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Sensex Nifty Fall: तेल की बढ़ती कीमतों और RBI की दर बढ़ोतरी से शेयर बाजार में गिरावट

शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 173.05 अंक टूटकर 22,603.05 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 429.11 अंक गिरकर 72,638.70 पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने को प्रमुख कारण माना गया। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए।

 

RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 फीसदी किया
भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.50 फीसदी कर दिया है। यह करीब चार साल में आरबीआई की पहली दर वृद्धि बताई गई है। ब्याज दर बढ़ने से फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की लागत बढ़ सकती है और इसका असर उपभोक्ताओं की EMI पर पड़ने की संभावना है।

 

तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड करीब 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है, इसलिए तेल की कीमत बढ़ने से महंगाई, व्यापार घाटे और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।

 

किन सेक्टरों पर पड़ा दबाव
बाजार में मेटल, ऑटो, एफएमसीजी और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। वहीं कुछ निजी बैंकिंग शेयरों में मजबूती दिखाई दी। विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंची ब्याज दरों का असर ऑटोमोबाइल, रियल एस्टेट और उपभोक्ता खर्च से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ सकता है।

 

रुपये पर भी निवेशकों की नजर
आरबीआई के फैसले के बाद भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 96.78 के स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशक कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखेंगे। ऊंची ऊर्जा कीमतों और सख्त मौद्रिक नीति के बीच निकट अवधि में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई गई है।

Paramount Warner Merger: पैरामाउंट स्काईडांस ने 110 अरब डॉलर में वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का अधिग्रहण पूरा किया

110 अरब डॉलर की मेगा डील पूरी
पैरामाउंट स्काईडांस ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के 110 अरब डॉलर के अधिग्रहण को पूरा कर लिया है। यह मनोरंजन उद्योग के सबसे बड़े सौदों में से एक माना जा रहा है। इस विलय के बाद पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स के साथ कई बड़े फिल्म स्टूडियो, टेलीविजन नेटवर्क, समाचार संस्थान और स्ट्रीमिंग कारोबार एक ही कॉर्पोरेट ढांचे में आ गए हैं।

 

हॉलीवुड की बड़ी फ्रेंचाइजी एक छत के नीचे
नई कंपनी के पोर्टफोलियो में वार्नर ब्रदर्स, डीसी स्टूडियो, एचबीओ मैक्स और सीएनएन के साथ पैरामाउंट की फिल्म और टेलीविजन संपत्तियां शामिल होंगी। इसके साथ ही हैरी पॉटर और मिशन: इम्पॉसिबल जैसी चर्चित फ्रेंचाइजी भी इसी बड़े मनोरंजन समूह का हिस्सा बन गई हैं। कंपनी का लक्ष्य नेटफ्लिक्स और अमेजन जैसे तकनीकी दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना है।

 

स्ट्रीमिंग कारोबार पर बड़ा फोकस
कंपनी पैरामाउंट+ और एचबीओ मैक्स को एक प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के तहत एकीकृत करने की योजना बना रही है। नई कंपनी ने कंटेंट पर सालाना कम से कम 30 अरब डॉलर खर्च करने और आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में थिएटर रिलीज करने की योजना बताई है। इसका उद्देश्य स्ट्रीमिंग और पारंपरिक फिल्म कारोबार दोनों को मजबूत करना है।

 

करीब 80 अरब डॉलर के कर्ज की चुनौती
इतने बड़े विलय के साथ कंपनी पर भारी वित्तीय दबाव भी आया है। संयुक्त कारोबार पर करीब 80 अरब डॉलर का कर्ज होने का अनुमान है। स्काईडांस ने लगभग 6 अरब डॉलर की लागत बचत का लक्ष्य रखा है। कंपनी को एक तरफ स्ट्रीमिंग में निवेश बढ़ाना होगा, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक टेलीविजन से होने वाली आय और फिल्म कारोबार को भी संभालना होगा।

 

डेविड एलिसन और यनोन क्रेज़ संभालेंगे नेतृत्व
नई कंपनी में नेतृत्व की जिम्मेदारियां बांटी गई हैं। स्काईडांस के सीईओ डेविड एलिसन रचनात्मक दिशा और व्यापक कॉर्पोरेट रणनीति पर ध्यान देंगे, जबकि मैटल के पूर्व सीईओ यनोन क्रेज़ सह-सीईओ के तौर पर रोजमर्रा के संचालन और दोनों कंपनियों के एकीकरण की जिम्मेदारी संभालेंगे। नई बोर्ड संरचना में कई प्रमुख कारोबारी हस्तियां भी शामिल हुई हैं।

 

CNN और CBS News पर भी नजर
विलय के बाद सीएनएन और सीबीएस न्यूज एक ही कॉर्पोरेट ढांचे में आ गए हैं, जिससे अमेरिका में राजनीतिक और नियामकीय निगरानी बढ़ने की संभावना है। सौदे से जुड़े समझौते के तहत सीएनएन और सीबीएस न्यूज के लिए संपादकीय स्वतंत्रता बोर्ड बनाने की बात कही गई है। दोनों समाचार संस्थानों के मौजूदा नेतृत्व के अपने-अपने पदों पर बने रहने की उम्मीद है।

Rajpal Yadav SC Case: चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

चेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में अभिनेता राजपाल यादव को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने उन्हें 13 अक्टूबर तक शिकायतकर्ता को देय राशि में से 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि भुगतान होने के बाद ही हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद अदालत में मौजूद थे।

 

1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अदालत में पेश किया गया। बाकी 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक उनकी प्रॉपर्टी खरीदने वाले एक खरीदार के जरिए चुकाए जाने की बात कही गई। अदालत ने कुल 2 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त को स्पष्ट रूप से रखा है।

 

अदालत ने रवैये पर जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि बार-बार समय इसलिए दिया जा रहा है ताकि शिकायतकर्ता को उसकी राशि मिल सके। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर सजा बढ़ाई जा सकती है और कानून की प्रक्रिया का इस तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

 

CJI और राजपाल यादव के बीच हुई बातचीत
सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश और राजपाल यादव के बीच हल्का-फुल्का संवाद भी हुआ। राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए बड़े वित्तीय नुकसान का जिक्र किया और कहा कि फिल्म की वजह से उन्हें करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस पर CJI ने फिल्म के नाम को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जैसे फिल्म ‘अता पता लापता’ है, वैसे ही उनका पैसा भी ‘अता पता लापता’ हो गया है।

 

राजपाल यादव ने जताया न्यायपालिका पर भरोसा
CJI की टिप्पणी पर राजपाल यादव ने हाथ जोड़कर सम्मान जताया। इसके बाद CJI ने उन्हें अच्छी फिल्म बनाने और लोगों का मनोरंजन करने की सलाह भी दी। कोर्ट परिसर में राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें देश, सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा और सम्मान है। उन्होंने कहा कि अदालत की ओर से जो भी फैसला आएगा, वह उसे स्वीकार करेंगे।

 

2010 के लोन विवाद से जुड़ा है मामला
यह मामला साल 2010 का बताया जा रहा है, जब फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से राजपाल यादव ने कथित तौर पर लोन लिया था। लोन चुकाने के लिए दिए गए 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक बाउंस होने के बाद कानूनी विवाद शुरू हुआ। राजपाल यादव के मुताबिक, विवाद करीब 5 करोड़ रुपये की देनदारी से जुड़ा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर तक 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।

US Aircraft Losses: ईरान युद्ध में अमेरिका के 81 सैन्य विमान और ड्रोन प्रभावित

ईरान युद्ध में अमेरिका को बड़ा सैन्य नुकसान

ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका के कम से कम 81 सैन्य विमान और ड्रोन या तो नष्ट हुए हैं या उन्हें नुकसान पहुंचा है। कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित सैन्य विमानों और ड्रोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.3 अरब डॉलर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नुकसान का यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं माना जा सकता, क्योंकि कुछ सैन्य जानकारी गोपनीय है और अभियान अभी भी जारी हैं।

 

F-15E, F-35A और MQ-9 रीपर शामिल

रिपोर्ट के मुताबिक नुकसान में अमेरिका के कई आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इनमें 12 F-15E विमान, एक F-35A लाइटनिंग II फाइटर जेट, दो A-10 थंडरबोल्ट II और सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी सेना के 45 MQ-9 रीपर ड्रोन भी नुकसान की सूची में बताए गए हैं।

 

F-15E को हुआ नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार, 2 मार्च को कुवैत के ऊपर फ्रेंडली फायर की घटना में तीन F-15E जेट गिराए गए थे। इसके बाद ईरान के ऊपर एक और F-15E जेट के गिरने की जानकारी दी गई। वहीं सितंबर में जॉर्डन स्थित मुवाफक साल्टी एयर बेस पर ईरानी हमलों के दौरान कम से कम आठ अन्य F-15E विमानों को मामूली नुकसान पहुंचा।

 

कई अन्य विमान और ड्रोन भी प्रभावित

अमेरिकी नुकसान में एक E-3 सेंट्री एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग विमान, दो MC-130J कमांडो II विमान, एक HH-60W जॉली ग्रीन II हेलिकॉप्टर, एक MQ-4C ट्राइटन और तीन MQ-1 मानवरहित विमान भी शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार E-3 सेंट्री की अनुमानित कीमत करीब 270 मिलियन डॉलर प्रति विमान है।

 

हेलिकॉप्टरों को भी नुकसान

युद्ध के दौरान अमेरिका ने एक AH-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, चार AH-6 लिटिल बर्ड लाइट अटैक हेलिकॉप्टर और एक MH-60 सी हॉक मैरीटाइम हेलिकॉप्टर भी खोया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि नुकसान की सूची में शामिल कुछ विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं और मरम्मत के बाद दोबारा सेवा में लौट सकते हैं।

 

सैन्य अभियान की लागत भी बढ़ी

रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य अभियान पर बढ़ते खर्च का भी उल्लेख है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, ईरान में अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों और सैन्य संसाधनों की लागत एक महीने से कुछ अधिक समय में बढ़कर करीब 28.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, सैन्य नुकसान और अभियान की लागत से जुड़े आंकड़े आगे बदल सकते हैं।

Big Education Boost in MP: MPPSC परीक्षा अब साल में दो बार, हर जिले में फ्री कोचिंग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन, युवाओं से संवाद एवं घोषणाएं

मध्‍यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मंगलवार को सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन किया एवं विभिन्न अहम मुद्दों पर युवाओं से सीधे संवाद कर छात्र हित में कई घोषणाएं। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा संकल्प अभियान- 2026 के तहत 'मध्य प्रदेश-सेवा फर्स्ट-इनोवेशन चैलेंज' के लिए रजिस्‍ट्रेशन भी शुरू किया और उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विकास से संबंधित एक विशेष प्रदर्शनी का दौरा किया।

 

MPPSC एवं अन्‍य कई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मध्य प्रदेश सरकार राज्य भर के सभी जिलों के सरकारी महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्‍क कोचिंग प्रदान करेगी। शोधार्थियों को प्राप्‍त होने वाली शोध छात्रवृत्ति की राशि 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रति माह की जाएगी।

 

5 करोड़ का आइडिया फंड बनाने की योजना 

इसके अलावा, सरकारी कॉलेजों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। युवाओं के बीच नवाचार और स्टार्टअप विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 करोड़ रुपये का आइडिया फंड बनाया जाएगा।

 

MPPSC की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जावेगी

मुख्‍यमंत्री ने यह भी घोषणा किया कि युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जावेगी। मध्य प्रदेश एक युवा राज्य है और सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु निरंतर काम कर रही है।
वर्तमान में राज्य में विभिन्‍न सरकारी पदों पर भर्ती की जा रही है। आगामी वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा और युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बैठने के लिए अधिक अवसर प्रदान करने हेतु एमपीपीएससी परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी।

 

हम युवा वर्ष 2027 मनाने जा रहे : मुख्‍यमंत्री 

कार्यक्रम के बाद उपस्थित पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'युवा वर्ष- 2027' की तैयारी कर रही है और युवाओं से सुझाव लेने के लिए ही युवा सम्मेलन का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  मुझे इस बात की खुशी है कि हम युवा वर्ष-2027 मनाने जा रहे हैं। अभी हमने यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया है तथा युवाओं के सुझाव भी आमंत्रित कर रहे हैं। राज्य सरकार ने अभी कई फैसले लिए हैं तथा संबंधित विभाग उन्हें लागू करने की दिशा में कार्य भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा वर्ष रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करेगा और उन्हें मध्य प्रदेश और देश के विकास में योगदान देते हुए आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में मदद करेगा। 

 

UPSC की तर्ज पर MPPSC परीक्षा पारदर्शी और प्रक्रिया तेज होगी 

मध्‍यप्रदेश सरकार का लक्ष्य भर्ती प्रक्रिया को बिल्कुल पारदर्शी एवं निर्धारित समय पर पूरा करना है। UPSC और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की तरह अब MPPSC भी अपना वार्षिक परीक्षा कैलेंडर तैयार करेगा जिसमें साल में दो बार प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स), मुख्य परीक्षा (मेंस) और इंटरव्यू की प्रक्रिया सुव्‍यवस्थित रूप से सम्‍पन्‍न करायी जा सके। इससे खाली पड़े प्रशासनिक पदों को जल्दी भरा जा सकेगा, और अभ्यर्थियों का भी अमूल्य समय भी बच सकेगा।  अभी तक राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं किसी न किसी कारण से लेट हो जाती रही हैं तथा परीक्षा में देरी, रिजल्ट तथा पोस्टिंग में कई महीनों का समय लगता है। जिससे कई छात्रों के साल बर्बाद हो जाते हैं और उनकी उम्र भी निकल जाती है।

Ganguly Conflict Row: सौरव गांगुली ने हितों के टकराव के आरोप से किया इनकार

सौरव गांगुली बने दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल 2027 के लिए अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है। गांगुली पूर्व भारतीय क्रिकेटर हेमंग बदानी की जगह लेंगे, जिन्होंने दो सीजन तक फ्रेंचाइजी के साथ काम किया। हालांकि, गांगुली के बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद पर रहते हुए दिल्ली कैपिटल्स का हेड कोच बनने के बाद हितों के टकराव का मुद्दा उठ गया।

 

हितों के टकराव के सवाल पर गांगुली का जवाब
सौरव गांगुली से जब दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालने के साथ हितों के टकराव को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे लोकपाल के आदेश हैं।” गांगुली के मुताबिक, उनके पास इस संबंध में लोकपाल के निर्देश हैं और इसी आधार पर वह दोनों जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

 

पहले भी उठ चुका है गांगुली की भूमिका पर सवाल
यह पहली बार नहीं है जब सौरव गांगुली की अलग-अलग क्रिकेट भूमिकाओं को लेकर हितों के टकराव का मुद्दा सामने आया है। साल 2019 में भी तत्कालीन बीसीसीआई लोकपाल डीके जैन के सामने गांगुली की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। उस समय वह दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार के साथ-साथ बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष भी थे।

 

पहली बार IPL फ्रेंचाइजी के हेड कोच बने गांगुली
दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच के तौर पर सौरव गांगुली पहली बार किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी की मुख्य कोचिंग भूमिका संभालेंगे। इससे पहले वह एसए20 में प्रीटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। दिल्ली कैपिटल्स की जिम्मेदारी मिलने के बाद गांगुली ने कहा कि टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी और अब उनका ध्यान दिल्ली के खेल पर रहेगा। उन्होंने फ्रेंचाइजी को अपने दिल के करीब बताया और कहा कि वर्षों से उनका दिल्ली कैपिटल्स के साथ मजबूत रिश्ता रहा है।

Airtel Postpaid Hike: Airtel ने पोस्टपेड प्लान्स की कीमतों में 50 रुपये तक बढ़ोतरी की

Airtel ने पोस्टपेड प्लान्स किए महंगे
टेलीकॉम कंपनी Airtel ने अपने पोस्टपेड प्लान्स में बदलाव किया है। कंपनी ने पोस्टपेड टैरिफ में 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही नए प्लान्स में ग्राहकों को हर साल एक फ्री इंटरनेशनल रोमिंग ट्रिप का बेनिफिट भी दिया जाएगा। नए प्लान 8 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

 

मौजूदा ग्राहकों पर भी पड़ेगा असर
कंपनी के मुताबिक, मौजूदा पोस्टपेड यूजर्स को करीब एक महीने के भीतर उनके मौजूदा प्लान के सबसे नजदीकी महंगे प्लान में शिफ्ट किया जाएगा। Airtel का कहना है कि फ्री इंटरनेशनल रोमिंग बेनिफिट की कीमत करीब 2,000 रुपये है। यानी बढ़ी हुई कीमत के साथ ग्राहकों को अतिरिक्त रोमिंग सुविधा भी मिलेगी।

 

हर साल मिलेगा 5 दिन का फ्री रोमिंग पैक
फ्री इंटरनेशनल रोमिंग पैक में ग्राहकों को 5GB मोबाइल डेटा मिलेगा। इसके अलावा 60 मिनट की आउटगोइंग कॉलिंग और 25 आउटगोइंग SMS के साथ इनकमिंग SMS की सुविधा भी दी जाएगी। इस पैक की वैलिडिटी 5 दिनों की होगी। ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक पूरे साल में किसी भी समय इस फ्री रोमिंग पैक को एक्टिवेट कर सकेंगे।

 

फैमिली प्लान यूजर्स को भी फायदा
Airtel के फैमिली पोस्टपेड प्लान का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए भी यह बेनिफिट उपलब्ध होगा। परिवार के प्रत्येक सदस्य को फ्री इंटरनेशनल रोमिंग पैक मिलेगा। इसके साथ नए पोस्टपेड प्लान्स में पहले से मिल रहे अन्य बेनिफिट्स भी जारी रहेंगे।

 

अनलिमिटेड डेटा और सुरक्षा फीचर्स भी
नए पोस्टपेड प्लान्स में अनलिमिटेड डेटा के साथ फास्ट-लेन टेक्नोलॉजी और स्पैम व फ्रॉड लिंक से नेटवर्क-लेवल सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। इसके अलावा ग्राहकों को एंटरटेनमेंट सब्सक्रिप्शन और Airtel Postpaid Advantage Club के जरिए कॉमेडी शो, मूवी प्रीमियर और कॉन्सर्ट जैसे एक्सक्लूसिव एक्सपीरियंस का लाभ भी मिलता रहेगा।

US Iran Deal Shift: ईरान से समझौते के लिए अमेरिका ने बदली परमाणु संवर्धन की शर्त

ईरान से समझौते के लिए अमेरिका ने बदली बड़ी शर्त
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच अब बातचीत की कोशिशें भी तेज होती दिखाई दे रही हैं। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते में ईरान का परमाणु कार्यक्रम और खासकर यूरेनियम संवर्धन सबसे अहम मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका पहले ईरान से परमाणु संवर्धन पूरी तरह रोकने की मांग कर रहा था, लेकिन अब उसका रुख कुछ नरम होता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अब संवर्धन क्षमता को पूरी तरह खत्म करने के बजाय इसे एक निर्धारित सीमा तक कम करने पर जोर दे रहा है।

 

परमाणु संवर्धन बना सबसे बड़ा मुद्दा
यूरेनियम को एक विशेष प्रक्रिया के जरिए अधिक शुद्ध बनाने को संवर्धन कहा जाता है। परमाणु ऊर्जा के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन संवर्धन का स्तर बढ़ने पर परमाणु हथियारों की संभावित क्षमता को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता भी बढ़ती है। अमेरिका ईरान के 60 फीसदी तक संवर्धित ईंधन को लेकर सवाल उठा रहा है और उसका कहना है कि अगर ईरान परमाणु हथियार बनाने का इरादा नहीं रखता, तो उसे इतनी ऊंची क्षमता वाला संवर्धित ईंधन रखने की जरूरत क्यों है।

 

अमेरिका को सिर्फ वादे नहीं, ठोस कदम चाहिए
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि केवल भविष्य में परमाणु संवर्धन कम करने का भरोसा अमेरिका के लिए पर्याप्त नहीं होगा। वाशिंगटन ईरान की ओर से जमीन पर वास्तविक और ठोस कदम चाहता है। अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान से स्पष्ट रियायत की मांग कर रहा है। वेंस ने यह भी कहा कि ईरान के निर्णय लेने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है और अमेरिका को यह पता नहीं है कि तेहरान में अंतिम निर्णय कौन लेता है।

 

युद्ध के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य भी अहम
ईरान-अमेरिका बातचीत का असर सिर्फ परमाणु मुद्दे तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित किया है। बातचीत में युद्ध खत्म करने के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना भी महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच युद्ध खत्म करने और होर्मुज को फिर से खोलने को लेकर प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ है।

 

ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और सैन्य कार्रवाई बढ़ने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में तेहरान पर सैन्य और आर्थिक दोनों तरह का दबाव बना हुआ है। दूसरी ओर, परमाणु संवर्धन को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव संभावित समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने और व्यापक समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कई अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।

Buffaloes At Station: 450 करोड़ के रानी कमलापति स्टेशन पर घूमती दिखीं भैंसें

रानी कमलापति स्टेशन पर घूमती दिखीं भैंसें
भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दो भैंसें स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बीच घूमती नजर आ रही हैं और ट्रेन के बिल्कुल पास तक पहुंच जाती हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था और आवारा पशुओं की रोकथाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

 

450 करोड़ की लागत से हुआ है स्टेशन का पुनर्विकास
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है। इसे देश के आधुनिक और विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशनों में शामिल किया गया है। स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट, एसी लाउंज, फूड कोर्ट समेत यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर भैंसों के पहुंचने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

 

ट्रेन के पास तक पहुंचीं भैंसें
वायरल वीडियो में दोनों भैंसें प्लेटफॉर्म पर आराम से घूमती दिखाई दे रही हैं। वे यात्रियों के बीच से निकलते हुए ट्रेन के पास तक पहुंच जाती हैं। प्लेटफॉर्म पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था को पार कर आवारा पशु प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंच गए।

 

आउटर खुला रहने से जानवरों के आने की बात
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी शिव शंकर शाह ने बताया कि घटना की जानकारी लेकर पूरे मामले को दिखवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रानी कमलापति स्टेशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे और बंसल के पास है। अधिकारी के मुताबिक, कई बार स्टेशन के आउटर की तरफ का हिस्सा खुला रह जाता है, जिससे जानवर परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। रेलवे ट्रैक के आसपास लोग खाने-पीने की चीजें भी फेंकते हैं, जिसकी तलाश में आवारा पशु ट्रैक और स्टेशन की ओर पहुंच जाते हैं।

 

यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
प्लेटफॉर्म पर लगातार ट्रेनों की आवाजाही और बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी के बीच आवारा पशुओं का पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति में किसी पशु के ट्रेन की चपेट में आने या यात्री से टकराने पर दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है। रेलवे ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने की बात कही है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि भैंसें प्लेटफॉर्म तक किस रास्ते से पहुंचीं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाएंगे।

Kohli Denies ₹5 Crore Claim: विराट कोहली ने आश्रम के लिए 5 करोड़ लेने के दावे को बताया झूठा

5 करोड़ रुपये लेने के दावे पर विराट कोहली की सफाई
भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम की यात्रा के लिए 5 करोड़ रुपये लेने के दावे को खारिज कर दिया है। कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में इस दावे को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया गया है।

 

कोहली की टीम ने आरोपों को किया खारिज
विराट कोहली की टीम ने कहा कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा की ओर से किए गए दावे का कोई आधार नहीं है। बयान में स्पष्ट किया गया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा के कारण उनसे मिलने जाते हैं। टीम ने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे दावों को रिपोर्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच की जाए।

 

कोहली और अनुष्का कई बार जा चुके हैं आश्रम
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा राधा केली कुंज आश्रम की नियमित यात्राएं करते रहे हैं। दोनों ने पहली बार 4 जनवरी 2023 को आश्रम का दौरा किया था। इसके बाद भी दोनों कई मौकों पर आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आश्रम जाने के लिए दोनों को पैसे दिए जाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है।

 

कैसे सामने आया 5 करोड़ रुपये का दावा
यह दावा प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की मौत के बाद सामने आया। श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया था कि विराट कोहली को आश्रम आने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। हालांकि, कोहली की टीम ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।

 

आश्रम से जुड़े मामले की पुलिस जांच जारी
प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े विवाद की शुरुआत उनके एक शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद हुई। 25 सितंबर को उनकी मौत की घटना सामने आई थी। मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले उनकी मानसिक स्थिति और व्यवहार में कोई बदलाव आया था या नहीं। पुलिस मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अब तक इस मामले में 85 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है।