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PM Matsya Sampada Yojana: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: जनजातीय मत्स्य कृषकों को मिलेगा लाभ, 30 अक्टूबर तक करें आवेदन

मुरैना जिले में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जनजातीय मत्स्य कृषकों को मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने का अवसर मिल रहा है। पहाड़गढ़ विकासखंड के 18 चयनित गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राही 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत बायोफ्लॉक पॉण्ड, स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण, आरएएस, फीड मिल, हैचरी, आइस प्लांट, आइस बॉक्स और इंसुलेटेड वाहन जैसी गतिविधियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ नवीन कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय सहायक संचालक, मत्स्योद्योग, मुरैना में आवेदन जमा करना होगा। योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मोबाइल नंबर 9584694170 पर प्राप्त की जा सकती है।

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में जनजातीय मत्स्य कृषकों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालन को बढ़ावा देना, जनजातीय परिवारों की आजीविका मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषक इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

मत्स्य पालन से जुड़े कई कामों के लिए कर सकते हैं आवेदन
सहायक संचालक, मत्स्योद्योग राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत पात्र हितग्राही अपनी जरूरत और निर्धारित पात्रता के अनुसार अलग-अलग गतिविधियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

योजना में बायोफ्लॉक पॉण्ड, स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण, पुनर्चक्रणीय जलीय कृषि प्रणाली (आरएएस), फीड मिल और हैचरी की स्थापना जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा आइस प्लांट, आइस बॉक्स, मोटरसाइकिल और इंसुलेटेड वाहन जैसी सुविधाओं के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इन सुविधाओं का उद्देश्य मत्स्य पालन से जुड़े कामों को आसान बनाना, मछलियों के उत्पादन और रखरखाव की व्यवस्था बेहतर करना तथा मत्स्य कृषकों को अपनी आजीविका बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है। हालांकि, प्रत्येक गतिविधि के लिए लाभ और सहायता निर्धारित योजना के प्रावधानों तथा पात्रता के आधार पर मिलेगी।

पहाड़गढ़ के 18 चयनित गांवों के हितग्राही होंगे पात्र
यह योजना धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषकों के लिए है। इच्छुक आवेदकों को आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और संबंधित गतिविधि की शर्तों की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।

योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। मत्स्य पालन से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाकर हितग्राही अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।

आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी?
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक हितग्राहियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा करना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज लगाना भी अनिवार्य है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:

स्वयं की भूमि से संबंधित खसरा, खतौनी और नक्शा।
अनुसूचित जनजाति वर्ग का जाति प्रमाण-पत्र।
आधार कार्ड की छायाप्रति।
समग्र आईडी।
बैंक पासबुक की छायाप्रति।
पासपोर्ट आकार का फोटो।

आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन जमा करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। साथ ही, संबंधित गतिविधि के लिए आवश्यक अतिरिक्त दस्तावेजों और पात्रता की जानकारी भी मत्स्योद्योग कार्यालय से प्राप्त कर लें।

कहां जमा करना होगा आवेदन?
इच्छुक पात्र हितग्राहियों को अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में कार्यालय सहायक संचालक, मत्स्योद्योग, नवीन कलेक्ट्रेट, जिला मुरैना में जमा करना होगा।

आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 है। इसलिए पात्र मत्स्य कृषकों को समय-सीमा का ध्यान रखते हुए निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए 

योजना की जानकारी के लिए यहां करें संपर्क
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और विभिन्न गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए हितग्राही नवीन कलेक्ट्रेट, मुरैना स्थित कार्यालय सहायक संचालक, मत्स्योद्योग में संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा मोबाइल नंबर 9584694170 पर संपर्क करके भी योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
जिला प्रशासन की ओर से पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करें और योजना के माध्यम से मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त करें।
 

Karwa Chauth Moon Ritual: करवा चौथ पर छलनी से क्यों देखते हैं चांद?

करवा चौथ पर छलनी से चांद देखने की परंपरा
करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाएं पारंपरिक रूप से अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने और अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। पूजा के दौरान कई महिलाएं छलनी से चांद को देखती हैं और फिर अपने पति का चेहरा देखती हैं। इस रीति-रिवाज के पीछे धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। वर्ष 2026 में करवा चौथ 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाना बताया गया है।

 

वीरवती की कथा से जुड़ी मान्यता
लोकप्रिय पौराणिक कथा के अनुसार, वीरवती नाम की एक महिला ने अपने पति की लंबी आयु की कामना से करवा चौथ का व्रत रखा था। उपवास के कारण उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसे देखकर उसके भाइयों ने उसे भोजन कराने के लिए एक उपाय किया। उन्होंने दूर पेड़ पर दीपक जलाकर उसके सामने छलनी लगा दी और उसे चांद निकलने का भ्रम कराया। वीरवती ने उस रोशनी को चांद समझकर व्रत खोल लिया। कथा में आगे बताया जाता है कि इसके बाद उसके पति पर संकट आ गया। यह प्रसंग व्रत से जुड़ी प्रचलित लोकमान्यताओं में सुनाया जाता है।

 

व्रत के नियम और चंद्र दर्शन का महत्व
कथा के अनुसार, वीरवती को अपनी भूल का अहसास हुआ और उसने पूरे विधि-विधान तथा श्रद्धा के साथ दोबारा व्रत किया। धार्मिक मान्यता में इस प्रसंग को व्रत के नियमों, धैर्य और सही समय पर पूजा पूरी करने के महत्व से जोड़कर देखा जाता है। इसी तरह की कथाओं के आधार पर छलनी से चंद्र दर्शन करने की परंपरा को समझाया जाता है। हालांकि, इस रीति की शुरुआत को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न लोककथाएं और परंपराएं भी प्रचलित हैं।

 

आज भी निभाई जाती है पारंपरिक रस्म
करवा चौथ की पूजा में छलनी से चंद्रमा को देखना और फिर पति का चेहरा देखना कई परिवारों में महत्वपूर्ण रस्म मानी जाती है। इसके बाद चंद्रमा को जल अर्पित कर व्रत पूरा किया जाता है। इस परंपरा को श्रद्धा, वैवाहिक संबंध और पारिवारिक विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। धार्मिक मान्यताएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं, इसलिए पूजा की विधि भी स्थानीय परंपराओं के अनुसार अपनाई जाती है।

Amit Shah Lucknow Visit: 30 अक्टूबर को लखनऊ आएंगे अमित शाह

30 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे अमित शाह
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सहयोगी दलों के बीच असंतोष की खबरों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक रणनीति को महत्वपूर्ण बना दिया है। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 30 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया है। इस दौरे को सहयोगी दलों के साथ संवाद बढ़ाने और गठबंधन में समन्वय मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दौरे के दौरान होने वाली बैठकों और उनके एजेंडे से जुड़ी विस्तृत आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

 

निषाद पार्टी और सुभासपा की नाराजगी पर नजर
गठबंधन में निषाद पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की भूमिका चर्चा में है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद ने हाल ही में अपनी राजनीतिक नाराजगी जाहिर की थी। दूसरी ओर, सुभासपा में अंदरूनी मतभेदों की खबरें सामने आई हैं। राजनीतिक परिस्थितियों के बीच समाजवादी पार्टी की ओर से असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिशों की भी चर्चा है। ऐसे में भाजपा के सामने सहयोगी दलों की मांगों और गठबंधन के भीतर तालमेल बनाए रखने की चुनौती है।

 

टिकट वितरण और स्थानीय समीकरण बने चुनौती
राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर कुछ क्षेत्रों में पुराने नेताओं की नाराजगी की खबरें सामने आई हैं। देवीपाटन मंडल और गोंडा में कुछ नेताओं के समाजवादी पार्टी में शामिल होने को भाजपा के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के संभावित राजनीतिक रुख को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। इन घटनाक्रमों के बीच भाजपा के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना और आगामी चुनावों की तैयारी को मजबूत करना अहम होगा।

 

राजा भैया से मुलाकात भी चर्चा में
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से हालिया मुलाकात को भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे संभावित सहयोग और प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में देखा जा रहा है, हालांकि किसी औपचारिक गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है। अमित शाह के प्रस्तावित दौरे के दौरान सहयोगी दलों की मांगों, सीटों से जुड़े मुद्दों और चुनावी तालमेल पर चर्चा होने की संभावना है। इस दौरे का असर NDA की आगामी रणनीति और उत्तर प्रदेश में गठबंधन की एकजुटता पर पड़ सकता है।

Kartik Maas 2026 Guide: 27 अक्टूबर से शुरू होगा कार्तिक मास 2026

27 अक्टूबर से शुरू होगा कार्तिक मास
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में कार्तिक मास की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी और इसका समापन 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के साथ बताया गया है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में इस महीने को पूजा-पाठ, आत्मसंयम और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस अवधि में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करने से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। हालांकि, तिथि और धार्मिक विधियों के पालन में स्थानीय पंचांग तथा क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अंतर हो सकता है।

 

सुबह स्नान और भगवान विष्णु की पूजा
कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले स्नान करने की परंपरा प्रचलित है। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु का स्मरण, मंत्र जाप, ध्यान और धार्मिक ग्रंथों का पाठ किया जाता है। यदि किसी पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर स्नान करके भी श्रद्धापूर्वक पूजा की जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने नियमित पूजा और सात्विक दिनचर्या को विशेष महत्व दिया जाता है।

 

तुलसी पूजन, दीपदान और दान-पुण्य
कार्तिक मास में तुलसी के पौधे की सेवा, शाम को दीपक जलाना और जरूरतमंदों की सहायता करना प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। कई परिवार तुलसी के पास, मंदिर में या घर के प्रवेश द्वार पर दीपदान करते हैं। मान्यता के अनुसार, अन्न, वस्त्र और जरूरत की वस्तुओं का सामर्थ्य के अनुसार दान करना पुण्यकारी माना जाता है। दान करते समय दिखावे से बचने और जरूरतमंद व्यक्ति की गरिमा का सम्मान करने पर भी जोर दिया जाता है।

 

किन बातों से बचने की दी जाती है सलाह
धार्मिक परंपराओं में कार्तिक मास के दौरान मांसाहार, मदिरा और तामसिक भोजन से दूरी रखने की सलाह दी जाती है। कुछ लोग इस अवधि में प्याज और लहसुन का सेवन भी नहीं करते हैं। इसके साथ ही क्रोध, झूठ, विवाद, अपमानजनक व्यवहार और दूसरों के प्रति द्वेष से बचने तथा आत्मसंयम अपनाने पर जोर दिया जाता है। पद्म पुराण के कार्तिक माहात्म्य में स्नान, तुलसी सेवा, भगवान हरि के स्मरण और दीपदान जैसी परंपराओं का उल्लेख मिलता है। ये धार्मिक मान्यताएं हैं, जिनका पालन लोग अपनी आस्था और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार करते हैं।

MP Aircraft Spending Row: मध्यप्रदेश में विमान और हेलीकॉप्टर खरीद पर विवाद

विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद पर कांग्रेस के सवाल
मध्यप्रदेश में सरकारी जेट विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद तथा उनकी आंतरिक साज-सज्जा पर होने वाले खर्च को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर विमानन सुविधाओं के लिए करीब 600 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुपोषण और बुजुर्गों की पेंशन जैसी समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। कांग्रेस ने सरकार से खरीद प्रक्रिया और खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।

 

प्रदेश के कर्ज और ब्याज का मुद्दा उठाया
मुकेश नायक ने दावा किया कि मध्यप्रदेश पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार को प्रतिदिन लगभग 101 करोड़ रुपये ब्याज चुकाना पड़ता है। उन्होंने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर पर होने वाले खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि जब राज्य में जनकल्याण से जुड़े कई मुद्दे मौजूद हैं, तब इतने बड़े खर्च का औचित्य और वित्तीय विवरण जनता के सामने रखा जाना चाहिए। ये आंकड़े और आरोप कांग्रेस नेता के बयान पर आधारित हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।

 

जेट विमान की कीमत और साज-सज्जा पर सवाल
कांग्रेस नेता ने जेट विमान की कीमत को लेकर दावा किया कि इसकी शुरुआती कीमत 234 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि खरीद की राशि 350 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। उन्होंने विमान के अंदरूनी हिस्से की साज-सज्जा पर 60 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का भी आरोप लगाया। नायक ने सरकार से पूछा कि कीमत में बढ़ोतरी किन कारणों से हुई और साज-सज्जा पर खर्च की गई राशि का आधार क्या है। खरीद अनुबंध, तकनीकी विवरण और आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज सामने आने पर ही इन दावों का पूरा आकलन किया जा सकेगा।

 

हेलीकॉप्टर की लागत पर भी मांगा जवाब
मुकेश नायक ने हेलीकॉप्टर की कीमत को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, इसकी शुरुआती कीमत 125 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 250 करोड़ रुपये हो गई। उन्होंने हेलीकॉप्टर के आंतरिक हिस्से की साज-सज्जा पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा भी किया। कांग्रेस ने विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद, कीमतों में कथित वृद्धि और साज-सज्जा पर हुए खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। फिलहाल, इन आरोपों पर सरकार का विस्तृत पक्ष और संबंधित खर्चों के आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं हैं।

Global Puppet Art Exhibition: भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में सजा कठपुतलियों का संसार

जनजातीय संग्रहालय में कठपुतलियों की अनोखी प्रदर्शनी
भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में गुरुवार से पुतुल समारोह की शुरुआत हुई। इस प्रदर्शनी में भारत सहित करीब 10 देशों की 150 से अधिक कठपुतलियां प्रदर्शित की गई हैं। यहां चीन की लगभग 2,000 वर्ष पुरानी पी यिंग शी छाया कठपुतली कला से लेकर भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कठपुतलियों को देखने का अवसर मिल रहा है। कर्नाटक की लकड़ी से बनी राम और रावण की कठपुतलियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

 

10 देशों की लोककलाओं और परंपराओं की झलक
इस आयोजन का संचालन जनजातीय संग्रहालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली और डॉल्स थिएटर, कोलकाता के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। प्रदर्शनी में चीन के अलावा तुर्की, वियतनाम, इंडोनेशिया, मिस्र और अर्जेंटीना सहित कई देशों की कठपुतलियां शामिल हैं। इनके माध्यम से अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक परंपराओं, लोककथाओं और कलात्मक शैलियों को समझने का अवसर मिलता है। आयोजकों का उद्देश्य पारंपरिक कठपुतली कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और इसके प्रति लोगों की रुचि बढ़ाना है।

 

भोपाल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर प्रदर्शन
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के राजेंद्र सिंह के अनुसार, वर्ष 1991 में दिल्ली में आयोजित पपेट फेस्टिवल के दौरान देश-विदेश की सैकड़ों कठपुतलियों का संग्रह किया गया था। बाद में इस संग्रह को विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किया गया। उनके मुताबिक, भोपाल में करीब 10 देशों की 150 से अधिक कठपुतलियों का इतना बड़ा प्रदर्शन पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले लगभग 20 साल पूर्व भारत भवन में भी कुछ कठपुतलियां प्रदर्शित की गई थीं। यह प्रदर्शनी दर्शकों को कठपुतली कला के इतिहास और उसकी विविधता को करीब से जानने का अवसर दे रही है।

 

 

मंचीय प्रस्तुतियों से जीवंत हो रही कठपुतली कला
पुतुल समारोह में प्रदर्शनी के साथ कठपुतली कला की मंचीय प्रस्तुतियां भी आयोजित की जा रही हैं। समारोह के पहले दिन महाराष्ट्र से आए सत्यजीत पाथ्ये और उनके समूह ने प्रस्तुति दी। पी यिंग शी जैसी छाया कठपुतली शैलियों में प्रकाश और पर्दे की मदद से दृश्य प्रस्तुत किए जाते हैं, जबकि भारत की पारंपरिक कठपुतलियां लोककथाओं और धार्मिक प्रसंगों को दर्शाती हैं। आयोजकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने, कलाकारों को मंच देने और इस विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Delhi Delivery Case: दिल्ली में डिलीवरी बॉय की मौत का मामला

10 रुपये के नोट को लेकर विवाद
पूर्वी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर, कल्याणपुरी इलाके में 24 वर्षीय डिलीवरी पार्टनर समीर हुसैन की मौत का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, समीर फ्लिपकार्ट मिनट्स के लिए डिलीवरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि 4 अक्टूबर 2026 को एक ऑर्डर पहुंचाने के दौरान 10 रुपये के फटे नोट को लेकर उसका ग्राहक से विवाद हुआ था। घटना के बाद समीर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में सामने आए आरोपों की जांच की जा रही है।

 

डिलीवरी के दौरान मारपीट का आरोप
जानकारी के मुताबिक, समीर एक ग्राहक के घर कॉफी का जार पहुंचाने गया था। भुगतान के दौरान ग्राहक ने कथित तौर पर उसे 10 रुपये का फटा नोट दिया। समीर ने दूसरा नोट देने का अनुरोध किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि ग्राहक और उसके पोते ने समीर के साथ मारपीट की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

वीडियो में बताई घटना
रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद समीर ने वीडियो रिकॉर्ड किए थे, जिनमें उसने कथित विवाद और अपने आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने की बात कही। बताया गया है कि 5 अक्टूबर को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 20 अक्टूबर 2026 को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मामले से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। समीर की मौत के बाद प्राथमिकी में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, घटना के सभी पहलुओं और आरोपों की जांच जारी है। कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

Bombay High Court Order: अवैध गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र सरकार देगी ₹5 लाख मुआवजा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण फैसले में मुंबई के कारोबारी बिपिन सतीश चंद्र अग्रवाल की गिरफ्तारी और हिरासत को अवैध करार दिया। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह अग्रवाल को दो सप्ताह के भीतर ₹5 लाख का मुआवजा दे। साथ ही, मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और संबंधित मजिस्ट्रेटों के आचरण की जांच के लिए फैसले को हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति के समक्ष रखने का निर्देश दिया।

 

26 दिन तक हिरासत में रहे कारोबारी
मामले के अनुसार, अग्रवाल को अगस्त 2017 में जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अपनी सास की ओर से एक फ्लैट के पुनर्विकास से जुड़े सौदे में अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में बातचीत कर रहे थे। फ्लैट की बिक्री की रकम को लेकर डेवलपर और अग्रवाल के बीच विवाद हुआ था। अग्रवाल के अनुसार, उन्हें मिली रकम प्रस्तावित संपत्ति सौदे से संबंधित थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें छह दिन पुलिस हिरासत और 20 दिन न्यायिक हिरासत में रखा गया।

 

गिरफ्तारी की जरूरत साबित नहीं कर सकी पुलिस
जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने पुलिस रिकॉर्ड, गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेजों और रिमांड आदेशों की जांच की। अदालत ने पाया कि पुलिस यह स्पष्ट करने में विफल रही कि अग्रवाल को गिरफ्तार करना क्यों आवश्यक था। कोर्ट ने यह भी कहा कि कथित अपराध में अधिकतम तीन वर्ष की सजा का प्रावधान होने के बावजूद गिरफ्तारी से पहले कानूनी प्रक्रिया और CrPC की धारा 41A से जुड़ी आवश्यकताओं के पालन को लेकर पर्याप्त आधार रिकॉर्ड पर नहीं मिला।

 

पुलिस की कार्रवाई और दस्तावेजों पर गंभीर सवाल
अदालत ने मामले के रिकॉर्ड में ऐसी गड़बड़ियां पाईं, जिनसे अग्रवाल को हिस्ट्री-शीटर और जबरन वसूली करने वाले व्यक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश किए जाने पर सवाल उठे। खंडपीठ ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर और डेवलपर के बीच मिलीभगत तथा कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग को लेकर गंभीर टिप्पणियां कीं। अदालत के अनुसार, शिकायत की सच्चाई की उचित जांच किए बिना गिरफ्तारी की गई और याचिकाकर्ता के कानूनी अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।

 

मजिस्ट्रेटों की भूमिका पर भी उठे सवाल
हाईकोर्ट ने रिमांड की प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। अदालत के अनुसार, संबंधित मजिस्ट्रेटों ने हिरासत की अनुमति देते समय पर्याप्त कारण दर्ज नहीं किए और मामले की जरूरी जांच-पड़ताल नहीं की। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि फैसले को प्रशासनिक समिति के सामने रखा जाए, ताकि संबंधित मजिस्ट्रेटों के खिलाफ उचित कार्रवाई पर विचार किया जा सके।

 

पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
खंडपीठ ने महाराष्ट्र सरकार को संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसमें तत्काल निलंबन भी शामिल है। अदालत ने यह भी कहा कि उचित पाए जाने पर मुआवजे की राशि संबंधित अधिकारियों के वेतन से वसूलने पर विचार किया जा सकता है। मुआवजे के भुगतान के लिए दो सप्ताह की समय-सीमा तय की गई है।

 

नागरिकों के कानूनी अधिकारों पर अहम टिप्पणी
यह फैसला गिरफ्तारी की वैधता, पुलिस की जवाबदेही और न्यायिक रिमांड के दौरान मजिस्ट्रेट की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। अदालत की टिप्पणियां इस बात पर जोर देती हैं कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने से पहले कानून में निर्धारित प्रक्रियाओं और गिरफ्तारी की आवश्यकता का उचित आधार होना चाहिए।

YouTuber Arrested in Delhi: नस्लीय टिप्पणी मामले में यूट्यूबर अमीर शौकीन गिरफ्तार

दिल्ली में यूट्यूबर अमीर शौकीन गिरफ्तार
त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमानजनक टिप्पणी के मामले में दिल्ली पुलिस ने यूट्यूबर अमीर शौकीन को गिरफ्तार किया है। उत्तर दिल्ली की पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट के अनुसार, पुलिस टीम ने उसे करोल बाग इलाके से पकड़ा। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा कथित वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, वीडियो की जांच की जिम्मेदारी इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई को भी सौंपी गई है।

 

जांच के लिए दिल्ली पहुंची त्रिपुरा पुलिस
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद डीएसपी (मुख्यालय) समुद्र देबबर्मा के नेतृत्व में त्रिपुरा पुलिस की एक टीम देर रात दिल्ली पहुंची। टीम ने सदर बाजार पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की जांच से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई। त्रिपुरा में भी इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच जारी है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों तथा लागू कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया था।

 

वायरल वीडियो को लेकर शिकायत और जांच
त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली ने 21 अक्टूबर को पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई (SPUNER) के संयुक्त पुलिस आयुक्त को शिकायत देकर वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वीडियो में त्रिपुरा के एक युवक के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और उसके खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां की गईं। फोरम ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालक के साथ-साथ वीडियो में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच करने की मांग की। पुलिस से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आग्रह भी किया गया है।

 

राजनीतिक नेताओं ने की कार्रवाई की मांग
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा समेत विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने कथित घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो को करीब एक महीने पहले अहमदाबाद में रिकॉर्ड किए जाने की आशंका है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। शिकायत में यौन उत्पीड़न, प्रताड़ना और नस्लीय अपमान से जुड़े आरोप लगाए गए हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत और संबंधित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

Sonakshi Zaheer Unbox iPhone: सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने खरीदा iPhone Duo

सोनाक्षी और जहीर ने दिखाया नया iPhone Duo
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ के साथ-साथ Apple का पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo है। दोनों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फोन के साथ तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें वे नए डिवाइस को अनबॉक्स करते नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों के बीच फोन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

 

फिल्म रिलीज के बीच चर्चा में आया नया गैजेट
सोनाक्षी और जहीर की फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ की रिलीज के बाद यह कपल फिर सुर्खियों में आया है। इसी दौरान दोनों की iPhone Duo के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं। बॉलीवुड सितारों के बीच नए स्मार्टफोन और प्रीमियम टेक गैजेट्स को लेकर अक्सर दिलचस्पी देखने को मिलती है। ऐसे में इस नए फोल्डेबल फोन के साथ कपल की तस्वीरें मनोरंजन और टेक्नोलॉजी, दोनों में रुचि रखने वाले लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

 

₹2,99,900 से शुरू है फोन की कीमत
दी गई जानकारी के अनुसार, भारत में iPhone Duo की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है। इसकी प्री-बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू हुई थी और अब इसकी बिक्री भी शुरू हो चुकी है। फोल्डेबल डिजाइन के कारण यह फोन प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, अलग-अलग स्टोरेज वेरिएंट की कीमत और उपलब्धता के बारे में खरीदारी से पहले आधिकारिक जानकारी जांचना जरूरी है।

 

खरीदारी पर रखी गई फोन की सीमा
रिपोर्ट के मुताबिक, फोन की भारी मांग और सीमित स्टॉक को देखते हुए इसकी बिक्री के दौरान कुछ शर्तें लागू की गई हैं। बताया गया है कि लॉन्च के दिन बिना प्री-बुकिंग सीधे स्टोर पहुंचकर फोन खरीदना आसान नहीं था और एक ग्राहक के लिए अधिकतम दो फोन खरीदने की सीमा रखी गई। नए डिवाइस को लेकर सेलिब्रिटीज की दिलचस्पी ने भी इसे चर्चा में बनाए रखा है। हालांकि, बिक्री की शर्तें और उपलब्धता समय तथा स्थान के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए ग्राहकों को Apple की आधिकारिक जानकारी देखनी चाहिए।