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INDIA Bloc March: 300 से ज्यादा सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च

300 से ज्यादा सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च
दिल्ली में मतदाता सूची में कथित हेरफेर और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के विरोध में INDIA गठबंधन का प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। विपक्षी दलों के 300 से ज्यादा सांसदों और नेताओं ने संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च निकाला। विजय चौक से लेकर मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और मार्च को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई।

 

राहुल गांधी ने CEC से पूछा- जवाब क्यों नहीं दे रहे?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 300 से ज्यादा विपक्षी सांसद करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं और चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने सवाल किया कि चुनाव आयुक्त उनसे मुलाकात क्यों नहीं कर रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शन कर रहे नेताओं को रोक रही है और धमका रही है।

 

विजय चौक पर रोका गया मार्च
विपक्षी सांसदों के मार्च को विजय चौक, नीति आयोग और निर्वाचन सदन के आसपास रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की। बैरिकेडिंग के पास पहुंचने पर विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े अपने आरोपों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।

 

अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी को पुलिस ने हिरासत में लिया। स्रोत के अनुसार, नीति आयोग के कार्यालय के सामने सुरक्षाकर्मियों ने INDIA गठबंधन के मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। बैरिकेडिंग के पास विपक्षी नेताओं ने ‘वोट चोर’ जैसे नारे लगाए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विरोध जताया।

 

आकाशवाणी भवन के बाहर कार्यकर्ताओं की हिरासत
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस और NSUI के कई कार्यकर्ताओं ने आकाशवाणी भवन के बाहर और परिसर में प्रदर्शन किया। पुलिस ने क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहा। आदेश का पालन नहीं करने पर पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें बसों के जरिए वहां से ले जाया गया।

 

राहुल और प्रियंका गांधी समेत नेता धरने पर बैठे
आकाशवाणी भवन परिसर में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेता धरने पर बैठे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस परिसर से मीडियाकर्मियों को हटा रही है। इस दौरान INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहा। विपक्षी दलों का कहना है कि SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए।

 

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विपक्षी मार्च को देखते हुए संसद भवन के मकर द्वार, विजय चौक, नीति आयोग और निर्वाचन सदन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाई गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद संसद परिसर से मार्च में शामिल हुए। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा बलों की तैनाती की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की हिरासत और नेताओं को रोके जाने से दिल्ली में राजनीतिक तनाव बढ़ गया।

FIRE ON FILMY SET: अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्‍म ‘रामायण’ के सेट पर लगी भीषण आग, मचा हड़कंप

5 अक्टूबर 2026 सोमवार, की शाम मुंबई के गोरेगांव स्थित ईस्ट फिल्म सिटी में एक अस्थायी शूटिंग सेट पर भीषण आग लग गयी। सूचना प्राप्‍त होने पर मुम्‍बई नगर निगम (BMC) की फायर ब्रिगेड पहुंची और लगभग 53 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। इसे निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' के सेट से जोड़ा जा रहा है। रणबीर कपूर इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

 

आखिर कैसे लगी आग
BMC मुंबई फायर ब्रिगेड से प्राप्‍त जानकारी अनुसार, आग लगने की सूचना शाम 4:02 बजे मिली। यह सेट रिलायंस मीडियावर्क्स के निकट स्थित है, जो कि प्राइम फोकस स्टूडियो के पीछे बनाया गया था। फायर ब्रिगेड की टीम ने शाम 4:55 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया था। फायर ब्रिगेड, पुलिस, वार्ड कंट्रोल और 108 एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गईं। BMC के मुताबिक आग 100×20 फीट के PCR यूनिट तक सीमित रही।

 

अनुमानित हानि/जनहानि
सेट पर लगी आग एक अस्थायी प्रोडक्शन कंट्रोल रूम यूनिट तक ही सीमित रही। इसमें लकड़ी के तख्ते, बांस, प्लास्टिक सामग्री, केबल, बिजली के उपकरण, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, दरवाजे, एसी यूनिट, साउंड सिस्टम और शूटिंग से जुड़ा अन्य सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने एवं संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन अभी तक नहीं हो पाया है। अधिकारियों से यह ज्ञात हुआ कि घटना में किसी भी जनहानि की खबर नहीं है। निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर राम की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म लंबे समय से सुर्खियों में है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गोरेगांव फिल्म सिटी में इस तरह की आग की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, और इस घटना के बाद फिल्म सेट की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल उठ रहे है।

 

आस-पास बने दो अन्य शोज के सेट्स भी आए चपेट में
आग का असर सिर्फ ‘रामायण’ के सेट तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसके अलावा पास के स्टूडियो में लगे MTV के पॉपुलर शो ‘Hustle 5’ एवं ‘पति, पत्नी और पंगा 2’ के सेट्स भी आग की चपेट में आ गए, जिससे उनकी शूटिंग ठप हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले ‘पति, पत्नी और पंगा 2’ के सेट पर भड़की थी, जो हवा के रुख के साथ देखते ही देखते पास बने ‘Hustle 5’ और ‘रामायण’ के सेट तक फैल गई।

 

आग की भयंकर घटना पर All Indian Cine Workers Association ने उठाए सवाल
AICWA ने अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म  X  (https://x.com/aicwaofficial)पर दो वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'मुंबई की फिल्म सिटी फिर जल उठी और किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई। मुंबई की फिल्म सिटी एक बार फिर जल रही है और हमेशा की तरह किसी की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। साल दर साल, एक के बाद एक आग की घटनाओं के बीच हजारों कर्मचारी और कलाकार खतरे में धकेले जा रहे हैं। चैनल, निर्माता और प्रोडक्शन हाउस कुछ पैसे बचाने के लिए बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च करने से इनकार कर रहे हैं। सेट आग की लपटों में जल जाते हैं, गरीब और मेहनतकश कर्मचारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि मुनाफा कमाने वाले लोग बिना किसी नतीजे का सामना किए निकल जाते हैं। फिल्म सिटी में लगने वाली आग महज हादसे नहीं हैं। ये लालच, लापरवाही और ऐसी व्यवस्था का नतीजा हैं, जिसने कभी दोषियों को जवाबदेह नहीं ठहराया। जब तक जवाबदेही सबसे ऊपर तक तय नहीं होगी तब तक ये आग लगती रहेंगी और इसके साथ ही निर्दोष लोगों की जान भी जाती रहेगी।'

Kalamassery Gang Rape Case: कलामसेरी गैंगरेप केस में महिला आरोपी पर गंभीर आरोप

कलामसेरी मामले में बड़ी साजिश का शक
केरल के कलामसेरी में एक महिला को कथित तौर पर दो दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने के मामले में पुलिस को सुनियोजित साजिश का संदेह है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता को नौकरी के विज्ञापन के जरिए एक स्पा में बुलाया गया था। इसके बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया और मामले में कई आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पीड़िता का अस्पताल में इलाज जारी है।

 

महिला आरोपी पर गंभीर आरोप
पीड़िता के बयान के अनुसार, महिला आरोपी ने उसके साथ सबसे ज्यादा दुर्व्यवहार किया। पुलिस के मुताबिक, मामले में शामिल एक अन्य महिला आरोपी और चौथा आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों की भूमिका और उनके बीच संभावित आपसी साजिश की जांच कर रही है।

 

नौकरी के विज्ञापन के जरिए बुलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार घटना 2 और 3 अक्टूबर की है। पीड़िता ने OLX पर मैनेजर पद से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उसे नौकरी के इंटरव्यू के लिए स्पा में बुलाया गया। पुलिस को संदेह है कि पीड़िता को वहां बुलाने की पूरी प्रक्रिया पहले से तय हो सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता के स्पा पहुंचने से पहले उसके साथी को टैक्सी चलाने के लिए भेजा गया था।

 

दो आरोपी गिरफ्तार
कलामसेरी पुलिस ने मामले में श्रीराज (30) और जिथ मार्टिन (27) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक कोच्चि में संचालित चार स्पा से जुड़ी जिम्मेदारी संभालता था। पुलिस ने पथदीपलम स्थित उस स्पा का निरीक्षण भी किया, जहां पीड़िता को नौकरी के इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। जांच के दौरान वहां से CCTV फुटेज भी जुटाए गए हैं।

 

पुलिस को वीडियो रिकॉर्डिंग का शक
पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने घटना से जुड़ा वीडियो रिकॉर्ड किया हो सकता है। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य संभावित सबूतों की जांच के साथ घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास शुरू किया है। गिरफ्तार आरोपियों में श्रीराज के पहले भी ड्रग्स से जुड़े मामले में गिरफ्तार होने की जानकारी सामने आई है।

 

घर लौटने के लिए दी गई नई पोशाक
पुलिस के अनुसार, कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीड़िता को घर लौटने के लिए नई पोशाक दी गई थी। जांच एजेंसियां इस तथ्य को भी पूरे घटनाक्रम का हिस्सा मानकर जांच कर रही हैं। फिलहाल पुलिस का ध्यान फरार आरोपियों को पकड़ने, CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की जांच करने तथा पीड़िता के बयान के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई पर है।

INDIA Bloc EC March: CEC के इस्तीफे की मांग पर INDIA ब्लॉक का मार्च

CEC के इस्तीफे की मांग पर मार्च
नई दिल्ली में मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को लेकर गंभीर सवाल हैं। राहुल गांधी ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

 

पुलिस ने रोका मार्च, सड़क पर धरना
मार्च को संसद और चुनाव आयोग के बीच एनआईटीआई आयोग कार्यालय के पास पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी।

 

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हिरासत में
मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की थी। अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन समेत अन्य INDIA ब्लॉक नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।

 

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव
बैरिकेडिंग के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति बनी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पुलिस पर सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। वहीं पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई।

 

राहुल ने फॉर्म 6 में बदलाव का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने फॉर्म 6 में कथित बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और इसी मुद्दे पर वह मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इन आरोपों को लेकर चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष अलग है, इसलिए इन्हें विपक्ष के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

 

दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल
मार्च रोके जाने और नेताओं की हिरासत के बाद दिल्ली में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। विपक्षी दलों ने प्रदर्शन जारी रखने का रुख अपनाया है, जबकि पुलिस ने संसद और चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा बढ़ाई है। यह घटनाक्रम चुनावी मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।

MP Youth Year 2027: 2027 होगा युवा वर्ष, MPPSC परीक्षा साल में दो बार

2027 होगा युवा वर्ष
भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 को मध्यप्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसी क्रम में MPPSC की परीक्षा साल में दो बार आयोजित कराने की घोषणा की गई, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को परीक्षा में शामिल होने के अधिक अवसर मिल सकें। कार्यक्रम में रोजगार, कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार और नई तकनीकों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई और करीब 20 हजार युवाओं की भागीदारी रही।

 

12 मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नई स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नई स्किल सीखने के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले ढाई साल में अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 85 हजार नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल कृषि आधारित प्रदेश नहीं रहा, बल्कि उद्योग, चिकित्सा और इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।

 

सरकारी स्कूलों में मुफ्त कोचिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर जिले के सरकारी स्कूलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर देना है। रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए शोध सहायता राशि को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर हर महीने 25 हजार रुपये करने की घोषणा भी की गई। इसके अलावा शोध सहायता के लिए एक करोड़ रुपये का फंड तैयार करने की बात कही गई।

 

स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ तक का फंड
युवाओं के नए विचारों और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ रुपये तक का फंड तैयार करने की घोषणा की गई। एडवांस कंप्यूटिंग लैब भी स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने पर भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी युवाओं के प्लेसमेंट के लिए एक एजेंसी तय कर काम किया जाएगा। साथ ही एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

 

हर संभाग में वर्किंग वूमेन हॉस्टल
युवतियों के लिए भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। प्रदेश के हर संभाग में वर्किंग वूमेन हॉस्टल तैयार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पढ़ाई और नौकरी के लिए दूसरे शहरों में रहने वाली महिलाओं को बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अलावा जनवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित करने की घोषणा की गई। इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर रहेगा।

 

खिलाड़ियों और युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम और एशियाड में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं ने खेल के क्षेत्र में देश और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

 

जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुति
सीएम यूथ कॉन्क्लेव में युवाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। गायक जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं का उत्साह बढ़ाया। लाल परेड मैदान में गीत-संगीत के दौरान माहौल उत्साहपूर्ण रहा। कार्यक्रम में रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीकों से जुड़े 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष भी लगाए गए, जहां युवाओं को करियर, प्रशिक्षण, उद्यमिता, रिसर्च और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

Massive Fire on FILMY SET: अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्‍म ‘रामायण’ के सेट पर लगी भीषण आग, मचा हड़कंप

5 अक्टूबर 2026 सोमवार, की शाम मुंबई के गोरेगांव स्थित ईस्ट फिल्म सिटी में एक अस्थायी शूटिंग सेट पर भीषण आग लग गयी। सूचना प्राप्‍त होने पर मुम्‍बई नगर निगम (BMC) की फायर ब्रिगेड पहुंची और लगभग 53 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। इसे निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' के सेट से जोड़ा जा रहा है। रणबीर कपूर इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

 

आखिर कैसे लगी आग

BMC मुंबई फायर ब्रिगेड से प्राप्‍त जानकारी अनुसार, आग लगने की सूचना शाम 4:02 बजे मिली। यह सेट रिलायंस मीडियावर्क्स के निकट स्थित है, जो कि प्राइम फोकस स्टूडियो के पीछे बनाया गया था। फायर ब्रिगेड की टीम ने शाम 4:55 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया था। फायर ब्रिगेड, पुलिस, वार्ड कंट्रोल और 108 एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गईं। BMC के मुताबिक आग 100×20 फीट के PCR यूनिट तक सीमित रही।

 

अनुमानित हानि/जनहानि

सेट पर लगी आग एक अस्थायी प्रोडक्शन कंट्रोल रूम यूनिट तक ही सीमित रही। इसमें लकड़ी के तख्ते, बांस, प्लास्टिक सामग्री, केबल, बिजली के उपकरण, इलेक्ट्रिकल वायरिंग, दरवाजे, एसी यूनिट, साउंड सिस्टम और शूटिंग से जुड़ा अन्य सामान जलकर खाक हो गया। आग लगने एवं संपत्ति के नुकसान का सटीक आकलन अभी तक नहीं हो पाया है। अधिकारियों से यह ज्ञात हुआ कि घटना में किसी भी जनहानि की खबर नहीं है। निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर राम की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म लंबे समय से सुर्खियों में है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गोरेगांव फिल्म सिटी में इस तरह की आग की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, और इस घटना के बाद फिल्म सेट की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल उठ रहे है।

 

आस-पास बने दो अन्य शोज के सेट्स भी आए चपेट में

आग का असर सिर्फ ‘रामायण’ के सेट तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसके अलावा पास के स्टूडियो में लगे MTV के पॉपुलर शो ‘Hustle 5’ एवं ‘पति, पत्नी और पंगा 2’ के सेट्स भी आग की चपेट में आ गए, जिससे उनकी शूटिंग ठप हो गई। शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले ‘पति, पत्नी और पंगा 2’ के सेट पर भड़की थी, जो हवा के रुख के साथ देखते ही देखते पास बने ‘Hustle 5’ और ‘रामायण’ के सेट तक फैल गई।

 

आग की भयंकर घटना पर All Indian Cine Workers Association ने उठाए सवाल

AICWA ने अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म  X  (https://x.com/aicwaofficial)पर दो वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'मुंबई की फिल्म सिटी फिर जल उठी और किसी की जवाबदेही तय नहीं हुई। मुंबई की फिल्म सिटी एक बार फिर जल रही है और हमेशा की तरह किसी की जवाबदेही तय नहीं हो रही है। साल दर साल, एक के बाद एक आग की घटनाओं के बीच हजारों कर्मचारी और कलाकार खतरे में धकेले जा रहे हैं। चैनल, निर्माता और प्रोडक्शन हाउस कुछ पैसे बचाने के लिए बुनियादी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर खर्च करने से इनकार कर रहे हैं। सेट आग की लपटों में जल जाते हैं, गरीब और मेहनतकश कर्मचारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि मुनाफा कमाने वाले लोग बिना किसी नतीजे का सामना किए निकल जाते हैं। फिल्म सिटी में लगने वाली आग महज हादसे नहीं हैं। ये लालच, लापरवाही और ऐसी व्यवस्था का नतीजा हैं, जिसने कभी दोषियों को जवाबदेह नहीं ठहराया। जब तक जवाबदेही सबसे ऊपर तक तय नहीं होगी तब तक ये आग लगती रहेंगी और इसके साथ ही निर्दोष लोगों की जान भी जाती रहेगी।'

Flydubai Shootdown Threat: फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने की तैयारी में था इजरायल

फ्लाईदुबई विमान को मार गिराने की तैयारी
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट पर हुए हमले के बाद इजरायली अधिकारियों ने विमान को संभावित खतरे के तौर पर देखते हुए उसे मार गिराने की स्थिति के लिए तैयारी की थी। रिपोर्टों के अनुसार, ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर विमान का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। घटना के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे आया और कॉकपिट से संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा था।

 

विमान तेजी से नीचे आया, मचा सुरक्षा अलर्ट
फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान ने कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। विमान से अपहरण या गैरकानूनी हस्तक्षेप का आपात संकेत मिलने के बाद इजरायली वायुसेना ने स्थिति को गंभीरता से लिया। रिपोर्टों के मुताबिक लड़ाकू विमानों को तैयार किया गया और संभावित खतरे का आकलन करने के लिए आपातकालीन कमांड व्यवस्था सक्रिय की गई।

 

जॉर्डन के हवाई क्षेत्र तक पहुंचा था विमान
रिपोर्टों के अनुसार विमान इजरायल की सीमा के करीब पहुंच रहा था और कुछ समय के लिए जॉर्डन के हवाई क्षेत्र के आसपास की स्थिति में था। ऐसे हालात में इजरायली सुरक्षा अधिकारियों को विमान की स्थिति का आकलन करना था। यदि विमान को इजरायल के लिए गंभीर खतरा माना जाता, तो उसे रोकने या नष्ट करने जैसे बेहद गंभीर विकल्पों पर विचार किया जा सकता था।

 

कैप्टन ने दोबारा संभाला विमान का नियंत्रण
हमले के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने हस्तक्षेप किया और विमान का नियंत्रण दोबारा सुरक्षित किया गया। इसके बाद फ्लाइट को इजरायल ले जाने के बजाय सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया, जहां विमान की आपात लैंडिंग कराई गई।

 

सऊदी अरब में सुरक्षित हुई इमरजेंसी लैंडिंग
फ्लाइट FZ1073 ने सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन लैंडिंग की। घटना में कैप्टन और सह-पायलट दोनों घायल हुए, जबकि विमान में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने इस घटना को कथित आतंकवादी कार्रवाई का प्रयास बताया है और मामले की जांच जारी है।

 

इजरायल ने क्यों बदला अपना फैसला
रिपोर्टों के अनुसार, विमान के सऊदी अरब की दिशा में मुड़ने और स्थिति पर दोबारा नियंत्रण स्थापित होने के बाद इजरायली लड़ाकू विमानों को वापस बुला लिया गया। इससे विमान को मार गिराने जैसी कार्रवाई की स्थिति टल गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में चालक दल की जांच, सुरक्षा व्यवस्था और अलग-अलग देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।

Rahul Priyanka Detained: PM आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल-प्रियंका हिरासत में

राहुल-प्रियंका गांधी हिरासत में
नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। 6 अक्टूबर 2026 को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड लगाकर रोका और इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।

 

CEC के इस्तीफे और SIR को लेकर प्रदर्शन
विपक्षी दलों का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर था। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।

 

संसद से चुनाव आयोग तक मार्च की कोशिश
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग की ओर बढ़े। दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच गतिरोध बना रहा और कई नेताओं को पुलिस वाहनों में ले जाया गया।

 

विपक्षी नेताओं की मौजूदगी
प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन और अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता शामिल थे। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराईं।

 

दिल्ली में बढ़ा राजनीतिक तनाव
चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। हाल के दिनों में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कई प्रदर्शन हुए हैं और पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। विपक्ष का आंदोलन जारी रहने के संकेत हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के तहत आवश्यक बता रहा है।

October 2026 Horoscope: अक्टूबर 2026 राशिफल, मेष से मीन तक जानें हाल

अक्टूबर 2026 का मासिक राशिफल
अक्टूबर 2026 का महीना ज्योतिषीय आकलन के अनुसार सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आ सकता है। इस दौरान करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, परिवार, प्रेम संबंध और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ राशि के जातकों के लिए नए अवसर और आर्थिक लाभ के संकेत हैं, जबकि कुछ लोगों को रिश्तों, स्वास्थ्य और निवेश के मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

मेष राशि: मेहनत का मिलेगा फल
मेष राशि वालों के लिए अक्टूबर मिला-जुला रह सकता है। महीने की शुरुआत में काम का दबाव और कार्यक्षेत्र में व्यस्तता रहेगी। रिश्तेदारों से विवाद की स्थिति बन सकती है, लेकिन दूसरे सप्ताह से परिस्थितियों में सुधार के संकेत हैं। दोस्तों और परिवार का सहयोग मिलेगा, कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है और कारोबारियों को विस्तार या लाभदायक योजना में निवेश का अवसर मिल सकता है। मध्य महीने में आय के अतिरिक्त स्रोत और तबादले या पदोन्नति के योग बन सकते हैं। हालांकि स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक जोखिम के मामलों में सावधानी जरूरी होगी।

 

वृषभ राशि: करियर और कारोबार में प्रगति
वृषभ राशि के लिए अक्टूबर सफलता और इच्छाओं की पूर्ति वाला महीना रह सकता है। कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन से मान-सम्मान बढ़ने के अवसर मिलेंगे। पुराने निवेश से लाभ, करियर और व्यापार में प्रगति तथा जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत बन सकते हैं और विद्यार्थियों के लिए परीक्षा-प्रतियोगिता की तैयारी अनुकूल रह सकती है। हालांकि महीने के उत्तरार्ध में स्वास्थ्य और रिश्तों को लेकर सावधानी बरतनी होगी।

 

मिथुन राशि: शुरुआत में चुनौती, बाद में राहत
मिथुन राशि वालों के लिए महीने की शुरुआत कुछ परेशानियों के साथ हो सकती है। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव और खर्च बढ़ सकता है। किसी प्रियजन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रह सकती है और कारोबार में रुकावटें आ सकती हैं। दूसरे सप्ताह के बाद परिस्थितियों में सुधार और पैतृक संपत्ति या पुराने निवेश से लाभ के अवसर बन सकते हैं। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। महीने के दूसरे भाग में वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

 

कर्क राशि: उत्तरार्ध रहेगा बेहतर
कर्क राशि वालों के लिए अक्टूबर का दूसरा भाग पहले भाग की तुलना में अधिक अनुकूल रह सकता है। शुरुआत में कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहने और अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह है। दूसरे सप्ताह में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से भविष्य के लिए लाभदायक योजनाएं बन सकती हैं। विदेश से जुड़े कारोबार के लिए समय सकारात्मक रह सकता है, लेकिन बड़े निवेश से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लेना बेहतर होगा। उत्तरार्ध में वरिष्ठों का सहयोग और रिश्तों में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं।

 

सिंह राशि: फैसलों में सावधानी जरूरी
सिंह राशि वालों के लिए अक्टूबर मिला-जुला रहने वाला है। महीने की शुरुआत में घरेलू समस्याओं और काम के दबाव के कारण तनाव हो सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को इंतजार करना पड़ सकता है और नौकरी बदलने का फैसला भावनाओं में आकर लेने से बचना चाहिए। साझेदारी के कारोबार में पारदर्शिता जरूरी होगी। जमीन-जायदाद के काम पूरे होने के संकेत हैं, लेकिन दस्तावेज और लेन-देन में सावधानी रखें। उत्तरार्ध में प्रेम और दांपत्य संबंध बेहतर हो सकते हैं।

 

कन्या राशि: नए अवसरों का मिलेगा साथ
कन्या राशि वालों के लिए अक्टूबर नए अवसर लेकर आ सकता है। महीने की शुरुआत में बड़ी जिम्मेदारी या पद मिलने की संभावना है। बेरोजगार लोगों को मनचाहा रोजगार मिल सकता है और आय के नए स्रोत बनने से बचत बढ़ सकती है। विदेश व्यापार से जुड़े लोगों को अप्रत्याशित लाभ के संकेत हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा तथा करियर और कारोबार को आगे बढ़ाने के अवसर बनेंगे। अविवाहित जातकों के विवाह की बात आगे बढ़ सकती है, हालांकि उत्तरार्ध में प्रेम संबंधों में गलतफहमी से बचना होगा।

 

तुला राशि: जल्दबाजी से बचें
तुला राशि वालों को अक्टूबर में आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह है। किसी के बहकावे में आकर बड़ा निवेश करने से बचें। महीने की शुरुआत में घर की मरम्मत और सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। काम के सिलसिले में यात्रा के योग हैं और इस दौरान स्वास्थ्य तथा सामान का ध्यान रखना होगा। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन उत्तरार्ध में परिस्थितियां सुधरने के संकेत हैं। विद्यार्थियों और रोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

 

वृश्चिक राशि: उतार-चढ़ाव के बीच प्रगति
वृश्चिक राशि वालों के लिए अक्टूबर उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। शुरुआत में कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों और कनिष्ठों का सहयोग मिलेगा। दूसरे सप्ताह में कारोबार और पारिवारिक मामलों में परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन उत्तरार्ध में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से समाधान मिल सकता है। प्रेम संबंधों में सावधानी जरूरी होगी। विवाह से जुड़े फैसले भावनाओं में आकर लेने से बचें और जीवनसाथी को पर्याप्त समय दें।

 

धनु राशि: मेहनत के साथ आगे बढ़ें
धनु राशि के जातक अक्टूबर में काफी व्यस्त रह सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त मेहनत और समय की जरूरत होगी। प्रेम संबंधों में समझदारी और मर्यादा बनाए रखना जरूरी होगा। उत्तरार्ध में स्वास्थ्य और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। कारोबारियों को जोखिम वाली योजनाओं में पैसा लगाने से बचना चाहिए। कोर्ट-कचहरी के मामलों को संभव हो तो आपसी समझौते से सुलझाने का प्रयास किया जा सकता है।

 

मकर राशि: दूसरे भाग में मिल सकती है अच्छी खबर
मकर राशि वालों के लिए अक्टूबर में वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। शुरुआत में परिवार से जुड़े मामलों पर ध्यान रहेगा और काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। कारोबारियों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है और करियर में शुरुआती निराशा मिल सकती है। हालांकि महीने के दूसरे भाग में शुभ समाचार मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में सावधानी और वरिष्ठों-कनिष्ठों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा।

 

कुंभ राशि: नए अवसरों के साथ बढ़ेगा खर्च
कुंभ राशि वालों के लिए अक्टूबर मिला-जुला रह सकता है। महीने की शुरुआत में घर-परिवार और मरम्मत से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में भी दबाव रहेगा। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, हालांकि वे उम्मीद के अनुसार न हों। प्रेम संबंधों में गलतफहमी और माता-पिता के साथ मतभेद से बचना होगा। महीने का अंतिम सप्ताह राहत देने वाला हो सकता है और कारोबारियों को आर्थिक लाभ के संकेत हैं।

 

मीन राशि: नौकरी और कारोबार में प्रगति
मीन राशि वालों के लिए अक्टूबर का पूर्वार्ध अधिक अनुकूल रह सकता है। महीने की शुरुआत में किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ का कारण बन सकती है। जमीन-जायदाद और आय के अतिरिक्त स्रोतों से जुड़े मामलों में प्रगति के संकेत हैं। बड़ी योजना में निवेश से पहले परिवार या विश्वसनीय लोगों की सलाह लेना बेहतर होगा। मध्य महीने में घर में खुशी का माहौल और नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग बन सकते हैं। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सकारात्मक परिणाम के संकेत हैं, जबकि दूसरे भाग में किसी के बहकावे में आने से बचना होगा।

 

अक्टूबर में समझदारी से लें फैसले
अक्टूबर 2026 में सभी 12 राशियों के लिए परिस्थितियां अलग-अलग रह सकती हैं। ज्योतिषीय आकलन के अनुसार कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार, पदोन्नति और आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं, जबकि कुछ जातकों को स्वास्थ्य, रिश्तों और निवेश के मामलों में सावधानी बरतनी होगी। किसी भी बड़े आर्थिक, करियर या स्वास्थ्य संबंधी निर्णय को केवल राशिफल के आधार पर न लें और वास्तविक परिस्थितियों तथा विशेषज्ञ सलाह को भी ध्यान में रखें।

EC Fact Checks Rahul: फॉर्म-6 विवाद पर EC ने राहुल गांधी के दावे को बताया भ्रामक

फॉर्म-6 विवाद पर चुनाव आयोग का फैक्ट चेक
फॉर्म-6 को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 5 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी के उस दावे को भ्रामक बताया, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म-6 में गैर-कानूनी और एकतरफा बदलाव करने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने कहा कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का आदेश 24 जून 2025 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी हुआ था और 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में उस आदेश को बरकरार रखा गया था।

 

EC ने कहा- फॉर्म-6 के मूल टेक्स्ट में बदलाव नहीं
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, SIR के दौरान इस्तेमाल किए गए फॉर्म-6 के मूल टेक्स्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया। अधिकारियों ने कहा कि फॉर्म के साथ एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र जोड़ा गया था, जिसे बिहार SIR के आदेश के तहत लागू किया गया था। आयोग ने इसी आधार पर राहुल गांधी के फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने के दावे को भ्रामक बताया।

 

राहुल गांधी ने लगाए थे गंभीर आरोप
इससे पहले राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में गैर-कानूनी और एकतरफा बदलाव किए। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराए जाने की बात कही थी। यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है, जिसकी पुष्टि चुनाव आयोग ने नहीं की है।

 

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से विवाद और बढ़ा
5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि उसने फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पेश होने पर यह देखा जाएगा कि फॉर्म में बदलाव किसने किया। इसी पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के बयान पर अपना फैक्ट चेक जारी किया।

 

SIR के दौरान अतिरिक्त घोषणा-पत्र पर विवाद
विवाद का केंद्र फॉर्म-6 के साथ जोड़े गए अतिरिक्त घोषणा-पत्र को लेकर है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह घोषणा बिहार में 24 जून 2025 को जारी SIR आदेश के तहत जोड़ी गई थी और आयोग के अनुसार इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले में बरकरार रखा गया। वहीं सुप्रीम कोर्ट की 5 अक्टूबर की टिप्पणी में यह स्पष्ट किया गया कि अदालत ने फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी थी। इसलिए इस पूरे मामले में आयोग के दावे और अदालत की टिप्पणी दोनों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

 

विवाद पर आगे भी जारी रहेगी सुनवाई
फॉर्म-6 और SIR से जुड़ा विवाद फिलहाल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। चुनाव आयोग अपने 5 अक्टूबर के फैक्ट चेक में राहुल गांधी के दावे को भ्रामक बता रहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट करने की बात कही है कि संबंधित बदलाव या अतिरिक्त घोषणा-पत्र की प्रक्रिया किस स्तर पर हुई। ऐसे में आगे की न्यायिक कार्यवाही इस विवाद के कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को और स्पष्ट कर सकती है।