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Six LPG Cylinders: जम्मू-कश्मीर में AAY परिवारों के लिए बड़ा ऐलान

छह सिलेंडर का ऐलान जम्मू-कश्मीर सरकार ने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले परिवारों के लिए साल में छह LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने 24 सितंबर को विधानसभा में योजना की जानकारी दी।

 

AAY परिवारों को लाभ योजना का लाभ केवल AAY राशन कार्ड धारक परिवारों को मिलेगा। ये राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए जारी किए जाते हैं। सरकार का उद्देश्य LPG खर्च के कारण इन परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना बताया गया है।

 

DBT से मिलेगा पैसा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले सामान्य प्रक्रिया के अनुसार LPG सिलेंडर खरीदना होगा। इसके बाद निर्धारित राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से वापस भेजी जाएगी। इससे योजना का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

 

बाकी सिलेंडरों पर सब्सिडी AAY परिवारों को साल में छह सिलेंडर का लाभ मिलने के साथ अन्य सिलेंडरों पर भी सब्सिडी की व्यवस्था लागू होने की जानकारी दी गई है। योजना का वास्तविक लाभ पात्रता और सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार मिलेगा।

 

विपक्ष ने उठाए सवाल विधानसभा में घोषणा को लेकर भाजपा ने सरकार पर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विधानसभा चुनाव के दौरान हर परिवार को साल में 12 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया था। विपक्ष ने कहा कि अब योजना को सभी परिवारों के बजाय केवल AAY राशन कार्ड धारकों तक सीमित कर दिया गया है।

 

Hunkkaar Series Review: ‘हुंकार’ में अनीत पद्दा का दमदार अभिनय

कहानी का आधार ‘हुंकार: द रोर’ एक सोशल थ्रिलर और कोर्ट रूम ड्रामा है। कहानी 17 साल की मीनू रावत के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मध्य प्रदेश के चर्चित संत बापजी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाती है। मामले की जांच ACP जसलीन सिंह सोनी करती हैं, जबकि केस आगे अदालत तक पहुंचता है।

 

कोर्ट में मामला कहानी आगे बढ़ने पर मीनू के आरोपों और उसकी उम्र से जुड़े सवाल सामने आते हैं। अदालत में उसकी ओर से जीशान अयूब और विपक्ष की तरफ से राम कपूर वकील की भूमिका में दिखाई देते हैं। केस के दौरान सामने आने वाली नई जानकारियां कहानी का रुख बदलने लगती हैं और दर्शक के सामने कई सवाल खड़े होते हैं।

 

कहानी में सवाल क्या मीनू ने अपनी उम्र को लेकर गलत जानकारी दी? क्या उसके आरोप सही हैं या उसके पीछे कोई दूसरी कहानी है? क्या बापजी वास्तव में दोषी हैं? पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही के दौरान इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की गई है।

 

निर्देशन और प्रस्तुति नित्या मेहरा और करण डी. कपाड़िया के निर्देशन में बनी छह एपिसोड की यह सीरीज तकनीकी स्तर पर प्रभावी नजर आती है। मध्य प्रदेश के ओरछा और आसपास के इलाकों को कहानी के माहौल के लिए इस्तेमाल किया गया है। सिनेमैटोग्राफी, लोकेशन और एडिटिंग सीरीज की प्रस्तुति को मजबूत बनाते हैं।

 

कोर्ट रूम ड्रामा सीरीज का कोर्ट वाला हिस्सा इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल है। जीशान अयूब और राम कपूर के बीच होने वाली कानूनी बहस कहानी को गति देती है। हालांकि कई जगहों पर घटनाक्रम पहले से अनुमान लगाने योग्य महसूस होता है।

 

अभिनय मजबूत सीरीज की सबसे प्रभावी चीज इसकी स्टारकास्ट है। ‘सैयारा’ के बाद अनीत पद्दा ने मीनू के किरदार में गंभीर और भावनात्मक अभिनय किया है। फातिमा सना शेख ने ACP जसलीन सिंह सोनी की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाया है। जीशान अयूब और राम कपूर भी वकीलों के किरदार में अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं।

 

अन्य कलाकार पत्रकार की भूमिका में अर्जुन माथुर का काम भी ध्यान खींचता है। वहीं बापजी के किरदार में रघुबीर यादव का चयन कुछ दर्शकों को अपेक्षाकृत कम प्रभावी लग सकता है।

 

India Wins Shooting Gold: एशियन गेम्स में भारत का दूसरा गोल्ड

भारत ने जीता गोल्ड एशियन गेम्स 2026 में 25 सितंबर को भारत ने शूटिंग में अपना पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम फाइनल में 484.6 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ भारत को प्रतियोगिता में दूसरा गोल्ड मिला।

 

एशियन रिकॉर्ड बनाया भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 484.6 अंक हासिल किए, जो एशियन रिकॉर्ड रहा। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाएउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।

 

शुरुआत से बढ़त सुरुचि और कमलजीत ने मुकाबले की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। दक्षिण कोरिया की जोड़ी ने अंतिम चरण में अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने बढ़त कायम रखते हुए 6.6 अंकों के अंतर से जीत दर्ज की।

 

भारत का दूसरा गोल्ड इस जीत के साथ भारत के एशियन गेम्स 2026 में दो स्वर्ण पदक हो गए हैं। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने भारत के लिए पहला गोल्ड जीता था। शूटिंग में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

 

CEC Gyanesh Kumar Impeachment Move: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक एक बार फिर संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। 24 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक विपक्षी दल लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में नोटिस देने की तैयारी में हैं। प्रस्ताव का नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है और इसे कानूनी विशेषज्ञों की सलाह से अंतिम रूप दिए जाने की बात कही गई है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के अनुसार नोटिस अगले सप्ताह तक संसद में पेश किया जा सकता है। फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया तैयारी के स्तर पर है और इसे ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का फैसला नहीं माना जा सकता।

नए प्रस्ताव के लिए जुटाए जा रहे हस्ताक्षर
रिपोर्टों के अनुसार प्रस्ताव के ड्राफ्ट को विपक्षी सांसदों के बीच साझा किया जा रहा है और आवश्यक समर्थन जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को संसद में स्वीकार कराने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। INDIA ब्लॉक की ओर से दोनों सदनों में नोटिस देने की तैयारी इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। प्रस्ताव में किन आरोपों को शामिल किया जाएगा, इसे लेकर भी कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा की जा रही है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि प्रस्ताव निश्चित रूप से संसद में स्वीकार हो जाएगा।

पहले भी दिए जा चुके हैं नोटिस
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्ष इससे पहले भी संसद में नोटिस दे चुका है। रिपोर्टों के अनुसार 12 मार्च 2026 को एक नोटिस दिया गया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति ने स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद 24 अप्रैल 2026 को विपक्ष के 73 राज्यसभा सांसदों की ओर से एक और नोटिस दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस नोटिस को लेकर विपक्ष का कहना है कि वह अभी लंबित है और उसे खारिज नहीं किया गया है। अब विपक्ष नए सिरे से दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। इसलिए मौजूदा घटनाक्रम को पुराने प्रयासों से जुड़ी आगे की राजनीतिक और संसदीय कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।

 

Greater Noida Bus Fire: ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस बनी आग का गोला

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 सितंबर की देर रात एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास करीब 33 किलोमीटर माइलस्टोन के आसपास हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि बस में सवार कई यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। पुलिस और राहत-बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दर्दनाक हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
हादसे का शिकार हुई निजी स्लीपर बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा की ओर जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ यात्रियों को आग और धुएं के कारण गंभीर चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद बस पूरी तरह आग की चपेट में आ गई और मौके पर काफी देर तक बचाव अभियान चलाया गया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू की गई है ताकि उनके परिवारों को सूचना दी जा सके।

आग से पहले यात्रियों ने जताई थी चिंता
हादसे के बाद दर्ज FIR में यात्री सुनील कुमार की शिकायत का उल्लेख है। शिकायत के अनुसार, आग लगने से पहले बस में जलने जैसी गंध महसूस हुई थी और यात्रियों ने ड्राइवर तथा कंडक्टर से बस रोकने के लिए कहा था। FIR में आरोप लगाया गया है कि यात्रियों की चेतावनी के बावजूद बस को तत्काल नहीं रोका गया और बाद में धुआं तथा आग तेजी से फैल गई। इसके बाद यात्रियों ने बस से निकलने की कोशिश की और कुछ लोग खिड़कियों से बाहर कूद गए। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है, इसलिए इन्हें फिलहाल FIR में दर्ज शिकायत के तौर पर ही देखा जा रहा है।
 

Patna Councillor Husband Firing: पटना में पार्षद पति पर ताबड़तोड़ फायरिंग

बिहार की राजधानी पटना में बुधवार शाम वार्ड 24 की वर्तमान पार्षद ज्ञानवती देवी के पति और पूर्व पार्षद अनिल कुमार यादव पर जानलेवा हमला हुआ। बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के चकारम इलाके में स्थित मां सुखिया महल अपार्टमेंट के बेसमेंट में अनिल यादव अपने कार्यालय में कुछ लोगों के साथ बैठे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन हमलावर वहां पहुंचे और उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। गोली लगने से अनिल यादव गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बाइक से पहुंचे तीन हमलावर
घटना से सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमलावर एक बाइक पर सवार होकर अपार्टमेंट के बेसमेंट तक पहुंचे थे। CCTV फुटेज में तीन लोगों के बाइक से पहुंचने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार इनमें से दो हमलावर बेसमेंट के अंदर गए और अनिल यादव को निशाना बनाकर फायरिंग की, जबकि तीसरा हमलावर बाइक के पास रहा। गोलीबारी के बाद तीनों मौके से फरार हो गए। पुलिस अब CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

कई गोलियां लगने की जानकारी
फायरिंग में अनिल यादव को कई गोलियां लगी हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में चार से पांच गोलियां लगने की जानकारी सामने आई है, जबकि स्थानीय रिपोर्टों में उनके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गोली लगने और कुछ गोलियां निकाले जाने की बात कही गई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक डॉक्टरों ने उनका उपचार किया और उनकी स्थिति गंभीर बताई गई। हालांकि मेडिकल स्थिति में समय के साथ बदलाव संभव है, इसलिए आगे की जानकारी अस्पताल और पुलिस के आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

 

IIT Bombay Student Case: IIT बॉम्बे छात्र केस में जांच तेज

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 24 सितंबर 2026 तक जांच एजेंसी छह लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनमें साहिल के करीब रहने वाले तीन छात्र भी शामिल हैं। पुलिस इन बयानों के जरिए 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच अधिकारियों का फोकस उस पूरे घटनाक्रम पर है, जो परीक्षा के अंतिम समय से लेकर साहिल के हॉस्टल पहुंचने तक हुआ। वहीं मामले में नाम सामने आए प्रोफेसर सुर्यनारायण डूल्ला का बयान अभी दर्ज नहीं किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक पहले डिजिटल सबूत और अन्य गवाहों के बयान जुटाए जा रहे हैं, जिसके बाद आगे की पूछताछ की जाएगी।

परीक्षा हॉल का CCTV बना जांच का अहम सबूत
जांच में सामने आए CCTV फुटेज में 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल को परीक्षा हॉल में देखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक परीक्षा खत्म होने में करीब 15 मिनट बाकी थे और फुटेज में साहिल को अपनी जेब की ओर झुककर देखते हुए देखा गया। इसके बाद परीक्षा की निगरानी कर रहे प्रोफेसर ने उनसे पूछताछ की और उन्हें अन्य छात्रों से अलग ले जाते हुए दिखाई देते हैं। एक अन्य रिपोर्ट में सामने आए फुटेज में साहिल को अपनी सीट से उठकर सामान लेने और परीक्षा हॉल से बाहर जाते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है। पुलिस अब इस फुटेज को अन्य CCTV और डिजिटल साक्ष्यों के साथ मिलाकर घटनाक्रम की समय-रेखा तैयार कर रही है।

ChatGPT से चीटिंग का दावा अभी जांच में
साहिल के मामले में परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और कथित तौर पर ChatGPT के इस्तेमाल की बात लगातार चर्चा में है। शुरुआती तौर पर IIT बॉम्बे की ओर से कहा गया था कि साहिल ने परीक्षा में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड करके उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। हालांकि संस्थान ने बाद में इस दावे पर माफी मांगी और कहा कि जांच पूरी होने से पहले घटनाक्रम को इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं था। क्राइम ब्रांच भी अब साहिल के मोबाइल और उपलब्ध डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसलिए फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि CCTV फुटेज ने ChatGPT से चीटिंग की बात साबित कर दी है। पुलिस इस पहलू को डिजिटल साक्ष्यों के जरिए सत्यापित करने की कोशिश कर रही है।
 

Bhim Army Nationwide Protest: भीम आर्मी का देशभर में प्रदर्शन

24 सितंबर 2026 को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों की भागीदारी से जुड़ी मांगों को लेकर कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। यह गतिविधियां केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों और जिलों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन तथा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की खबरें सामने आई हैं। पूर्वी सिंहभूम में कार्यकर्ताओं ने सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में SC, ST, OBC, महिलाओं और अन्य वंचित समुदायों को उचित भागीदारी देने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।

दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन की अनुमति नहीं
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी की ओर से 24 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'संपूर्ण भागीदारी आंदोलन' आयोजित करने की योजना थी। आंदोलन में महिला आरक्षण, आरक्षण व्यवस्था और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व समेत कई मुद्दे उठाए जाने थे। हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के बजाय अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन और ज्ञापन देने का रास्ता अपनाया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी 24 सितंबर को लोक निवास के आसपास प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की एडवाइजरी जारी की।

24 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन
भीम आर्मी एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी से जुड़े संगठनों ने कई स्थानों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। सिरमौर में दिए गए 24 सूत्रीय ज्ञापन में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के भीतर कोटा, सरकारी सेवाओं में आरक्षण के प्रावधानों का पालन और बैकलॉग पदों को भरने जैसी मांगें रखी गईं। संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति और प्रशासन में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। ये मांगें संबंधित संगठनों की ओर से रखी गई हैं और इन्हें सरकारी नीति या निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

 

CJP Gives 48-Hour Ultimatum: ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, CJP ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

48 घंटे का अल्टीमेटम
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का समय दिया है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर संगठन देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा और दिल्ली में ‘जंतर मंतर 2.0’ प्रदर्शन किया जाएगा।

 

SIR को लेकर विवाद
यह मांग द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR से जुड़े फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाली से जुड़े फैसलों पर कई मौकों पर सवाल उठाए थे। चुनाव आयोग ने कहा है कि अलग-अलग राय और आंतरिक जांच-परख प्रक्रिया deliberations का सामान्य हिस्सा हैं और SIR समेत पिछले वर्ष के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

 

CJP की मांगें
CJP के सह संयोजक सौरव दास ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। संगठन ने SIR को 2025 की मतदाता सूची की स्थिति में वापस करने, SIR से जुड़ी फाइलों को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली समिति के पास रखने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव की मांग भी रखी है।

 

आरोपों पर EC का पक्ष
CJP ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों को तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों का बचाव किया है और कहा है कि आयोग के फैसले तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए।

 

Wangchuk Demands Shah Resignation: लद्दाख हिंसा की बरसी पर सोनम वांगचुक ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की

अमित शाह के इस्तीफे की मांग
लद्दाख में लेह पुलिस फायरिंग में चार नागरिकों की मौत की पहली बरसी पर सोनम वांगचुक ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। 20 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद सभा को संबोधित करते हुए वांगचुक ने पिछले साल हुई मौतों की जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी।

 

लद्दाख में बंद
पिछले साल की पुलिस कार्रवाई में चार स्थानीय लोगों की मौत के विरोध में 24 सितंबर को पूरे लद्दाख में बंद रहा। वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के लोगों ने लंबे समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाईं और सवाल किया कि 2025 में हिंसा की स्थिति क्यों बनी।

 

छठी अनुसूची का मुद्दा
वांगचुक ने अपने भाषण में लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा देने के कथित पुराने वादे का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि केंद्र के साथ लंबे समय तक चली बातचीत के बावजूद इस मांग पर सहमति नहीं बनी। ये दावे वांगचुक के बयान के रूप में हैं।