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Jio IPO 2026: जियो के ₹30,000 करोड़ के IPO पर युवाओं की नजर

जियो IPO से युवा निवेशकों की परीक्षा
रिलायंस समूह की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित IPO भारतीय शेयर बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है। इस IPO की सफलता का एक अहम पहलू युवा और रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी होगी। पिछले कुछ दशकों में शेयर बाजार में निवेश करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है और अब उनके सामने निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या रिलायंस ब्रांड की लोकप्रियता जियो के शेयरों की मांग बनाए रखने के लिए पर्याप्त होगी।

 

Gen-Z निवेशकों की सोच में आया बदलाव
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में 13 करोड़ से अधिक पंजीकृत शेयर बाजार निवेशक हैं और इनमें करीब 40 प्रतिशत की उम्र 30 साल से कम है। युवा निवेशक कंपनियों की ग्रोथ, मुनाफे की संभावनाओं और शेयर की कीमत के मुकाबले उसके मूल्यांकन पर ज्यादा ध्यान देते हैं। पुराने निवेशकों के लिए रिलायंस का नाम लंबे समय तक निवेश बनाए रखने का आधार रहा है, लेकिन आज के निवेशक लिस्टिंग के बाद मुनाफा कमाने या शेयर को लंबे समय तक रखने जैसे अलग-अलग विकल्पों पर विचार करते हैं।

 

धीरूभाई अंबानी के IPO ने बनाई थी नई पहचान
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नवंबर 1977 में अपना IPO पेश किया था। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इस इश्यू से करीब 2.8 करोड़ रुपये जुटाए गए और लगभग 58,000 निवेशकों ने इसमें हिस्सा लिया था। उस समय IPO को सात गुना सब्सक्रिप्शन मिलने की जानकारी दी गई थी। इस इश्यू ने आम बचतकर्ताओं के बीच शेयर बाजार में सीधे निवेश करने की रुचि बढ़ाने में भूमिका निभाई। इसके बाद रिलायंस का कारोबार टेक्सटाइल और केमिकल से आगे बढ़कर ऊर्जा, उपभोक्ता उत्पादों और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों तक पहुंचा।

 

जियो के वैल्यूएशन पर निवेशकों के सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, जियो के वैश्विक रोडशो के दौरान कुछ फंड मैनेजरों ने कंपनी के मूल्यांकन और डिजिटल सेवाओं से होने वाली कमाई को लेकर सवाल उठाए। निवेशकों ने यह जानना चाहा कि जियो को भारती एयरटेल के मुकाबले किस आधार पर प्रीमियम वैल्यूएशन मिलना चाहिए और टेलीकॉम कारोबार के अलावा डिजिटल सेवाओं से आय बढ़ाने की योजना क्या है। रिपोर्ट में पहले करीब 11 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन की उम्मीद का भी उल्लेख किया गया है। ये सवाल इस बात को रेखांकित करते हैं कि निवेशक केवल ब्रांड की लोकप्रियता नहीं, बल्कि भविष्य की कमाई और कारोबारी प्रदर्शन को भी महत्व दे रहे हैं।

 

IPO की कीमत और संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, जियो के IPO के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड बताया गया है। ऊपरी स्तर पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इश्यू को 20 अरब डॉलर से अधिक की बोलियां मिली हैं और Fidelity Management & Research, Allianz तथा Capital Group जैसे संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि, निवेशकों को इश्यू की अंतिम शर्तों, आधिकारिक दस्तावेजों और जोखिम संबंधी जानकारी के आधार पर ही निर्णय लेना चाहिए।

 

युवा निवेशक लिस्टिंग के बाद बेच सकते हैं शेयर
IPO में शेयर मिलने के बाद तुरंत मुनाफा कमाने के लिए कुछ निवेशक लिस्टिंग के शुरुआती दिनों में शेयर बेचने की रणनीति अपनाते हैं। रिपोर्ट में बाजार नियामक की 2024 की एक स्टडी का हवाला देते हुए कहा गया है कि रिटेल निवेशकों ने लिस्टिंग के एक सप्ताह के भीतर आवंटित शेयरों का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा बेच दिया था। जब रिटर्न 20 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा, तब बिक्री का अनुपात और बढ़ा। यह रुझान बताता है कि IPO की मांग और लंबे समय तक शेयर रखने की इच्छा दो अलग-अलग बातें हो सकती हैं। हालांकि, किसी भी IPO में लिस्टिंग के समय मुनाफे की गारंटी नहीं होती।

 

जियो के लिए अगली ग्रोथ अहम
करीब एक दशक पहले सस्ती 4G डेटा सेवाओं के साथ बाजार में प्रवेश करने वाली जियो ने भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी आगे किस तरह नए डिजिटल उत्पादों, सेवाओं और कारोबारी अवसरों से अपनी कमाई बढ़ाती है। आकाश अंबानी IPO प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। जियो के लिए चुनौती केवल निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी हासिल करना नहीं, बल्कि कारोबारी प्रदर्शन और भविष्य की ग्रोथ के जरिए उनका भरोसा बनाए रखना भी होगी।

Top 6 Budget Phones: ₹25,000 से कम में 6 स्मार्टफोन के विकल्प

₹25,000 के बजट में स्मार्टफोन के विकल्प
Flipkart Big Billion Days Sale 2026 के दौरान ₹25,000 के आसपास बजट में नया स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए कई विकल्पों की जानकारी सामने आई है। इस सूची में Poco X8, Lava Virat Curve, Redmi Note 15 SE, Infinix Note Edge, Samsung Galaxy F70 Pro और AI+ Nova 2 Ultra शामिल हैं। इनमें AMOLED या OLED डिस्प्ले, 50MP कैमरा और बड़ी बैटरी जैसे फीचर्स बताए गए हैं। हालांकि, कीमत और उपलब्धता फोन के वेरिएंट तथा सेल की शर्तों के अनुसार बदल सकती है।

 

Poco X8 में बड़ी बैटरी का दावा
दी गई जानकारी के मुताबिक, Poco X8 का बेस वेरिएंट ₹26,999 में लिस्टेड है। HDFC और ICICI बैंक के पात्र क्रेडिट कार्ड पर ₹2,000 की छूट मिलने पर इसकी प्रभावी कीमत ₹25,000 से नीचे आ सकती है। फोन में 1.5K AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 6s Gen 4 प्रोसेसर, 9,000mAh बैटरी, 50MP रियर कैमरा और 16MP फ्रंट कैमरा बताए गए हैं। खरीदने से पहले मॉडल और फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है।

 

Lava Virat Curve में कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले
Lava Virat Curve की बताई गई कीमत ₹23,999 है। ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड पर ₹2,000 की अतिरिक्त छूट मिलने की स्थिति में इसकी प्रभावी कीमत ₹22,000 से कम हो सकती है। इसमें कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले, Dimensity 7100 चिपसेट, 6,000mAh बैटरी, 50MP मुख्य कैमरा और पीछे की तरफ मिनी डिस्प्ले दिए जाने का दावा किया गया है।

 

Redmi Note 15 SE और Infinix Note Edge
जानकारी के अनुसार, Redmi Note 15 SE की कीमत ₹22,999 बताई गई है, जिसमें ₹3,000 के कूपन डिस्काउंट का उल्लेख है। पात्र Flipkart Axis Bank या SBI क्रेडिट कार्ड पर अतिरिक्त छूट मिलने से कीमत और घट सकती है। इसके फीचर्स में कर्व्ड OLED डिस्प्ले, Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर, 5,800mAh बैटरी, 50MP रियर कैमरा और 20MP फ्रंट कैमरा शामिल बताए गए हैं।

वहीं, Infinix Note Edge की कीमत ₹22,999 बताई गई है। Flipkart Axis Bank या SBI कार्ड पर ₹1,150 की छूट मिलने पर इसकी प्रभावी कीमत ₹21,900 से कम हो सकती है। इसमें कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले, Dimensity 7100 प्रोसेसर, 6,500mAh बैटरी और 50MP मुख्य कैमरा दिए जाने की जानकारी है।

 

Samsung Galaxy F70 Pro और AI+ Nova 2 Ultra
दी गई जानकारी में Samsung Galaxy F70 Pro की शुरुआती कीमत ₹24,999 बताई गई है। Flipkart Axis Bank क्रेडिट कार्ड पर ₹1,250 की छूट मिलने से इसकी प्रभावी कीमत ₹23,800 से कम हो सकती है। इसमें Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट, 6,000mAh बैटरी और 50MP मुख्य कैमरा बताए गए हैं।

AI+ Nova 2 Ultra का बेस वेरिएंट ₹20,999 में उपलब्ध होने का दावा किया गया है। ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड पर ₹3,000 की छूट मिलने पर इसकी प्रभावी कीमत ₹18,000 से कम हो सकती है। इसके फीचर्स में 1.5K AMOLED डिस्प्ले, Dimensity 7400 प्रोसेसर, 6,000mAh बैटरी, 50MP और 8MP का रियर कैमरा सेटअप, 13MP फ्रंट कैमरा, RGB लाइट्स और गेमिंग ट्रिगर्स शामिल बताए गए हैं।

 

फोन खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
बड़ी बैटरी प्राथमिकता है तो Poco X8 के बताए गए फीचर्स पर ध्यान दिया जा सकता है। कर्व्ड डिस्प्ले पसंद करने वाले Lava Virat Curve और Infinix Note Edge की जानकारी देख सकते हैं, जबकि गेमिंग से जुड़े फीचर्स चाहने वाले AI+ Nova 2 Ultra पर विचार कर सकते हैं। किसी भी फोन को चुनने से पहले कैमरा, प्रोसेसर, बैटरी, सॉफ्टवेयर सपोर्ट और वारंटी की जानकारी की तुलना करें।

ध्यान दें कि ये कीमतें और फीचर्स उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं और यहां स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। खरीदारी से पहले Flipkart पर संबंधित फोन की वास्तविक लिस्टिंग, मॉडल की उपलब्धता, बैंक ऑफर की पात्रता और छूट की शर्तें जरूर जांचें।

US Lawmakers India Letter: रूबियो के भारत दौरे से पहले छह अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी

रूबियो के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सांसदों की चिट्ठी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के प्रस्तावित भारत दौरे से पहले छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने उन्हें संयुक्त पत्र लिखकर भारत में नागरिक अधिकारों और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दों को द्विपक्षीय बातचीत में उठाने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रूबियो की मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात प्रस्तावित है। इस पत्र को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है और इसे भारत के आंतरिक मामलों में दखल बताया है।

 

छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने उठाए प्रदर्शन से जुड़े सवाल
पत्र भेजने वाले सांसदों में प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलीब, एलेनोरा होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया के नाम शामिल बताए गए हैं। सांसदों ने आरोप लगाया कि दिल्ली समेत भारत के विभिन्न हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के दौरान सुरक्षाबलों ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार से जुड़े मुद्दों को अमेरिकी विदेश मंत्री के भारत दौरे के दौरान उठाने की मांग की है। ये आरोप पत्र में सांसदों के दावों के रूप में सामने आए हैं।

 

भारतीय मिशनों पर निगरानी के आरोप
पत्र में अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सांसदों का दावा है कि अमेरिका में सीजेपी के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों की तस्वीरें लेने और उन पर नजर रखने के लिए फोटोग्राफर तैनात किए गए थे। उन्होंने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा, पत्र में अमेरिकी आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट के तहत भारत की रक्षा खरीद से संबंधित पात्रता की समीक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

 

प्रमिला जयपाल ने SIR का मुद्दा उठाया
पत्र में भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का उल्लेख किया। उन्होंने मसौदा मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताई। इस आंकड़े और इससे जुड़े दावे की पुष्टि संबंधित आधिकारिक चुनावी आंकड़ों से करना जरूरी है। भारत की चुनावी प्रक्रियाओं पर विदेशी सांसदों की टिप्पणियों को लेकर पहले भी कूटनीतिक असहमति सामने आती रही है।

 

अजय जैन भूटोरिया ने जताई आपत्ति
अमेरिकी डेमोक्रेटिक नेता और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के सलाहकार रह चुके अजय जैन भूटोरिया ने सांसदों के रुख की आलोचना की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिकी सांसदों को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उनका तर्क है कि इस तरह के बयान भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को प्रभावित कर सकते हैं।

 

भारत-अमेरिका संबंधों पर नजर
छह अमेरिकी सांसदों का पत्र ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण बना हुआ है। एक ओर सांसदों ने नागरिक अधिकारों और प्रदर्शन प्रबंधन से जुड़े मुद्दे उठाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कुछ लोगों ने इसे भारत की संप्रभुता से जुड़ा मामला बताया है। पत्र में लगाए गए आरोपों, SIR से संबंधित आंकड़ों और रक्षा खरीद की समीक्षा की मांग पर आगे की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं इस मामले की दिशा स्पष्ट करने में अहम होंगी।

Bhopal Child Murder: भोपाल में बच्ची की हत्या के बाद सड़क पर उतरे लोग

बच्ची की हत्या के बाद लोगों का प्रदर्शन
भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची की हत्या के मामले को लेकर शनिवार को स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। मृत बच्ची के परिजनों, कबाड़ बीनने वाले समुदाय के लोगों और स्थानीय रहवासियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर चक्काजाम किया और मामले में न्याय की मांग उठाई।

 

चक्काजाम कर बैरागढ़ थाने का घेराव
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर एकत्र हुए और हत्याकांड के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बैरागढ़ थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने और फांसी की सजा की मांग की।

 

स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात
प्रदर्शन में लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। मौके पर पुलिस अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी गई।

 

आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
मृत बच्ची के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले में आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई और जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Anirudh Kavya Wedding Buzz: अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की चर्चाएं तेज

अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी को लेकर चर्चाएं तेज
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर तथा सनराइजर्स हैदराबाद की सीईओ काव्या मारन की शादी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों का वेडिंग रिसेप्शन 21 नवंबर 2026 को चेन्नई में आयोजित किया जाना है। हालांकि, शादी की तारीख और समारोह से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दोनों 11 नवंबर को ग्रीस में शादी कर सकते हैं।

 

कलानिधि मारन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री को दिया न्योता
सन ग्रुप के चेयरमैन कलानिधि मारन और उनकी पत्नी कावेरी मारन ने हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित आवास पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात की। तेलंगाना मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान उन्हें काव्या मारन और अनिरुद्ध रविचंदर के वेडिंग रिसेप्शन के लिए आमंत्रित किया गया। रिसेप्शन की तारीख 21 नवंबर बताई गई है। इस निमंत्रण की जानकारी सामने आने के बाद दोनों की शादी को लेकर चर्चाएं और बढ़ गई हैं।

 

पहले भी सामने आई थीं रिश्ते और शादी की अटकलें
काव्या मारन और अनिरुद्ध रविचंदर के रिश्ते को लेकर चर्चाएं 2025 में सामने आई थीं। हालांकि, जून 2025 में अनिरुद्ध ने शादी से जुड़ी अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें खारिज किया था। बाद में जून 2026 में उनके चाचा और अभिनेता वाई. जी. महेंद्र ने एक इंटरव्यू में अनिरुद्ध की शादी को लेकर संकेत दिए थे। इसके बाद से दोनों के रिश्ते और संभावित शादी को लेकर अटकलें लगाई जाती रही हैं। फिलहाल शादी की तारीख को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

 

कौन हैं अनिरुद्ध रविचंदर?
अनिरुद्ध रविचंदर दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित संगीतकार और गायक हैं। उन्हें साल 2012 में फिल्म ‘3’ के लोकप्रिय गाने ‘Why This Kolaveri Di’ से व्यापक पहचान मिली थी। इसके बाद उन्होंने ‘लियो’, ‘इंडियन 2’, ‘वेट्टैयन’, ‘विदामुयार्चि’ और ‘कूली’ जैसी फिल्मों में संगीत दिया। अपने संगीत और गानों के कारण अनिरुद्ध ने तमिल सिनेमा के साथ-साथ देशभर में पहचान बनाई है।

 

कौन हैं काव्या मारन?
काव्या मारन सन ग्रुप के चेयरमैन कलानिधि मारन और कावेरी मारन की बेटी हैं। वह सन टीवी नेटवर्क में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद की सीईओ के रूप में भी जानी जाती हैं। क्रिकेट मैचों के दौरान टीम को समर्थन देने और फ्रेंचाइजी से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी के कारण वह खेल और मनोरंजन जगत में चर्चा में रहती हैं। अब अनिरुद्ध रविचंदर के साथ उनकी संभावित शादी की खबरें सुर्खियों में हैं।

Rahul Gandhi: राहुल गांधी के दो वीडियो वायरल, कार्यकर्ता को कोहनी मारने का दावा

विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी के वीडियो वायरल
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें वह सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान अपने पास चल रहे एक युवक को कोहनी मारते और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कॉलर खींचते दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, वीडियो के पूरे संदर्भ और घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

 

कार्यकर्ता को कोहनी मारने का दावा
वायरल वीडियो में राहुल गांधी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मार्च करते नजर आते हैं। इसी दौरान उनके पास चल रहा एक युवक उनके रास्ते में आता दिखाई देता है। वीडियो में राहुल गांधी उस युवक को कोहनी मारते हुए नजर आते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। बीजेपी की दिल्ली इकाई ने 12 अक्टूबर को यह वीडियो साझा कर राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना की। पार्टी ने सवाल उठाया कि जो अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करता, वह जनता का क्या भला करेगा।

 

डीके शिवकुमार के कॉलर से जुड़ा दूसरा वीडियो
सोशल मीडिया पर साझा किए गए दूसरे वीडियो में राहुल गांधी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भीड़ के बीच आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। इस दौरान शिवकुमार पीछे की ओर खिंचते नजर आते हैं और वीडियो में राहुल गांधी उनके कॉलर को खींचते हुए दिखाई देते हैं। इस दृश्य को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ यूजर्स ने राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना की, जबकि वायरल क्लिप के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे घटनाक्रम और संदर्भ को देखना जरूरी है।

 

बीजेपी ने की राहुल गांधी की आलोचना
बीजेपी की दिल्ली इकाई ने वीडियो साझा कर राहुल गांधी पर निशाना साधा। वहीं, डीके शिवकुमार से जुड़े वीडियो पर भी सोशल मीडिया पर आलोचनात्मक टिप्पणियां की गईं। दोनों क्लिप के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। इन वीडियो को लेकर सामने आ रही प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर जारी बहस का हिस्सा हैं।

 

किस मुद्दे पर निकाला गया था विरोध मार्च?
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता तथा कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), फॉर्म-6 और कथित वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाए गए। प्रदर्शनकारियों की हिरासत और उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर भी विरोध जताया गया।

 

वीडियो को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज
राहुल गांधी के दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। बीजेपी ने इन क्लिप के आधार पर कांग्रेस सांसद की आलोचना की है। हालांकि, वायरल वीडियो के छोटे हिस्सों से पूरे घटनाक्रम का निष्कर्ष निकालने से पहले उनकी प्रामाणिकता, संदर्भ और उपलब्ध पूर्ण फुटेज की जांच महत्वपूर्ण है।

Hisar Police Arrest Two Suspects: हिसार में बुजुर्ग महिला की मौत के दोनों आरोपी गिरफ्तार

हिसार में बुजुर्ग महिला की मौत के दोनों आरोपी गिरफ्तार
हरियाणा के हिसार में मॉडल टाउन निवासी बुजुर्ग महिला संतोष कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों भावेश और जयेश को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार शाम रायपुर फाटक के पास पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने टीम को देखकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में भावेश के पैर में गोली लगी, जबकि जयेश मोटरसाइकिल से गिरकर घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को काबू कर नागरिक अस्पताल हिसार में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

 

रायपुर फाटक पर नाकाबंदी के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी शुक्रवार शाम मोटरसाइकिल से रायपुर फाटक की ओर आने वाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर नाकाबंदी की। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने टीम पर फायरिंग की, जिसमें एक गोली पुलिस की गाड़ी में लगी। हालांकि, पुलिसकर्मियों को कोई चोट नहीं आई। जवाबी कार्रवाई के दौरान भावेश के पैर में गोली लगी, जबकि जयेश मोटरसाइकिल से गिरकर घायल हो गया। दोनों को मौके पर पकड़ लिया गया।

 

चोरी और लूट के मामलों में भी नाम आने की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, भावेश और जयेश के खिलाफ चोरी और लूट सहित कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य संतोष कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी कथित भूमिका और अन्य संभावित वारदातों से जुड़े तथ्यों का पता लगाना है। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों और मौजूदा प्रकरण में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

 

8 अक्टूबर को मिली थी संतोष कुमारी की मौत की सूचना
पुलिस को संतोष कुमारी की मौत की सूचना 8 अक्टूबर को मिली थी। उनके भाई कंवल किशोर, जो चंडीगढ़ के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन हिसार के मॉडल टाउन स्थित मकान नंबर 100-डब्ल्यू में अकेली रहती थीं। उनके पति और दोनों बच्चों की पहले ही बीमारी और अन्य कारणों से मौत हो चुकी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 6 अक्टूबर को उनकी बहन से बातचीत हुई थी। इसके दो दिन बाद पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने फोन कर उनकी मौत की जानकारी दी। इसके बाद रिश्तेदार उन्हें नागरिक अस्पताल हिसार लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

 

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
संतोष कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग की भी जांच की जा रही है। महिला की मौत के कारणों और आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल दोनों आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन हैं और पुलिस मामले से संबंधित साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।

Five Family Members Die: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत

ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नंगला श्रीपदम गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब सामने आई, जब परिवार का एक बच्चा परीक्षा देने के लिए नहीं उठा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और पांचों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जताई जहर दिए जाने की आशंका
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह के अनुसार, परिवार द्वारा खाई गई चीजों के पैकेट की जांच की गई, लेकिन उनमें कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पैकेटों पर एक्सपायरी डेट भी दर्ज नहीं थी। अधिकारी ने कहा कि मौके पर उल्टी और दस्त जैसे फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षणों की जानकारी नहीं मिली। इन परिस्थितियों के आधार पर उन्होंने जहर दिए जाने की आशंका जताई है। हालांकि, यह शुरुआती आशंका है और अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

 

रात में खाना खाने के बाद सुबह सामने आई घटना
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक, परिवार ने रात करीब 10 बजे खाना खाया था। सुबह जब एक बच्चा परीक्षा देने के लिए नहीं उठा, तब घटना का पता चला। सूचना मिलने पर पुलिस एंबुलेंस और अन्य टीमों के साथ घर पहुंची। पुलिस ने पांचों को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले में परिवार द्वारा खाई गई चीजों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

 

दरवाजा बंद मिलने पर पड़ोसियों ने दी पुलिस को सूचना
ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार सुबह काफी देर तक परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर नहीं आया। पड़ोसियों ने घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद खिड़की से देखने पर परिवार के पांचों सदस्य बिस्तर पर अचेत अवस्था में दिखाई दिए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घर के भीतर जाकर सभी को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

 

मृतकों की पहचान और फॉरेंसिक जांच
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 37 वर्षीय महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता, 11 वर्षीय बेटे लड्डू, 7 वर्षीय बेटी मिष्टी और 3 वर्षीय बेटे साक्षात के रूप में हुई है। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फील्ड फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस भोजन, संभावित विषाक्त पदार्थ के सेवन और अन्य संभावित कारणों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Boy Dies After Borewell Rescue: राजस्थान के लोहावट में बोरवेल में गिरा 9 वर्षीय बच्चा नहीं बचा

39 घंटे के रेस्क्यू के बाद भी नहीं बची भोमाराम की जान
राजस्थान के फलोदी जिले के लोहावट क्षेत्र स्थित नोसर गांव में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को करीब 39 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 3:30 बजे बचाव अभियान पूरा हुआ। इसके बाद बच्चे को एंबुलेंस से लोहावट के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

करीब 640 फीट गहराई में फंसा था बच्चा
बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी थीं। बच्चे तक पहुंचने के लिए भारी मशीनों की मदद से बोरवेल के पास समानांतर गड्ढा खोदा गया। करीब 640 फीट की गहराई, भारी पत्थरों, मिट्टी धंसने और बोरवेल में पानी भरने जैसी तकनीकी चुनौतियों के कारण रेस्क्यू में काफी समय लगा। तमाम प्रयासों के बावजूद भोमाराम को बचाया नहीं जा सका।

 

बोरवेल की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, पांचाराम भील के खेत में लगे बोरवेल की मशीन खराब हो गई थी। इसकी मरम्मत के लिए पंप को बाहर निकाला गया था और काम चल रहा था। इसी दौरान पास में खेल रहा उनका 9 वर्षीय बेटा भोमाराम खुले बोरवेल में गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद बचाव दलों ने बच्चे को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया।

 

प्रशासन और बचाव दल लगातार जुटे रहे
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह अभियान की निगरानी कर रहे थे, जबकि पुलिस अधीक्षक आदित्य काकड़े भी मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने बच्चे तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए। करीब 39 घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला जा सका, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने खुले और असुरक्षित बोरवेल को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

Private Teachers for Census: जनगणना ड्यूटी में निजी स्कूलों के शिक्षक भी होंगे शामिल

जनगणना ड्यूटी में निजी स्कूलों के शिक्षक भी होंगे शामिल
केंद्र सरकार ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन किया है। इसके बाद राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य के लिए प्रगणक नियुक्त कर सकेंगे। यह बदलाव भारत के महापंजीयक मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से किया गया है। संशोधित नियमों में निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

 

किन लोगों को सौंपी जा सकती है जनगणना की जिम्मेदारी?
अधिसूचना के अनुसार, जनगणना अधिकारी और प्रगणक के रूप में तीन व्यापक वर्गों के लोगों को नियुक्त किया जा सकता है। पहले वर्ग में सरकारी, स्थानीय निकायों और सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी संस्थानों, सोसायटी तथा न्यासों से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। दूसरे वर्ग में केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिपिक और अधिकारी आते हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, वैधानिक निकाय, बैंक, कंपनियां, संस्थान, सोसायटी और न्यास भी शामिल हैं। तीसरे वर्ग में वे लोग आते हैं, जिन्हें संबंधित राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन इस काम के लिए उपयुक्त मानता है।

 

हरियाणा के निजी स्कूलों की याचिका के बीच संशोधन
नियमों में यह बदलाव पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चल रहे एक मामले के बीच हुआ है। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस ने गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी में लगाने के फैसले को चुनौती दी थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने 8 अक्टूबर को हरियाणा सरकार के उन दो पत्रों पर रोक लगा दी थी, जिनके जरिए जनगणना ड्यूटी के लिए शिक्षकों का विवरण मांगा गया था। इस मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल, 2027 को निर्धारित है।

 

याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी थी?
याचिकाकर्ता का तर्क था कि जनगणना अधिनियम, 1948 और उसके तहत बनाए गए नियमों में गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रगणक या पर्यवेक्षक नियुक्त करने के लिए उनकी सेवाएं लेने का स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं है। याचिका में जनगणना अधिनियम की धारा 4ए का भी उल्लेख किया गया था, जिसके तहत जनगणना संबंधी कार्यों में स्थानीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं लेने का प्रावधान बताया गया। याचिकाकर्ता के अनुसार, गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूल और उनके कर्मचारी स्थानीय निकायों के दायरे में नहीं आते। केंद्र सरकार का संशोधन अब निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को नियमों में स्पष्ट रूप से शामिल करता है।

 

दो चरणों में होगी वर्ष 2027 की जनगणना
वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद भारत की आठवीं जनगणना होगी। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और मकान गणना का काम होगा, जबकि दूसरे चरण में देश की आबादी की गणना की जाएगी। भारत में सामान्य रूप से हर दस साल में जनगणना होती है। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। अब अगली जनगणना की प्रक्रिया वर्ष 2027 में निर्धारित की गई है।