Home Blog

Ankush Wins Gold: अंकुश पंघल का गोल्डन पंच, 80 किलो में जीता सोना

अंकुश पंघल ने जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग का अभियान गोल्डन अंदाज में खत्म हुआ। पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में अंकुश पंघल ने साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ अंकुश ने अपने शानदार अभियान का समापन स्वर्ण पदक के साथ किया।

 

फाइनल में दिखी शानदार बॉक्सिंग
अंकुश ने फाइनल मुकाबले में अपनी रफ्तार, मूवमेंट और काउंटर-पंचिंग का प्रभावी इस्तेमाल किया। मुकाबले के अंत में जजों ने 4-0 के सर्वसम्मत फैसले से भारतीय बॉक्सर को विजेता घोषित किया। अंकुश की इस जीत के साथ भारत ने एक ही दिन बॉक्सिंग में तीसरा गोल्ड मेडल हासिल किया।

 

अंकुश का शानदार अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
रोहतक, हरियाणा में 13 अगस्त 2005 को जन्मे अंकुश पंघल 80 किग्रा वर्ग में भारत के उभरते बॉक्सर हैं। उन्होंने 2026 सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपनी पहचान बनाई। इससे पहले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने 80 किग्रा वर्ग का गोल्ड मेडल जीता था। 2026 बॉक्सम कप में उन्हें सिल्वर, 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल में सिल्वर और 2025 अंडर-22 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल मिला था।

 

बॉक्सिंग में भारत के 6 पदक
अंकुश के गोल्ड के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 6 पदक जीते। इनमें 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। गोल्ड की संख्या के लिहाज से यह एशियन गेम्स में भारत का बॉक्सिंग का सबसे सफल अभियान रहा। 2022 में भारत ने बॉक्सिंग में 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 पदक जीते थे, जबकि 2010 में भारत को 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज समेत कुल 9 पदक मिले थे।

 

भारत के लिए इन बॉक्सर ने जीते मेडल
एशियन गेम्स 2026 की बॉक्सिंग स्पर्धा में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में गोल्ड, परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड और अंकुश पंघल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता। प्रिया घंघस ने महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में, कपिल पोखरिया ने पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में और नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के 90+ किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

 

गोल्ड के साथ खत्म हुआ अभियान
अंकुश पंघल की जीत ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग के अभियान को यादगार तरीके से समाप्त किया। 80 किग्रा फाइनल में 4-0 की जीत के साथ अंकुश ने भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ बॉक्सिंग में तीन गोल्ड जीतने वाली उपलब्धि में भी योगदान दिया।

Ghaziabad Job List Probe: गाजियाबाद में 60 युवाओं की नौकरी का दावा सवालों में

60 युवाओं को नौकरी दिलाने का दावा
गाजियाबाद में प्रशासन के साथ काम करने वाली हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन की ओर से 10 सितंबर को दी गई एक सूची अब सवालों के घेरे में है। संस्था ने जुलाई और अगस्त में 60 युवाओं को रोजगार दिलाने और उनके काम करने का दावा किया था। लेकिन सूची में शामिल कई युवाओं ने नौकरी मिलने से ही इनकार किया है। मामले के सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जांच शुरू करा दी है।

 

कई युवाओं ने नौकरी से किया इनकार
सूची में शामिल तिगरी के पास हैबतपुर निवासी प्रीति के पिता ने बताया कि उनकी बेटी घर पर है और उसकी कोई नौकरी नहीं लगी। शहीद स्थल निवासी नेहा ने बताया कि उन्हें एक फूड चेन में नौकरी की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। कैलाभट्ठा निवासी इकरा ने भी बताया कि कंप्यूटर कोर्स पूरा करने के बाद नौकरी के लिए उनसे संपर्क नहीं किया गया, जबकि उनका नाम रोजगार पाने वालों की सूची में दर्ज है।

 

कुछ युवाओं ने नौकरी ठुकराई थी
विजयनगर के शांतिनगर निवासी बीबीए छात्र मनीष ने बताया कि उन्हें नोएडा की एक कंपनी में 13 हजार रुपये की नौकरी की जानकारी दी गई थी, लेकिन घर से दूर होने के कारण उन्होंने नौकरी लेने से मना कर दिया। बीबीए छात्र अंशु के मामले में भी नौकरी की जानकारी दी गई, लेकिन वह नौकरी नहीं कर रहे हैं। प्रताप विहार निवासी जतिन ने भी पढ़ाई के कारण नौकरी नहीं करने की बात कही, जबकि सूची में उनके नौकरी करने का दावा दर्ज है।

 

नौकरी से पहले ही सूची में नाम
विजयनगर के भीमनगर निवासी बीएससी छात्र देव के मामले में संस्था के रिकॉर्ड में उन्हें एक कंपनी के फूड कोर्ट में नौकरी करते दिखाया गया है। देव के अनुसार, संस्था से संपर्क के बाद उनका कंप्यूटर कोर्स शुरू होना था और यह कोर्स अक्टूबर में शुरू होना था। ऐसे में उनके अनुसार नौकरी मिलने की स्थिति अभी बनी ही नहीं थी।

 

कुछ युवाओं ने नौकरी मिलने की पुष्टि की
सूची में शामिल सभी युवाओं ने नौकरी से इनकार नहीं किया। कुछ युवाओं ने रोजगार मिलने की पुष्टि भी की। एक युवक ने बताया कि वह गाजियाबाद की एक होम अप्लायंस कंपनी में काम कर रहा है। एक युवती ने बताया कि संस्था की मदद से पहले नौकरी मिली थी, जिसे सीनियर के व्यवहार के कारण छोड़ दिया था और बाद में संस्था ने उसे फूड कोर्ट में दूसरी नौकरी दिलाई।

 

संस्था ने दी अपनी सफाई
हेड हेल्ड हाई की प्रोजेक्ट टीम के अनुसार संस्था कॉलेजों, प्लेसमेंट कार्यालयों और अन्य माध्यमों के साथ विकेंद्रीय मॉडल पर काम करती है। संस्था का कहना है कि कुछ उम्मीदवारों को ऑफर लेटर मिल चुके हैं और वे परिवार की मंजूरी के बाद पद ग्रहण करेंगे। टीम के मुताबिक करीब 20 उम्मीदवारों को अभी पद ग्रहण करना है। संस्था युवाओं को प्रशिक्षण और इंटरव्यू की तैयारी कराने के साथ प्रमाणपत्र देने का भी दावा करती है।

 

प्रशासन ने शुरू कराई जांच
मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है। उनके अनुसार सूची में शामिल सभी युवाओं से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली जाएगी। अगर रोजगार संबंधी सूची में गलत जानकारी पाए जाने की पुष्टि होती है तो संस्था से जवाब लिया जाएगा। संस्था का कार्यालय विकास भवन में संचालित होने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है।

308 Wheel Mahabali: यूपी में दौड़ रहा 308 पहियों वाला महाबली ट्रक

यूपी में दौड़ रहा 308 पहियों वाला महाबली
उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इन दिनों 308 पहियों वाला विशाल ट्रक लोगों का ध्यान खींच रहा है। यह महाबली ट्रक बेल्जियम से आई करीब 164 टन वजनी मशीन को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से लखीमपुर खीरी के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल के लिए ले जा रहा है। करीब 41 मीटर लंबी इस मशीन को सड़क मार्ग से पहुंचाने के लिए विशेष मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर का इस्तेमाल किया गया है।

 

बेल्जियम से शुरू हुई यात्रा
मशीन की यात्रा बेल्जियम से शुरू हुई और समुद्री रास्ते से भारत पहुंचने के बाद इसे पारादीप बंदरगाह से सड़क मार्ग पर लाया गया। वहां से यह झारखंड और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश पहुंची। चंदौली पहुंचने के बाद ट्रक को रास्ते की चौड़ाई, ऊंचाई और अन्य बाधाओं के कारण कई जगह रुकना पड़ा।

 

इतने पहियों की जरूरत क्यों पड़ी
मशीन का वजन सामान्य भारी वाहनों की क्षमता से कहीं अधिक है। इसलिए इसे कई मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलरों को जोड़कर तैयार किए गए विशेष परिवहन तंत्र पर रखा गया है। बड़ी संख्या में एक्सल और पहियों की मदद से मशीन का भार अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाता है, जिससे इतने भारी उपकरण को सड़क पर नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

 

रफ्तार बेहद धीमी
इस महाबली ट्रक की गति सामान्य ट्रकों की तुलना में काफी कम है। रिपोर्टों के अनुसार यह कई जगहों पर रोजाना करीब 10 से 20 किलोमीटर ही आगे बढ़ पा रहा है। चंदौली में रास्ते की परिस्थितियों के कारण इसे कई दिनों तक रुकना पड़ा और रास्ता तैयार करने के बाद आगे बढ़ाया गया।

 

रास्ते में हटानी पड़ रही बाधाएं
इतने बड़े परिवहन तंत्र को निकालने के लिए सड़क, पुल, डिवाइडर, बिजली की लाइन और अन्य ढांचों की पहले से जांच करनी पड़ती है। कुछ जगहों पर रास्ता चौड़ा करने और बाधाओं को हटाने की जरूरत पड़ी। वाराणसी क्षेत्र में कुछ फुट ओवरब्रिज को हटाने या उनमें बदलाव करने की तैयारियों की भी रिपोर्ट सामने आई थी।

 

क्यों खास है यह परिवहन
इस पूरे अभियान की खासियत केवल 308 पहिए नहीं हैं, बल्कि इतने भारी और बड़े औद्योगिक उपकरण को कई राज्यों से होते हुए सड़क मार्ग से सुरक्षित पहुंचाना है। इसके लिए विशेष ट्रेलर, भारी वाहनों की टीम और रास्ते की लगातार निगरानी जैसी व्यवस्थाओं की जरूरत पड़ती है।

 

लखीमपुर खीरी है मंजिल
यह विशाल मशीन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी में विकसित किए जा रहे बायोपॉलीमर प्लांट के लिए ले जाई जा रही है। सितंबर के अंत तक यह चंदौली से आगे बढ़कर वाराणसी की ओर पहुंच चुकी थी, जबकि अंतिम मंजिल तक पहुंचने में अभी समय लगना बताया गया था।

iPhone Duo Boom: 3 लाख का iPhone Duo, फिर भी खरीदने की होड़

3 लाख की कीमत के बावजूद बड़ी मांग
Apple के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo की कीमत करीब 3 लाख रुपये के आसपास है, लेकिन इसके बावजूद डिवाइस को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। Counterpoint Research के अनुसार Apple के इस फोल्डेबल फोन की 2026 में करीब 60 लाख यूनिट शिपमेंट का अनुमान है। कंपनी ने डिवाइस को 9 सितंबर 2026 को पेश किया और इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी बाजार में इसकी शुरुआती कीमत 1,999 डॉलर बताई गई है।

 

फोल्डेबल फोन बाजार में Apple की बड़ी एंट्री
Counterpoint Research का अनुमान है कि iPhone Duo की एंट्री के बाद 2026 में Apple ग्लोबल फोल्डेबल स्मार्टफोन शिपमेंट का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर सकता है। इसी अनुमान के आधार पर Apple इस साल फोल्डेबल बाजार में Samsung के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच सकता है। Counterpoint के अनुसार Samsung का अनुमानित शेयर 38 प्रतिशत और Huawei का 22 प्रतिशत है।

 

फोल्डेबल फोन में 100 मिलियन का आंकड़ा
Counterpoint Research के मुताबिक दुनिया भर में फोल्डेबल स्मार्टफोन की कुल संचयी शिपमेंट 2026 के अंत तक 100 मिलियन यानी 10 करोड़ यूनिट से ज्यादा हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार यह सेगमेंट 2019 में शुरू होने के बाद अपने आठवें जेनरेशन तक पहुंच चुका है। 2027 में ग्लोबल फोल्डेबल शिपमेंट में करीब 37 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान भी लगाया गया है।

 

2027 में Apple के 40 प्रतिशत शेयर का अनुमान
Counterpoint के सितंबर 2026 के अनुमान के अनुसार पूरे 12 महीने की बिक्री मिलने पर Apple की फोल्डेबल फोन शिपमेंट 2027 में 1.2 करोड़ यूनिट से ज्यादा हो सकती है और कंपनी का फोल्डेबल बाजार में शेयर करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह अनुमान भविष्य की बाजार स्थिति पर आधारित है, इसलिए वास्तविक बिक्री और हिस्सेदारी उत्पादन, मांग और उपलब्धता के अनुसार बदल सकती है।

Samsung और दूसरे ब्रांड्स पर बढ़ेगा दबाव
Apple के बाजार में आने के साथ Samsung, Huawei, Xiaomi, Motorola, Honor, Google, Vivo और Oppo जैसे ब्रांड्स के बीच फोल्डेबल फोन सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है। Counterpoint ने भी Apple की एंट्री को बाजार के विस्तार और प्रतिस्पर्धा बढ़ने से जोड़ा है। हालांकि अलग-अलग रिसर्च कंपनियों के अनुमान एक जैसे नहीं हैं; उदाहरण के लिए TrendForce ने 2026 में iPhone Duo की करीब 50 लाख यूनिट शिपमेंट का अनुमान लगाया है।

 

फोल्डेबल बाजार में बदल सकता है मुकाबला
iPhone Duo की एंट्री ऐसे समय हुई है जब फोल्डेबल स्मार्टफोन अभी भी पूरे स्मार्टफोन बाजार का छोटा हिस्सा हैं। Counterpoint के अनुसार 2025 में कंपनियों ने करीब 2 करोड़ फोल्डेबल फोन शिप किए थे। Apple का नया डिवाइस प्रीमियम फोल्डेबल सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ इस तकनीक को ज्यादा मुख्यधारा में लाने में भूमिका निभा सकता है।

Delhi Protest Detentions: जंतर-मंतर प्रदर्शन में 500 के करीब लोग हिरासत में

जंतर-मंतर प्रदर्शन में हिरासत
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर प्रदर्शन किया गया। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोकते हुए बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 500 तक बताई गई है। इनमें AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी शामिल हैं।

 

प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली थी
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही थी। पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई तथा बैरिकेडिंग की। प्रदर्शन के आयोजकों की ओर से SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी आपत्तियां और मांगें रखी गई थीं।

 

नेहा बोरा और योगेंद्र यादव भी हिरासत में
प्रदर्शन में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता शामिल हुए। दोनों इससे पहले भी सितंबर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे। 2 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले आयोजकों ने पुलिस को कार्यक्रम की जानकारी देने की बात कही थी, जबकि पुलिस ने अनुमति नहीं दिए जाने की जानकारी दी थी।

 

धारा 163 और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए गए।

 

मेट्रो स्टेशनों पर भी असर
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद किए गए। राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगाए गए। इस दौरान मध्य दिल्ली में यातायात को लेकर भी एडवाइजरी जारी की गई।

 

मुंबई में भी प्रदर्शन
दिल्ली के साथ मुंबई में भी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया। अलग-अलग संगठनों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं।

CJP Mumbai Protest: मुंबई से CJP ने क्यों शुरू किया विरोध प्रदर्शन

मुंबई से विरोध प्रदर्शन शुरू करने का फैसला
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने आंदोलन की शुरुआत मुंबई से करने का ऐलान किया है। CJP ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुंबई के शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की थी। मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद दीपके ने आंदोलन जारी रखने की बात कही।

 

मुंबई को क्यों चुना गया
अभिजीत दीपके ने मुंबई को आंदोलन की शुरुआत के लिए चुनने की वजह महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच अंतर को बताया। उनके मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 सीटों में बीजेपी ने 9 सीटें जीती थीं, जबकि करीब छह महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी 132 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसी बदलाव को लेकर CJP ने चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग से जुड़े सवाल उठाए हैं।

 

CEC और चुनाव प्रक्रिया को लेकर CJP के सवाल
CJP का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। संगठन ने चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और पहले की मतदाता सूची बहाल करने समेत कई मांगें रखी हैं। CJP ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति व्यवस्था में बदलाव की मांग भी उठाई है। ये संगठन की मांगें और आरोप हैं; चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची प्रक्रिया को लेकर अलग आधिकारिक पक्ष भी सामने आया है।

 

राहुल गांधी से क्या है संबंध
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे। CJP के आंदोलन में भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभिजीत दीपके और राहुल गांधी के बीच किसी औपचारिक राजनीतिक संबंध या संगठनात्मक जुड़ाव की पुष्टि नहीं होती। इसलिए दोनों के मुद्दों में समानता को सीधे राजनीतिक संबंध के रूप में नहीं देखा जा सकता।

 

गांधी जयंती पर आंदोलन की वजह
CJP ने गांधी जयंती के दिन आंदोलन करने का फैसला महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन और विरोध की परंपरा से जोड़कर बताया है। पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क में अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी दीपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया। मुंबई पुलिस ने वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन करने की सलाह दी थी।

 

अन्य शहरों में भी आंदोलन की घोषणा
अभिजीत दीपके ने कहा है कि मुंबई के बाद CJP का आंदोलन गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। संगठन ने कहा है कि उसका आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी रहेगा।

 

शिवाजी महाराज को लेकर विवाद
CJP के प्रदर्शन से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने अभिजीत दीपके पर छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान का आरोप लगाया है। यह आरोप मंत्री की ओर से लगाया गया है; इसे स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इस विवाद ने आंदोलन के राजनीतिक मुद्दों के साथ महाराष्ट्र में अलग बहस भी खड़ी कर दी है।

Parveen Wins Gold: परवीन हुड्डा ने जीता एशियन गेम्स में गोल्ड

परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड
भारत की 26 वर्षीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। स्वर्ण पदक मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे की निएन-चिन चे को कड़े मुकाबले में हराकर भारत के लिए गोल्ड अपने नाम किया।

 

फाइनल में ऐसा रहा मुकाबला
परवीन ने फाइनल के पहले राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-0 से जीत दर्ज की। हालांकि दूसरे राउंड में उन्हें 0-5 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन तीसरे और निर्णायक राउंड में उन्होंने 3-2 से जीत हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

 

महिला बॉक्सिंग में भारत का दूसरा गोल्ड
परवीन से पहले शुक्रवार को लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था। परवीन की जीत के साथ एशियन गेम्स 2026 में महिला मुक्केबाजी में भारत को दूसरा स्वर्ण पदक मिला।

 

पहले भी जीत चुकी हैं बड़े पदक
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली परवीन हुड्डा इससे पहले 2025 वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने 2022 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य और 2022 एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।

 

एशियन गेम्स में तीसरी भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट
परवीन हुड्डा एशियाई खेलों में महिला बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय बताई गई हैं। उनसे पहले एमसी मैरीकॉम ने 2014 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि लवलीना बोरगोहेन ने मौजूदा एशियन गेम्स में 75 किग्रा वर्ग का गोल्ड जीता है।

Shastri Ji’s Life Lessons: लाल बहादुर शास्त्री के विचारों से सीखें कर्तव्य

लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सादगी और जिम्मेदारी को विशेष महत्व दिया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे ने देश के सैनिकों और किसानों के योगदान को प्रमुखता से सामने रखा।

 

‘जय जवान, जय किसान’ की सीख
शास्त्री जी का प्रसिद्ध नारा देश की सुरक्षा और खेती-किसानी, दोनों के महत्व को रेखांकित करता है। इससे यह सीख मिलती है कि देश की मजबूती में सैनिकों के साथ किसानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी
शास्त्री जी के विचारों में देश के प्रति निष्ठा को विशेष स्थान मिलता है। उनकी सोच से यह सीख ली जा सकती है कि व्यक्तिगत हितों के साथ देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना जरूरी है।

 

अनुशासन और एकजुटता
शास्त्री जी के विचारों से यह संदेश मिलता है कि किसी देश की ताकत केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि लोगों के अनुशासन और एकजुट होकर काम करने से भी बढ़ती है। यह सीख व्यक्तिगत जीवन से लेकर समाज तक उपयोगी हो सकती है।

 

मेहनत और धैर्य का महत्व
मुश्किल परिस्थितियों में लगातार काम करते रहना उनकी सोच का अहम हिस्सा था। उनके जीवन से युवाओं को मेहनत, धैर्य और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी बनाए रखने की सीख मिलती है।

 

शांति के लिए दृढ़ता
शास्त्री जी के विचारों में शांति को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला। उनकी सोच से यह संदेश मिलता है कि कठिन परिस्थितियों का सामना करने के साहस के साथ शांति के लिए प्रयास करना भी जरूरी है।

 

पहले खुद उदाहरण बनें
दूसरों को सलाह देने से पहले अपने जीवन में उस बात को अपनाने की सीख शास्त्री जी के व्यक्तित्व से जुड़ी रही। यह विचार परिवार, कार्यस्थल और समाज में जिम्मेदारी निभाने के लिए आज भी प्रासंगिक माना जा सकता है।

 

सादगी बनी पहचान
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी और विनम्रता से जुड़ा रहा। उनकी जयंती यह याद दिलाती है कि बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी सरल और जमीन से जुड़ा रहना व्यक्ति के आचरण की महत्वपूर्ण पहचान हो सकता है।

 

आज भी प्रासंगिक हैं ये सीख
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन नेतृत्व, जिम्मेदारी, मेहनत, अनुशासन और सादगी जैसे मूल्यों की याद दिलाता है। उनकी जयंती पर उनके विचारों को याद करने के साथ इन मूल्यों को रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाने का प्रयास किया जा सकता है।

Akash Anand Breaks Silence: निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने तोड़ी चुप्पी

निष्कासन के बाद आकाश आनंद की प्रतिक्रिया
बहुजन समाज पार्टी से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। उन्होंने मायावती को अपनी राजनीतिक गुरु, प्रेरणा और बुआ मां बताते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति में जो कुछ सीखा, वह उनके मार्गदर्शन में सीखा। आकाश ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बारे में किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की खबरें और अटकलें सही नहीं हैं।

 

‘मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा’
आकाश आनंद ने कहा कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। उन्होंने बीएसपी को केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि अपना परिवार बताया और कहा कि वह पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा रहे। उनकी यह प्रतिक्रिया उनके निष्कासन के बाद सामने आई है। सितंबर 2026 में मायावती ने उन्हें पार्टी से पूरी तरह अलग करने की घोषणा की थी।

 

अशोक सिद्धार्थ के फैसले पर मायावती का समर्थन
आकाश आनंद ने अपने ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किए जाने के मायावती के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला उचित है और वह उसके साथ खड़े हैं। इससे पहले अगस्त 2026 में मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित किया था।

 

‘मेरी चुप्पी को गलत समझा गया’
आकाश आनंद ने कहा कि उस समय वह सोशल मीडिया से दूर थे, इसलिए मायावती की पोस्ट को रिपोस्ट नहीं कर पाए। उनके मुताबिक उनकी इसी चुप्पी को गलत समझा गया और इससे कई तरह की अफवाहों को जगह मिली। उन्होंने इस स्थिति से मायावती को ठेस पहुंचने पर उनसे माफी भी मांगी।

 

फिर पार्टी में काम करने का अवसर मांगा
आकाश आनंद ने कहा कि वह मायावती के नेतृत्व में फिर से पार्टी और बहुजन आंदोलन की सेवा करने का अवसर चाहते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वास केवल शब्दों से नहीं बल्कि अपने आचरण और मेहनत से साबित किया जाएगा। फिलहाल उनकी ओर से यह अपील सामने आई है, लेकिन पार्टी में उनकी वापसी को लेकर कोई नई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

 

बीएसपी में आंतरिक घटनाक्रम
आकाश आनंद को सितंबर 2026 में पार्टी से अलग किए जाने से पहले राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से भी हटाया गया था। इसके बाद उनके भाई ईशान आनंद को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाए जाने की खबरें सामने आईं। आकाश के निष्कासन के बाद उनका यह सार्वजनिक बयान बीएसपी में चल रहे नेतृत्व और संगठन से जुड़े घटनाक्रम के बीच आया है।

Hanuman Ansh Holds Strong: 56वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ की कमाई जारी

56वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ की पकड़ मजबूत
फिल्म ‘हनुमान अंश’ रिलीज के करीब दो महीने बाद भी बॉक्स ऑफिस पर लगातार कमाई कर रही है। 56वें दिन फिल्म ने 4,345 शोज से 2.85 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 317.33 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 374.80 करोड़ रुपये हो गया है। ओवरसीज में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 39.20 करोड़ रुपये है, जिससे वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 414 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

 

‘द वन’ ने 7वें दिन कमाए 4.40 करोड़
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन’ ने रिलीज के सातवें दिन 4.40 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। फिल्म ने 6,966 शोज के साथ यह कमाई की। भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 63.57 करोड़ रुपये और नेट कलेक्शन 53.50 करोड़ रुपये हो गया है। ओवरसीज में फिल्म ने कुल 5.50 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 69.07 करोड़ रुपये पहुंच गई है।

 

‘द पैराडाइज’ ने 8वें दिन कमाए 3.30 करोड़
नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ ने रिलीज के आठवें दिन 3.30 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। 5,067 शोज से हुई इस कमाई के बाद भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 108.20 करोड़ रुपये और ग्रॉस कलेक्शन 127.75 करोड़ रुपये हो गया है। ओवरसीज में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 30.85 करोड़ रुपये है और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 158.60 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

 

‘द वन’ ने एक दिन की कमाई में बनाई बढ़त
ताजा आंकड़ों में ‘द वन’ ने अपने सातवें दिन 4.40 करोड़ रुपये कमाए, जबकि ‘द पैराडाइज’ ने आठवें दिन 3.30 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। यानी संबंधित दिनों की कमाई में ‘द वन’ करीब 1.10 करोड़ रुपये आगे रही। हालांकि दोनों फिल्मों के रिलीज दिन अलग होने के कारण यह तुलना केवल इन दिनों के कलेक्शन की है।

 

बॉक्स ऑफिस पर तीन फिल्मों की चर्चा
‘हनुमान अंश’ की लंबी बॉक्स ऑफिस रन के साथ ‘द वन’ और ‘द पैराडाइज’ की कमाई भी लगातार चर्चा में है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक ‘हनुमान अंश’ ने 56वें दिन भी अपनी कमाई बनाए रखी, जबकि नई रिलीज ‘द वन’ ने सातवें दिन ‘द पैराडाइज’ के आठवें दिन के कलेक्शन से अधिक कमाई दर्ज की। बॉक्स ऑफिस के आंकड़े ट्रेड रिपोर्ट्स और शुरुआती अनुमान पर आधारित हो सकते हैं, इसलिए इनमें बदलाव संभव है।