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London Event Of CM Vijay Cancelled: लंदन में सी. जोसेफ विजय का सार्वजनिक मिलन रद्द, सुरक्षा कारणों से

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के लंदन दौरे के दौरान मंगलवार 15 सितंबर को The Shard के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और प्रशंसक जमा हो गए। कई लोग मुख्यमंत्री से मिलने और उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों तक इंतजार करते रहे। विजय की टीम की ओर से यहां एक सार्वजनिक मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन भीड़ बढ़ने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण यह कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। रिपोर्टों के मुताबिक लंदन की Metropolitan Police ने सुरक्षा संबंधी चिंता जताई और कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं मिल सकी, जिसके बाद आयोजकों ने कार्यक्रम रद्द करने की घोषणा की।

सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम हुआ रद्द
मुख्यमंत्री की टीम ने लाउडस्पीकर के जरिए समर्थकों को कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी दी। टीम की ओर से बताया गया कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम को रद्द किया जा रहा है। इसके बाद विजय की पार्टी TVK के आईटी विंग ने भी समर्थकों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए होटल के बाहर या उनके संभावित रास्ते पर इंतजार न करें। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की मुख्य चिंता भीड़ की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर बताई गई। उपलब्ध रिपोर्टों में यह नहीं कहा गया कि विजय का पूरा ब्रिटेन दौरा रद्द कर दिया गया था।

विजय का पूरा UK दौरा नहीं हुआ रद्द
लंदन में सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द होने के बावजूद मुख्यमंत्री विजय का पूरा UK दौरा जारी रहा। वह तमिलनाडु में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ ब्रिटेन पहुंचे थे। रिपोर्टों के अनुसार दौरे के दौरान निवेश से जुड़े कई समझौते किए गए और मुख्यमंत्री का बुधवार को भारत लौटने का कार्यक्रम था। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों से अलग कि विजय का पूरा लंदन दौरा रद्द हो गया, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक केवल The Shard के बाहर प्रस्तावित सार्वजनिक कार्यक्रम को सुरक्षा कारणों से रद्द किया गया।

 

Russian Drone Strike On Ukrainian Bus: निकोपोल में बस पर रूसी ड्रोन स्ट्राइक, पांच नागरिक मारें

यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्र के निकोपोल जिले में बुधवार 16 सितंबर 2026 को एक यात्री बस पर ड्रोन हमला हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम सात अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना निकोपोल के आसपास उस इलाके में हुई जो रूस-यूक्रेन युद्ध की अग्रिम पंक्ति के काफी करीब है और लंबे समय से हमलों की चपेट में रहा है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों में चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं। हमले के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया और स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर राहत एवं बचाव की कार्रवाई की।

यूक्रेनी अधिकारियों ने रूस पर लगाया हमले का आरोप
निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक यात्री बस को रूसी ड्रोन ने निशाना बनाया। क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हनझा ने सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि निकोपोल इलाके में एक बस पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें नागरिकों की जान गई। रिपोर्टों में इस हमले को रूसी ड्रोन स्ट्राइक बताया गया है, हालांकि युद्ध से जुड़ी घटनाओं में शुरुआती जानकारी मुख्य रूप से संबंधित पक्षों के अधिकारियों से आती है और स्वतंत्र पुष्टि सीमित हो सकती है। Reuters के अनुसार घटना पर रूस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी। इसलिए हमले की जिम्मेदारी को यूक्रेनी अधिकारियों के दावे और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किया जाना उचित है।

पांच नागरिकों की मौत और सात लोग घायल
हमले में जान गंवाने वालों में चार पुरुष और एक महिला बताए गए हैं, जबकि सात अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। ड्रोन हमले के बाद बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई और मौके पर राहत एवं बचाव दल पहुंचे। फ्रंटलाइन के नजदीक होने के कारण इस इलाके में नागरिकों के लिए यात्रा करना लगातार जोखिम भरा बना हुआ है। यात्री बसों और दूसरे सार्वजनिक परिवहन साधनों पर होने वाली ऐसी घटनाएं युद्ध क्षेत्र में आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती हैं। स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा टीमों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जबकि सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटा रही हैं।

 

Abhijeet Dipke Announces Adivasi School Campaign: अभिजीत दीपके ने आदिवासी स्कूलों के लिए नया अभियान शुरू करने की घोषणा की

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार 16 सितंबर 2026 को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों को लेकर नए अभियान की घोषणा की। उन्होंने बताया कि CJP का ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान 17 सितंबर से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से शुरू किया जाएगा। ताजा रिपोर्टों के अनुसार अभियान का उद्देश्य आदिवासी छात्रों को मिलने वाली शिक्षा, आवासीय सुविधाओं और बुनियादी संसाधनों की स्थिति को सामने लाना तथा संबंधित सरकारी विभागों का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित करना है। अभियान के दौरान स्कूलों का दौरा कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और छात्रों की समस्याओं की जानकारी जुटाने की बात कही गई है।

आदिवासी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदिवासी और आश्रम स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कक्षाओं, शौचालय, पीने के पानी, बिजली, बिस्तर, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने मध्य प्रदेश के बालाघाट के एक आदिवासी स्कूल की तस्वीर का भी हवाला देते हुए सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनके अभियान का फोकस केवल स्कूल भवनों तक सीमित नहीं बल्कि वहां रहने वाले छात्रों की सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की सुविधाओं की स्थिति की पड़ताल पर भी रहेगा। इससे पहले CJP ने अगस्त में महाराष्ट्र के हिंगोली से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया था और एक सरकारी स्कूल की बुनियादी सुविधाओं का ऑडिट करने की बात कही थी।

590 से ज्यादा मौतों का दीपके ने किया दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के आदिवासी और आश्रम स्कूलों को लेकर कई आंकड़े भी सामने रखे। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र में 590 से अधिक आदिवासी छात्रों की मौत हुई है और इन घटनाओं को उन्होंने स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं की कमी से जोड़कर सवाल उठाए। हालांकि यह संख्या फिलहाल दीपके द्वारा किया गया दावा है, इसलिए इसे सरकारी रूप से प्रमाणित आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। इसी तरह उन्होंने एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों को लेकर भी बड़ा दावा किया और 720 में से 477 स्कूलों के non-functional होने की बात कही। इन आंकड़ों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अलग से आवश्यक है।

 

Impeachment Resolution Against Pete Hegseth: रिपब्लिकन सांसद ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग का मसौदा पेश किया

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के खिलाफ महाभियोग के आठ Articles पेश किए हैं। मैसी ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ने ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को कांग्रेस की मंजूरी के बिना जारी रखा और इस तरह संविधान में निहित कांग्रेस के युद्ध संबंधी अधिकारों तथा 1973 के War Powers Resolution का उल्लंघन किया। यह मैसी का आरोप है, कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं। प्रस्ताव 15 सितंबर 2026 को सदन में पेश किया गया और इसके बाद अमेरिकी संसद में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई।

ईरान सैन्य कार्रवाई बना मुख्य मुद्दा
मैसी के प्रस्ताव के शुरुआती आरोप ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़े हैं। उनके अनुसार बिना कांग्रेस की युद्ध घोषणा या वैधानिक अनुमति के लंबे समय तक सैन्य अभियान जारी रखना War Powers Resolution के प्रावधानों के विपरीत है। रिपोर्टों के मुताबिक मैसी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने की कोशिशों के बावजूद ईरान में अभियान जारी रहा। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ईरान में अपने सैन्य कदमों को राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई से जुड़े अपने अधिकारों के संदर्भ में देखता है। इसलिए महाभियोग प्रस्ताव में लगाए गए आरोपों और सरकार के कानूनी रुख को अलग-अलग समझना जरूरी है।

प्रस्ताव में यमन और वेनेजुएला का भी जिक्र
महाभियोग के आठ Articles केवल ईरान तक सीमित नहीं हैं। मैसी ने यमन में सैन्य अभियानों को भी कांग्रेस की अनुमति के बिना चलाए जाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा प्रस्ताव में वेनेजुएला से जुड़े सैन्य कदम, नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की कथित अनदेखी और एक अमेरिकी सांसद के खिलाफ Pentagon की कार्रवाई से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं को मैसी ने महाभियोग के आधार के रूप में रखा है। फिलहाल ये सभी आरोप प्रस्ताव में लगाए गए दावे हैं और इन पर सदन की प्रक्रिया तथा आगे की राजनीतिक कार्रवाई होना बाकी है।

 

CBI FIR In Disha Salian Death Case: CBI ने दिशा सालियान की मौत पर नई FIR दर्ज कर शुरू की गहन जांच

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की जून 2020 में हुई मौत के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद एजेंसी ने मामले में FIR दर्ज की है और अब छह साल से अधिक पुराने घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की दोबारा जांच की जाएगी। दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। लंबे समय तक यह मामला Accidental Death Report के आधार पर जांच में रहा था। अब CBI पुराने पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल और फॉरेंसिक दस्तावेजों, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध बयानों की नए सिरे से पड़ताल करेगी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए गंभीर सवाल
दिशा सालियान मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को सुनाए अपने आदेश में मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच को लेकर कई सवाल उठाए। अदालत ने इस बात पर ध्यान दिया कि घटना के छह साल से अधिक समय बाद भी मामले में औपचारिक FIR दर्ज नहीं की गई थी और जांच मुख्य रूप से Accidental Death Report के आधार पर आगे बढ़ी। कोर्ट ने कहा कि शुरुआती जांच कई सवालों का जवाब देने के बजाय नए सवाल खड़े करती है। इसी आधार पर अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI से जांच कराने का निर्देश दिया और एक वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी देने की बात कही। हालांकि अदालत ने किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना और स्पष्ट किया कि पर्याप्त तथा सत्यापित सबूत मिलने के बाद ही किसी व्यक्ति को आरोपी बनाया जाना चाहिए।

FIR में हत्या और गैंगरेप समेत गंभीर आरोपों की जांच
CBI की नई FIR दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की शिकायत और उनके द्वारा दिए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है। FIR में हत्या, सामूहिक बलात्कार, आपराधिक साजिश और कथित तौर पर सबूतों को छिपाने जैसे गंभीर आरोपों की जांच का रास्ता खुला है। इन आरोपों को फिलहाल शिकायत और FIR में लगाए गए आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, क्योंकि अभी CBI की जांच पूरी नहीं हुई है और किसी आरोप की पुष्टि अदालत के अंतिम फैसले से नहीं हुई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना वाली रात वास्तव में क्या हुआ था, घटनास्थल और संबंधित लोगों से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं तथा क्या शुरुआती जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट गया था।

 

News Helicopter Crashes In Los Angeles: लाइव रिपोर्ट के बीच न्यूज़ हेलीकॉप्टर धधकते आग में गिरा

अमेरिका के लॉस एंजेलिस के सैन फर्नांडो वैली स्थित चैट्सवर्थ इलाके में 15 सितंबर की शाम एक न्यूज हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्टर NBC4 और Telemundo 52 के लिए हवाई कवरेज कर रहा था और हादसा उस समय हुआ जब कई न्यूज हेलीकॉप्टर पास में हुए एक घातक सड़क हादसे की रिपोर्टिंग कर रहे थे। विमान नॉर्थ मेसन एवेन्यू के 9100 ब्लॉक के पास दो कमर्शियल इमारतों के बीच जा गिरा। क्रैश के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई और घटनास्थल पर बड़े पैमाने पर आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है।

सड़क हादसे की कवरेज कर रहा था हेलीकॉप्टर
न्यूज हेलीकॉप्टर जिस समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उससे कुछ देर पहले चैट्सवर्थ में एक Metro बस और दूसरी गाड़ी के बीच गंभीर टक्कर हुई थी। NBC Los Angeles के मुताबिक इस सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हुई और छह अन्य लोगों को अस्पताल ले जाया गया। कई टीवी हेलीकॉप्टर इस दुर्घटना की हवाई तस्वीरें और लाइव कवरेज कर रहे थे। इसी कवरेज के दौरान NBC4 और Telemundo 52 के लिए इस्तेमाल किया जा रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक रिपोर्टों में यह स्पष्ट नहीं है कि हेलीकॉप्टर अचानक क्यों नीचे आया।

क्रैश के बाद भीषण आग
हेलीकॉप्टर दो व्यावसायिक इमारतों के बीच गिरा और इसके बाद आग भड़क उठी। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद कम से कम चार वाहनों और दो स्टोरेज कंटेनरों को भी नुकसान पहुंचा और उनमें आग लगने की सूचना सामने आई। लॉस एंजेलिस फायर डिपार्टमेंट की टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू की। हादसे के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस, दमकल और अन्य आपातकालीन कर्मी मौजूद रहे। दुर्घटना की भयावहता के कारण बचाव और मलबा हटाने का काम भी चुनौतीपूर्ण रहा।

 

Neem Karoli Baba 53rd Death Anniversary: कैंची धाम से वृंदावन तक फैली नीम करोली बाबा की श्रद्धा

प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा की 11 सितंबर 1973 को 53वीं पुण्यतिथि थी। उनका निधन 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में हुआ था। आध्यात्मिक जगत में विशेष पहचान रखने वाले नीम करोली बाबा को उनके भक्त श्रद्धा और आस्था के साथ याद कर रहे हैं। उनके जीवन, साधना, सेवा और उनसे जुड़ी चमत्कारिक घटनाओं की कथाएं आज भी उनके अनुयायियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
भक्तों के बीच नीम करोली बाबा को हनुमान जी का अवतार माना जाता है। हालांकि यह धार्मिक आस्था और मान्यता का विषय है। उनके अनुयायियों के लिए बाबा का जीवन भक्ति, सेवा, सादगी और आध्यात्मिक साधना का संदेश देता है।

 

कौन थे नीम करोली बाबा?
नीम करोली बाबा का जन्म करीब वर्ष 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में बताया जाता है। उनका मूल नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा बताया जाता है। आगे चलकर आध्यात्मिक जीवन और साधना के कारण वे नीम करोली बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए।
उनके जीवन से जुड़ी अनेक बातें उनके भक्तों और अनुयायियों के बीच प्रचलित हैं। कम उम्र से ही उनके भीतर आध्यात्मिक झुकाव और साधना की प्रवृत्ति होने की मान्यता है।

 

कम उम्र में विवाह, फिर आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़े
नीम करोली बाबा का विवाह करीब 11 वर्ष की उम्र में हुआ था। इसके बावजूद उनके जीवन में आध्यात्मिक साधना का प्रभाव लगातार बना रहा।
बताया जाता है कि वर्ष 1958 में उन्होंने अपना घर छोड़कर आध्यात्मिक जीवन को पूरी तरह अपना लिया। इसके बाद उन्होंने अपना जीवन साधना, सेवा और लोगों के मार्गदर्शन में समर्पित कर दिया। उनकी शिक्षाओं में भक्ति और सेवा को विशेष महत्व दिए जाने की बात उनके अनुयायी बताते हैं। यही कारण है कि समय के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी उनके अनुयायियों की संख्या बढ़ती गई।

 

Two Kuki Women Killed In Manipur: तामेंगलोंग में दो कुकी-जो महिलाओं की गोलीबारी से मौत

मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई यानी लीसांग कुकी गांव में 15 सितंबर को दो कुकी-जो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार घटना दोपहर करीब 3 बजे उस समय हुई, जब महिलाएं गांव से दूर खेतों की ओर गई थीं। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितल्होउ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों पर हथियारबंद हमलावरों ने गोली चलाई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

खेतों में काम करने गई थीं महिलाएं
रिपोर्टों के अनुसार चोंगा सितल्होउ खेतों के इलाके में लकड़ी बीनने गई थीं, जबकि किम्बोई सिंगसन ने हाल ही में नर्सिंग का कोर्स पूरा किया था और अपने माता-पिता की खेती के काम में मदद करने के लिए गांव लौटी थीं। दोनों महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य घरेलू और कृषि गतिविधियों में लगी थीं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान उन पर हमला किया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बताया गया है। मृतकों की पहचान स्थानीय प्रतिनिधियों और मीडिया रिपोर्टों में भी सामने आई है।

कई फार्महाउसों में आग लगाए जाने की खबर
महिलाओं की हत्या के साथ ही गांव के आसपास मौजूद कई फार्महाउसों को आग लगाए जाने की भी खबर सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में हमले के बाद कई लोगों के लापता होने की बात भी कही गई है, हालांकि लापता लोगों की संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की वजह की जांच जारी है। इसलिए किसी विशेष संगठन को जिम्मेदार बताने से पहले आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।

 

President ADC Duty: राष्ट्रपति के ADC के निजी जीवन पर अनकही कहानियाँ

भारत के राष्ट्रपति के Aide-de-Camp यानी ADC का पद बेहद प्रतिष्ठित होने के साथ-साथ अत्यंत जिम्मेदारी वाला भी माना जाता है। राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों, यात्राओं, समारोहों और प्रोटोकॉल से जुड़े कार्यों में ADC की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राष्ट्रपति के पास आमतौर पर पांच ADC होते हैं—तीन सेना से और एक-एक नौसेना तथा वायुसेना से।
हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC रह चुके मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने एक पॉडकास्ट में इस भूमिका से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस जिम्मेदारी के दौरान निजी जिंदगी के लिए जगह बेहद सीमित हो जाती है और कई व्यक्तिगत इच्छाओं को पीछे रखना पड़ता है।

 

ADC के कार्यकाल में शादी को लेकर क्या नियम है?
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल के अनुसार, राष्ट्रपति के ADC के रूप में कार्यकाल के दौरान अधिकारी के लिए शादी नहीं करने की शर्त होती है। उन्होंने इसे अपने कार्यकाल में किए गए सबसे बड़े व्यक्तिगत त्यागों में से एक बताया।
इस व्यवस्था के पीछे पद की अत्यधिक जिम्मेदारी और निरंतर उपलब्धता को प्रमुख कारण के तौर पर बताया जाता है। हालांकि, इस संबंध में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में विस्तृत आधिकारिक नियम-पुस्तिका सामने नहीं आती है, इसलिए इसे सांब्याल के बताए अनुभव और संबंधित मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में समझना उचित है।

 

24 घंटे सतर्क रहने की जिम्मेदारी
ADC की जिम्मेदारी केवल राष्ट्रपति के साथ औपचारिक कार्यक्रमों में नजर आने तक सीमित नहीं होती। राष्ट्रपति की दिनचर्या, कार्यक्रमों, यात्राओं और विभिन्न आधिकारिक गतिविधियों के दौरान प्रोटोकॉल तथा समन्वय से जुड़े कई कार्यों में ADC की भूमिका रहती है।
देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के साथ काम करने के कारण समय की पाबंदी, अनुशासन और सतर्कता इस भूमिका का अहम हिस्सा बन जाते हैं। किसी भी समय कार्यक्रम या जिम्मेदारी में बदलाव होने पर अधिकारी को उसके अनुरूप तैयार रहना पड़ सकता है।

 

BJP MLA Gives Up Disputed Land: भायंदर की 2,810 वर्ग मीटर जमीन पर समझौता, मेहता ने अनुमति वापस करने की पुष्टि

नरेंद्र मेहता ने निर्माण अनुमति लौटाने और शिकायत वापस लेने की बात कही

रिपोर्टों के अनुसार, 81 वर्षीय असगर अली वोरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भायंदर की जमीन से जुड़े पुराने विवाद की शिकायत की थी। इसके बाद नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने, निर्माण अनुमति सरेंडर करने और वोरा के खिलाफ पहले की शिकायत वापस लेने की बात कही। 

 

 1989 में खरीदी थी जमीन

असगर अली वोरा के मुताबिक, उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप था कि 2011 में जमीन पर कब्जा किया गया और वह करीब 15 वर्षों से मामले को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों के चक्कर लगा रहे थे। 

 

प्रधानमंत्री से की थी शिकायत

वोरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद महाराष्ट्र मंत्रालय में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में संबंधित पक्षों और अधिकारियों की बैठक हुई।