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Bhopal Vidisha Highway Four-Laning: भोपाल-विदिशा हाईवे होगा फोरलेन, 1757 करोड़ रुपये होंगे खर्च

भोपाल-विदिशा हाईवे को फोरलेन बनाने की तैयारी
मध्य प्रदेश में भोपाल-विदिशा हाईवे-18 को फोरलेन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब 1,757.55 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत 44.83 किलोमीटर लंबे मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन बनाया जाएगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को जानकारी दी जा रही है। रायसेन जिले के सांची विकासखंड के दीवानगंज में ग्राम सभा की बैठक आयोजित कर अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बारे में बताया। इस परियोजना से दीवानगंज क्षेत्र के 41 परिवार प्रभावित होंगे।

 

44.83 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण
प्रस्तावित परियोजना के तहत भोपाल-विदिशा हाईवे-18 के 44.83 किलोमीटर लंबे हिस्से को मौजूदा टू-लेन सड़क से फोरलेन में बदला जाएगा। सड़क के दोनों ओर पेव्ड शोल्डर बनाने की भी योजना है। इसके अलावा यातायात को सुगम बनाने और कस्बों में वाहनों का दबाव कम करने के उद्देश्य से तीन नए बायपास प्रस्तावित हैं। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर आवागमन की सुविधा बेहतर होने और यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

भूमि अधिग्रहण से पहले ग्रामीणों को दी गई जानकारी
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले प्रशासन प्रभावित गांवों में ग्रामीणों को परियोजना की जानकारी दे रहा है। दीवानगंज में आयोजित ग्राम सभा के दौरान अधिकारियों ने सड़क निर्माण, जमीन अधिग्रहण और प्रभावित परिवारों से जुड़े पहलुओं पर जानकारी साझा की। ग्रामीणों को बताया गया कि परियोजना के लिए भूमि लेने की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी। इसके बाद मुड़ियाखेड़ा और शाहपुर पंचायतों में भी ग्रामीणों को प्रस्तावित निर्माण कार्यों की जानकारी दी गई।

 

दीवानगंज के 41 परिवार होंगे प्रभावित
हाईवे चौड़ीकरण परियोजना के कारण दीवानगंज क्षेत्र के 41 परिवार प्रभावित होंगे। ऐसे में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और संपत्तियों से जुड़े फैसले स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। प्रभावित परिवारों की स्थिति, उनकी जमीन और संपत्तियों से संबंधित आगे की कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार तय होगी। फिलहाल ग्रामीणों को परियोजना की जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े अगले कदमों पर प्रभावित परिवारों की नजर बनी हुई है।

 

1,757.55 करोड़ रुपये की परियोजना पर नजर
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 के फोरलेन निर्माण पर कुल 1,757.55 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना में 44.83 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण, पेव्ड शोल्डर और तीन नए बायपास का निर्माण प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण से पहले ग्रामीणों को जानकारी देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्माण और भूमि अधिग्रहण से जुड़े अगले चरणों के बाद परियोजना की प्रगति स्पष्ट होगी। सड़क चौड़ीकरण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

Worms Found in ICU Patient: रायचूर के सरकारी अस्पताल में ICU में भर्ती महिला के सिर की चोट में मिले कीड़े

रायचूर के सरकारी अस्पताल में इलाज पर उठे सवाल
कर्नाटक के रायचूर स्थित सरकारी ओपेक अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सड़क दुर्घटना में घायल 30 वर्षीय महेश्वरी के सिर की चोट में स्कैनिंग के दौरान कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

 

9 अक्टूबर को दुर्घटना में घायल हुई थीं महेश्वरी
जानकारी के अनुसार, यादगिरी की रहने वाली महेश्वरी 9 अक्टूबर को सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें इलाज के लिए रायचूर के सरकारी ओपेक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि भर्ती होने के बाद तीन दिनों तक किसी विशेषज्ञ डॉक्टर ने उनकी स्थिति के अनुसार उचित उपचार नहीं किया। महिला की हालत को लेकर परिवार ने चिंता जताई और अस्पताल में इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाए।

 

पट्टी बांधने में लापरवाही का आरोप
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार रात महिला के सिर पर पट्टी बांधने में लापरवाही बरती गई। उनका दावा है कि बाद में स्कैनिंग के दौरान सिर की चोट में कीड़े दिखाई दिए। इस घटना से परिवार के सदस्य सदमे में आ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने विशेषज्ञ डॉक्टर के छुट्टी पर होने की बात कहकर उन्हें इंतजार कराया, जिससे इलाज में देरी हुई। परिवार ने संबंधित कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।

 

आईसीयू की सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
महेश्वरी के परिजनों ने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की है। उनका कहना है कि मरीजों को स्कैनिंग के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। परिवार ने आईसीयू वार्ड में पंखे नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मरीजों के रिश्तेदारों को हाथ से पंखा झलकर हवा करनी पड़ती है। परिजनों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में गंभीर मरीजों की देखभाल करना और भी मुश्किल हो जाता है।

 

जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग
महेश्वरी के परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि डॉक्टरों या कर्मचारियों की ओर से कर्तव्य में लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को बेहतर उपचार, समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है। मामले में अस्पताल प्रशासन की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

735 Kg Cannabis Seized: शहडोल में ट्रक से 735 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

शहडोल में ट्रक से 735 किलो गांजा जब्त
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 735 किलो 440 ग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस के मुताबिक, गांजा, ट्रक और तीन मोबाइल फोन सहित जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपये है। इस मामले में ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश और झारखंड के निवासी बताए गए हैं। यह कार्रवाई 13 अक्टूबर की रात जयसिंहनगर थाना पुलिस ने गश्त के दौरान की।

 

संदिग्ध ट्रक की तलाशी में बरामद हुआ गांजा
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की रात जयसिंहनगर थाना पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक और खलासी से पूछताछ की। संदेह होने पर ट्रक की तलाशी ली गई, जिसमें 18 बोरियों और 81 पैकेटों में रखा कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे के साथ ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1.13 करोड़ रुपये बताई गई है।

 

उत्तर प्रदेश और झारखंड के निवासी हैं आरोपी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक चालक और खलासी को गिरफ्तार किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों में से एक उत्तर प्रदेश और दूसरा झारखंड का रहने वाला है। हालांकि, आरोपियों के नाम और गांजे की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी।

 

एसपी के निर्देशन में पुलिस की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में जयसिंहनगर थाना पुलिस ने की। पुलिस के मुताबिक, जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में गांजे के अलावा ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।

NSUI Alleges Police Assault: ‘गला पकड़ा, चेहरा नोंचा’, महिला कार्यकर्ता ने बताई आपबीती

CEC के खिलाफ प्रदर्शन के बाद उठा पुलिस कार्रवाई का मामला
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने और उनके साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके आरोपों को उठाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे 4 अक्टूबर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और 5 अक्टूबर को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ पुलिस स्टेशन तथा दूसरी जगहों पर मारपीट की गई। इन आरोपों पर संबंधित पुलिसकर्मियों या दिल्ली पुलिस का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

 

NSUI कार्यकर्ता ने हिरासत के दौरान मारपीट का आरोप लगाया
NSUI कार्यकर्ता समर्थ ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें पार्लियामेंट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उनके मुताबिक वहाब सिंह तोमर सहित करीब 20 पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में उन्हें पीछे के रास्ते से निकाला गया और दिल्ली कैंट ले जाते समय कांस्टेबल अंकित कसाना ने उनके साथ मारपीट की। समर्थ के अनुसार, जब उनके साथी धर्मेंद्र ने तबीयत खराब होने और उल्टी आने की बात कही, तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर असंवेदनशील प्रतिक्रिया दी। ये सभी आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान पर आधारित हैं।

 

महिला कार्यकर्ता ने कांस्टेबल पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने एक महिला प्रदर्शनकारी को ‘शेरनी’ बताते हुए कहा कि कथित मारपीट के बावजूद वह डरी नहीं। महिला ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ बस में बैठाया गया था। उनके मुताबिक, बस से बाहर निकलकर विरोध जारी रखने की कोशिश के दौरान महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनका गला पकड़कर खींचा और धक्का दिया, जिससे वह सीट पर गिर गईं। महिला का दावा है कि इसके बाद उनके चेहरे और कान के पास नाखूनों से खरोंच मारी गई और विरोध करने पर थप्पड़ भी मारा गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

 

धर्मेंद्र कुमार ने भी पुलिस पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
NSUI कार्यकर्ता धर्मेंद्र कुमार ने भी दावा किया कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और अपमानजनक बातें कहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकित कसाना नाम के पुलिसकर्मी ने उन्हें अपने नेता को बुलाने की चुनौती दी और कहा कि उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा। धर्मेंद्र ने कहा कि वे अन्याय के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारियों के इन बयानों के बीच मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

 

राहुल गांधी ने छात्रों से वीडियो सबूत सुरक्षित रखने को कहा
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान युवाओं और छात्रों से प्रदर्शन तथा हिरासत से जुड़े वीडियो सबूत सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले में शिकायत दर्ज कराने और आगे की कानूनी कार्रवाई की जिम्मेदारी कांग्रेस संभालेगी। राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि कथित बर्बरता को भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने रितु भराल का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट हुई। राहुल गांधी के बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं, जबकि लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही हो सकेगी।

 

मामले में जांच और पुलिस का पक्ष अहम
NSUI कार्यकर्ताओं के आरोपों ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के साथ व्यवहार और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में दिल्ली पुलिस की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों का बयान, उपलब्ध वीडियो साक्ष्य और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। आरोपों को जांच से पहले साबित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

Three SP MLAs Join BJP: अमेठी में सपा के तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल होंगे

अमेठी में भाजपा में शामिल होने वाले हैं सपा के तीन विधायक
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अमेठी से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, विनोद चतुर्वेदी और अभय सिंह 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेने वाले हैं। यह कार्यक्रम अमेठी जिले के गौरीगंज में आयोजित किया जाना है।

गौरीगंज में होगा सदस्यता समारोह
रिपोर्ट के मुताबिक, सदस्यता कार्यक्रम विधायक राकेश प्रताप सिंह के मंगल निवास पर रखा गया है। आयोजन के लिए तैयारियां पूरी होने की बात कही गई है। गौरीगंज में समारोह से जुड़े होर्डिंग भी लगाए गए हैं। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की जानकारी दी गई है।

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समारोह में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और स्मृति ईरानी समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के मौजूद रहने की बात कही गई है। हालांकि, कार्यक्रम में नेताओं की वास्तविक उपस्थिति और तीनों विधायकों की सदस्यता की औपचारिक पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर नजर
तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने की खबर को उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यदि यह घटनाक्रम औपचारिक रूप से संपन्न होता है, तो इससे अमेठी और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। अब सबकी नजर सदस्यता समारोह और उसके बाद दोनों दलों की राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर रहेगी।

CJP Leaders Sentenced: तिरंगा लहराने पर जेल क्यों? CJP नेताओं की सजा पर भड़के अभिजीत दिपके

जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं पर कार्रवाई
दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया गया है। वहीं, अजिंक्य शिंदे को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, तीनों नेता अपने समर्थकों के साथ मंगलवार को जंतर-मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हुए थे, जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था।

 

पुलिस ने अदालत में क्या दलील दी?
दिल्ली पुलिस ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका को चार दिन पहले भी एहतियातन हिरासत में लिया गया था। उस समय उन्हें शांति बनाए रखने की शर्त के साथ बेल बॉन्ड पर रिहा किया गया था। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने दोबारा प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन किया और आगे भी कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। पुलिस की दलीलों के बाद मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

 

 

अभिजीत दिपके ने उठाए तिरंगे और विरोध के अधिकार पर सवाल
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने नेताओं को जेल भेजे जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार आपातकाल जैसी स्थिति लागू करना चाहती है तो उसे इसकी घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए पांच दिन की जेल क्यों दी जा रही है और उनके साथियों का अपराध क्या था। दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस की आड़ लेकर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, तिरंगे को लेकर उनके बयान और पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गए सवाल CJP का पक्ष हैं; मामले में प्रशासन की ओर से लगाए गए आरोप अलग हैं।

 

CJP की लीगल हेड ने गिरफ्तारी को लेकर क्या कहा?
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को जंतर-मंतर मामले में गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार, नेताओं पर बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने, बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी अधिकारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। रत्ना सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि नेताओं को देर रात तक अपने वकीलों से मिलने नहीं दिया गया और सुबह उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया। ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं।

 

प्रदर्शन स्थल को लेकर क्यों है विवाद?
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में प्रवेश कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए थे। खबर के मुताबिक, जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों की सूची से हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ा। 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित करने का आदेश जारी किया था। CJP ने इस बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि राजधानी के राजनीतिक केंद्र से प्रदर्शनों को दूर करने पर जनता की असहमति कम दिखाई देगी।

 

SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा मामला
CJP और अन्य संगठनों ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कई प्रदर्शन किए हैं। इसी पृष्ठभूमि में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और जंतर-मंतर पर हुई कार्रवाई सामने आई। इस मामले में पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन और अन्य आरोपों का हवाला दिया है, जबकि CJP ने कार्रवाई को विरोध प्रदर्शन और असहमति जताने के अधिकार से जोड़कर सवाल उठाए हैं। मामले के दोनों पक्षों के दावों और अदालत के आदेशों को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।

Jailer 2 Box Office: जेलर 2 की पहले दिन 150 करोड़ कमाई का अनुमान

रजनीकांत की जेलर 2 को लेकर बढ़ी उम्मीदें
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह है। फिल्म की रिलीज से पहले ही इसकी कमाई को लेकर अनुमान सामने आने लगे हैं। रजनीकांत की फिल्मों को अक्सर शानदार ओपनिंग मिलती है। उनकी पिछली फिल्म कुली ने भी रिलीज के पहले दिन जबरदस्त कमाई की थी। अब ट्रेड जगत की नजरें जेलर 2 पर टिकी हैं कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितनी बड़ी शुरुआत कर पाती है।

 

एडवांस बुकिंग में फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स
सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलर 2 ने ओपनिंग डे के लिए एडवांस बुकिंग से करीब 31 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। यह आंकड़ा ब्लॉक सीटों को शामिल किए बिना बताया गया है। वहीं, पहले वीकेंड की एडवांस बुकिंग से फिल्म की कमाई 50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। विदेशों में भी फिल्म को एडवांस बुकिंग में अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की खबर है। हालांकि, ये आंकड़े रिपोर्टों पर आधारित हैं और अंतिम कलेक्शन में बदलाव हो सकता है।

 

पहले दिन 150 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का अनुमान
मीडिया रिपोर्टों और शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, जेलर 2 भारत में पहले दिन 100 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन कर सकती है। वहीं, दुनियाभर में इसकी ओपनिंग 150 करोड़ रुपये से ऊपर जाने का अनुमान जताया जा रहा है। ये आंकड़े अभी अनुमान हैं, वास्तविक कमाई फिल्म की रिलीज, दर्शकों की प्रतिक्रिया और सिनेमाघरों में मिले रिस्पॉन्स के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

एडवांस बुकिंग में कुली से आगे निकलने की चुनौती
रिपोर्ट के अनुसार, रजनीकांत की फिल्म कुली ने एडवांस बुकिंग में 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया था। फिलहाल जेलर 2 इस आंकड़े से आगे नहीं निकली है। अब देखना होगा कि रिलीज से पहले के आखिरी चरण में इसकी बुकिंग कितनी बढ़ती है और क्या यह कुली का रिकॉर्ड तोड़ पाती है।

 

क्या रजनीकांत को मिलेगी करियर की सबसे बड़ी सफलता?
रजनीकांत के प्रशंसकों को उम्मीद है कि जेलर 2 बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बना सकती है। फिल्म की कमाई को लेकर 1,000 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचने की चर्चाएं भी हैं, लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिल्म का वास्तविक प्रदर्शन रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया, समीक्षाओं और लंबे समय तक टिकट बिक्री पर निर्भर करेगा।

India vs West Indies T20I: गौतम गंभीर के जन्मदिन पर टीम इंडिया देगी सीरीज जीत का तोहफा?

गौतम गंभीर के जन्मदिन पर भारत की नजर सीरीज जीत पर
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का चौथा मुकाबला हैदराबाद में खेला जाना है। भारतीय टीम सीरीज में 2-1 से आगे है। ऐसे में इस मैच में जीत दर्ज करते ही भारत सीरीज अपने नाम कर सकता है। मुकाबले का खास पहलू यह है कि भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर का जन्मदिन भी इसी दिन है। ऐसे में टीम इंडिया की कोशिश होगी कि जीत के साथ कोच को यादगार तोहफा दिया जाए।

 

तिलक वर्मा के होम टाउन में होगा मुकाबला
हैदराबाद भारतीय बल्लेबाज तिलक वर्मा का गृह नगर है। इसी वजह से इस मुकाबले को उनके घरेलू मैदान पर होने वाले मैच के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य सीरीज जीतना होगा। अगर भारत मुकाबला हारता है, तो सीरीज का फैसला पांचवें मैच तक जा सकता है। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम जीत हासिल कर सीरीज में बराबरी करने और खिताब की उम्मीदों को कायम रखने की कोशिश करेगी।

 

हैदराबाद में भारत का शानदार T20I रिकॉर्ड
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम ने हैदराबाद में अब तक तीन T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और तीनों में जीत दर्ज की है। इनमें 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली जीत भी शामिल है। वेस्टइंडीज की टीम लंबे अंतराल के बाद इस शहर में T20 मुकाबला खेलने उतरेगी। भारत ने यहां अपना पिछला T20I मुकाबला 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ खेला था और जीत हासिल की थी। अब टीम इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

 

संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा से बड़ी उम्मीदें
हैदराबाद में भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर भी नजरें रहेंगी। खबर में दावा किया गया है कि दोनों बल्लेबाजों के नाम इस मैदान पर T20 क्रिकेट में दो-दो शतक दर्ज हैं। अगर ओपनिंग जोड़ी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाती है, तो भारत के लिए सीरीज जीतने की राह आसान हो सकती है। हालांकि, मुकाबले में बल्लेबाजों का प्रदर्शन और वेस्टइंडीज की गेंदबाजी निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

 

वेस्टइंडीज के लिए अहम मुकाबला
सीरीज में 2-1 से पिछड़ रही वेस्टइंडीज की टीम के लिए चौथा T20I बेहद महत्वपूर्ण है। जीत उसे सीरीज में बराबरी के करीब ले जाएगी, जबकि हार से भारत को सीरीज जीतने का मौका मिल जाएगा। ऐसे में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है। गौतम गंभीर के जन्मदिन और तिलक वर्मा के गृह नगर में होने वाले इस मुकाबले का रोमांच प्रशंसकों के लिए खास रहने वाला है।

Pope Leo Lung Cancer: पोप लियो को फेफड़ों का कैंसर, 20 अक्टूबर तक कार्यक्रम रद्द

पोप लियो के दाहिने फेफड़े में कैंसर का पता
वेटिकन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पोप लियो के दाहिने फेफड़े में कैंसर पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, फेफड़े में मौजूद गांठ की सर्जरी के दौरान इसकी पहचान हुई। मेडिकल बुलेटिन में इसे एडेनोकार्सिनोमा बताया गया है, जो फेफड़ों के कैंसर का एक प्रकार है। हालांकि, कैंसर किस चरण में है और कितना फैला है, इस बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

 

फेफड़ों का एडेनोकार्सिनोमा कितना गंभीर हो सकता है?
फेफड़ों का एडेनोकार्सिनोमा कैंसर का एक सामान्य प्रकार है। इसकी गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कैंसर कितना बड़ा है, क्या वह आसपास के लिम्फ नोड्स या शरीर के अन्य हिस्सों तक फैला है और मरीज की समग्र स्वास्थ्य स्थिति कैसी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ शुरुआती मामलों में सर्जरी से इलाज संभव हो सकता है, जबकि अधिक फैलाव होने पर अन्य उपचारों की जरूरत पड़ सकती है। पोप लियो के मामले में कैंसर के चरण और उपचार की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके स्वास्थ्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

 

20 अक्टूबर तक सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द
रिपोर्ट के अनुसार, पोप लियो के स्वास्थ्य और आराम को ध्यान में रखते हुए 20 अक्टूबर तक उनके सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। इससे उनकी सार्वजनिक गतिविधियों पर अस्थायी विराम लगा है। वेटिकन की ओर से उनकी स्थिति को लेकर सीमित मेडिकल जानकारी साझा की गई है। आगे के कार्यक्रम और स्वास्थ्य संबंधी अपडेट उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार तय किए जा सकते हैं।

 

पोप की अनुपस्थिति में वेटिकन का कामकाज कैसे चलेगा?
पोप के अस्वस्थ होने पर वेटिकन में दैनिक प्रशासनिक गतिविधियां जारी रह सकती हैं। विभिन्न विभाग अपने नियमित काम करते रहते हैं, लेकिन पोप की व्यक्तिगत भूमिका से जुड़े कुछ निर्णय और कार्यक्रम उनकी अनुपस्थिति में स्थगित हो सकते हैं। कैथोलिक चर्च की व्यवस्था में पोप के लिए सामान्य रूप से कोई अंतरिम उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं किया जाता। इसलिए उनकी बीमारी के दौरान प्रशासनिक कामकाज और पोप के व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़े कार्यों के बीच अंतर समझना जरूरी है।

 

कैसे चुने गए पोप लियो?
मई 2025 में पोप फ्रांसिस के निधन के बाद पोप लियो को कैथोलिक चर्च का सर्वोच्च धर्मगुरु चुना गया था। पोप विश्वभर के कैथोलिक समुदाय के आध्यात्मिक नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाते हैं। उनकी बीमारी की खबर के बाद उनके स्वास्थ्य और वेटिकन के कामकाज को लेकर चर्चा बढ़ गई है। फिलहाल, उनकी बीमारी की गंभीरता और आगे के उपचार के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी आधिकारिक मेडिकल अपडेट आने के बाद ही मिल सकेगी।

Amazon Geyser Sale: Amazon Sale 2026 में गीजर पर भारी छूट

Amazon Sale 2026 में गीजर पर छूट
सर्दियों का मौसम शुरू होने से पहले नया गीजर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए Amazon Great Indian Festival Sale 2026 में कई विकल्प पेश किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस सेल में 10 लीटर, 15 लीटर और 25 लीटर क्षमता वाले गीजर पर छूट मिल रही है। Orient, Crompton और Havells जैसे ब्रांड के मॉडल अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध बताए गए हैं। खरीदारी से पहले मौजूदा कीमत, वारंटी और इंस्टॉलेशन की शर्तें जरूर जांच लें।

 

Orient का 15 लीटर गीजर
दिए गए ऑफर विवरण के अनुसार, Orient का 15 लीटर गीजर 47 प्रतिशत छूट के बाद 5,299 रुपये में उपलब्ध बताया गया है। इसके साथ 250 रुपये के कूपन डिस्काउंट का भी उल्लेख है, जिसके इस्तेमाल के बाद कीमत 5,049 रुपये हो सकती है। इस मॉडल में पांच स्टार रेटिंग, टैंक पर पांच साल की वारंटी और पांच स्तरों वाला सेफ्टी प्रोटेक्शन दिए जाने की जानकारी है। कूपन की उपलब्धता और अंतिम कीमत ऑर्डर करते समय जांचना जरूरी है।

 

Crompton का 10 लीटर गीजर
Crompton का 10 लीटर क्षमता वाला गीजर सेल में 40 प्रतिशत छूट के बाद 5,497 रुपये में उपलब्ध बताया गया है। दिए गए विवरण के मुताबिक, इसमें शॉक, आग, ओवरहीटिंग, हाई प्रेशर और टैंक लीकेज जैसी स्थितियों से सुरक्षा के लिए फीचर्स दिए गए हैं। इस मॉडल के साथ टैंक पर पांच साल, हीटिंग एलिमेंट पर दो साल और पूरे प्रोडक्ट पर दो साल की वारंटी का उल्लेख है। खरीदने से पहले उत्पाद की तकनीकी जानकारी और वारंटी की शर्तें जरूर पढ़ें।

 

Havells का 25 लीटर गीजर
ज्यादा क्षमता वाला गीजर तलाश रहे लोगों के लिए Havells का 25 लीटर मॉडल भी ऑफर में शामिल बताया गया है। इसकी कीमत 40 प्रतिशत छूट के बाद 9,189 रुपये बताई गई है। साथ ही 1,250 रुपये के कूपन डिस्काउंट का जिक्र है, जिसके बाद प्रभावी कीमत 7,939 रुपये हो सकती है। इस मॉडल में पांच साल की टैंक वारंटी, ग्लास कोटेड एंटी-रस्ट टैंक और तापमान के अनुसार रंग बदलने वाला LED इंडिकेटर दिए जाने की जानकारी है।

 

गीजर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
गीजर खरीदने से पहले परिवार की जरूरत, पानी की खपत, उपलब्ध जगह और बिजली की व्यवस्था को ध्यान में रखना चाहिए। क्षमता के साथ ऊर्जा दक्षता, सेफ्टी फीचर्स, वारंटी, इंस्टॉलेशन शुल्क और सर्विस नेटवर्क की तुलना भी करें। सेल में दिखाई गई छूट और कूपन ऑफर समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए भुगतान करने से पहले Amazon पर अंतिम कीमत और ऑफर की शर्तों की पुष्टि करें।