के अंतिम चरण के साथ गणपति विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु ढोल-ताशों, भक्ति गीतों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के साथ अपने आराध्य को विसर्जन के लिए लेकर निकल रहे हैं। सार्वजनिक मंडलों के साथ बड़ी संख्या में घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का भी विधिवत विसर्जन किया जा रहा है। विसर्जन को देखते हुए मुंबई के प्रमुख मार्गों, समुद्र तटों, कृत्रिम तालाबों और अन्य निर्धारित विसर्जन स्थलों पर प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे शहर में त्योहार का माहौल बना हुआ है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
प्रमुख विसर्जन स्थलों पर विशेष व्यवस्था
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए मुंबई में कई प्रमुख स्थानों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। समुद्र तटों के अलावा प्रशासन की ओर से कृत्रिम विसर्जन तालाब और अन्य निर्धारित केंद्र भी तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से विसर्जन की सुविधा मिल सके। बड़े गणेश मंडलों की विसर्जन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो और विसर्जन प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की तैनाती
गणेश विसर्जन के दौरान मुंबई पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रमुख विसर्जन मार्गों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के साथ ट्रैफिक पुलिस भी सड़कों पर व्यवस्था संभाल रही है। विसर्जन जुलूसों के कारण कई मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए आवश्यकता के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
छह सिलेंडर का ऐलान जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले परिवारों के लिए साल में छह LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने 24 सितंबर को विधानसभा में योजना की जानकारी दी।
AAY परिवारों को लाभ योजना का लाभ केवल AAY राशन कार्ड धारक परिवारों को मिलेगा। ये राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए जारी किए जाते हैं। सरकार का उद्देश्य LPG खर्च के कारण इन परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना बताया गया है।
DBT से मिलेगा पैसा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले सामान्य प्रक्रिया के अनुसार LPG सिलेंडर खरीदना होगा। इसके बाद निर्धारित राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से वापस भेजी जाएगी। इससे योजना का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
बाकी सिलेंडरों पर सब्सिडी AAY परिवारों को साल में छह सिलेंडर का लाभ मिलने के साथ अन्य सिलेंडरों पर भी सब्सिडी की व्यवस्था लागू होने की जानकारी दी गई है। योजना का वास्तविक लाभ पात्रता और सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार मिलेगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल विधानसभा में घोषणा को लेकर भाजपा ने सरकार पर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधानसभा चुनाव के दौरान हर परिवार को साल में 12 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया था। विपक्ष ने कहा कि अब योजना को सभी परिवारों के बजाय केवल AAY राशन कार्ड धारकों तक सीमित कर दिया गया है।
कहानी का आधार ‘हुंकार: द रोर’ एक सोशल थ्रिलर और कोर्ट रूम ड्रामा है। कहानी 17 साल की मीनू रावत के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मध्य प्रदेश के चर्चित संत बापजी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाती है। मामले की जांच ACP जसलीन सिंह सोनी करती हैं, जबकि केस आगे अदालत तक पहुंचता है।
कोर्ट में मामला कहानी आगे बढ़ने पर मीनू के आरोपों और उसकी उम्र से जुड़े सवाल सामने आते हैं। अदालत में उसकी ओर से जीशान अयूब और विपक्ष की तरफ से राम कपूर वकील की भूमिका में दिखाई देते हैं। केस के दौरान सामने आने वाली नई जानकारियां कहानी का रुख बदलने लगती हैं और दर्शक के सामने कई सवाल खड़े होते हैं।
कहानी में सवाल क्या मीनू ने अपनी उम्र को लेकर गलत जानकारी दी? क्या उसके आरोप सही हैं या उसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? क्या बापजी वास्तव में दोषी हैं? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही के दौरान इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की गई है।
निर्देशन और प्रस्तुति नित्या मेहरा और करण डी. कपाड़िया के निर्देशन में बनी छह एपिसोड की यह सीरीज तकनीकी स्तर पर प्रभावी नजर आती है। मध्य प्रदेश के ओरछा और आसपास के इलाकों को कहानी के माहौल के लिए इस्तेमाल किया गया है। सिनेमैटोग्राफी, लोकेशन और एडिटिंग सीरीज की प्रस्तुति को मजबूत बनाते हैं।
कोर्ट रूम ड्रामा सीरीज का कोर्ट वाला हिस्सा इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल है। जीशान अयूब और राम कपूर के बीच होने वाली कानूनी बहस कहानी को गति देती है। हालांकि कई जगहों पर घटनाक्रम पहले से अनुमान लगाने योग्य महसूस होता है।
अभिनय मजबूत सीरीज की सबसे प्रभावी चीज इसकी स्टारकास्ट है। ‘सैयारा’ के बाद अनीत पद्दा ने मीनू के किरदार में गंभीर और भावनात्मक अभिनय किया है। फातिमा सना शेख ने ACP जसलीन सिंह सोनी की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाया है। जीशान अयूब और राम कपूर भी वकीलों के किरदार में अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं।
अन्य कलाकार पत्रकार की भूमिका में अर्जुन माथुर का काम भी ध्यान खींचता है। वहीं बापजी के किरदार में रघुबीर यादव का चयन कुछ दर्शकों को अपेक्षाकृत कम प्रभावी लग सकता है।
भारत ने जीता गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में 25 सितंबर को भारत ने शूटिंग में अपना पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम फाइनल में 484.6 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ भारत को प्रतियोगिता में दूसरा गोल्ड मिला।
एशियन रिकॉर्ड बनाया भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए, जो एशियन रिकॉर्ड रहा। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाएउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।
शुरुआत से बढ़त सुरुचि और कमलजीत ने मुकाबले की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। दक्षिण कोरिया की जोड़ी ने अंतिम चरण में अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने बढ़त कायम रखते हुए 6.6 अंकों के अंतर से जीत दर्ज की।
भारत का दूसरा गोल्ड इस जीत के साथ भारत के एशियन गेम्स 2026 में दो स्वर्ण पदक हो गए हैं। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने भारत के लिए पहला गोल्ड जीता था। शूटिंग में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है।