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The Vvaan Box Office: सिद्धार्थ-तमन्ना की ‘द वन’ की शानदार ओपनिंग

पहले दिन 8 करोड़ की कमाई
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म ‘द वन’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म ने पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब 8 करोड़ रुपये का कारोबार किया।

 

फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म का भारतीय ग्रॉस कलेक्शन करीब 9.60 करोड़ रुपये रहा। पहले दिन फिल्म की ओवरऑल ऑक्यूपेंसी लगभग 28.5 प्रतिशत दर्ज की गई।

 

नाइट शोज में सबसे ज्यादा ऑक्यूपेंसी
फिल्म के मॉर्निंग शोज की ऑक्यूपेंसी 12.23 प्रतिशत रही, जबकि नाइट शोज में यह बढ़कर करीब 41 प्रतिशत पहुंच गई। फिल्म के कुल शोज की संख्या 6746 बताई गई है।

 

तमन्ना के अभिनय की तारीफ
‘द वन’ लोककथा, वन देवी और छठ पूजा से जुड़े रहस्यमयी घटनाक्रम पर आधारित है। फिल्म में तमन्ना भाटिया के अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ की जा रही है। हालांकि कहानी के दूसरे हिस्से और कुछ गानों को लेकर आलोचनात्मक प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

 

Dev Anand Fan Craze: देव आनंद की दीवानगी में फैन्स ने तुड़वाए दांत

देव आनंद की जबरदस्त दीवानगी
देव आनंद हिंदी सिनेमा के उन सितारों में शामिल रहे, जिनकी लोकप्रियता का असर उनकी फिल्मों से बाहर भी दिखाई देता था। उनकी मुस्कान, हेयरस्टाइल, बोलने का अंदाज और काला कोट पहनने का स्टाइल फैन्स के बीच काफी लोकप्रिय था।

 

दांतों के गैप को भी बनाया स्टाइल
नेपाल में देव आनंद की लोकप्रियता का एक दिलचस्प किस्सा सामने आता है। वरिष्ठ पत्रकार बसंत थापा के मुताबिक, उस दौर में कई युवा देव आनंद के लुक को कॉपी करने की कोशिश करते थे। उनके दांतों के बीच मौजूद गैप भी फैन्स के लिए स्टाइल बन गया था।

 

देव आनंद जैसा दिखने के लिए दांत बदलवाए
बताया जाता है कि नेपाल में कुछ युवाओं ने देव आनंद जैसा दिखने के लिए अपने दांतों की शेप बदलवाने की कोशिश की। यहां तक कि कुछ फैन्स ने उनके जैसी शक्ल पाने के लिए अपने दांत तक तुड़वाए थे।

 

नेपाल में शूटिंग देखने उमड़ी भीड़
देव आनंद ने नेपाल में ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, ‘जॉनी मेरा नाम’ और ‘इश्क इश्क इश्क’ जैसी फिल्मों की शूटिंग की थी। ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ की शूटिंग के दौरान उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए थे।

 

WhatsApp Number Change: WhatsApp नंबर बदलने से पहले जानें 5 जरूरी बातें

नया नंबर एक्टिव होना जरूरी
WhatsApp में नंबर बदलने से पहले यह सुनिश्चित करें कि पुराना नंबर आपके अकाउंट में रजिस्टर्ड है और नया नंबर SMS या कॉल रिसीव करने की स्थिति में है। नए नंबर का वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही नंबर बदलने की प्रक्रिया पूरी होगी।

 

WhatsApp Web से नंबर नहीं बदलें
WhatsApp का Change Number फीचर मोबाइल ऐप में उपलब्ध है। नंबर बदलने के लिए उसी फोन का इस्तेमाल करना होगा, जिस पर आपका WhatsApp अकाउंट चल रहा है। WhatsApp Web या Desktop से यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती।

 

चैट बैकअप जरूर लें
अगर WhatsApp में जरूरी चैट, फोटो, वीडियो या डॉक्यूमेंट मौजूद हैं, तो नंबर बदलने से पहले बैकअप लेना जरूरी है। खासतौर पर नंबर के साथ फोन भी बदलने की स्थिति में चैट और मीडिया को सुरक्षित रखने के लिए बैकअप की जांच कर लें।

 

फोन बदलने पर पहले नंबर बदलें
अगर मोबाइल नंबर और फोन दोनों बदल रहे हैं, तो पहले पुराने फोन में WhatsApp का नंबर बदलें। इसके बाद नए नंबर से बैकअप तैयार करें। नए फोन में WhatsApp इंस्टॉल करके नए नंबर से रजिस्टर करने के बाद उपलब्ध बैकअप को रिस्टोर किया जा सकता है।

 

Vivo V80 Price Leak: Vivo V80 की कीमत लॉन्च से पहले लीक

6 अक्टूबर को लॉन्च की तैयारी
Vivo V80 को भारत में 6 अक्टूबर को लॉन्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। लॉन्च से पहले फोन की संभावित कीमत और फीचर्स को लेकर जानकारी सामने आई है। कंपनी ने अभी आधिकारिक कीमत की घोषणा नहीं की है।

 

संभावित कीमत 60 हजार रुपये से ज्यादा
लीक जानकारी के मुताबिक Vivo V80 की शुरुआती कीमत भारत में 60,000 रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि यह कीमत आधिकारिक नहीं है और लॉन्च के समय इसमें बदलाव संभव है।

 

बॉक्स पर 1,19,999 रुपये की MRP
रिपोर्ट में 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट के बॉक्स पर 1,19,999 रुपये की MRP दिखाई गई है। हालांकि बॉक्स पर दर्ज MRP और फोन की वास्तविक बाजार कीमत अलग हो सकती है।

 

Gyanesh Kumar Row: ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की मांग

पद्म भूषण देने की मांग पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की मांग की है। उन्होंने यह बयान SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच दिया। उनके बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कई रिपोर्टों ने की है।

 

चुनाव को लेकर बीजेपी नेता का दावा सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं नहीं हुईं और लोगों को मतदान का अवसर मिला। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के काम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपने समर्थन की बात कही। ये उनके राजनीतिक बयान और दावे हैं।

 

SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें SIR से जुड़े कथित फैसलों और प्रक्रियाओं को चुनौती देते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए।

 

13 करोड़ मतदाताओं के नाम का दावा याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के दावे की जांच के लिए विशेष जांच दल या न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग की गई है। साथ ही मूल Form 6 को बहाल करने की मांग भी रखी गई है। यह संख्या याचिका में किए गए दावे से संबंधित है, इसे अदालत द्वारा स्थापित तथ्य के रूप में नहीं बताया गया है।

 

LIC MD Takes VRS: LIC के MD दिनेश पंत ने लिया VRS

दिनेश पंत ने लिया VRS भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश पंत ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली है। सरकार की मंजूरी के बाद उन्हें 24 सितंबर 2026 से LIC की सेवाओं से रिटायर कर दिया गया। इसके साथ ही वह कंपनी के MD और Key Managerial Personnel (KMP) नहीं रहे।

 

LIC में पदों से भी हुए अलग LIC की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग में बताया गया कि VRS के प्रभावी होने के बाद दिनेश पंत Information Technology Strategy Committee के चेयरपर्सन के साथ-साथ Executive Committee और Investment Committee के सदस्य भी नहीं रहे।

 

LIC शेयरों में हलचल VRS की खबर के बीच LIC के शेयरों में कारोबार के दौरान तेजी दर्ज की गई। बाजार में शेयर की चाल कई अन्य कारकों से भी प्रभावित होती है, इसलिए केवल VRS की खबर को शेयर मूल्य में बदलाव का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।

 

NSE में LIC की हिस्सेदारी LIC के पास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। NSE के प्रस्तावित IPO को लेकर भी LIC की हिस्सेदारी और निवेश से जुड़ी गतिविधियां चर्चा में रही हैं।

 

IPS Success Story: प्री-बोर्ड में फेल हुए थे मोहिबुल्लाह, अब अमेरिका में मिलेगा सम्मान

अमेरिका में मिलेगा सम्मान बिहार के मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी को अमेरिका में ‘द एशियन हीरो अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 13 दिसंबर 2026 को फ्लोरिडा के टाम्पा शहर में आयोजित सातवें ‘वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल 2026’ के दौरान दिया जाएगा।

प्री-बोर्ड में हुए थे फेल मोहिबुल्लाह अंसारी के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब वह स्कूल की प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए थे। इस नाकामी के बाद पिता की नाराजगी और उनकी बातों ने उन्हें अपनी पढ़ाई पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

Latkan Kada Designs: ट्रेंड में हैं लटकन वाले कड़े, देखें खूबसूरत डिजाइन

लटकन कड़े क्यों हैं खास अगर आपको कड़े और चूड़ियों में थोड़ा अलग स्टाइल पसंद है, तो लटकन वाले कड़े एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। इनके नीचे लगी छोटी-छोटी लटकन हाथ हिलाने पर आकर्षक नजर आती हैं। अब इनमें झुमका, मोती, चेन, स्टोन और रंगीन डिटेलिंग जैसे कई डिजाइन देखने को मिल रहे हैं।

झुमका लटकन वाला कड़ा झुमका स्टाइल की लटकन वाले कड़े ट्रेडिशनल आउटफिट के साथ खूबसूरत लगते हैं। इनमें छोटे गोल या झुमके जैसे डिजाइन लटकते हैं, जिन्हें साड़ी, लहंगे या अनारकली के साथ पहना जा सकता है।

पर्ल लटकन वाला कड़ा मोतियों की लटकन वाला कड़ा शादी और रिसेप्शन जैसे मौकों के लिए पसंद किया जा सकता है। इसमें छोटी-छोटी मोतियों की लड़ियां या कई लेयर दी जाती हैं, जो कड़े को अलग लुक देती हैं।

मल्टी-चेन लटकन वाला कड़ा इस डिजाइन में कड़े के नीचे कई पतली चेन लगी होती हैं। चेन के आखिर में बॉल, मोती या झुमका जैसी डिटेल दी जा सकती है। सिंपल आउटफिट के साथ इसे स्टेटमेंट एक्सेसरी की तरह पहना जा सकता है।

PM Deepfake Case: PM से जुड़ी डीपफेक तस्वीर मामले में CJP नेताओं को नोटिस

14 बार दर्ज हुई आपत्ति इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की। ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा चुनावी मामलों से जुड़े फैसलों पर थीं।

 

फैसलों को लेकर सवाल रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ मामलों में कहा कि फैसले या आदेश उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी किए गए। वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग विचार, टिप्पणियां और सुझाव संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

 

मतदाता पंजीकरण पर आपत्ति रिपोर्ट में बताया गया कि नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form 6 में किए गए बदलाव को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने इसे नियमों में बदलाव किए बिना किए गए परिवर्तन के रूप में उठाया।

 

वोटर डेटाबेस को लेकर चिंता दोनों चुनाव आयुक्तों ने चुनावी रोल के डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच और उसके संचालन को लेकर भी सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम के केंद्रीकरण और जमीनी स्तर के अधिकारियों की पहुंच से जुड़े मुद्दे उठाए।

 

सुखबीर सिंह संधू कौन हैं सुखबीर सिंह संधू उत्तराखंड कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं और मार्च 2024 से चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वे उत्तराखंड के मुख्य सचिव और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

 

Chanakya Niti Tips: सुखी जीवन के लिए इन 5 बातों को रखें गुप्त

हर बात साझा करना जरूरी नहीं
हर बात हर किसी से साझा करना हमेशा समझदारी नहीं होती। कई बार भरोसे में आकर निजी बातें, पारिवारिक परेशानियां या अपनी योजनाएं दूसरों को बता दी जाती हैं। बाद में यही जानकारी परेशानी का कारण बन सकती है। चाणक्य नीति में भी गोपनीयता और सही समय पर बोलने के महत्व पर जोर दिया गया है।

 

अपनी उपयोगी जानकारी को सोच-समझकर बताएं
चाणक्य नीति में ऐसी औषधि या उपचार से जुड़ी जानकारी को हर किसी के साथ साझा करने से बचने की बात कही गई है, जिससे व्यक्ति को लाभ मिला हो। इसका व्यापक अर्थ अपनी उपयोगी जानकारी और अनुभव को बिना सोचे-समझे सार्वजनिक न करने से भी जोड़ा जा सकता है। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

 

धर्म-कर्म का दिखावा न करें
चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को अपने धार्मिक कार्यों, दान और पुण्य का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। किसी जरूरतमंद की मदद करने या धार्मिक कार्य करने के बाद उसका बार-बार जिक्र करके प्रशंसा पाने की कोशिश करना उचित नहीं माना गया है। सेवा और दान को निस्वार्थ भाव से करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

घर के झगड़े और पारिवारिक परेशानियां
परिवार में होने वाले मतभेद और घरेलू परेशानियां निजी विषय होते हैं। चाणक्य नीति में घर के दोष और कलह को बाहरी लोगों के सामने उजागर न करने की सलाह दी गई है। परिवार से जुड़ी संवेदनशील बातों को साझा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि सामने वाला व्यक्ति कितना भरोसेमंद है।

 

पति-पत्नी की निजी बातें
दांपत्य जीवन की निजी बातों को दूसरों से साझा करने से रिश्ते की निजता प्रभावित हो सकती है। पति-पत्नी के बीच होने वाली बातचीत, निजी मतभेद या व्यक्तिगत संबंधों की जानकारी बाहर बताने से बचना चाहिए। किसी गंभीर समस्या में भरोसेमंद व्यक्ति या विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित हो सकता है।