Home Blog Page 4

पति की पत्नी की हत्या का खुलासा

भोपाल के रातिबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम गोरागांव में 30 वर्षीय राखी रैकवार की हत्या के मामले का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, राखी की हत्या उसके पति मोनू रैकवार की प्रेमिका शशि रैकवार ने अपने पुराने प्रेमी नरेंद्र रैकवार के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को पास के एक खंडहरनुमा मकान में चादर से ढककर छिपा दिया गया था।

 

24 अगस्त को पति ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस के मुताबिक राखी मूल रूप से बीना की रहने वाली थी और करीब पांच महीने पहले अपने पति मोनू के साथ भोपाल आकर रहने लगी थी। मोनू पेंटिंग ठेकेदारी का काम करता है। 24 अगस्त को मोनू ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी पत्नी घर से बिना बताए कहीं चली गई है। उसने अज्ञात व्यक्ति द्वारा जबरदस्ती अपहरण किए जाने की आशंका भी जताई थी। इसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

 

घर के पास खंडहर में मिला महिला का शव
जांच के दौरान पुलिस को गोरागांव में एक खंडहरनुमा मकान के पास अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान कराई तो वह मोनू की गुमशुदा पत्नी राखी रैकवार का निकला। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मामला प्रथम दृष्टया हत्या का पाए जाने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और अलग-अलग टीमें गठित कीं।

 

चलती स्लीपर बस में नाबालिग से गैंगरेप

दिल्ली-एनसीआर से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है।

 

भारी बारिश में मदद मांग रही थी छात्रा
पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात भारी बारिश और अंधेरे के बीच छात्रा परी चौक पर अकेली थी। इसी दौरान एक खाली स्लीपर बस वहां से गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 तक छोड़ने का भरोसा देकर बस में बैठा लिया।

 

चलती बस में अपराध का आरोप
पुलिस की जांच के मुताबिक, बस आगे बढ़ने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत शुरू की। आरोप है कि इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने चलती बस में उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

 

कश्मीरी गेट के पास छात्रा को उतारा
आरोप है कि करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद दोनों आरोपियों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और वहां से फरार हो गए। इसके बाद छात्रा ने पुलिस से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी।

 

हादसे में 7 लोगों की मौत

असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले के सोनापुर इलाके में नेशनल हाईवे-27 पर रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। टेटेलिया-नलगेदेरा क्षेत्र के पास यात्रियों से भरी एक मिनीबस और सामने से आ रहे ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में शुरुआती तौर पर 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और घायलों की मौत होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) ले जाया गया। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

बड़े गड्ढे में आने से फटा बस का टायर
शुरुआती जानकारी के अनुसार मिनीबस नगांव से गुवाहाटी की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। इसी दौरान नेशनल हाईवे-27 पर सड़क में मौजूद एक बड़े गड्ढे के संपर्क में आने के बाद मिनीबस का टायर अचानक फट गया। टायर फटने के बाद चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार में बस बेकाबू हो गई। अनियंत्रित मिनीबस डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी दिशा से आ रहे ट्रक के सामने पहुंच गई। इसके बाद दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मिनीबस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब हादसे की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर रहा है।

अस्पताल में इलाज के दौरान तीन और मौत
हादसे के बाद घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां गंभीर स्थिति वाले यात्रियों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती जानकारी में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन उपचार के दौरान तीन और घायल यात्रियों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद इस हादसे में मृतकों की कुल संख्या सात हो गई है। अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है और कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से दुर्घटना में प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

आमने-सामने करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन

मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘दायरा’ का ट्रेलर 31 अगस्त को रिलीज हो गया है। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन पहली बार पुलिस अफसरों के किरदार में एक-दूसरे के सामने नजर आ रहे हैं। ट्रेलर में एक विवादित पुलिस एनकाउंटर, नाबालिगों से जुड़े गंभीर अपराध और जांच के दौरान सामने आने वाली कई परतों की झलक देखने को मिलती है।

 

करीना और पृथ्वीराज बने DCP, सोच का टकराव आया सामने
फिल्म में करीना कपूर खान DCP अजूनी कोहली की भूमिका निभा रही हैं, जबकि पृथ्वीराज सुकुमारन DCP रमन कुमार के किरदार में दिखाई देंगे। दोनों एक ही अपराध की जांच से जुड़े हैं, लेकिन कानून, ड्यूटी और न्याय को लेकर उनके नजरिए अलग हैं। यही मतभेद धीरे-धीरे दोनों पुलिस अधिकारियों के बीच तनाव और टकराव को बढ़ाता है।

 

विवादित एनकाउंटर से शुरू होती है कहानी
ट्रेलर की शुरुआत एक आरोपी को पुलिस वैन में ले जाने से होती है। इसके बाद पृथ्वीराज का किरदार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनकाउंटर को लेकर पुलिस का पक्ष सामने रखता है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने भागने की कोशिश की और टीम पर हमला किया, जिसके बाद सेल्फ डिफेंस में उसे मार दिया गया।
लेकिन यहीं से सवाल खड़ा होता है कि क्या यह वास्तव में पुलिस एनकाउंटर था या इसके पीछे कोई दूसरी कहानी छिपी है?

 

लापता बच्ची की जांच से खुलती हैं अपराध की परतें
जांच के दौरान एक परिवार अपनी लापता बेटी को खोजने के लिए पुलिस के पास पहुंचता है। करीना कपूर का किरदार मामले की तह तक जाने की कोशिश करता है और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ करता है। जांच आगे बढ़ने पर बच्ची के यौन शोषण और एक नाबालिग आरोपी से जुड़े तथ्य सामने आते हैं। ट्रेलर में यह भी संकेत मिलता है कि एक आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से इसी तरह के अपराधों से जुड़े रास्ते पर सक्रिय था। ऐसे में पुलिस जांच के साथ-साथ पुराने मामलों की कड़ियां भी जुड़ती दिखाई देती हैं।

 

व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर

भारत और चिली के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर व्यापार वार्ता में तेजी आ गई है। भारत ने इस वर्ष के अंत तक चिली के साथ प्रस्तावित CEPA को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा करना तथा कारोबारी संबंधों को अधिक मजबूत और व्यापक बनाना है। भारत और चिली के बीच मौजूदा व्यापार व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी का ढांचा तैयार किया जा रहा है। इससे दोनों देशों के उद्योगों और कारोबारियों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। समझौते के पूरा होने के बाद भारत और चिली के बीच आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की संभावना है।

सैंटियागो में हुई उच्च स्तरीय बैठक
CEPA वार्ता की प्रगति की समीक्षा के लिए 26 अगस्त 2026 को चिली की राजधानी सैंटियागो में भारत और चिली के अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जबकि चिली की ओर से अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों की उप-मंत्री पाउला एस्तेवेज वीनस्टीन शामिल हुईं। दोनों पक्षों ने अब तक हुई बातचीत की प्रगति की समीक्षा की और समझौते से जुड़े लंबित मुद्दों को जल्द सुलझाने पर चर्चा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष के अंत तक समझौते को अंतिम रूप दिया जाए। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को व्यापारिक संबंधों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में CEPA के विभिन्न प्रावधानों पर बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।

व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे
प्रस्तावित CEPA का मुख्य उद्देश्य भारत और चिली के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा देने के साथ निवेश के नए अवसर पैदा करना है। समझौते के जरिए दोनों देशों के कारोबारी बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाश सकेंगे। भारत की ओर से तकनीक, प्रतिभा और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने और दोनों देशों के उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने पर चर्चा हो रही है। CEPA से छोटे और बड़े दोनों प्रकार के कारोबारियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। भारत और चिली के बीच आर्थिक संबंधों को लंबे समय के लिए मजबूत आधार देने में यह समझौता अहम भूमिका निभा सकता है।

 

महात्मा गांधी को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। उज्बेकिस्तान का अपना आधिकारिक दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान पहुंचे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री संगठन के सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। SCO सम्मेलन भारत के लिए मध्य एशिया के देशों के साथ रणनीतिक और आर्थिक संबंध मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और आतंकवाद जैसे मुद्दे चर्चा के प्रमुख विषय रह सकते हैं। सम्मेलन के दौरान भारत की ओर से क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सहयोग को लेकर अपना पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा।

महात्मा गांधी के स्मारक पर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
बिश्केक पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर की। प्रधानमंत्री ने बिश्केक स्थित महात्मा गांधी के स्मारक पर पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और राष्ट्रपिता के शांति तथा अहिंसा के संदेश को याद किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी के विचारों और उनके वैश्विक प्रभाव को भी रेखांकित किया। गांधीजी का सत्य, अहिंसा और मानवता का संदेश भारत की विदेश नीति में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विदेश यात्रा के दौरान किसी दूसरे देश में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देना भारत की सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत को प्रदर्शित करता है। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम को भारत और किर्गिस्तान के बीच ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।

भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों से की मुलाकात
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। भारतीय समुदाय के लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनसे बातचीत की। प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद लोगों का हालचाल जाना और भारत तथा किर्गिस्तान के बीच लोगों के स्तर पर मजबूत संबंधों की चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीयों ने अपने अनुभव भी साझा किए। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं में भारतीय समुदाय से मुलाकात एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहता है, जिसके माध्यम से विदेशों में रह रहे भारतीयों से सीधा संवाद स्थापित होता है। बिश्केक में हुई यह मुलाकात भारत और किर्गिस्तान के बीच सांस्कृतिक एवं मानवीय रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी INS निपुण

भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में सोमवार, 31 अगस्त 2026 को एक और बड़ा इजाफा हुआ। मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) INS निपुण को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने की। निस्तार श्रेणी का यह दूसरा डाइविंग सपोर्ट पोत गहरे समुद्र में जटिल अभियानों के लिए तैयार किया गया है।

 

गहरे समुद्र में ऑपरेशन के लिए बनाया गया खास पोत
INS निपुण कोई सामान्य युद्धपोत नहीं है। इसे खास तौर पर समुद्र की गहराई में डाइविंग, अंडरवाटर इंटरवेंशन, पनडुब्बी बचाव, सैल्वेज और समुद्र के भीतर तकनीकी सहायता जैसे मुश्किल अभियानों के लिए तैयार किया गया है। इसकी मदद से नौसेना उन इलाकों में भी अभियान चला सकेगी, जहां सामान्य जहाजों की पहुंच सीमित हो जाती है।

 

300 मीटर तक सैचुरेशन डाइविंग की क्षमता
INS निपुण की सबसे बड़ी खूबियों में इसकी डीप-सी सैचुरेशन डाइविंग क्षमता शामिल है। यह पोत करीब 300 मीटर की गहराई तक सैचुरेशन डाइविंग और 75 मीटर तक साइड-स्टेज डाइविंग अभियान संचालित कर सकता है। खराब मौसम और समुद्र की तेज लहरों के बीच भी पोत को स्थिर रखने के लिए आधुनिक प्रणालियां लगाई गई हैं।

 

पनडुब्बी बचाव में बनेगा अहम सहारा
किसी पनडुब्बी के समुद्र के भीतर दुर्घटनाग्रस्त होने या उसमें नौसैनिकों के फंसने की स्थिति में INS निपुण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसे Deep Submergence Rescue Vehicle (DSRV) के मदर शिप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे संकट की स्थिति में पनडुब्बी और उसमें मौजूद कर्मियों तक राहत एवं बचाव अभियान पहुंचाने की नौसेना की क्षमता मजबूत होगी।

 

चौथे हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई

सिनेमाघरों में कई बार बड़े बजट और बड़े सितारों वाली फिल्मों के बीच कोई छोटी फिल्म अपनी कहानी और दर्शकों की जुबान पर चढ़कर बड़ा कमाल कर देती है। ‘हनुमान अंश’ भी ऐसी ही फिल्म बनकर सामने आई है। करीब 1.8 से 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस डिवोशनल फिल्म ने शुरुआत में बेहद धीमी कमाई की, लेकिन बाद में इसकी रफ्तार ने ट्रेड और दर्शकों दोनों को चौंका दिया।

 

पहले दिन सिर्फ 10 लाख, शुरुआती दो हफ्ते रहे धीमे
‘हनुमान अंश’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर महज 10 लाख रुपये की कमाई से हुई। पहले सप्ताह में फिल्म ने करीब 1.08 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि दूसरे सप्ताह में इसकी कमाई लगभग 40 लाख रुपये रही। यानी शुरुआती दो हफ्तों में फिल्म की कमाई काफी सीमित रही और उस समय इसे बड़ी सफलता मिलना मुश्किल माना जा रहा था।

 

तीसरे हफ्ते में बदली तस्वीर
फिल्म के लिए तीसरा सप्ताह टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। सोशल मीडिया पर दर्शकों ने फिल्म देखने के बाद अपने अनुभव साझा करना शुरू किया और इसकी चर्चा धीरे-धीरे बढ़ने लगी। इसके बाद सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ी और फिल्म के कलेक्शन में अचानक बड़ा उछाल देखने को मिला।
स्रोत में तीसरे सप्ताह की कमाई करीब 10.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसके बाद चौथे सप्ताह में भी फिल्म ने मजबूत पकड़ बनाए रखी।

 

बाढ़ में 750 से ज्यादा मौतें,भारत ने नेपाल को भेजी मदद

नेपाल और चीन के तिब्बत सीमा क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 को ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने के बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक भीषण फ्लैश फ्लड आ गई। तेज रफ्तार से आए पानी और मलबे ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि इसके रास्ते में आने वाले कई घर, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे देखते ही देखते क्षतिग्रस्त हो गए। कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं और सीमावर्ती क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा का असर नेपाल से लगे भारत के कुछ सीमावर्ती इलाकों में भी महसूस किया गया है और नदियों के जलस्तर को लेकर संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है।

भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी बढ़ी चिंता
नेपाल में आई बाढ़ के बाद भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश से लगे सीमावर्ती इलाकों में भी नदियों के जलस्तर और संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल से निकलने वाली कई नदियां भारत के मैदानी इलाकों में प्रवेश करती हैं, जिसके कारण नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ का असर भारतीय सीमा क्षेत्र में भी पड़ सकता है। बिहार के सीमावर्ती जिलों और उत्तर प्रदेश के कुछ तराई क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित खतरे वाले इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने और नदी तथा निचले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ी
भीषण बाढ़ और उसके बाद हुए विनाश में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 750 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 2,500 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें स्थानीय नागरिकों के साथ भारतीय तीर्थयात्री और विदेशी पर्यटक भी शामिल बताए जा रहे हैं। कई प्रभावित इलाकों में भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण राहत और खोज अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन की टीमें लगातार मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। प्रभावित परिवार अपने परिजनों की जानकारी के लिए राहत एजेंसियों और प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं।

 

भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, कार्यकर्ता पहुंचे एमपी नगर थाना

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े 'शुद्धिकरण' विवाद को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रविवार को एमपी नगर थाने पहुंचे और पूरे मामले को लेकर पुलिस को शिकायती आवेदन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित रूप से गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इसे दलित समाज और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अपमान से जोड़ते हुए कड़ी आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला अब मध्य प्रदेश में भी राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गया है।

एमपी नगर थाने में शिकायत
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के नेतृत्व में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता एमपी नगर थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बारोलिया, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी मुकेश बंसल, प्रदेश संगठन महामंत्री रमेश चंद्र बकोरिया, प्रदेश सचिव जगदीश रोहर और महेश वर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे। जिला अध्यक्ष नीरज चंडाले के साथ दिलावर ओसवाल, शुभम इंद्रसे, केशव चौहान, रूपेश रमन, अमित बेबी, रवि, प्रिंस, करन और आशीष समेत कई कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने शिकायत में कथित घटना को सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।

SC-ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दिए आवेदन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC-ST Act के तहत कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद आयोजन स्थल का कथित शुद्धिकरण किया जाना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और छुआछूत जैसी प्रथाओं के लिए आधुनिक लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को लेकर वह आगे भी राजनीतिक और कानूनी स्तर पर आवाज उठाती रहेगी।