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Vidur Niti Habits: विदुर नीति: ये 4 आदतें रोकती हैं तरक्की

विदुर नीति में आदतों का महत्व महात्मा विदुर की नीतियों में व्यक्ति के व्यवहार, सदाचार, धर्म, न्याय और जीवन से जुड़े कई सिद्धांत बताए गए हैं। मान्यता के अनुसार, व्यक्ति की कुछ आदतें उसकी प्रगति में बाधा बन सकती हैं। विदुर नीति में जरूरत से ज्यादा सोना, काम से बचना, मन का कमजोर होना और गुस्से पर नियंत्रण न रखना ऐसी आदतों में शामिल बताया गया है, जिनसे व्यक्ति को बचने की सलाह दी गई है।

 

 

जरूरत से ज्यादा सोने की आदत विदुर नीति के अनुसार पर्याप्त नींद शरीर और मन के लिए जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सोने की आदत व्यक्ति को आलसी बना सकती है। देर तक सोने के कारण दिनचर्या प्रभावित होने और काम के अवसर हाथ से निकलने की बात कही गई है। इसलिए समय का सही उपयोग करते हुए संतुलित दिनचर्या बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

 

काम को टालना और मन का कमजोर होना काम से जी चुराना या जरूरी कार्यों को लगातार टालते रहना व्यक्ति की कार्यक्षमता और प्रगति को प्रभावित कर सकता है। इसी तरह असफलता का डर व्यक्ति को नए काम शुरू करने से रोक सकता है। विदुर नीति की शिक्षाओं के अनुसार चुनौतियों का सामना करते हुए प्रयास करते रहना और असफलता के डर को खुद पर हावी न होने देना आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।

 

 

गुस्से पर नियंत्रण जरूरी विदुर नीति में क्रोध को भी ऐसी आदत माना गया है, जिसका असर व्यक्ति के रिश्तों और फैसलों पर पड़ सकता है। गुस्से की स्थिति में जल्दबाजी में बोलने या निर्णय लेने से बचने की सलाह दी गई है। शांत रहकर परिस्थिति को समझना और सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना बेहतर व्यवहार माना जाता है। इन शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का उद्देश्य आत्मसंयम, जिम्मेदारी और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना है।

DRDO ITI Recruitment 2026: DRDO में ITI पास के लिए भर्ती

DRDO में अप्रेंटिस भर्ती डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के दिल्ली स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजिकल रिसर्च (DIPR) ने ITI पास उम्मीदवारों के लिए अप्रेंटिस भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को एक साल की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी और नियमों के अनुसार हर महीने स्टाइपेंड भी मिलेगा। भर्ती विशेष रूप से संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट रखने वाले उम्मीदवारों के लिए है।

 

24 पदों पर वैकेंसी इस भर्ती में अलग-अलग ट्रेड के कुल 24 पद शामिल हैं। इनमें COPA ट्रेड के 14 पद हैं। इसके अलावा डेस्कटॉप पब्लिशिंग ऑपरेटर, सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट इंग्लिश/हिंदी और इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम मेंटेनेंस ट्रेड में 2-2 पद हैं। स्टुवर्ड और फोटोग्राफर ट्रेड के लिए 1-1 पद निर्धारित हैं।

 

योग्यता और चयन प्रक्रिया आवेदन के लिए संबंधित ट्रेड में SCVT या NCVET/NCVT से मान्यता प्राप्त संस्थान का ITI सर्टिफिकेट होना जरूरी है। उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए और आवेदन से पहले केंद्र सरकार के अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन आवश्यक है। उम्मीदवारों का चयन ITI या संबंधित ट्रेड में प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा और इसके बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है। अंतिम मेरिट सूची कैटेगरी के अनुसार जारी की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी ईमेल के माध्यम से दी जाएगी और जॉइनिंग के समय पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट भी जमा करना होगा।

 

 

स्टाइपेंड और आवेदन प्रक्रिया स्टुवर्ड, डेस्कटॉप पब्लिशिंग ऑपरेटर, सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट, मल्टीमीडिया एवं वेब पेज डिजाइनर और COPA ट्रेड के चयनित उम्मीदवारों को 9,600 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। फोटोग्राफर और इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम मेंटेनेंस ट्रेड के लिए स्टाइपेंड 10,560 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। आवेदन के लिए उम्मीदवारों को apprenticeshipindia.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और E08260700022 कोड का उपयोग कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद निर्धारित आवेदन पत्र और जरूरी दस्तावेज स्कैन करके आधिकारिक ईमेल आईडी admindipr.dipr@gov.in पर भेजने होंगे। आवेदन की अंतिम तारीख और अन्य विस्तृत शर्तों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना जरूरी है।

Owaisi Targets Parties: ओवैसी का बीजेपी-कांग्रेस पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर हमला

ओवैसी ने बीजेपी-कांग्रेस पर साधा निशाना
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों पर मुसलमानों को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया। ओवैसी ने कहा कि उनके अनुसार कई राजनीतिक दल चुनाव के दौरान मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन मांगते हैं, लेकिन समुदाय को राजनीतिक फैसलों में बराबर हिस्सेदारी नहीं मिलती। उनके इन बयानों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और समुदाय की स्वतंत्र राजनीतिक आवाज का मुद्दा प्रमुख रहा। ओवैसी इससे पहले भी राजनीतिक दलों से मुसलमानों को केवल वोट बैंक के रूप में देखने के बजाय शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक भागीदारी के अवसर देने की मांग करते रहे हैं।

 

संसद में प्रतिनिधित्व को लेकर उठाया सवाल
ओवैसी ने भारतीय राजनीति में मुसलमानों के प्रतिनिधित्व के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि समुदाय की आबादी की तुलना में संसद और विधानसभाओं में उसकी हिस्सेदारी कम है। उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने और चुनाव में उनके प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, 4 प्रतिशत प्रतिनिधित्व का आंकड़ा ओवैसी द्वारा पहले दिए गए बयानों में भी इस्तेमाल किया गया है और इसे उनके राजनीतिक तर्क के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

 

धर्मनिरपेक्ष दलों पर भी सवाल
ओवैसी ने केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समेत अन्य दल मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन तो चाहते हैं, लेकिन स्वतंत्र मुस्लिम राजनीतिक नेतृत्व और प्रतिनिधित्व को पर्याप्त जगह नहीं देते। उनके अनुसार राजनीतिक भागीदारी का मतलब केवल चुनाव में मतदान करना नहीं, बल्कि निर्वाचित संस्थाओं में प्रतिनिधित्व और नीतिगत फैसलों में भागीदारी भी है।

 

ओवैसी की राजनीतिक भागीदारी पर जोर
ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों को केवल मतदाता के रूप में नहीं बल्कि देश के बराबर नागरिक और राजनीतिक हिस्सेदार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से समुदाय की शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर काम करने की मांग की। ओवैसी के इन बयानों को उनकी लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।

Kharge Targets EC: खरगे ने CEC पर उठाए सवाल, रखीं पांच मांगें

CWC बैठक में चुनाव आयोग का मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में 29 सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक हुई। बैठक में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। खरगे ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग रखी और मतदाता सूची में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े कई सवाल उठाए।

 

मतदाता सूची को लेकर खरगे के आरोप
खरगे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बदलाव को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी और अपील का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची तथा उससे जुड़े जरूरी आंकड़े समय पर और सरल प्रारूप में उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।

 

खरगे ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
CWC बैठक में खरगे ने मतदाता सूची में होने वाले बड़े बदलावों से संबंधित पूरा डेटा सार्वजनिक करने, हटाए गए मतदाताओं को सूचना और अपील का अवसर देने तथा राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और संबंधित डेटा समय पर उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने गंभीर विसंगतियों के प्रमाण मिलने पर स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की। कांग्रेस ने इन मांगों को चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर रखा है।

 

CEC को हटाने की मांग
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी रखी। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों तथा आयोग के बीच सार्वजनिक बहस जारी है।

 

मतदाताओं के भरोसे पर जोर
खरगे ने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं और मतदाता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने मतदाता सूची को पारदर्शी रखने, चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने और संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योग्य मतदाता का वोट सुरक्षित रहना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।

 

SIR को लेकर राजनीतिक बहस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच बहस तेज हुई है। चुनाव आयोग ने हाल में SIR से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं में बदलाव किए हैं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कालिंगम की ओर से भी SIR प्रक्रिया और ECINET से जुड़े कुछ बदलावों के सुझाव सामने आए हैं, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया से संबंधित प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा बढ़ी है।

 

आगे मुद्दा उठाने की बात
खरगे ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी योग्य नागरिकों के मतदान अधिकार की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग करती रहेगी। CWC बैठक में इन मुद्दों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

Diesel Buying Cap: डीजल खरीद पर लग सकती है लिमिट, कंपनियां कर रहीं तैयारी

डीजल खरीद पर लग सकती है लिमिट
देश में पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने की मात्रा पर आने वाले दिनों में लिमिट लग सकती है। जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री की मात्रा सीमित कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, जियो-बीपी के पंपों पर एक ग्राहक को रोजाना अधिकतम 50 लीटर डीजल देने की सीमा तय की गई है, जबकि नायरा एनर्जी के अलग-अलग पंपों पर यह सीमा 70 से 200 लीटर तक हो सकती है। इसके बाद इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां भी डीजल बिक्री पर मात्रा की सीमा लगाने पर विचार कर सकती हैं।

 

डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर
पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले डीजल और बल्क ग्राहकों को मिलने वाले डीजल की कीमत में बड़ा अंतर आने के बाद यह स्थिति बनी है। रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत मई से स्थिर रही, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। दूसरी ओर, बल्क ग्राहकों के लिए डीजल की कीमत में तेजी से बदलाव हुआ और दोनों कीमतों के बीच अंतर करीब 40 रुपये प्रति लीटर तक बताया गया। इस वजह से फैक्ट्रियां, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, टेलीकॉम कंपनियां, होटल, मॉल, डेटा सेंटर और अस्पताल जैसे बड़े ग्राहक पेट्रोल पंपों से सस्ता डीजल खरीदने लगे। कुछ मामलों में 400 से 600 लीटर तक डीजल खरीदने की जानकारी सामने आई है, जिससे पेट्रोल पंपों के स्टॉक पर दबाव बढ़ सकता है।

बड़े ग्राहकों की खरीद से स्टॉक पर दबाव
बड़े ग्राहकों द्वारा ज्यादा मात्रा में डीजल खरीदने से पेट्रोल पंपों का स्टॉक तेजी से कम हो सकता है, जबकि नया स्टॉक पहुंचने में समय लगता है। इसी वजह से जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने बिक्री की मात्रा को नियंत्रित करना शुरू किया है। कंपनियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त डीजल उपलब्ध रखना और सामान्य वाहन मालिकों के लिए फ्यूल की उपलब्धता बनाए रखना है। देश में करीब 1.04 लाख पेट्रोल पंप हैं। इनमें इंडियन ऑयल के करीब 43,289, बीपीसीएल के करीब 25,587 और एचपीसीएल के करीब 25,238 आउटलेट बताए जाते हैं। वहीं जियो-बीपी के करीब 2,227 और नायरा एनर्जी के करीब 7,105 आउटलेट हैं।

 

सरकारी कंपनियां भी लगा सकती हैं कैप
अगर रिटेल और बल्क डीजल की कीमतों के बीच अंतर आगे भी बना रहता है और बड़े ग्राहक पेट्रोल पंपों से खरीद जारी रखते हैं, तो सरकारी तेल कंपनियां भी बिक्री की मात्रा सीमित कर सकती हैं। जियो-बीपी ने कहा है कि उसके मोबिलिटी स्टेशन चालू हैं और वहां पर्याप्त फ्यूल स्टॉक मौजूद है। कंपनी के अनुसार, बढ़ी हुई मांग को देखते हुए फ्यूल की उपलब्धता को मैनेज करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, खासकर इंडस्ट्रियल और नॉन-ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल के लिए बढ़ी मांग को ध्यान में रखते हुए।

 

आम ग्राहकों पर क्या असर होगा
फिलहाल ऐसी लिमिट मुख्य रूप से ज्यादा मात्रा में डीजल खरीदने वाले ग्राहकों को प्रभावित कर सकती है। सामान्य वाहन मालिकों की रोजमर्रा की डीजल जरूरत आमतौर पर इन सीमाओं से काफी कम होती है, इसलिए उन पर सीधा असर सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, यदि बड़े ग्राहक लगातार पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदते रहे तो कंपनियां बिक्री की मात्रा पर और सख्त नियम लागू कर सकती हैं। इसका उद्देश्य पेट्रोल पंपों पर डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना और सामान्य ग्राहकों के लिए फ्यूल की उपलब्धता सुनिश्चित करना होगा।

Aishwarya Paris Ramp: पेरिस फैशन वीक में छाईं ऐश्वर्या राय बच्चन

पेरिस फैशन वीक में ऐश्वर्या का जलवा
ऐश्वर्या राय बच्चन ने पेरिस फैशन वीक में रैंप वॉक कर एक बार फिर ग्लोबल फैशन इवेंट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। L’Oréal Paris की ग्लोबल एंबेसडर के तौर पर उन्होंने Le Défilé में हिस्सा लिया, जहां उनके साथ केंडल जेनर, सेलीन डियोन, ईवा लोंगोरिया, सिमोन एश्ली, वियोला डेविस और जेन फोंडा जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी नजर आईं। इस साल शो की थीम ‘Walk Your Worth’ रही, जिसमें आत्मविश्वास, विविधता और महिलाओं के बीच एकजुटता पर जोर दिया गया।

 

ब्लैक गाउन और क्राउन में दिखा खास अंदाज
रैंप वॉक के दौरान ऐश्वर्या ने Yara Shoemaker का डिजाइन किया हुआ ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था। उनके लुक के साथ क्राउन भी शामिल था, जिसने पूरे आउटफिट को अलग पहचान दी। रैंप पर ऐश्वर्या की मौजूदगी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर होने लगे और फैंस ने उनके लुक और रैंप वॉक की तारीफ की।

 

केंडल जेनर समेत कई ग्लोबल सितारों के साथ रैंप
पेरिस फैशन वीक के इस शो में ऐश्वर्या राय बच्चन ने कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के साथ रैंप साझा किया। उनकी तस्वीरों और वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं और उनके लंबे समय से चले आ रहे ग्लोबल फैशन कनेक्शन का जिक्र किया। ऐश्वर्या 2003 से L’Oréal Paris की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं और 2019 से पेरिस फैशन वीक में लगातार नजर आती रही हैं।

 

फिल्मी करियर और पेरिस फैशन वीक से जुड़ाव
ऐश्वर्या राय बच्चन आखिरी बार 2023 में रिलीज हुई फिल्म ‘पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट-2’ में नजर आई थीं। फिल्म 28 अप्रैल 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसके बाद से उनका ग्लोबल पब्लिक अपीयरेंस और फैशन इवेंट्स में हिस्सा लेना चर्चा में रहा है। पेरिस फैशन वीक में उनकी मौजूदगी भी इसी अंतरराष्ट्रीय पहचान का हिस्सा मानी जाती है।

Shalu Released: विनीत मिनोचा हत्याकांड में 21 दिन बाद शालू जेल से रिहा

21 दिन बाद जेल से रिहा हुई शालू
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बनाई गई उनकी बहू शालू मिनोचा को 21 दिन बाद जेल से रिहा कर दिया गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद शालू के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट अदालत में दाखिल की। रिपोर्ट में हत्या की साजिश में उनकी भूमिका के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए शालू को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। सोमवार शाम करीब 7:30 बजे जेल से बाहर आने के बाद शालू अपने मायके वालों के साथ लखनऊ चली गईं।

 

पुलिस जांच के बाद दाखिल हुई क्लोजर रिपोर्ट
5 सितंबर को हुई विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान शालू को भी आरोपी बनाया था। बाद की विवेचना में पुलिस ने शालू की भूमिका को लेकर पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए और उनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट अदालत में पेश की। अदालत के आदेश के अनुसार, भविष्य में यदि कोर्ट या विवेचक की ओर से बुलाया जाता है तो शालू को जांच में शामिल होने के लिए पेश होना होगा।

 

परिवार और अधिवक्ता ने जताई संतुष्टि
जेल से रिहाई के बाद शालू के भाई धीरज अरोड़ा ने कहा कि परिवार को पुलिस की विवेचना और कानून-व्यवस्था पर भरोसा था और निष्पक्ष जांच के बाद उनकी बहन घर लौट सकीं। उनके अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने भी कहा कि शुरुआत से उनका पक्ष था कि शालू के खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं था। उन्होंने पुलिस की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने को मामले में महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

हत्याकांड की जांच जारी रहने की स्थिति
शालू की रिहाई का आदेश उनके खिलाफ हत्या की साजिश से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर हुआ है। अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें आवश्यकता पड़ने पर जांच में शामिल होना होगा। मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और अदालत की प्रक्रिया के अनुसार हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं पर जांच जारी रह सकती है।

Maharashtra CEO ECINET: महाराष्ट्र के CEO एस. चोकालिंगम ने ECINET पर उठाए सवाल

ECINET को लेकर सवाल
महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकालिंगम ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ECINET सॉफ्टवेयर में बदलाव का सुझाव दिया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने 24 सितंबर को आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर ERO यानी Electoral Registration Officer को कानून के तहत मिले अधिकारों के अनुरूप सॉफ्टवेयर में अधिक विकल्प देने की मांग की।

 

 

कौन हैं एस. चोकालिंगम
महाराष्ट्र की आधिकारिक मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेबसाइट के अनुसार एस. चोकालिंगम महाराष्ट्र के Additional Chief Secretary और Chief Electoral Officer हैं। राज्य में मतदाता सूची और चुनाव से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

 

 

सुनवाई को लेकर सुझाव
चोकालिंगम ने सुझाव दिया कि यदि किसी मतदाता द्वारा पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाते हैं तो ERO के पास व्यक्तिगत सुनवाई से छूट देने का विकल्प होना चाहिए। इससे ऐसे मामलों में प्रक्रिया को परिस्थितियों के अनुसार आगे बढ़ाने की सुविधा मिल सकती है।

 

 

दस्तावेजों के विकल्प का मुद्दा
पत्र में ECINET पर ‘अन्य दस्तावेज’ का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग भी बताई गई है। इसका उद्देश्य उन मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज स्वीकार करने की गुंजाइश रखना है, जहां मतदाता के पास पहले से सूचीबद्ध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

 

 

ERO के अधिकारों पर जोर
चोकालिंगम के सुझावों का मुख्य विषय यह है कि कानून के तहत ERO को मिले निर्णय लेने के अधिकारों को ECINET की तकनीकी व्यवस्था में भी लागू करने की सुविधा हो। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कुछ मामलों में पुराने SIR रिकॉर्ड अपलोड करने की अनिवार्यता में बदलाव और ERO के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तथा FAQ उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया।

 

चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से समानता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ECINET और स्थानीय चुनाव अधिकारियों की भूमिका को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से भी पहले सवाल उठाए गए थे। चोकालिंगम का पत्र इसी अवधि में सामने आया है और इसमें स्थानीय अधिकारियों को अधिक प्रक्रियात्मक गुंजाइश देने से जुड़े सुझाव शामिल हैं।

 

 

आयोग ने किए बदलाव
चोकालिंगम के पत्र के बाद चुनाव आयोग ने SIR नोटिस प्रक्रिया में कुछ बदलावों की घोषणा की। रिपोर्टों के अनुसार संतोषजनक दस्तावेज मिलने पर कुछ मामलों में व्यक्तिगत सुनवाई से छूट और BLO के जरिए घर से दस्तावेज लेने तथा ECINET पर अपलोड करने की व्यवस्था में बदलाव किया गया।

 

 

महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया चल रही है। राज्य के CEO कार्यालय की वेबसाइट पर SIR 2026, दावे-आपत्तियां, प्रारूप मतदाता सूची और संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

IT Worker Turns Auto Driver: पिता की मौत के बाद महिला ने छोड़ी IT नौकरी, चलाने लगीं ऑटो

आईटी नौकरी छोड़कर चलाने लगीं ऑटो
बेंगलुरु में रैपिडो ऑटो चलाने वाली एक महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। खास बात यह है कि महिला पहले आईटी सेक्टर में काम करती थीं, लेकिन परिस्थितियों के चलते उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर ऑटो चलाने का फैसला किया।

 

 

पिता के निधन के बाद बदली जिंदगी
महिला ने बताया कि उनके पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी बदल गई। वह नाइट शिफ्ट में काम करती थीं और साथ ही अपनी मां की देखभाल की जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं। नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।

 

 

मां की जिम्मेदारी के लिए लिया फैसला
परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए महिला ने अपनी आईटी नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने रैपिडो ऑटो चलाना शुरू किया, ताकि अपनी मां की जिम्मेदारी भी संभाल सकें और काम भी जारी रख सकें।

 

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कंटेंट क्रिएटर तन्वी की मुलाकात महिला से रैपिडो ऑटो में सफर के दौरान हुई। बातचीत में जब तन्वी ने पूछा कि क्या वह पहले आईटी में काम करती थीं, तो महिला ने इसकी पुष्टि की। इसके बाद तन्वी ने बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।

 

 

पुरानी नौकरी से ज्यादा कमाई का दावा
महिला ने बातचीत के दौरान दावा किया कि ऑटो चलाकर वह अपनी पिछली नौकरी की तुलना में अधिक कमाई कर रही हैं। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है और उनके फैसले को लेकर चर्चा हो रही है।

Essar Steel Plant: अमेरिका में एस्सार बनाएगा सबसे बड़ा स्टील प्लांट

एस्सार का बड़ा अमेरिकी निवेश
भारत का एस्सार ग्रुप अमेरिका में कुल 18 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहा है। इसमें आयोवा में 15 अरब डॉलर की लागत से बनने वाला एक बड़ा इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट शामिल है। इसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में की।

 

 

आयोवा में बनेगा स्टील प्लांट
एस्सार ग्रुप की अमेरिकी सब्सिडियरी मेसाबी मेटालिक्स इस परियोजना को विकसित करेगी। प्रस्तावित प्लांट को अमेरिका की इंटीग्रेटेड स्टील सप्लाई चेन का हिस्सा बनाया जाएगा, जिसमें मिनेसोटा स्थित कंपनी के लौह अयस्क संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

 

10 मिलियन टन होगी क्षमता
परियोजना के पहले चरण में करीब 7.5 मिलियन टन सालाना स्टील उत्पादन की योजना है। पूरी क्षमता पर प्लांट से हर साल लगभग 10 मिलियन टन स्टील उत्पादन होने की उम्मीद है। उत्पादन 2030 में शुरू होने का अनुमान है।

 

 

रोजगार के अवसर
व्हाइट हाउस के अनुसार, परियोजना से आयोवा में लगभग 1,750 स्थायी नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। निर्माण चरण में करीब 6,000 अतिरिक्त नौकरियों को समर्थन मिलने का अनुमान है।

 

 

मिनेसोटा से आएगा लौह अयस्क
मेसाबी मेटालिक्स की मिनेसोटा स्थित खदान से लौह अयस्क आयोवा के स्टील प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। कंपनी ने मिनेसोटा की खनन परियोजना में पहले ही 2.5 अरब डॉलर से अधिक निवेश किया है।

 

 

एस्सार ग्रुप का विस्तार
एस्सार ग्रुप की स्थापना 1969 में शशि रुइया और रवि रुइया ने की थी। समूह ऊर्जा, खनन, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में कारोबार करता है। अमेरिका में यह निवेश उसके स्टील और माइनिंग कारोबार के विस्तार का हिस्सा है।

 

 

रुइया परिवार की मौजूदगी
आयोवा परियोजना की घोषणा के दौरान एस्सार ग्रुप के सह-संस्थापक रवि रुइया और मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया भी मौजूद थे। रेवंत रुइया ने अमेरिका में विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में परियोजना के महत्व पर जोर दिया।