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बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: दिशा सालियान केस में CBI जांच

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की नए सिरे से जांच कराने के साथ नई और विस्तृत FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिका में उनकी बेटी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। अदालत के आदेश के बाद अब मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो के हाथों में जाएगी।

पिता की याचिका पर सुनवाई
जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस रंजीतसिन्हा भोसले की डिवीजन बेंच ने सतीश सालियान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि दिशा की मौत सामान्य घटना नहीं थी और मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की गई थी। कोर्ट ने याचिका में उठाए गए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सीबीआई जांच का रास्ता साफ किया।

मुंबई पुलिस को रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश
हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड और केस पेपर्स सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया है। इसमें अब तक की जांच से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड शामिल होंगे। इसके बाद सीबीआई मामले की जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाएगी। सीबीआई का एक वरिष्ठ अधिकारी याचिकाकर्ता सतीश सालियान का बयान भी दर्ज करेगा। इस बयान के आधार पर नई FIR दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

ग्लेशियर से तबाही का दावा: नेपाल बाढ़ पर चीन का पलटवार

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड और जलप्रलय के बाद अब समय पर चेतावनी को लेकर चीन और नेपाल के बीच विवाद सामने आया है। चीन का दावा है कि उसने भारी बारिश और अचानक बाढ़ के खतरे को लेकर नेपाल को पहले ही चेतावनी भेज दी थी। चीनी पक्ष के मुताबिक वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर के माध्यम से मौसम संबंधी पूर्वानुमान नेपाली अधिकारियों तक पहुंचाए गए थे। दूसरी ओर नेपाल की आपदा एजेंसियां सवाल उठा रही हैं कि उन्हें आपदा से ठीक पहले पर्याप्त रियल टाइम जानकारी क्यों नहीं मिली। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के दावों में अंतर सामने आया है।

चीन का दावा 12 दिन पहले भेजा था अलर्ट
चीनी दूतावास का कहना है कि वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने 12 दिन पहले ही नेपाल के अधिकारियों को भारी मानसूनी बारिश और फ्लैश फ्लड की संभावना को लेकर ईमेल भेजा था। चीन के अनुसार यह चेतावनी 14 से 19 अगस्त के मौसम पूर्वानुमान से संबंधित थी और इसमें अत्यधिक बारिश के खतरे का उल्लेख किया गया था। चीनी अधिकारियों का यह भी कहना है कि करीब एक महीने पहले से ही WeChat और ईमेल के जरिए नेपाल के साथ मौसम संबंधी जानकारी साझा की जा रही थी। चीन ने इसी आधार पर समय पर चेतावनी नहीं देने के आरोपों को खारिज किया है।

नेपाल ने रियल टाइम डेटा पर उठाए सवाल
नेपाल के जलविज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सामान्य मौसम पूर्वानुमान और आपदा से ठीक पहले मिलने वाले रियल टाइम अलर्ट में बड़ा अंतर है। नेपाली पक्ष के मुताबिक उन्हें सीमा पार पानी के बहाव और अचानक आई बाढ़ की ऐसी लाइव जानकारी नहीं मिली, जिससे प्रभावित इलाकों को समय रहते खाली कराया जा सके। नेपाल का कहना है कि 26 अगस्त की सुबह अचानक आई बाढ़ ने निगरानी व्यवस्था को भी प्रभावित किया और पानी तेजी से त्रिशूली नदी की ओर पहुंच गया। इसी वजह से नेपाल में यह सवाल उठ रहा है कि यदि सीमा पार से तत्काल डेटा साझा किया जाता तो नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता था या नहीं।

 

बिश्केक में मोदी की बड़ी कूटनीतिक मुलाकात: पुतिन और जिनपिंग से मिले मोदी

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सम्मेलन के दौरान तीनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से मुलाकात और बातचीत के दृश्य सामने आए। फोटो सेशन के दौरान पुतिन और शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी की ओर बढ़े और तीनों ने हाथ मिलाकर बातचीत की। इन मुलाकातों को भारत की सक्रिय और संतुलित कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुतिन के साथ यूक्रेन युद्ध पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बातचीत में यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठाया। मोदी ने कहा कि दुनिया को अंतहीन युद्ध से आगे बढ़कर युद्ध की समाप्ति और शत्रुता रोकने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष का समाधान निकालने की जरूरत पर जोर देता रहा है। पुतिन के साथ बैठक में भी प्रधानमंत्री ने शांति और मानवता के हित में संघर्ष समाप्त करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस संदेश को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख
SCO मंच पर प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख एक बार फिर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए। मोदी ने आतंकवाद के वित्तपोषण, उसकी भर्ती और सुरक्षित पनाहगाहों से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और निर्णायक कार्रवाई की मांग करता रहा है। SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर दिया गया यह संदेश क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

Swara Bhasker Controversy: ‘मैंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा’

अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर सीक्वेंस को लेकर अभिनेत्री की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। स्वरा ने फिल्म में दिखाए गए महिलाओं के आत्मदाह के दृश्य को लेकर सवाल उठाए और इसकी तुलना दुष्कर्म पीड़िता की स्थिति से की थी।

 

वायरल क्लिप को लेकर स्वरा ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा कर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनके बयान की एक क्लिप को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उसका गलत अनुवाद कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।
स्वरा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा। अभिनेत्री के मुताबिक, उनके बयान का संदर्भ यह था कि यदि कोई महिला दुष्कर्म के बाद जीवित बचती है, तो समाज उसे किस तरह के संदेश देता है।

 

‘मैंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा कि वे कायर थीं’
स्वरा ने अपनी सफाई में कहा कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर बताया। अभिनेत्री ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा बिल्कुल नहीं कहा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी बयान को गलत तरीके से फैलाने के बजाय पहले उसकी भाषा और संदर्भ को समझना चाहिए। स्वरा ने यह भी कहा कि अगर लोग उन्हें आलोचना या गाली देना चाहते हैं तो दें, लेकिन सही बात के आधार पर प्रतिक्रिया दें।

 

ऋषिकेश में 16 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म: मुख्य आरोपी समेत 3 गिरफ्तार

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के आईडीपीएल इलाके में 16 वर्षीय नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सोफियान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एक होटल की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित होटल का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की है।

 

1 जुलाई की घटना, 7 जुलाई को दर्ज हुई शिकायत
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के भाई ने 7 जुलाई 2026 को ऋषिकेश कोतवाली में तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया कि नाबालिग 1 जुलाई को अपनी परिचित युवती के साथ आईडीपीएल क्षेत्र में गई थी। आरोप है कि वहां कुछ युवकों ने दोनों को शराब पिलाई और नाबालिग के नशे की स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे रात में घर छोड़ दिया गया।

 

जांच के बाद तीन युवक पुलिस के रडार पर आए
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। देहरादून एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम ने पीड़िता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर रुड़की निवासी तीन युवकों को जांच के दायरे में लिया।

 

पूछताछ में सामने आई आरोपियों की भूमिका
ऋषिकेश पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर को तीनों युवकों को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया कि 30 जून और 1 जुलाई की रात नाबालिग और उसकी परिचित युवती को आईडीपीएल स्थित एक गोदाम में बुलाया गया था। आरोप है कि वहां उन्हें शराब पिलाई गई और नशे की स्थिति का फायदा उठाकर यौन शोषण किया गया।
जांच में दो युवकों की कथित तौर पर दुष्कर्म में भूमिका सामने आने की बात पुलिस ने कही है, जबकि तीसरे आरोपी पर नाबालिग को अपने साथ लाने और कथित षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

 

हथेली पर बनता है अंग्रेजी का ‘M’ निशान: हस्तरेखा शास्त्र में माना जाता है बेहद शुभ

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली की रेखाओं में बनने वाली अलग-अलग आकृतियों का विशेष महत्व माना जाता है। इन्हीं में अंग्रेजी के अक्षर ‘M’ जैसी आकृति भी शामिल है। मान्यता है कि जब हथेली की हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा, जीवन रेखा और भाग्य रेखा एक खास तरह से मिलती हैं, तो ‘M’ जैसा निशान दिखाई दे सकता है।

 

‘M’ निशान को माना जाता है भाग्यशाली संकेत
हस्तरेखा शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार हथेली पर स्पष्ट ‘M’ का निशान होना व्यक्ति के लिए शुभ संकेत माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसे लोगों में आत्मविश्वास, साहस और परिस्थितियों को समझने की क्षमता अच्छी होती है। हालांकि, इस तरह की मान्यताएं ज्योतिष और हस्तरेखा परंपरा का हिस्सा हैं, इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाता।

 

तेज दिमाग और मजबूत अंतर्ज्ञान से जोड़ा जाता है ‘M’
मान्यता है कि जिन लोगों की हथेली पर ‘M’ जैसी आकृति होती है, उनकी इंट्यूशन पावर यानी अंतर्ज्ञान मजबूत हो सकती है। ऐसे लोग सामने वाले के व्यवहार और परिस्थितियों को जल्दी समझने में सक्षम माने जाते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में इसे सोचने-समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता से भी जोड़कर देखा जाता है।

 

गठबंधन में पीएम चेहरे को लेकर विवाद: राहुल गांधी पर कांग्रेस का जोर

तमिलनाडु में TVK और कांग्रेस के बीच प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। TVK के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बताना शुरू किया है। इसके बाद कांग्रेस ने इस दावेदारी पर असहमति जताते हुए राहुल गांधी को विपक्ष की पहली पसंद बताया है। दोनों दलों के बीच यह विवाद गठबंधन सरकार के शुरुआती 100 दिनों के दौरान ही सामने आया है। TVK नेताओं की ओर से विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की मांग के बाद कांग्रेस नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। इस पूरे घटनाक्रम से तमिलनाडु के सत्तारूढ़ गठबंधन में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

कांग्रेस ने राहुल गांधी पर जताया भरोसा
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री पद के लिए उनकी पहली पसंद हैं। पार्टी ने TVK नेताओं की ओर से विजय को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग पर असहमति जताई है। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने TVK की इस मुहिम को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जाहिर की है। एक कांग्रेस मंत्री ने कथित तौर पर यहां तक कहा कि राहुल गांधी को स्वीकार नहीं किए जाने की स्थिति में कांग्रेस के मंत्री पद छोड़ सकते हैं। इस बयान के बाद गठबंधन के भीतर मतभेद की चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर अपना रुख स्पष्ट बताया जा रहा है।

TVK नेताओं ने विजय के समर्थन में उठाई आवाज
TVK के कुछ नेता मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की मांग कर रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि तमिलनाडु से आने वाले नेता को देश के शीर्ष पद के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए। इसी के बाद विजय के समर्थन में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हुई। TVK के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विजय को 2029 के लिए संभावित प्रधानमंत्री चेहरे के तौर पर पेश किया है। इन बयानों से कांग्रेस और TVK के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं। अब दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस विवाद को संभालने की कोशिशों पर नजर है।
 

देशभर में भारी बारिश का कहर: उत्तराखंड में 172 सड़कें बंद

उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में मंगलवार को 12 लोगों की मौत की सूचना है। राज्य के कई इलाकों में सड़कें बंद हैं और नदियां उफान पर हैं। नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

 

172 से ज्यादा सड़कें बंद, हाईवे खोलने में जुटी मशीनें
भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में 172 से अधिक सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर लैंडस्लाइड के चलते मुख्य मार्ग भी बाधित हुए हैं। प्रशासन की टीमें और जेसीबी मशीनें मलबा हटाकर रास्ते खोलने में जुटी हैं। गौला और खकरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

 

नैनी झील का जलस्तर 88 फीट पार, चैनल खोले गए
नैनीताल में लगातार बारिश के चलते नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद झील के चैनल खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके। रानीबाग क्षेत्र में गौला नदी का बहाव भी बेहद तेज हो गया है, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।

 

अल्मोड़ा में मलबे में दबने से मौतें, केदारनाथ यात्रा रोकी गई
अल्मोड़ा में बारिश और भूस्खलन से जुड़े हादसों में कई लोगों की जान गई है। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए सोनप्रयाग में केदारनाथ यात्रा को एहतियातन रोक दिया गया है। कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

 

अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग: IRGC ठिकानों पर US का हमला

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाया।

 

IRGC के कई ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री सुविधाएं और संपत्तियां, माइन बिछाने की क्षमताएं तथा कम्युनिकेशन साइट्स को निशाना बनाया गया।
CENTCOM ने कहा कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ IRGC के हालिया हमलों के जवाब में की गई। अमेरिकी कमांड ने बाद में हमलों के एक चरण के पूरा होने की पुष्टि भी की।

 

ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर किया मिसाइल हमला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया, जबकि तीन मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। शुरुआती जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

 

दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़: बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का दिया आदेश

बॉलीवुड की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मामले की जांच अपने हाथ में लेने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह फैसला दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आया है।

 

CBI पहले दर्ज करेगी पिता का बयान
हाईकोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वह सबसे पहले दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज करे और उसके आधार पर FIR की प्रक्रिया आगे बढ़ाए। साथ ही मुंबई पुलिस को मामले से जुड़े दस्तावेज और केस पेपर CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

 

कोर्ट ने कहा- सबूत मिलने पर ही कोई बनेगा आरोपी
अदालत ने जांच को लेकर महत्वपूर्ण बात भी स्पष्ट की है। कोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान पर्याप्त सामग्री सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा। यानी केवल किसी व्यक्ति का नाम शिकायत या आरोपों में होने से वह स्वतः आरोपी नहीं बन जाता। CBI जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

 

दिशा के पिता ने मांगी थी नए सिरे से जांच
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मामले की नए सिरे से जांच और CBI जांच की मांग की थी। उनके वकील निलेश ओझा ने पुलिस की पिछली जांच और FIR दर्ज नहीं किए जाने को लेकर अदालत के सामने सवाल उठाए थे।