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MP IAS Officers Transferred: मध्य प्रदेश में 23 IAS अफसरों के तबादले

 

मध्य प्रदेश में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
मध्य प्रदेश में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात, 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों की तबादला सूची जारी की गई। इस प्रशासनिक फेरबदल में कई जिलों के कलेक्टरों की जिम्मेदारियां बदली गईं, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को नए पदों के साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए। जबलपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिंगरौली, पन्ना, मऊगंज, भिंड, बालाघाट, शाजापुर, बुरहानपुर और हरदा समेत कई जिलों में नई पदस्थापनाएं की गईं।

 

जबलपुर और नर्मदापुरम में नए कलेक्टर
जबलपुर के कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा को रायसेन से स्थानांतरित कर जबलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के प्रबंध संचालक आशीष वशिष्ठ को नर्मदापुरम का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया। नर्मदापुरम के निवर्तमान कलेक्टर सोमेश मिश्रा को एड्स नियंत्रण सोसाइटी तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास से संबंधित जिम्मेदारी दी गई।

 

सिंगरौली और रायसेन में बदले अधिकारी
सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल के संचालक रहे अंकित अस्थाना को सिंगरौली का नया कलेक्टर बनाया गया। सिंगरौली के निवर्तमान कलेक्टर गौरव बैनल को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव और कर्मचारी चयन मंडल के संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में उप सचिव रहे रोहित सिसोनिया को रायसेन का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया।

 

पन्ना और बुरहानपुर में नई पदस्थापना
बुरहानपुर के कलेक्टर हर्ष सिंह को पन्ना का कलेक्टर बनाया गया है। पन्ना की निवर्तमान कलेक्टर उषा परमार को मंत्रालय में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग का अपर सचिव नियुक्त किया गया। वहीं, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग में उप सचिव रहे विवेक कुमार को बुरहानपुर का नया कलेक्टर बनाया गया। इन बदलावों के जरिए दोनों जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया गया है।

 

शाजापुर, हरदा और बालाघाट में बदलाव
इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परिक्षित संजयराव झाड़े को शाजापुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया। शाजापुर की निवर्तमान कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त (राजस्व) की जिम्मेदारी दी गई। बालाघाट के कलेक्टर कुमार सत्यम को हरदा का कलेक्टर बनाया गया, जबकि आदित्य सिंह को बालाघाट का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया।

 

भिंड और मऊगंज को मिले नए कलेक्टर
वाणिज्यिक कर विभाग के पूर्व अपर सचिव राजेश कुमार ओगरे को मऊगंज का कलेक्टर बनाया गया। वहीं, सहकारिता विभाग में उप सचिव रहे पवन कुमार जैन को भिंड जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई। इन नियुक्तियों के साथ दोनों जिलों के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव किया गया है।

 

वरिष्ठ IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
तबादला आदेश में कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी गईं। अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारियों के साथ खाद्य सुरक्षा आयुक्त, विशेष आयुक्त (समन्वय) और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। सुखवीर सिंह मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के दायित्व के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

 

अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव
कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव को जनसंपर्क विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत एस. भोंडवे को नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में आवासीय आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

 

प्रशासनिक फेरबदल पर नजर
मध्य प्रदेश में हुए इस फेरबदल के तहत जिला स्तर से लेकर वरिष्ठ प्रशासनिक पदों तक कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कलेक्टरों की नई पदस्थापना के साथ विभागीय प्रभारों में भी बदलाव किया गया है। इन नियुक्तियों के बाद संबंधित जिलों और विभागों में प्रशासनिक कामकाज नई जिम्मेदारियों के अनुसार आगे बढ़ेगा। अधिकारियों की पदस्थापना से संबंधित अंतिम और विस्तृत जानकारी के लिए राज्य सरकार के आधिकारिक आदेश को देखना महत्वपूर्ण है।

Tata Elxsi Shares Rally: टाटा एलेक्सी के शेयर 7% उछले, एनालिस्ट सतर्क

बेहतर नतीजों के बाद टाटा एलेक्सी के शेयरों में तेजी
टाटा समूह की डिजाइन और टेक्नोलॉजी सर्विस कंपनी टाटा एलेक्सी के शेयरों में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को जोरदार तेजी देखने को मिली। उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 7 प्रतिशत तक चढ़े। इस तेजी के पीछे सितंबर तिमाही के बेहतर नतीजे रहे, जिनमें कंपनी ने कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ और अनुमान से बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन दर्ज किया। हालांकि, कर्मचारियों की लागत, वैश्विक बाजारों में मांग की अनिश्चितता और यूरोप के ऑटोमोटिव सेक्टर की कमजोरी को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसी वजह से शेयर में तेजी के बावजूद कई विश्लेषक कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

 

हालिया तेजी के बावजूद लंबी अवधि का प्रदर्शन कमजोर
टाटा एलेक्सी के शेयरों में आई ताजा तेजी से हाल के निचले स्तरों से रिकवरी को सहारा मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, शेयर में पिछले सप्ताह करीब 19 प्रतिशत और पिछले महीने लगभग 8.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी। इसके बावजूद लंबी अवधि का प्रदर्शन कमजोर रहा। स्टॉक तीन महीने में करीब 1 प्रतिशत, छह महीने में 17 प्रतिशत और एक साल में लगभग 31 प्रतिशत नीचे था। जनवरी 2026 में दर्ज 5,949.95 रुपये के 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से शेयर काफी नीचे कारोबार कर रहा था। 8 अक्टूबर को इसने लगभग 3,000 रुपये का 52-सप्ताह का निचला स्तर छुआ था। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि हालिया उछाल के बावजूद शेयर को अपनी पुरानी ऊंचाई तक पहुंचने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना पड़ सकता है।

 

तिमाही नतीजों में किन बातों ने किया प्रभावित
कंपनी ने सितंबर तिमाही में कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 2.3 प्रतिशत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जबकि बाजार का अनुमान करीब 1.5 प्रतिशत था। कंपनी का EBIT मार्जिन 19.7 प्रतिशत रहा, जो 19.2 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर था। पिछली तिमाही में यह मार्जिन 19 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इन आंकड़ों ने कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। हालांकि, बेहतर तिमाही नतीजों के आधार पर लगातार मजबूत ग्रोथ की गारंटी नहीं मिलती। आगे का प्रदर्शन नए प्रोजेक्ट मिलने, ग्राहकों के खर्च, कर्मचारियों की लागत और प्रमुख विदेशी बाजारों में मांग पर निर्भर करेगा।

 

JPMorgan ने क्यों बनाए रखी सतर्कता
JPMorgan ने टाटा एलेक्सी पर न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखते हुए 3,200 रुपये का प्राइस टारगेट दिया। ब्रोकरेज के आकलन के अनुसार, कंपनी की ग्रोथ में सकारात्मक योगदान अमेरिका और भारत में ऑटोमोटिव सेक्टर से मिले नए प्रोजेक्ट्स का रहा, जबकि यूरोप में मांग का माहौल कमजोर बना हुआ है। कंपनी प्रबंधन ने यूरोप को छोड़कर वित्त वर्ष के दूसरे हिस्से में पहले हिस्से की तुलना में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई थी। इसके बावजूद JPMorgan का मानना है कि पिछले वर्ष के दूसरे हिस्से का ऊंचा आधार और यूरोपीय बाजार की अनिश्चितता आगे की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है। ब्रोकरेज ने यह भी संकेत दिया कि मार्जिन में सुधार धीरे-धीरे हो सकता है और पुराने ऊंचे स्तरों तक पहुंचने में समय लगेगा।

 

कमाई के अनुमान में कटौती से बढ़ी चिंता
JPMorgan ने वित्त वर्ष 2028 और 2029 के लिए टाटा एलेक्सी की कमाई के अनुमानों में लगभग 10 से 11 प्रतिशत की कटौती की। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी प्रमुख वजह इन वर्षों के मार्जिन अनुमानों में 200 से 240 बेसिस पॉइंट्स तक की कमी थी। वित्त वर्ष 2027 में कंपनी की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ करीब 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान बताया गया, जो कुछ प्रतिस्पर्धी कंपनियों के अनुमान से बेहतर है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि यह संभावित ग्रोथ शेयर के प्रीमियम वैल्यूएशन में पहले से काफी हद तक शामिल है। ऐसे में बेहतर नतीजों के बावजूद शेयर में बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित रह सकती है।

 

मोतीलाल ओसवाल ने भी दी Sell रेटिंग
मोतीलाल ओसवाल ने टाटा एलेक्सी पर Sell रेटिंग देते हुए अपना प्राइस टारगेट बढ़ाकर 2,970 रुपये कर दिया। इसके बावजूद ब्रोकरेज के आकलन में पिछली क्लोजिंग कीमत के मुकाबले गिरावट की संभावना बनी हुई थी। ब्रोकरेज के मुताबिक, वित्त वर्ष के दूसरे हिस्से में रेवेन्यू ग्रोथ पहले हिस्से से बेहतर हो सकती है और कंपनी के तीनों प्रमुख कारोबार क्षेत्रों में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, नए प्रोजेक्ट्स से लगातार ग्रोथ हासिल करना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि किसी नए प्रोजेक्ट को पूरी रफ्तार पकड़ने में आमतौर पर दो से तीन तिमाहियां लग सकती हैं।

 

यूरोप में ऑटोमोटिव मांग बनी बड़ी चुनौती
मोतीलाल ओसवाल ने यूरोप में कमजोर ऑटोमोटिव मांग को कंपनी के लिए प्रमुख जोखिम बताया। ग्राहकों की ओर से खर्च में सतर्कता और फैसले लेने में देरी के कारण ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग सेवाओं पर खर्च तथा नए सौदों के अंतिम रूप लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ब्रोकरेज के अनुसार, अमेरिका और भारत से अपेक्षाकृत बेहतर समर्थन मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, दूसरे कारोबार क्षेत्रों और बाजारों में संभावित ग्रोथ यूरोप की कमजोरी के कुछ प्रभाव को कम कर सकती है। फिर भी, मांग में उतार-चढ़ाव और लगातार निवेश की जरूरत कंपनी के मार्जिन पर दबाव बनाए रख सकती है।

 

एनालिस्ट की राय में बंटी हुई तस्वीर
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, टाटा एलेक्सी को कवर करने वाले 19 विश्लेषकों में से सात ने Buy, तीन ने Hold और नौ ने Sell रेटिंग दी थी। औसत प्राइस टारगेट के आधार पर शेयर में करीब 2 प्रतिशत की संभावित बढ़त का अनुमान बताया गया। यह स्थिति दिखाती है कि बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी की आगे की ग्रोथ और मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर विश्लेषकों की राय एक जैसी नहीं है। निवेशकों के लिए कंपनी की अगली तिमाहियों की रेवेन्यू ग्रोथ, मार्जिन, नए प्रोजेक्ट्स और यूरोप में मांग की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

 

निवेश से पहले इन जोखिमों को समझें
टाटा एलेक्सी के शेयरों में आई तेजी बेहतर तिमाही प्रदर्शन के प्रति बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाती है, लेकिन इससे भविष्य में लगातार बढ़त सुनिश्चित नहीं होती। JPMorgan और मोतीलाल ओसवाल की रेटिंग तथा प्राइस टारगेट उनके विश्लेषण पर आधारित हैं और इन्हें निश्चित परिणाम नहीं माना जाना चाहिए। शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन, कारोबार की संभावनाओं और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें। जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श लें।

Market Rally Under Pressure: बाजार में तेजी टिकना मुश्किल, दो शेयरों पर नजर

शेयर बाजार में गिरावट, तेजी टिकने पर सवाल
भारतीय शेयर बाजार में 14 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। उपलब्ध बाजार अपडेट के अनुसार, सेंसेक्स करीब 118 अंक गिरकर 72,915 के आसपास और निफ्टी लगभग 53 अंक टूटकर 22,668 के करीब कारोबार कर रहा था। निफ्टी में टीसीएस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, नेस्ले और कोल इंडिया बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। वहीं श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, डॉ. रेड्डीज लैब्स, बीएसई लिमिटेड और अडानी पोर्ट्स में कमजोरी दर्ज की गई। आईटी को छोड़कर अन्य सेक्टरों में दबाव रहा, जबकि पीएसयू बैंक, फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली।

 

बाजार की पिछली तेजी के पीछे क्या रही वजह
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, कमजोर बाजार के माहौल में निफ्टी की पिछली कारोबारी सत्र में आई तेज उछाल ने निवेशकों को चौंकाया। उनके विश्लेषण के अनुसार, बाजार में तेजी की एक वजह शॉर्ट पोजीशन वाले कारोबारियों की शॉर्ट-कवरिंग हो सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा था कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से जुड़ी हितधारकों की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बयान के बाद निवेशकों के बीच संभावित बदलावों को लेकर उम्मीद बनी। हालांकि, टैक्स में बदलाव को लेकर किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई थी।

 

रुपये में मजबूती से बाजार को मिला सहारा
करेंसी बाजार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के उपायों के बीच रुपये में पिछले दो कारोबारी दिनों में मजबूती दर्ज होने की बात कही गई। रुपये की बढ़त से विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की बिकवाली का दबाव कम होने की संभावना बनी। इसके बावजूद अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड का लगभग 5.2 प्रतिशत के आसपास रहना और ब्रेंट क्रूड की कीमत का 106 डॉलर प्रति बैरल के करीब होना बाजार के लिए चुनौती बना हुआ था। विश्लेषण के मुताबिक, इन दबावों के कारण बाजार में आई तेजी को लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। दूसरी ओर, वित्तीय सेवाओं, टेलीकॉम, मेटल और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है, जहां दूसरी तिमाही के नतीजे बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई।

 

निफ्टी के लिए अहम रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर
सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 22,778–22,809 के स्तर पर है। इसके ऊपर 22,867–22,911 और फिर 22,967 के आसपास अगला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना गया है। नीचे की ओर 22,489–22,540 से लेकर 22,629 तक के स्तर को पहला सपोर्ट क्षेत्र बताया गया, जबकि 22,386–22,443 का दायरा बड़ा सपोर्ट क्षेत्र है। कारोबारियों के लिए इन स्तरों पर बाजार की चाल और उतार-चढ़ाव पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो सकता है। ये तकनीकी स्तर बाजार की मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर दिए गए विश्लेषण हैं और इनमें बदलाव संभव है।

 

बैंक निफ्टी के लिए ट्रेडिंग स्तर
वीरेंद्र कुमार के मुताबिक, बैंक निफ्टी का पहला रेजिस्टेंस 55,510–55,649 के बीच है। इसके बाद 55,878–56,060 का क्षेत्र अगला प्रमुख रेजिस्टेंस माना गया है। नीचे की ओर 55,076–55,214 का दायरा पहला सपोर्ट क्षेत्र है, जबकि 54,744–54,910 का स्तर बड़ा सपोर्ट क्षेत्र बताया गया। बैंकिंग शेयरों में कारोबार करने वालों के लिए इन स्तरों के साथ बाजार की दिशा और संबंधित कंपनियों की चाल पर नजर रखना जरूरी है। केवल तकनीकी स्तरों के आधार पर किसी ट्रेड में लाभ की गारंटी नहीं मानी जा सकती।

 

BEL और HAL पर विशेषज्ञ की ट्रेडिंग राय
Prakashgaba.com के प्रकाश गाबा ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर में 375 रुपये का स्टॉप-लॉस रखते हुए 390 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीदारी की रणनीति बताई। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए उन्होंने 4,800 रुपये का स्टॉप-लॉस और 4,950 रुपये का लक्ष्य बताया। ये स्तर संबंधित विशेषज्ञ की ट्रेडिंग राय पर आधारित हैं, न कि सुनिश्चित रिटर्न का संकेत। शेयरों में निवेश या ट्रेडिंग से पहले मौजूदा कीमत, बाजार की स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और प्रमाणित वित्तीय सलाह पर विचार करना चाहिए।

 

निवेश से पहले जोखिम समझना जरूरी
शेयर बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना बनी रहती है। वैश्विक बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों का बाजार पर असर पड़ सकता है। निफ्टी, बैंक निफ्टी, BEL और HAL से जुड़े बताए गए स्तरों को विशेषज्ञों के विश्लेषण के रूप में ही देखना चाहिए। निवेश का निर्णय लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें।

Shivakumar Denies Push Claim: राहुल गांधी ने धक्का नहीं दिया: डीके शिवकुमार

दिल्ली रैली में धक्का देने की बात से शिवकुमार का इनकार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि दिल्ली में विरोध रैली के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया। शिवकुमार के अनुसार, राहुल गांधी ने उन्हें धक्का नहीं दिया, बल्कि भीड़ अधिक होने के कारण उनके पीछे चल रहे वाहन में सवार होने का सुझाव देकर चिंता जताई थी। इस घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं के बीच कथित व्यवहार पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

 

एमएलसी रवि कुमार ने राहुल गांधी पर लगाए आरोप
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के मुख्य सचेतक और एमएलसी एन. रवि कुमार ने आरोप लगाया कि विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी ने शिवकुमार को कथित तौर पर धक्का देकर अलग किया। रवि कुमार ने इसे कन्नड़ लोगों के सम्मान और गरिमा से जोड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार राज्य के लोगों का अपमान है। ये आरोप रवि कुमार ने बेंगलुरु में जारी एक बयान में लगाए थे।

 

शिवकुमार ने आरोपों को बताया प्रचार
शिवकुमार ने राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि भाजपा उनसे बहुत प्यार करती है और इसी वजह से इस तरह का प्रचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की ओर से की गई बात भीड़ की स्थिति को लेकर चिंता जताने के संदर्भ में थी। इस तरह, घटना को लेकर रवि कुमार और शिवकुमार के बयान एक-दूसरे से अलग हैं।

 

राहुल गांधी के साथ तस्वीर भी साझा की
रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बाद में दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अपनी एक तस्वीर साझा की। यह तस्वीर राहुल गांधी की ओर से आयोजित हाई-टी कार्यक्रम के दौरान की बताई गई है। हालांकि, केवल तस्वीर के आधार पर रैली के दौरान हुई बातचीत या घटनाक्रम के सभी विवरणों की पुष्टि नहीं की जा सकती।

 

घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी
दिल्ली में विरोध मार्च के दौरान हुई बातचीत अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। रवि कुमार ने इसे कन्नड़ लोगों के सम्मान से जुड़ा मामला बताया, जबकि शिवकुमार ने धक्का दिए जाने के दावे को नकारते हुए कहा कि राहुल गांधी भीड़ के कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं; घटना के वास्तविक स्वरूप को लेकर किसी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।

Teacher Acid Attack Case: संभल में टीचर पर तेजाब हमले के दोषियों को उम्रकैद

संभल कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
उत्तर प्रदेश के संभल में एक शिक्षिका पर तेजाब फेंकने के मामले में अदालत ने युवक निशु और उसकी प्रेमिका जाह्नवी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायालय की विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रागिनी ने दोनों को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों दोषियों पर 1.20-1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता भावना को दी जाए। घटना के करीब एक साल 20 दिन बाद अदालत का फैसला आया।

 

स्कूटर से घर लौटते समय शिक्षिका पर हमला
यह मामला संभल के नखासा थाना क्षेत्र का है। 23 सितंबर 2025 को 27 वर्षीय शिक्षिका भावना पर सिंहपुर सानी से शरीफपुर जाने वाली सड़क पर कुंडो तालाब के पास तेजाब फेंका गया था। भावना शरीफपुर की निवासी हैं और गांव देहपा स्थित बिहारी लाल इंटर कॉलेज में पढ़ाती हैं। घटना के समय वह स्कूटर से घर लौट रही थीं। हमले में उनका चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेज दिया गया।

 

फर्जी फेसबुक आईडी से शुरू हुआ संपर्क
पुलिस जांच के अनुसार, जाह्नवी ने डॉ. अर्चना के नाम से फेसबुक पर एक फर्जी आईडी बनाई थी। इसी पहचान के जरिए उसने सोशल मीडिया पर निशु से संपर्क किया और दोनों के बीच संबंध बन गए। जांच में आरोप सामने आया कि जाह्नवी ने निशु से शादी करने का वादा किया था और बाद में उसे शिक्षिका भावना पर तेजाब फेंकने के लिए उकसाया। अभियोजन पक्ष ने मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका से संबंधित साक्ष्य अदालत के सामने रखे।

 

घटना के बाद आरोपी हुए गिरफ्तार
हमले के बाद निशु फरार हो गया था। 25 सितंबर 2025 को पुलिस मुठभेड़ के दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जाह्नवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में दोनों के बीच सोशल मीडिया के जरिए बने संबंध और शिक्षिका पर हमले के मामले की कड़ियों की पड़ताल की गई।

 

अभियोजन पक्ष ने अदालत में पेश किए साक्ष्य
मंगलवार शाम करीब छह बजे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नीतू रानी ने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता मसूद अली फारूकी और फैज अली फारूकी ने मामले की पैरवी की। सुनवाई के दौरान आरोपियों की भूमिका से जुड़े साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए गए। मामले पर विचार करने के बाद अदालत ने निशु और जाह्नवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

 

पीड़िता भावना ने फैसले पर जताई संतुष्टि
अदालत ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और पूरी राशि पीड़िता भावना को देने का आदेश दिया। फैसले के बाद भावना ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने अदालत के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

Jalandhar Drug Raid: जालंधर में मेडिकल स्टोर पर छापा, बाप-बेटे गिरफ्तार

जालंधर में मेडिकल स्टोर पर पुलिस की छापेमारी
पंजाब के जालंधर में बस्ती बावा खेल अड्डा के पास मेडिकल स्टोर की आड़ में कथित रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बेचने के मामले में पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक आनंद और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान दुकान और संचालक के घर से 100 से अधिक प्रतिबंधित नशीली गोलियां बरामद होने की जानकारी दी गई है। यह कार्रवाई मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सामने आई है।

 

फर्जी ग्राहक भेजकर जुटाए गए सबूत
एसीपी आतिश भाटिया, थाना प्रभारी संजीव सूरी और ड्रग इंस्पेक्टर अमित बंसल की अगुवाई में टीम ने बस्ती बावा खेल अड्डा स्थित आनंद मेडिकल स्टोर और प्रभजोत मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, इन दुकानों पर अवैध रूप से नशीली दवाइयां बेचे जाने की सूचना मिली थी। कार्रवाई से पहले एक फर्जी ग्राहक को दुकान पर भेजा गया, जिसने कथित तौर पर एक हजार रुपये की नशीली दवाइयां खरीदीं। इसके बाद पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

 

गोलियों को मूल पैकिंग से निकालकर रखने का आरोप
जांच के दौरान टीम को कथित तौर पर नशीली गोलियां उनके मूल पत्तों से निकालकर अलग डिब्बे में रखी हुई मिलीं। पुलिस का आरोप है कि इस तरीके से दवाइयां खुली बेची जा रही थीं। टीम ने मेडिकल स्टोर की तलाशी के साथ संचालक के घर की भी जांच की। इसके बाद पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आगे की जांच के जरिए दवाइयों की आपूर्ति और बिक्री से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है।

 

पहले भी कार्रवाई होने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ पहले भी नशीली दवाइयां बेचने के आरोप में कार्रवाई की जा चुकी है। बताया गया है कि वह जेल जाने के बाद जमानत पर बाहर आया था और उस पर दोबारा कथित अवैध कारोबार शुरू करने का आरोप है। इन दावों की पुष्टि मामले की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के जरिए होगी।

 

मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
मामले को गंभीर मानते हुए ड्रग विभाग को संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने के लिए पत्र लिखने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। दुकान को सील करने के लिए भी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री से जुड़े अन्य संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।

UPI MDR Deadline Extended: UPI MDR की डेडलाइन बढ़ी, दिवाली के बाद लागू होगा नियम

UPI MDR की डेडलाइन बढ़ाने की खबर
यूपीआई (UPI) से भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारियों के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, MDR से जुड़ी प्रस्तावित समयसीमा 15 अक्टूबर से बढ़ाकर दिवाली के बाद कर दी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य त्योहारी सीजन के दौरान कारोबारियों को अतिरिक्त समय देना बताया जा रहा है। हालांकि, नियम की अंतिम तारीख और लागू होने की शर्तों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी है।

 

व्यापारियों को कैसे मिल सकती है राहत
समयसीमा आगे बढ़ने से व्यापारियों को प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के लिए तैयारी करने का अतिरिक्त समय मिल सकता है। खासकर छोटे दुकानदारों और उन कारोबारियों के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण है, जो ग्राहकों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करते हैं। यदि निर्धारित अवधि तक नया शुल्क लागू नहीं होता है, तो व्यापारियों को उस दौरान प्रस्तावित MDR का अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा।

 

MDR नियम और 0.4 प्रतिशत शुल्क का दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ₹2,000 से अधिक के डिजिटल लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने का प्रावधान तय किया गया है। हालांकि, UPI पर शुल्क लगाने से संबंधित इस दावे और इसकी लागू होने की शर्तों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए कारोबारियों को किसी भी शुल्क व्यवस्था को लागू मानने से पहले NPCI या संबंधित नियामक की अधिसूचना देखनी चाहिए।

 

आखिर क्यों बढ़ाई गई समयसीमा
रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापारियों और कारोबारियों की ओर से नई व्यवस्था लागू करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था। इसी वजह से समयसीमा को त्योहारी सीजन के बाद तक बढ़ाने की बात कही गई है। दिवाली के दौरान बाजारों में खरीदारी और डिजिटल लेनदेन बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए भुगतान व्यवस्था में किसी बदलाव का व्यापारियों पर क्या असर होगा, यह महत्वपूर्ण विषय है।

 

क्या होता है MDR
MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क है, जो कुछ भुगतान व्यवस्थाओं में व्यापारी से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले लिया जा सकता है। यह ग्राहक द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि से अलग शुल्क व्यवस्था होती है। हालांकि, UPI सहित अलग-अलग भुगतान माध्यमों पर शुल्क के नियम एक जैसे नहीं होते। इसलिए किसी विशेष लेनदेन पर MDR लागू है या नहीं, यह संबंधित नियमों और आधिकारिक दिशानिर्देशों पर निर्भर करता है।

 

फिनटेक कंपनियों पर संभावित असर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि MDR से जुड़ी खबरों के बाद पेमेंट और फिनटेक कंपनियों के शेयरों में प्रतिक्रिया देखने को मिली। यदि किसी भुगतान व्यवस्था में शुल्क से राजस्व मिलने की उम्मीद हो, तो उससे जुड़ी कंपनियों के कारोबार और निवेशकों की अपेक्षाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, शेयरों में तेजी या गिरावट के कारणों को केवल एक खबर से जोड़ने से पहले बाजार के अन्य कारकों और आधिकारिक जानकारी की भी जांच करनी चाहिए।

Velkumar Wins Bronze: आनंदकुमार वेलकुमार ने वर्ल्ड स्केट गेम्स में जीता कांस्य

आनंदकुमार वेलकुमार ने 500 मीटर स्प्रिंट में जीता कांस्य
भारत के स्पीड स्केटर आनंदकुमार वेलकुमार ने वर्ल्ड स्केट गेम्स 2026 में 500 मीटर स्प्रिंट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने यह रेस 40.856 सेकंड में पूरी की। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय स्पीड स्केटिंग की पहचान को और मजबूत किया है।

 

2025 की ऐतिहासिक उपलब्धियों के बाद जारी है शानदार प्रदर्शन
वेलकुमार ने 2025 की विश्व स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने 500 मीटर स्प्रिंट में कांस्य और 1000 मीटर स्प्रिंट तथा मैराथन स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। इन उपलब्धियों ने उन्हें भारतीय स्पीड स्केटिंग के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। 2026 में कांस्य पदक जीतने से उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन में एक और उपलब्धि जुड़ गई है।

 

कौन हैं आनंदकुमार वेलकुमार?
आनंदकुमार वेलकुमार तमिलनाडु के 23 वर्षीय स्पीड स्केटर हैं। उनका जन्म 19 जनवरी 2003 को हुआ था। खेल के साथ-साथ वह चेन्नई स्थित कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, गिंडी में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई भी कर रहे हैं। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर उन्होंने भारतीय स्केटिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है।

 

जूनियर स्तर से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सफर
वेलकुमार ने 2021 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 15 किलोमीटर एलिमिनेशन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर विश्व स्केटिंग चैंपियनशिप में पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय बनने की उपलब्धि दर्ज की थी। शुरुआती दौर की इस सफलता ने उनके आगे के करियर के लिए मजबूत आधार तैयार किया।

 

एशियाई खेलों में भी जीत चुके हैं कांस्य
वेलकुमार ने 2022 के एशियाई खेलों में पुरुषों की 3000 मीटर टीम रिले स्पर्धा में भारतीय टीम के साथ कांस्य पदक जीता था। इसके बाद 2025 की विश्व चैंपियनशिप में उनके शानदार प्रदर्शन ने भारतीय स्पीड स्केटिंग को नई पहचान दिलाई। लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करना उनकी मेहनत और अनुभव को दर्शाता है।

 

भारतीय स्पीड स्केटिंग के लिए अहम उपलब्धि
वर्ल्ड स्केट गेम्स 2026 में 500 मीटर स्प्रिंट का कांस्य पदक भारतीय खेल जगत के लिए उत्साहजनक उपलब्धि है। वेलकुमार की सफलता से देश में स्पीड स्केटिंग के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है। उनकी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को इस खेल में आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

Shaw Akriti Reunite: पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल फिर आए साथ

पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल फिर आए साथ
भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और इन्फ्लुएंसर आकृति अग्रवाल ने सगाई खत्म करने की घोषणा के कुछ सप्ताह बाद अपने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है। सोमवार को आकृति ने सोशल मीडिया पर एक बयान साझा कर दोनों के फिर से साथ आने की जानकारी दी। उन्होंने पहले अलग होने के फैसले में अपनी भूमिका स्वीकार की और माना कि करीबी लोगों की राय ने उनके रिश्ते को लेकर उनकी सोच को प्रभावित किया था।

 

आकृति अग्रवाल ने बयान में क्या कहा?
आकृति ने अपने बयान में बताया कि सगाई तोड़ते समय उन्होंने अपने करीबी लोगों की राय को अपने रिश्ते पर हावी होने दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने पृथ्वी शॉ और अपने रिश्ते को लेकर फैसला लेने से पहले वह खुलकर बातचीत नहीं की, जिसकी जरूरत थी। उन्होंने इस निर्णय की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि बाद में दोनों के बीच ईमानदारी से बातचीत हुई और उन्होंने एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने के बाद फिर साथ आने का फैसला किया।

 

मार्च में हुई थी सगाई, सितंबर में अलग हुए थे
पृथ्वी शॉ और आकृति अग्रवाल ने मार्च 2026 में सोशल मीडिया पर अपनी सगाई की तस्वीरें साझा की थीं। इसके बाद सितंबर में आकृति ने अलग होने की घोषणा की थी। उस समय भविष्य की योजनाओं और अलग-अलग परिस्थितियों को लेकर संकेत दिए गए थे, लेकिन दोनों ने अपने रिश्ते में आई दूरी की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की थी। अब आकृति के नए बयान के बाद दोनों के फिर से साथ आने की खबर सामने आई है।

 

पृथ्वी शॉ का क्रिकेट करियर
26 वर्षीय पृथ्वी शॉ को शुरुआती करियर में भारतीय क्रिकेट की प्रतिभाशाली बल्लेबाजी संभावनाओं में गिना जाता था। उन्होंने 2018 में भारत की अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए विश्व कप जीता था। उसी वर्ष उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और अपने पहले ही टेस्ट में शतक लगाया। हालांकि, चोटों, प्रदर्शन में निरंतरता की कमी और राष्ट्रीय टीम से लंबे समय तक बाहर रहने के कारण उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया।

 

मुंबई छोड़ महाराष्ट्र टीम से जुड़े शॉ
अपने क्रिकेट करियर को दोबारा मजबूत करने के प्रयास में पृथ्वी शॉ 2025-26 घरेलू सत्र से पहले मुंबई की जगह महाराष्ट्र की टीम से जुड़ गए। पिछले रणजी ट्रॉफी सत्र में उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ 222 रन की बड़ी पारी खेली थी। इसके बावजूद वह भारतीय टीम की तत्कालीन योजनाओं में जगह नहीं बना सके। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनके लिए वापसी की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

 

घरेलू सत्र में शॉ की सकारात्मक शुरुआत
2026-27 घरेलू सत्र में पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए सकारात्मक शुरुआत की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने रविवार को नई दिल्ली के पालम ए स्टेडियम में सर्विसेज के खिलाफ मुकाबले में टीम की कप्तानी की और 73 गेंदों पर 70 रन बनाए। उनकी पारी में आठ चौके और एक छक्का शामिल था। बाएं हाथ के स्पिनर अर्जुन शर्मा ने उन्हें आउट किया। अब शॉ की कोशिश घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में वापसी की संभावनाएं मजबूत करने की होगी।

Kumaraswamy Demands Sting Probe: स्टिंग ऑपरेशन के दावे पर कुमारस्वामी ने शिवकुमार को घेरा

स्टिंग ऑपरेशन के बयान पर कर्नाटक में सियासी विवाद
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को अपने मंत्रियों को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जानकारी थी, तो अब तक जांच शुरू क्यों नहीं की गई।

 

कुमारस्वामी ने बैठक को लेकर उठाए सवाल
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु के एक पांच सितारा होटल में कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े एक व्यक्ति के साथ लंबी बैठक की थी। उन्होंने संबंधित व्यक्ति की पहचान और बैठक के उद्देश्य को सार्वजनिक करने की मांग की। कुमारस्वामी के अनुसार, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कथित अभियान के पीछे कौन लोग थे और उसका मकसद क्या था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा, समय देगा जवाब
कुमारस्वामी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डीके शिवकुमार ने मैसूर में कहा कि समय इन सभी सवालों का जवाब देगा। शिवकुमार पहले भी दावा कर चुके हैं कि उन्हें उन लोगों की जानकारी है, जो उनके और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन कराने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में जांच के आदेश या किसी औपचारिक कार्रवाई की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।

 

पांच मंत्रियों को निशाना बनाने का दावा
कुमारस्वामी ने सवाल किया कि यदि पांच कैबिनेट मंत्रियों को कथित स्टिंग ऑपरेशन के जरिए निशाना बनाया गया था, तो सरकार ने अब तक इसकी जांच क्यों नहीं कराई। उन्होंने कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों के माध्यम से यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित अभियान किसने चलाया, किन लोगों को निशाना बनाया गया और इसके लिए धन कहां से आया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास विश्वसनीय जानकारी थी, तो संबंधित मंत्रियों को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की गई।

 

सिद्धारमैया के बयान का भी किया जिक्र
कुमारस्वामी ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि स्टिंग ऑपरेशन किए जाने की जानकारी होने की बात कही गई थी। उन्होंने मांग की कि केवल बयान देने के बजाय तथ्यों का पता लगाने के लिए औपचारिक जांच शुरू की जाए। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मीडिया से जुड़े होने की आड़ में काम करने वाले एक व्यक्ति को संरक्षण दिया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से पुष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

 

भाजपा ने भी एफआईआर दर्ज कराने की मांग की
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी मुख्यमंत्री से कथित स्टिंग ऑपरेशन के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने और जांच का आदेश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों के खिलाफ ऐसी गतिविधियों की जानकारी है, तो उन्हें संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। अशोक ने सवाल उठाया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन किसने कराया, इसमें कितना पैसा खर्च हुआ और इसके पीछे राज्य के लोगों का हाथ था या बाहरी लोगों का।

 

जांच की मांग के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
कुमारस्वामी और भाजपा नेताओं की मांग है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े आरोपों की जांच कराई जाए, ताकि संबंधित लोगों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा है कि उन्हें कथित गतिविधियों के पीछे मौजूद लोगों की जानकारी है। फिलहाल यह विवाद आरोपों और राजनीतिक बयानों के बीच जारी है। मामले में जांच की स्थिति और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।